(India This Week) Weekly Current Affairs for UPSC, IAS, Civil Service, State PCS, SSC, IBPS, SBI, RRB & All Competitive Exams (26th June - 2nd July 2020)

India This Week Weekly Current Affairs


(India This Week) Weekly Current Affairs for UPSC, IAS, Civil Service, State PCS, SSC, IBPS, SBI, RRB & All Competitive Exams (26th June - 2nd July 2020)



इण्डिया दिस वीक कार्यक्रम का मक़सद आपको हफ्ते भर की उन अहम ख़बरों से रूबरू करना हैं जो आपकी परीक्षा के लिहाज़ से बेहद ही ज़रूरी है। तो आइये इस सप्ताह की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरों के साथ शुरू करते हैं इस हफ़्ते का इण्डिया दिस वीक कार्यक्रम...

न्यूज़ हाईलाइट (News Highlight):

  • राष्ट्र को संबोधित करते हुए पिएम ने की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार की घोषणा....विश्व की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना...
  • दिल्ली के ओखला स्थित ऊर्जा संयंत्र के लिए इंडियन ऑयल, एनटीपीसी लिमिटेड और SDMC के बीच अपशिष्ट को लेकर हुआ समझोता ज्यापन पर हस्ताक्षर हुए.....वेस्ट टू एनर्जी संयंत्र विकसित करने के लिए एक आए साथ....
  • नागालैंड में हिंसक परिस्थितियां से आम जनमानस की मदद के लिए सरकार का फैसला... 30 जून, 2020 से छह महीने की अवधि के लिए पूरे राज्य को 'अशांत क्षेत्र' माना जाएगा।”....
  • नीति आयोग और रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट (Rocky Mountain Institute- RMI) द्वारा ‘स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था की ओर: भारत की ऊर्जा और गतिशीलता क्षेत्रों के लिए कोविड –19 के बाद अवसर रिपोर्ट’ जारी की गयी…..रिपोर्ट में भारत के लिए न्यूनतम लागत वाले ऊर्जा भविष्य के निर्माण की दिशा में कार्य-प्रोत्साहन की सिफारिश की गई....
  • पर्यावरण संरक्षण को बढावा देने लिए केंद्र सरकार का कदम....सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा मनाया जा रहा है संकल्प पर्व....28 जून से 12 जुलाई 2020 तक मनाया जायेगा...
  • भारत बायोटेक द्वारा विकसित की गई स्वदेशी कोविड 19 वैक्सीन,covaxin.... DGCI से मिलीं ह्यूमन ट्रायल मंजूरी...
  • जल्द ही झीलों का शहर अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि से जुड़ेगा... नैनीताल स्थित देवस्थल में पूरी हुई International Liquid Mirror Telescope की स्थापना ...

खबरें विस्तार से:

1.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 जून 2020 को राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर तक बढ़ाने का घोषणा की है...इस योजना के अंतर्गत 80 करोड़ लोगों को 5 किलो गेंहू या चावल मुफ्त मिलेगा...प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक पीएम मोदी देश को 13 बार संबोधित कर चुके हैं

देश भर में एक तरफ जहां कोरोना वायरस के आंकड़े तेजी से बढ़ते जा रहे हैं...ऐसे में बीते 30 जून को प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए.... ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ का नवंबर के अंत तक विस्तार करने की घोषणा की। सरकार योजना के विस्तार की दिशा में 90,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी...

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना क्या है

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ को विश्व की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना जाना जाता है, और इसका उद्देश्य, कोरोना वायरस संकट-काल में निर्धनों तथा जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त खाद्यान्न की प्राप्ति सुनिश्चित करना है...इस योजना को, COVID-19 महामारी के दौरान पहले राहत पैकेज के भाग के रूप में घोषित किया गया था...

