(India This Week) Weekly Current Affair (28th November - 4th December 2020)

India This Week Weekly Current Affairs


इण्डिया दिस वीक कार्यक्रम का मक़सद आपको हफ्ते भर की उन अहम ख़बरों से रूबरू करना हैं जो आपकी परीक्षा के लिहाज़ से बेहद ही ज़रूरी है। तो आइये इस सप्ताह की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरों के साथ शुरू करते हैं इस हफ़्ते का इण्डिया दिस वीक कार्यक्रम...

न्यूज़ हाईलाइट (News Highlight):

  • शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए...सरकार का एक और कदम... उन्नत भारत अभियान योजना प्रगति से सम्बंधित हुई समीक्षा बैठक...अब सभी HEI को कम-से-कम 5 गाँवों को अपनाना जरुरी....
  • भारत ने इस्लामिक देशों के समूह OIC को जम्मू-कश्मीर पर टिप्पणी के लिए लताड़ा....कहा ये अनुचित, आंतरिक मामलों में ना दें दखल...
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके वियतनामी समकक्ष के बीच हुआ हाइड्रोग्राफी क्रियान्वयन समझौता....बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक दोस्ती और साझेदारी के तरीकों के बारे में महत्त्वपूर्ण चर्चा की गई.....
  • भारत सरकार ने कोविड वैक्सीन के विकास के लिए 'मिशन कोविड सुरक्षा' का किया शुभारंभ.... यह मिशन प्रीक्लीनिकल चरण के साथ-साथ क्लिनिकल विकास तक, विनिर्माण और नियामक सुविधा के माध्यम से कोविड -19 वैक्सीन विकास के अंत तक ध्यान केंद्रित करता है...
  • AI में प्रौद्योगिकी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए...बेंगलुरु में एक AI & Robotics Technologies Park स्थापित किया गया...
  • भारतीय नौसेना ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का किया सफल परीक्षण....ऐसे सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का करता है उत्पादन जिसे विमान, जहाज, पनडुब्बियों या भू-क्षेत्र से सफलतापूर्वक लॉन्च किया जा सकता है.....
  • ड्रग्स के खिलाफ लड़ने के लिए एक साथ आये भारत और अमेरिका...दोनों देशों ने इस मामले में किया एक एहम करार....
  • विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने जारी की विश्‍व मलेरिया रिपोर्ट -2020.... भारत में मलेरिया के मामलों में आई कमी.....

खबरें विस्तार से:

1.

शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारें समय-समय पर नई योजनाएं आरंभ करती रहती है...हाल ही में उन्नत भारत अभियान योजना ( UBA) की प्रगति से संबंधित एक समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई....इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सभी गाँवों के बीच तीन से पाँच सामान्य मुद्दों की पहचान करने जिनमें से कुछ स्थानीय मुद्दों पर आधारित हों इस बात पर जोर दिया ....

साथ ही अधिक-से-अधिक गाँवों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से इस योजना के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या को बढ़ाने के प्रयास पर भी अपनी बात रखी.....वहीं उन्होंने यह भी कहा की UBA का उपयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के संबंध में स्कूल के शिक्षकों को संवेदनशील बनाने में किया जाना चाहिये....साथ ही एक पोर्टल की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया जो विभिन्न संस्थानों के लिये एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा....

साथ ही राज्यवार अध्ययन कर UBA के तहत निर्धारित मापदंडों जैसे कि साक्षरता में सुधार, स्वास्थ्य सेवा आदि के बारे में लक्ष्य निर्धारित करें...

एक नजर उन्नत भारत अभियान पर

इस अभियान की औपचारिक शुरुआत वर्ष 2014 में शिक्षा मंत्रालय द्वारा की गई थी...इसका उद्देश्य पाँच गाँवों के एक समूह के साथ उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) को जोड़ना है, ताकि ये संस्थान अपने ज्ञान के आधार पर इन ग्रामीण समुदायों की आर्थिक और सामाजिक बेहतरी में योगदान दे सकें....इसमें गाँवों के समग्र विकास के लिये दो प्रमुख डोमेन शामिल हैं - मानव विकास और वस्तुगत (आर्थिक) विकास...
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली को UBA योजना के लिये राष्ट्रीय समन्वय संस्थान यानी National Coordinating Institute- NCI) के रूप में नामित किया गया है....ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के मुद्दों की पहचान करने के लिए HEI के संकाय और छात्रों को संलग्न करना और उन मुद्दों का स्थायी समाधान खोजना...साथ ही मौजूदा नवीन तकनीकों को पहचानना और उनका चयन करना, प्रौद्योगिकियों के अनुकूलन को सक्षम करना या लोगों की ज़रूरत के अनुसार नवीन समाधानों के लिये कार्यान्वयन विधियों को विकसित करना....वहीं HEI को विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के सुचारु कार्यान्वयन के लिये विकासशील प्रणालियों में योगदान की अनुमति देना...

