(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) मोपला विद्रोह 1921 (What was Moplah Rebellion?)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) मोपला विद्रोह 1921 (What was Moplah Rebellion?)



हाल ही में, केरल के स्वतंत्रता सेनानी वरियामकुननाथ कुंजाहम्मद हाजी के जीवन पर आधारित एक फिल्म बनाने का ऐलान किया गया. गौरतलब है कि साल 2021 को मोपला विद्रोह की 100वीं बरसी के रूप में चिन्हित किया गया है।

डीएनएस में आज हम आपको वरियामकुननाथ कुंजाहम्मद हाजी के बारे में बताएंगे और साथ ही जानेंगे मोपला विद्रोह के बारे में भी…..

1870 के दशक में वरियामकुननाथ कुंजामहम्मद हाजी का जन्म एक अमीर मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता मोइदेंकुट्टी हाजी को अंग्रेजों के खिलाफ एक विद्रोह में भाग लेने के इल्जाम में अंडमान द्वीप के एक जेल में भेज दिया गया था. कुंजामहम्मद के शुरुआती जिंदगी में इस तरह की व्यक्तिगत घटनाओं ने उन्हें अंग्रेजों से लड़ाई लड़ने के लिए काफी प्रेरित किया।

स्वतंत्रता सेनानी हाजी ने केरल के मालाबार इलाके में अंग्रेजों के खिलाफ मोपला विद्रोह की अगुवाई की थी। हाजी ने पारंपरिक संगीत-आधारित कला रूपों मसलन दफुमुट और मलप्पुरम पदप्पट्टु और 'बद्र पदप्पट्टु’ जैसी रचनाओं के जरिए अंग्रेजो के खिलाफ अपने विरोध को जाहिर किया. स्थानीय लोगों को रैली के लिए उकसाने और अंग्रेजो के खिलाफ आवाज बुलंद करने में हाजी की इन रचनाओं ने काफी अहम भूमिका निभाई।

गौरतलब है कि खिलाफत आंदोलन और कॉंग्रेस के नेताओं ने हाजी को भारत में खिलाफत आंदोलन के अगुआ के तौर पर पेश किया। हालाँकि हाजी का मानना था कि यह तुर्की का अपना आंतरिक मामला है लेकिन फिर भी उन्होंने अंग्रेजों और जमींदारों के अत्याचारों के खिलाफ कॉन्ग्रेस और खिलाफत से जुड़ने का फैसला लिया। उन्होंने कालीकट और दक्षिण मालाबार में खिलाफत आंदोलन की अगुवाई की.

खिलाफत आंदोलन में कुंजामहम्मद हाजी ने धर्मनिरपेक्षता बनाए रखने की कोशिश की और आंदोलन में हिंदू-मुस्लिम एकता को भी बढ़ावा दिया. इसके अलावा, उन्होंने दूसरे मजहब केे लोगों की भी रक्षा करने की बात कही। हालांकि अंग्रेजों ने उन्हें धार्मिक कट्टरपंथी नेता के रूप में पेश किया था ताकि आंदोलन को मजहबी रंग देकर उसे खत्म कर दिया जाए। इस तरह, कुंजाहम्मद हाजी की अगुवाई में मालाबार में मोपला विद्रोह फैल गया और जल्दी ही उस पूरे इलाके पर स्थानीय लोगों का कब्जा हो गया। मोपला विद्रोह एक किसान आंदोलन था।

अगस्त, 1921 में हाजी ने मोपला क्षेत्र को 'स्वतंत्र राज्य' घोषित कर दिया और खुद वहाँ के निर्विवाद शासक बन गए। हालांकि जनवरी, 1922 में अंग्रेजों ने हाजी को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें मृत्युदंड दे दिया। यहां एक रोचक बात यह है कि मुसलमान होने के बावजूद कुंजाहम्मद हाजी के शव को दफनाया नहीं बल्कि जलाया गया क्योंकि उनकी कब्र विद्रोह को भड़काने का काम कर सकती थी। उनके खिलाफत राज से जुड़े सभी रिकॉर्ड जला दिये गए ताकि लोग उनके शासन को भूल जाएं।

आपको बता दें कि केरल के मालाबार तट पर अगस्त, 1921 में तमाम वजहों के चलते स्थानीय मोपला किसानों ने विद्रोह कर दिया था। मोपला केरल के मालाबार तट के मुस्लिम किसान थे जहाँ के ज्यादातर जमींदार हिंदू थे। 19वीं शताब्दी में भी जमीदारों के शोषण से त्रस्त होकर मोपलाओं ने कई बार विद्रोह किया था। ज्यादा लगान, नज़राना, दमनकारी तौर तरीके और राष्ट्रवादी आंदोलन का बढ़ता प्रभाव ऐसे वजह थे जिनसे मोपला विद्रोह भड़क उठा था।

भारत के राष्ट्रीय नेताओं ने खिलाफत आंदोलन में किसानों की मांग का समर्थन किया, बदले में किसानों ने भी आंदोलन में अपनी पूरी ताकत के साथ सहयोग किया। फरवरी, 1921 में अंग्रेजी सरकार ने निषेधाज्ञा लागू कर दी और तमाम नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। मोपला विद्रोह में हिंसा होने के चलते कई राष्ट्रवादी नेता इस आंदोलन से दूर हो गए और जल्दी ही आंदोलन कमजोर पड़ गया।