इस योजना के अंतर्गत, ‘अंत्योदय अन्न योजना’ (Antyodaya Anna Yojana- AAY) और ‘प्राथमिकता वाले परिवार’ (Priority Household- PHH) राशन कार्डधारकों के लिए ‘सार्वजनिक वितरण प्रणाली’ (public distribution system– PDS) के तहत सभी लाभार्थियों को खाद्यान्न प्रदान किया जाता है..

अद्यतन अधिसूचना के मुताबिक , परिवार के प्रत्येक सदस्य को 5 किग्रा मुफ्त चावल / गेहूं प्रदान करने के साथ, प्रत्येक परिवार को प्रति माह 1 किग्रा मुफ्त चना भी प्रदान किया जाएगा…प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के 80 करोड़ लोगों को पांच किलो गेहूं या चावल के साथ एक किलो चना भी दिया जाएगा...

अब पूरे भारत के लिए एक राशन-कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है यानि वन नेशन वन राशन कार्ड का सबसे बड़ा लाभ उन गरीब लोगों को मिलेगा, जो रोज़गार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गाँव छोड़कर के कहीं और जाते हैं.

केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत 26 मार्च 2020 को 21 दिन के लॉक डाउन को ध्यान में रखते हुए गरीब जनता को कोई समस्या ना आए इसके लिए शुरू की है...

2.

हाल ही में, दिल्ली के ओखला स्थित ऊर्जा संयंत्र के लिए इंडियन ऑयल, एनटीपीसी लिमिटेड और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (SDMC) के बीच अपशिष्ट को लेकर 1 जून को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए है...सतत’ विकल्प प्रदान करना है..

दिल्ली के ओखला स्थित ऊर्जा संयंत्र के लिए इंडियन ऑयल, एनटीपीसी लिमिटेड और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (SDMC) के बीच अपशिष्ट को लेकर समझोता ज्यापन को लेकर हस्ताक्षर हुए...इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत, इंडियन ऑयल, एसडीएमसी और एनटीपीसी गैसीकरण प्रौद्योगिकी का उपयोग करके दिल्ली के ओखला लैंडफिल साइट पर एक नमूना वेस्ट टू एनर्जी संयंत्र विकसित करने के लिए एक साथ आएंगे...

यह संयंत्र प्रति वर्ष नगरपालिका अपशिष्टों के दहनशील घटकों से उत्पन्न होने वाले 17,500 टन अपशिष्ट व्युत्पन्न ईंधन (Refuse Derived Fuel– RDF) को संसाधित करेगा, जिसका उपयोग बिजली उत्पन्न करने में किया जाएगा...

यह कंपोजिट बायोगैस उत्पादन संयंत्रों के लिए ‘सतत योजना’ (SATAT scheme) के अंतर्गत, उठाव गारंटी प्रदान करने का एक मौजूदा मॉडल है...

‘सतत’ पहल के बारे में:

इस पहल का उद्देश्य, ‘किफायती परिवहन के लिये सतत विकल्प’ (Sustainable Alternative towards Affordable Transportation-SATAT) प्रदान करना है जो वाहन-उपयोगकर्त्ताओं के साथ-साथ किसानों और उद्यमियों दोनों को लाभान्वित करेगा...इसके अंतर्गत, संपीडित जैव-गैस (Compressed Bio-Gas-CBG) सयंत्रों को स्वतंत्र उद्यमियों के माध्यम से स्थापित किए जाने का प्रस्ताव किया गया है।

इन संयंत्रों में उत्पादित CBG को हरित परिवहन ईंधन विकल्प के रूप में विपणन के लिये ‘आयल मार्केटिंग कंपनियों’ (OMCs) के ईंधन स्टेशन नेटवर्क में अधिक संख्या में सिलेंडरों के माध्यम से पहुँचाया जाएगा...