एक नज़र उन्नत भारत अभियान 2.0 पर

उन्नत भारत अभियान 2.0, उन्नत भारत अभियान 1.0 का उन्नत संस्करण है....इसे साल 2018 में शुरू किया गया था....UBA 1.0 एक प्रकार से निमंत्रण मोड था जिसमें भाग लेने वाले संस्थानों को UBA का हिस्सा बनने के लिये आमंत्रित किया गया था....जबकि UBA 2.0, उन्नात भारत अभियान कार्यक्रम का चुनौती मोड है, जहाँ सभी HEI को कम-से-कम 5 गाँवों को अपनाना आवश्यक है.....वर्तमान में UBA 2.0 मोड चल रहा है...

2.

हाल ही में भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन (Organisation of Islamic Cooperation-OIC) द्वारा अपनी कश्मीर नीति(Kashmir policy) की आलोचना को दृढ़ता से खारिज किया है....भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम नाइजर गणराज्य के नियामे में आयोजित इस्लामिक सहयोग संगठन(ओआईसी) के 47 वें सीएमएफ़ (विदेश मंत्रियों की परिषद) सत्र में कश्मीर से संबन्धित पेश किए गए प्रस्तावों को सिरे से खारिज करते हैं.....

भारत अपनी कश्मीर नीति के संबंध में तथ्यात्मक रूप से गलत और अनुचित संदर्भों को दृढ़ता से और स्पष्ट रूप से अस्वीकार करता है...इसके अतिरिक्त, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर परोक्ष प्रहार करते हुए कहा कि यह अफसोसजनक है कि इस्लामिक सहयोग संगठन(ओआईसी) खुद को एक देश द्वारा उपयोग करने की अनुमति देता है जिसका खुद धार्मिक सहिष्णुता, कट्टरपंथ और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर खराब रिकॉर्ड है....

वहीँ भारत का कहना है कि हमने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि ओआईसी के पास भारत और जम्मू-कश्मीर के मामले में दखल की कोई स्थिति नहीं है....भारत भविष्य में ओआईसी को इस तरह के संदर्भ बनाने से परहेज करने की दृढ़ता से सलाह देता है....

एक नज़र इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) पर

इस्लामिक सहयोग संगठन (Organisation of Islamic Cooperation-OIC) की स्थापना 1969 को रबात में हुई थी....इस्लामिक सहयोग संगठन, एक अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन (Inter-governmental Organization-IGO) संगठन है....मौजूदा समय में इस्लामिक सहयोग संगठन में 57 सत्तावन सदस्य देश हैं....इसमें अधिकतर देश मुस्लिम हैं....इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) का पहले नाम इस्लामिक देशों का संगठन (Organisation of Islamic Countries) था....

OIC मुस्लिम दुनिया की आवाज़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए जाना जाता है....यह संयुक्त राष्ट्र के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा संगठन है.....ओआईसी का मुख्यालय सऊदी अरब के जेद्दा में है...

OIC में शामिल होने के लिए किसी भी देश को मुस्लिम बाहुल्य देश होना ज़रूरी होता है....OIC में कम मुस्लिम आबादी वाले देशों को पर्यवेक्षक के रूप में शामिल किया जाता है....हालांकि इंडोनेशिया और पाकिस्तान के बाद तीसरा सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश भारत को OIC में पर्यवेक्षक का दर्जा नहीं मिला हुआ है, जबकि रूस थाईलैंड जैसे कम मुस्लिम आबादी वाले देशों को OIC पर्यवेक्षक का दर्ज़ा मिला हुआ है। यदि भारत इस संगठन में शामिल होता है तो उसकी पश्चिम एशिया में पकड़ मजबूत होगी...OIC में यूएई और सऊदी अरब देश मुख्य भूमिका में है....

3.

पिछले महीने 27 नवंबर को भारत और वियतनाम के बीच बीच व्यापक रणनीतिक दोस्ती और साझेदारी के तरीकों के बारे में महत्त्वपूर्ण चर्चा करने के लिए द्विपक्षीय आभासी बैठक हुई ...जिसमे वियतनामी समकक्ष जनरल न्गो जुआन लिच के साथ भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भाग लिया....

रक्षा मंत्री ने ट्विटर पर इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए यह कहा कि, भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग में काफी विस्तार हुआ है. उन्होंने इस आभासी द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान अपने वियतनामी समकक्ष के साथ विभिन्न मुद्दों पर उपयोगी बातचीत के बारे में भी अपने इस ट्विट में जानकारी साझा की.

इस द्विपक्षीय आभासी बैठक के दौरान, भारत और वियतनाम के रक्षा मंत्री की उपस्थिति में हाइड्रोग्राफी के कार्यान्वयन समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए.....रक्षा मंत्री के कार्यालय द्वारा ट्विटर पर यह खबर साझा की गई, जबकि इस बात का भी उल्लेख किया गया कि, बीते वर्षों में दोनों राष्ट्रों के बीच सहयोग में काफी विस्तार हुआ है.

भारत और वियतनाम के आपसी संबंध

भले ही भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध दूसरी शताब्दी से शुरू हुए थे, लेकिन वर्ष, 1992 बानबे से ही इन दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक संबंध स्थापित किए, जिसमें कृषि, तेल की खोज और विनिर्माण शामिल हैं...

भारत और वियतनाम के बीच संबंधों, विशेष रूप से रक्षा संबंधों को, भारत की ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ (पूर्व की ओर देखो नीति) से काफी लाभ हुआ है...

भारत और वियतनाम के बीच बढ़े हुए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग में खुफिया जानकारी साझा करना, सैन्य उपकरणों की बिक्री, विद्रोह के प्रति कारवाई का प्रशिक्षण और संयुक्त नौसेना अभ्यास के साथ-साथ जंगल युद्ध में प्रशिक्षण भी शामिल है. भारतीय सेना ने नियमित रूप से वियतनामी समुद्रों की सद्भावना यात्राओं के लिए अपने युद्धपोतों को तैनात किया है….

हाइड्रोग्राफी से जुड़ीं बातें

हाइड्रोग्राफी के अंतर्गत महासागरों, समुद्रों, तटीय क्षेत्रों, झीलों और नदियों आदि को मापने के साथ-साथ आगामी समय में इनमें आने वाले विभिन्न परिवर्तनों की व्याख्या भी की जाती है....हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के अभाव में जहाज़ों या मछली पकड़ने वाली नौकाओं के लिये नेवीगेशन काफी कठिन हो जाता है...विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस मोनाक स्थित अंतर्राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक संगठन की पहल पर प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाया जाता है....यह दिवस सर्वप्रथम वर्ष 2006 में आयोजित किया गया था....

4.

केंद्र सरकार ने लगभग 5 से 6 कोविड -19 वैक्सीन्स के विकास को सुगम बनाने के लिए 'मिशन कोविड सुरक्षा' का शुभारंभ किया है. भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग यानी डीबीटी के मुताबिक , इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि, विभिन्न वैक्सीन्स को बाजार में पेश करने और लाइसेंस देने के लिए प्रस्तुत किया जाता है....

डीबीटी ने बताया कि, यह मिशन प्रीक्लीनिकल चरण के साथ-साथ क्लिनिकल विकास तक, विनिर्माण और नियामक सुविधा के माध्यम से कोविड -19 वैक्सीन विकास के अंत तक ध्यान केंद्रित करता है....

गोरतलब हो की इससे पहले नवंबर 2020 में, भारत सरकार ने ‘मिशन कोविड सुरक्षा - भारतीय कोविड -19 वैक्सीन विकास मिशन’ के लिए 900 करोड़ रुपये के तीसरे प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी....

यह मिशन कोविड -19 वैक्सीन के विकास में तेजी लाने में मदद करेगा.

इससे पहले, डीबीटी ने कोविड वैक्सीन के विकास के साथ-साथ कोविड से संबंधित अन्य समाधानों के लिए भी विभिन्न कार्यक्रमों की घोषणा की थी लेकिन, यह मिशन विशुद्ध रूप से वैक्सीन विकास के लिए समर्पित होगा.

जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा उद्योग और शिक्षा क्षेत्र में अब तक कुल 10 वैक्सीन्स का समर्थन किया गया है.

अब तक, 5 वैक्सीन प्रतिद्वंद्वी मानव परीक्षणों के दौर से गुजर रहे हैं, जिसमें उन्नत पूर्व-नैदानिक चरणों में कम से कम 3 अन्य वैक्सीन्स के साथ रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V भी शामिल है.

'मिशन कोविड सुरक्षा' के मुख्य उद्देश्य

ऐसे वैक्सीन प्रतिद्वंद्वियों को पूर्व-नैदानिक और नैदानिक विकास के साथ-साथ लाइसेंस उपलब्ध करवाना जो नैदानिक चरणों में हैं या फिर, विकास के नैदानिक चरणों में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं.

इस मिशन का उद्देश्य नैदानिक परीक्षण स्थल स्थापित करना भी होगा. यह केंद्रीय प्रयोगशालाओं, मौजूदा प्रतिरक्षा प्रयोगशालाओं के साथ-साथ उत्पादन अध्ययन और पशु अध्ययन के लिए उपयुक्त सुविधाओं को मजबूत करेगा. इसी तरह, यह मिशन वैक्सीन विकास के समर्थन के लिए अन्य परीक्षण सुविधाओं को भी मजबूत करेगा.