उद्यमी, इन संयंत्रों के माध्यम से अन्य उप-उत्पादों को पृथक करके निवेश पर लाभ बढ़ाने के लिये जैव-उर्वरक, कार्बन डाइऑक्साइड सहित बाज़ार में बेचने में सक्षम होंगे...इस पहल से 75,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार और फसलों के लिए 50 मिलियन टन जैव खाद का उत्पादन करने की उम्मीद है।

क्या हैं नगरपालिका अपशिष्ट तथा ठोस कचरे को CBG में परिवर्तित करने के लाभ

अपशिष्ट प्रबंधन, प्रदूषण तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी, किसानों के लिए अतिरिक्त राजस्व स्रोत, उद्यमशीलता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को प्रोत्साहन, जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं में सहायता,प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के आयात में कमी,कच्चे तेल / गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के विरुद्ध सुरक्षा.

जैव-गैस (Bio- Gas) क्या होती है?

बायो-गैस प्राकृतिक रूप से अपशिष्ट / जैव स्रोतों, जैसे, कृषि अवशेषों, मवेशियों का गोबर, गन्ना के अपशिष्ट, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट, सीवेज उपचार संयंत्र अपशिष्ट, आदि के अवायवीय अपघटन की प्रक्रिया के माध्यम से निर्मित होती है।

संसाधन के पश्चात, इसे संपीडित किया जाता है तथा इसे ‘संपीडित जैव-गैस’ (Compressed Bio-Gas-CBG) कहा जाता है। इसमें 95% पंचानवे से अधिक शुद्ध मीथेन की मात्रा होती है।

CBG क्या होती है?

संपीडित जैव-गैस (CBG), संरचना और ऊर्जा क्षमता में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध प्राकृतिक गैस के समान होती है। इसकी कैलोरी क्षमता (~ 52,000 KJ/kg) तथा अन्य गुण CNG के समान होते है। CBG को वैकल्पिक, नवीकरणीय मोटर वाहन ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है..

3.

केंद्र सरकार ने 30 जून 2020 को अगले छह महीने के लिए यानी दिसंबर तक पूरे नगालैंड को 'अशांत क्षेत्र' घोषित किया.

केंद्र सरकार ने AFSPA के तहत नगालैंड को अगले 6 महीने के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया... सुरक्षाबलों को फिर मिलीं विशेष शक्तियां

पूरे नागालैंड में परिस्थितियां इतनी परेशान करने वाली और खतरनाक हैं कि आम जनमानस की मदद एवं सुरक्षा हेतु सशस्त्र बलों की सहायता की आवश्यकता है.,.. वहीँ "इन हालातों को देखते हुए सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 अट्ठावन (अफस्पा)की धारा तीन द्वारा प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 30 जून, 2020 से छह महीने की अवधि के लिए पूरे राज्य को 'अशांत क्षेत्र' माना जाएगा।”....

असम राइफल्स के जवानों ने साल 2019 में नागालैंड में मोन जिले के पुराने और नए चेनलोइशो गांव के बीच स्थित अपने शिविर पर नेशनल सोशलिस्ट ऑफ नागालैंड-खापलांग द्वारा किए गए हमले को नाकाम कर दिया था. यहां जवानों के शिविर पर एनएससीएन-के द्वारा असम राइफल्स के शिविर पर हमला किया गया था...

वहीँ पहले भी कई बार लग चुका है अफस्पा...

नागालैंड राज्य में लगातार हो रहे आंतरिक विद्रोह और आतंकी गतिविधियों के चलते राज्य को पहले भी अनेक बार अशांत क्षेत्र घोषित किया जा चुका है. नगालैंड में लंबे समय से अलगववादी आंदोलन चल रहा है और ये आंदोलन कई गुटों में बंटा है. एनएससीएन (आई-एम) ने अलग झंडे और संविधान की भी मांग की थी जिसे केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया था.

सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) के बारे में

भारतीय संसद ने “अफस्पा” यानी आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट 1958 अट्ठावन को लागू किया है. यह एक फौजी कानून है. जिसे “अशांत क्षेत्र” में लागू किया जाता है. यह कानून सुरक्षा बलों और सेना को कुछ विशेष अधिकार देता है....अफ्सपा कानून के तहत सेना के जवानों को किसी भी व्यक्ति की तलाशी केवल संदेह के आधार पर लेने का अधिकार प्राप्त है. गिरफ्तारी के दौरान सेना के जवान उस व्यक्ति के घर में घुस कर संदेह के आधार पर तलाशी ले सकते हैं.

सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) के तहत सेना के जवानों को कानून तोड़ने वाले व्यक्ति पर फायरिंग का भी पूरा अधिकार प्राप्त है. संविधान लागू किये जाने के बाद से ही भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ रहे अलगाववाद, हिंसा और विदेशी आक्रमणों से प्रतिरक्षा के लिए मणिपुर और असम में वर्ष 1958 अट्ठावन में अफस्पा लागू किया गया था... अफस्पा को 1 सितंबर 1958 अट्ठावन को असम, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड सहित भारत के उत्तर-पूर्व में लागू किया गया था ...

4.

हाल ही में, नीति आयोग और रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट (Rocky Mountain Institute- RMI) द्वारा ‘स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था की ओर: भारत की ऊर्जा और गतिशीलता क्षेत्रों के लिए कोविड –19 के बाद अवसर रिपोर्ट’ जारी की गयी…

इस रिपोर्ट में भारत के लिए एक स्वच्छ, प्रत्यास्थ तथा न्यूनतम लागत वाले ऊर्जा भविष्य के निर्माण की दिशा में कार्य-प्रोत्साहन तथा बहाली-प्रयत्नों की सिफारिश की गई है..इन प्रयत्नों में इलेक्ट्रिक वाहन, ऊर्जा भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रम शामिल हैं..

वहीँ Covid-19 ने भारत के परिवहन और विद्युत् क्षेत्रों के समक्ष नकदी अवरोध तथा आपूर्ति की कमी से लेकर उपभोक्ता मांग और प्राथमिकताओं में बदलाव संबंधी चुनौतियों को पेश किया है..

रिपोर्ट में भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य को मदद देने के लिए नीति निर्माताओं और अन्य प्रमुख निर्णय लेने वालों के लिए एक रूपरेखा के रूप में चार सिद्धांतों का वर्णन किया गया है...

  1. न्यूनतम लागत वाली ऊर्जा समाधानों में निवेश,
  2. प्रत्यास्थ और सुरक्षित ऊर्जा प्रणालियों की सहायता,
  3. दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता को प्राथमिकता,
  4. सामाजिक और पर्यावरणीय इक्विटी को बढ़ावा।

भारत को लघु, मध्यम और दीर्घ अवधि में आर्थिक सुधारों हेतु रणनीतिक अवसरों की पहचान करने की आवश्यकता है, इस प्रकार, महामारी द्वारा उत्पन्न चुनौतियों को स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के अवसरों में बदला जा सकता है...

परिवहन क्षेत्र में अवसरों के अंतर्गत, सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना, गैर-मोटर चालित परिवहन अवसंरचना को बढ़ाना और उसका विस्तार करना, जहां तक संभव हो घर से कार्य करने के जरिए वाहन से यात्रा की दूरी को घटाना, माल और यात्री खंड में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए राष्ट्रीय रणनीतियों का समर्थन करना आवश्यक है, इसके अतिरिक्त भारत को मोटर वाहन निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने हेतु प्रयास किये जाने चाहिए...

विद्युत् क्षेत्र में, अवसरों के अंतर्गत, बिजली वितरण व्यवसाय और इसके संचालन में सुधार करना, नवीकरणीय ऊर्जा को वितरित करना और ऊर्जा संसाधनों को वितरित करना और ऊर्जा लचीलापन और नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियों के स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा हेतु प्रयास किये जाने चाहिए...