इसका प्रमुख भाग एक उपयुक्त लक्ष्य उत्पाद प्रोफ़ाइल का विकास करना होगा ताकि इस मिशन के माध्यम से पेश किए जाने वाले वैक्सीन्स में ऐसी विशेषताएं हों जो भारत के लोगों पर अपना सकारात्मक प्रभाव दिखा सकें.

5.

हाल ही में बेंगलुरु में एक AI & Robotics Technologies Park (ARTPARK) स्थापित किया गया है...ARTPARK आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स में प्रौद्योगिकी नवाचारों को बढ़ावा देगा, जिनके कई सामाजिक प्रभाव हैं...

यह भारतीय विज्ञान संस्थान और एआई फाउंड्री की संयुक्त पहल है...

भारतीय विज्ञान संस्थान द्वारा बेंगलुरु में स्थापित ‘AI इंडिया और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजीज पार्क’, सार्वजनिक-निजी मॉडल पर आधारित है...

भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने AI इंडिया और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजीज पार्क’ के लिए 170 करोड़ रुपये दिए है...यह राशि ‘नेशनल मिशन ऑन इंटर-डिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम’ के तहत दी गयी है...ARTPARK एक प्रमुख शोध अनुवाद पार्क है जिसमें एक वैश्विक सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र शामिल है...

AI इंडिया और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजीज पार्क कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स के क्षेत्र में छात्रों और पेशेवरों के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण के साथ ही क्षमता निर्माण का कार्य भी करेगा....यह सभी के लिए जीवन की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने और एआई जागरूकता और शिक्षा की पहुंच में सुधार करना चाहता है....

इंटर-डिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स पर राष्ट्रीय मिशन (NM-ICPS)

यह राष्ट्रीय मिशन साइबर फिजिकल सिस्टम्स (CPS) प्रौद्योगिकियों के लिए एक मजबूत नींव और एक सहज पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है....यह ज्ञान सृजन, मानव संसाधन विकास, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और उत्पाद विकास को शामिल करने के लिए राष्ट्रव्यापी प्रयासों को समन्वित और एकीकृत करता है....

क्या है साइबर फिजिकल सिस्टम्स (CPS)

CPS, इंजीनियर सिस्टम का एक नया वर्ग है...यह एक गतिशील वातावरण में संगणना और भौतिक प्रक्रियाओं को एकीकृत करता है.. CPS साइबरनेटिक्स, मेक्ट्रोनिक्स, डिज़ाइन और एंबेडेड सिस्टम, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT), बिग डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रौद्योगिकी क्षेत्रों को पूरा करता है...

एक नज़र कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी Artificial Intelligence पर

कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक ऐसी तकनीक है जिसमें एक कंप्यूटर अपने प्रोग्राम में दिए जा रहे निर्देशों को समझने के बाद उन्हें संरक्षित करता है और उनके आधार पर भविष्य की जरूरतों को समझते हुए निर्णय लेता है....

6.

भारतीय नौसेना ने बीते 1 दिसंबर को बंगाल की खाड़ी में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के नेवल वर्जन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है.....अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण एक ऐसी परीक्षण श्रृंखला का हिस्सा था जो भारत की तीनों सेनाओं द्वारा किया जा रहा है....

ब्रह्मोस मिसाइल का इसी तरह का एक परीक्षण भारतीय नौसेना द्वारा अक्टूबर, 2020 में अरब सागर में किया गया था....

ब्रह्मोस एयरोस्पेस का संचालन भारत-रूसी सहयोग से हो रहा है. यह ऐसे सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का उत्पादन करता है जिसे विमान, जहाज, पनडुब्बियों या भू-क्षेत्र से सफलतापूर्वक लॉन्च किया जा सकता है.....

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल दुनिया में अपनी किस्म का सबसे तेज ऑपरेटिंग सिस्टम भी है.....DRDO ने हाल ही में इस मिसाइल प्रणाली की मारक क्षमता को मौजूदा 298 अठानवे किमी से बढ़ाकर 450 किमी कर दिया है.

आपको बतादें 300 किमी की स्ट्राइक रेंज वाली इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एंटी-शिप वर्जन ने अपने लक्ष्य जहाज को इस परिक्षण में सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया था...

इस मिसाइल का लक्ष्य बंगाल की खाड़ी में कार-निकोबार द्वीप समूह के पास तैनात किया गया था. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-DRDO द्वारा विकसित की गई इस मिसाइल को भारतीय नौसेना के INS रणविजय द्वारा लॉन्च किया गया था....

गोरतलब हो की बीते महीने नवंबर में, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का एक लैंड-अटैक वर्जन का परीक्षण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह क्षेत्र से किया गया था जोकि सफल रहा था. ब्रह्मोस मिसाइल के लैंड-अटैक वर्जन की मारक क्षमता, जो पहले 290 किमी थी, वह भी 400 किमी तक बढ़ा दी गई है.....

वहीँ भारत ने एक एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम -1 का परीक्षण भी किया है, जिसे वर्ष 2022 तक सेना में शामिल किया जा सकता है....

30 अक्टूबर, 2020 को, भारतीय वायु सेना ने बंगाल की खाड़ी में एक सुखोई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस मिसाइल के एयर-लॉन्च्ड वर्जन का परीक्षण किया था...भारतीय-वायु सेना 40 से अधिक सुखोई लड़ाकू जेट्स पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को तैनात कर रही है, जिसका उद्देश्य बल की समग्र लड़ाकू क्षमता को बढ़ाना है....

7.

पिछले महीने 24 नवंबर को काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप (CNWG) की उद्घाटन बैठक हुई...इस बैठक के दौरान, दोनों देशों ने दवाओं और रसायनों के उत्पादन, वितरण, निर्यात / आयात का संचालन करने के लिए अपने डेटा साझाकरण संचालन को बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की....

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड के उप महानिदेशक सचिन जैन ने किया, जबकि अमेरिका के पक्ष से नेशनल ड्रग कंट्रोल पॉलिसी के सहायक निदेशक केम्प चेस्टर ने व्हाइट हाउस कार्यालय का नेतृत्व किया ....

दोनों पक्षों ने संयुक्त कार्रवाई के लिए क्षेत्रों की पहचान की और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपने करीबी समन्वय को जारी रखने का संकल्प लिया...प्रतिभागियों ने अपने-अपने देशों के नियमों और विनियमों के अनुसार मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के अपने प्रयासों पर प्रकाश डाला और सिंथेटिक ओपियॉइड और अग्रदूत रसायनों का मुकाबला करने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का प्रस्ताव दिया....
आपको बतादें नशीली दवाओं से सम्बंधित कानूनों में 1985 पचासी का नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ (NDPS) Act और 1988 अठासी का नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक पदार्थों में अवैध तस्करी की रोकथाम शामिल है। NDPS अधिनियम के अनुसार, नशीली दवाओं या मादक पदार्थों का उत्पादन या निर्माण या खेती, परिवहन, उपयोग, बिक्री, खरीद इत्यादि अवैध है...

8.

विश्‍व मलेरिया रिपोर्ट-2020 के मुताबिक भारत में वर्ष 2020 में अक्‍टूबर महीने तक मलेरिया के कुल 1,57 ,284 चौरासी मामले दर्ज हुए हैं जो कि 2019 की इसी अवधि में दर्ज 2,86,091 इक्यानबे मामलों की तुलना में 45.02 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है....

भारत ने मलेरिया के क्षेत्रवार मामलों में सबसे बडी गिरावट लाने में भी योगदान किया है यह 20 मिलियन से घटकर करीब 6 मिलियन पर आ गई है....साल 2000 से 2019 के बीच मलेरिया के मामलों में 71.8 प्रतिशत की गिरावट और मौत के मामलों में 73.9 प्रतिशत की गिरावट आई है.....

भारत ने साल 2000 (20,31,790 मामले और 932 मौतें) और 2019(3,38,494 मामले और 77 मौतें) के बीच मलेरिया के रोगियों की संख्‍या में 83.34 प्रतिशत की कमी और इस रोग से होने वाली मौतों के मामलों में 92 प्रतिशत की गिरावट लाने में सफलता हासिल की है और इस तरह सहस्राब्दि विकास लक्ष्‍यों में से छठे लक्ष्‍य (साल 2000 से 2019 के बीच मलेरिया के मामलों में 50-75 प्रतिशत की गिरावट लाना)को हासिल कर लिया है।

साल 2019 में ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मेघालय और मध्‍य प्रदेश राज्यों में मलेरिया के कुल मामलों के करीब 45.47 प्रतिशत मामले दर्ज हुए.....भारत के कुल 3,38,494 मामलों में से 1,53 ,909 मामले इसके अलावा, फेलसिपेरम मलेरिया के भारत भर में दर्ज कुल 1,56,940 मामलों में से 1,10,708 मामले इन राज्‍यों में दर्ज हुए जो कि कुल मामलों का 70.54 प्रतिशत है....इन्‍हीं राज्यों से हर 77 में से 49 (63.64 प्रतिशत) मौतें भी दर्ज हुईं.....भारत में मुख्यतः मलेरिया के लिए दो प्रकार के परजीवी जिम्मेदार है....प्लाजमोडियम फैल्सीफेरम एवं प्लाज्मोडियम वाईवेक्स...

मलेरिया के अधिकांश मामलों की सूचना देश के पूर्वी और मध्य भागों से प्राप्त हुयी है और उन राज्यों से प्राप्त हुयी है जहां वन, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्र हैं। इन राज्यों में उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा कुछ उत्तर-पूर्वी राज्य जैसे कि त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम शामिल हैं। हालांकि जलवायु परिवर्तन से मलेरिया के मामलों में तेजी आई है।

वहीं मलेरिया को नियंत्रित करने के भारत सरकार के प्रयास पर नज़र

राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम (NMCP): 1953 में एनएमसीपी कार्यक्रम शुरू किया गया जो बाहर एवं घरों के भीतर डीडीटी का छिड़काव करने पर केंद्रित था।

राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम (एनएमईपी): 1958 में NMEP कार्यक्रम प्रारंभ किया गया।

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम निदेशालय (एनवीबीडीसीपी): भारत में मलेरिया और अन्य वीबीडीएस (डेंगू, लिम्फेटिक फाइलेरिया, काला-अजार, जापानी एन्सेफलाइटिस और चिकनगुनिया) सहित वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसी है।

मलेरिया उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय फ्रेमवर्क: भारत सरकार ने फरवरी 2016 में मलेरिया उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय फ्रेमवर्क 2016-2030 अपनाया गया। 2016 में भारत ने ‘मलेरिया उन्मूलन’ कार्यक्रम भी लांच किया गया है। भारत ने 2030 तक मलेरिया के जड़ से खात्मे का लक्ष्य रखा है।

मलेरिया के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक योजना: WHO के साथ जुलाई 2017 में मलेरिया उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक योजना 2017-2022 की शुरुआत की गयी। इसके अनुसार वर्ष 2027 तक भारत को मलेरिया मुक्त किया जाना है....

तो ये थी पिछली सप्ताह की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरें...आइये अब आपको लिए चलते हैं इस कार्यक्रम के बेहद ही ख़ास सेगमेंट यानी इंडिया राउंडअप में.... जहां आपको मिलेंगी हफ्ते भर की कुछ और ज़रूरी ख़बरें, वो भी फटाफट अंदाज़ में...

फटाफट न्यूज़ (India Roundup):

1. विवाह में पारदर्शिता के लिए कानून लाने की योजना

असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में यह बताया कि राज्य सरकार विवाह में अधिक पारदर्शिता के लिए कानून लाने पर विचार कर रही है. यह कानून दूल्हा और दुल्हन दोनों के लिए उनकी जरुरी जानकारी जैसेकि, उनके धर्म और आय के स्रोत का खुलासा करना आवश्यक बनायेगा. उन्होंने आगे यह कहा कि, उनके राज्य का नया विवाह क़ानून उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य में लागू कानूनों से अलग होगा और मुख्य रूप से महिलाओं को सशक्त करेगा. इस क़ानून के माध्यम से पति और पत्नी के बीच पूरी पारदर्शिता आयेगी. हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे यह भी बताया कि उनकी सरकार ने इस कानून का मसौदा तैयार करना शुरू कर दिया है. असम राज्य का यह विवाह कानून प्रेम विवाह के साथ-साथ सामान्य विवाह के लिए भी अनिवार्य होगा.

2. छोटे जानवरों के लिए अपना पहला इको-ब्रिज बनाया है

उत्तराखंड के रामनगर वन प्रभाग ने कालाढूंगी-नैनीताल राजमार्ग पर राज्य का पहला इको-ब्रिज बनाया गया है. 90 फीट लंबे और 5 फीट चौड़े पुल का निर्माण सरीसृप और छोटे जानवरों जैसे कि सांप, गिलहरी, मॉनिटर छिपकलियों को सड़क पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं से बचाने के लिए किया गया है. बांस, जूट और घास से बनी 90 फुट लंबी संरचना 10 दिनों में स्थानीय ठेकेदारों द्वारा कालाढूंगी-नैनीताल राजमार्ग पर बनाई गई है. पुल के निर्माण में दो लाख रुपये लागत आई है. 5 फुट चौड़ा, 40 फुट ऊंचा यह पुल तीन वयस्क मनुष्यों का वजन उठा सकता है और वन अधिकारियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसका इस्तेमाल तेंदुओं द्वारा भी किया जाएगा. हाईवे नैनीताल का मुख्य मार्ग है और इसका उपयोग खासकर पर्यटन सीजन में, बड़ी संख्या में वाहनों द्वारा किया जाता है.

3. भारत सरकार की एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड योजना के तहत बजट सहायता के तौर पर कुल कितनी राशि की व्यवस्था की गई है?

भारत में कृषि सुधारों के लिए एक बड़े कदम के तौर पर, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में यूनियन कैबिनेट ने 8 जुलाई, 2020 को नई केंद्रीय योजना - एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड को मंजूरी दी थी. यह योजना सीमित समय अवधि के साथ-साथ ऋण वितरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया के साथ मंजूर की गई है. भारत सरकार से बजटीय सहायता के तौर पर इस योजना के लिए कुल नकद प्रवाह 10,736 करोड़ रुपये है. केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड से कृषि और कृषि प्रसंस्करण के लिए औपचारिक ऋण की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के कई अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

4. कर्नाटक ने नाबार्ड और एसबीआई ने साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

कर्नाटक में नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय और भारतीय स्टेट बैंक ने जल संभर विकास और जनजातीय विकास परियोजनाओं के लाभार्थियों को रियायती दरों पर वित्‍तीय सुविधा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं...समझौते के अंतर्गत स्‍टेट बैंक को स्वयं सहायता समूहों को डिजिकृत और राज्य भर में ई-शक्ति पोर्टल पर आंकड़े अपलोड करेगा...इसका लक्ष्य कर्नाटक के 28 जिलों में 260 किसान संगठनों के 45 पैंतालिस हजार लाभार्थियों की सहायता करना है...इसमें स्वयंसहायता समूहों और संयुक्त उत्‍तरदायी समूहों के 8 हजार 5 सौ लाभार्थियों को भी शामिल किया जाएगा....राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मुम्बई, अवस्थित भारत का एक शीर्ष बैंक है...इसे “कृषि ऋण से जुड़े क्षेत्रों में, योजना और परिचालन के नीतिगत मामलों में तथा भारत के ग्रामीण अंचल की अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए मान्यता प्रदान की गयी है...

5. परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यूपी में 16 एनएच परियोजनाओं का शिलान्यास किया

केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी ने इस 26 नवंबर, 2020 को उत्तर प्रदेश में 16 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इन राजमार्गों की कुल लंबाई 500 किमी से अधिक है और लागत 7,477 करोड़ रुपये है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यूपी सरकार को सभी टोल प्लाजा समझौतों पर स्टांप ड्यूटी से छूट देने के लिए कहा है और इसके साथ ही, यूपी में राष्ट्रीय राजमार्गों को विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के लिए भी कहा है जो भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एक बड़ी बाधा रही है.

6. उत्‍तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए फाइव स्‍टार ग्रामीण डाक योजना की शुरूआत

केंद्रीय संचार राज्‍यमंत्री संजय धोत्रे ने देहरादून में उत्‍तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए फाइव स्‍टार ग्रामीण डाक योजना की शुरूआत की...यह योजना देश के ग्रामीण क्षेत्रों में डाक योजनाओं की सार्वभौमिक कवरेज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है....इसके तीन प्रमुख घटक हैं: उत्पाद और सेवा की उपलब्धता, उत्पाद और सेवा प्रचार, उत्पाद और सेवा विपणन....उत्‍तराखंड की फाइव स्टार विलेज स्कीम में बचत बैंक खाते, सुकन्या समृद्धि खाते, आवर्ती जमा खाते, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते, ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी, डाक जीवन बीमा पॉलिसी, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजनाएं शामिल हैं...

7. क्वारंटाइन चुना गया ‘वर्ड ऑफ द ईयर 2020’

‘कैंब्रिज डिक्शनरी’ द्वारा क्वारंटाइन को वर्ड ऑफ द ईयर 2020 के तौर पर चुना गया है...इस शब्द ने पहले स्थान पर आने के लिए 'लॉकडाउन' और 'महामारी' जैसे अन्य शब्दों को हरा दिया है. नवीनतम डाटा में प्रदर्शित होने के बाद, कैम्ब्रिज डिक्शनरी में ‘क्वारंटाइन’ को ‘वर्ड ऑफ द ईयर 2020’ चुना गया है. यह नवंबर के आरंभ में समग्र व्यूज़ (183,000 से अधिक) के लिए, और सर्च स्पाइक्स (28,545) के तौर पर शीर्ष पांच में रैंक करने वाला एकमात्र शब्द था. इस शब्द ने मार्च 18-24, 2020 सप्ताह में सर्चेस में सबसे अधिक उछाल दिखाया, जब दुनिया-भर के कई देशों ने कोविड -19 के प्रकोप के मद्देनजर लॉकडाउन की घोषणा की थी. कैम्ब्रिज डिक्शनरी अंग्रेजी सीखने के लिए दुनिया की शीर्ष शब्दकोश वेबसाइट है. यह शब्दकोश न केवल यह दिखाता है कि, वास्तविक दुनिया के संदर्भों में कैसे विभिन्न शब्दों का उपयोग किया जाता है, बल्कि उन शब्दों की परिभाषा भी इस डिक्शनरी में दी जाती है.

8. SII ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ग्लोबल फार्मा जाइंट एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर कोविडशील के लिए की साझेदारी

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अदार पूनावाला ने बीते महीने 28 नवंबर को यह सूचित किया कि, ऐसे संकेत मिले हैं कि सरकार जुलाई 2021 तक कोविडशील्ड वैक्सीन की 300-400 मिलियन खुराक खरीद सकती है. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और वैश्विक फार्मा दिग्गज एस्ट्राजेनेका के साथ कोविड -19 वैक्सीन ‘कोविडशील्ड’ के लिए साझेदारी की है. अदार पूनावाला ने यह भी कहा है कि, ऐसे संकेत हैं कि जुलाई, 2021 तक कोविडशील्ड वैक्सीन की तीन से चार मिलियन खुराक भारत सरकार द्वारा खरीदी जा सकती हैं. इस वैक्सीन के वितरण के सवाल पर, SII के प्रमुख ने यह जवाब दिया कि, कंपनी की प्राथमिकता भारत और कोवैक्स देश हैं. यह वैक्सीन शुरू में भारत में और फिर, विभिन्न कोवैक्स देशों में वितरित की जाएगी जो मुख्य रूप से अफ्रीका में हैं.

9. सरयू नदी पर जल्द ही शुरू होगी एक ‘रामायण क्रूज सेवा’

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के सरयू नदी में पहली बार ऐसी लक्जरी क्रूज सेवा शुरू होगी...सरयू नदी पर अपनी तरह की यह पहली क्रूज सेवा लोकप्रिय घाटों से गुजरेगी और यात्रियों को अनोखा अनुभव प्रदान करेगी।

इस क्रूज में सभी लक्जरी सुविधाओं के साथ-साथ अनिवार्य सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा....यह क्रूज सेवा अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों के अनुरूप होगी। क्रूज की आंतरिक सज्जा रामचरित मानस पर आधारित होगी। क्रूज एक से सवा घंटे में 15 से 16 किलोमीटर की यात्रा करेगा।

इस क्रूज पर भगवान राम के जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक के कालखंड पर फिल्म भी दिखायी जाएगी ...

10. असम में ओरूणोदोई योजना शुरू

असम में 3 दिसम्बर से शुरू हुई ओरूणोदोई योजना....इसके तहत राज्‍य के 18 लाख से अधिक परिवारों में से प्रत्‍येक के खाते में हर महीने कम से कम 830 रूपए जमा किए जाएंगे....असम में लागू की जाने वाली इस प्रकार की यह अब तक की सबसे बड़ी योजना है। उन्‍होंने बताया कि इससे महिलाओं की स्थिति मजबूत होगी, क्‍योंकि यह राशि परिवार की महिला सदस्‍य के खाते में जमा की जाएगी...श्री सरमा ने बताया कि महीने के अंतिम सप्‍ताह में लाभार्थियों के खाते में यह धनराशि जमा की जाएगी...

असम सरकार में जवाहर रोजगार योजना, स्वदेश दर्शन योजना, खादी ग्रामोद्योग विकास योजना – रोजगार मुक्त गाँव योजना (KGVY-RYG), असम किसान कर्ज माफी योजना 2019, निक्षय पोषण योजना 2019 आदि योजनायें चलाई जा रही हैं...

11. RBI की डिक्शनरी में जोड़े गये दो नए शब्द तकनिकी मंदी और नाउकास्टिंग

(RBI) द्वारा नवंबर महीने के लिये जारी हालिया मासिक बुलेटिन के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारतीय अर्थव्यवस्था के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 8.6 प्रतिशत का संकुचन दर्ज किया जा सकता है इसी के साथ इतिहास में पहली बार भारत में तकनीकी मंदी आ गयी है....भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा पूर्वानुमान अथवा ‘फोरकास्ट’ (Forecast) जारी किया जाता है, लेकिन रिज़र्व बैंक ने पहली बार आधुनिक प्रणाली का उपयोग कर ‘नाउकास्ट’ (Nowcast) जारी किया है, जिसमें एकदम निकट भविष्य में अर्थव्यवस्था की स्थिति की बात की गई है....इस तरह नाउकास्ट में एक प्रकार से वर्तमन की ही बात की जाती है....

12. भारत ने वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही में GDP में गिरावट दर्ज की

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में भारतीय अर्थव्यवस्था मने 7.5 प्रतिशत तक गिरावट हुई. यह संकुचन वित्त वर्ष 2020-21 की पहले तिमाही से एक प्रतिक्षेप है. अप्रैल से जून तिमाही (पहली तिमाही, वित्त वर्ष 2020-21) में भारत की अर्थव्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जिसने 40 वर्षों में सबसे अधिक पहला संकुचन दर्शाया था क्योंकि कोविड -19 महामारी ने उपभोक्ता मांग और निजी निवेश को प्रमुख रूप से प्रभावित किया. वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही के लिए आधार मूल्यों पर लगातार GVA की कीमतें वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में अनुमानित रूप से 30.49 लाख करोड़ रुपये (आधार वर्ष 2011-12) थीं, जबकि 2019-20 की दूसरी तिमाही में 32.78 लाख करोड़ रुपये थी. इससे 7 प्रतिशत का संकुचन दिखा...

तो इस सप्ताह के इण्डिया दिस वीक कर्यक्रम में इतना ही। परीक्षा के लिहाज़ से ज़रूरी और भी तमाम महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए सब्सक्राइब कीजिए हमारे यूट्यूब चैनल ध्येय IAS को। नमस्कार।