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का परिवहन क्षेत्र 1.7 गीगाटन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को रोक सकता है....इसके अतिरिक्त, वर्ष 2030 तक साझा, इलेक्ट्रिक और कनेक्टेड यात्री आवाजाही और किफायती, स्वच्छ और अनुकूलित माल परिवहन के माध्यम से ईंधन की मांग के बराबर 600 मिलियन टन तेल बचा सकता है...बिजली क्षेत्र में भी नवीकरणीय ऊर्जा,ऊर्जा भंडारण,दक्षता और लचीला उत्पादन एवं मांग को अपनाकर महत्वपूर्ण बचत की जा सकती है...

5.

पर्यावरण संरक्षण को बढावा देने एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा केन्द्र सरकार के निर्देशन में संकल्प पर्व मनाया जा रहा है....आपको बता दें यह 28 जून से 12 जुलाई 2020 तक मनाया जायेगा....यह पहल प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू की गई है, जिसमे अपने कार्यलय अथवा उसके आसपास या जहां भी संभव हो वहां कम से कम पांच पेड़ों को लगाने आह्वान किया गया है। ताकि देश का स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके...

वहीँ केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय द्वारा उन पांच पेड़ों को लगाए जाने को प्राथमिकता दे रहा है जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेखांकित किया है और जो हमारे देश की हर्बल विरासत का सटीक प्रतिनिधित्व करते हैं.... ये पेड़ हैं बरगद , आंवला, पीपल, अशोक, बेल.

उन्होंने आगे कहा कि अगर इन वृक्षों का पौधा उपलब्ध नहीं है तो लोग अपनी पसंद के किसी अन्य पौधे का पौधारोपण कर सकते हैं... संस्थानों को इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कर्मचारी अवश्‍य ही पूरे साल अपने द्वारा लगाए गए पौधे की देखभाल करे, ताकि वह सदैव सुरक्षित और फलता-फूलता रहे.

COVID-19 महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान, देश ने एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के महत्व का अनुभव किया है...ऐसे में इस तरीके के पर्व बेहद ही कारगर साबित होंगे....

6.

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत का प्रमुख हथियार तैयार हो गया है। देश की अग्रणी वैक्सीन निर्माता भारत बायोटेक ने घोषणा कर बताया कि उसने सफलतापूर्वक कोरोना वायरस की वैक्‍सीन COVAXIN बना ली है। जुलाई से ही इस वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल शुरू हो जाएगा, जिसके पहले और दूसरे फेज के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने स्विकृति दे दी है।

स्वदेशी रूप से विकसित ‘COVAXIN’ को मानव नैदानिक परीक्षणों के लिए DGCI से अनुमति प्राप्त हुई

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने COVID-19 वैक्सीन ‘COVAXIN’ के लिए चरण I और चरण II मानव नैदानिक परीक्षणों के लिए मंजूरी दे दी है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के सहयोग से, COVAXIN को हैदराबाद स्थित वैक्सीन एंड बायो-थैरेप्यूटिक्स निर्माता- भारत बायोटेक द्वारा विकसित किया गया है।

गोरतलब हो की...NIV पुणे में, SARS-CoV-2 के स्ट्रेन को भारत बायोटेक में स्थानांतरित होने से पहले अलग किया गया था..COVAXIN मानव नैदानिक परीक्षणों के लिए अनुमोदित होने वाला पहला स्वदेशी रूप से विकसित COVID-19 वैक्सीन है। वैक्सीन के पूर्व-नैदानिक अध्ययन के परिणामों के आधार पर अनुमोदन प्रदान किया गया था।...

प्रीक्लिनिकल अध्ययन के दौरान, वैक्सीन ने सुरक्षा और प्रभावी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया है। वैक्सीन को भारत बायोटेक- बीएसएल -3 (बायो सेफ्टी लेवल 3) की उच्च नियंत्रण सुविधा में विकसित किया गया है। मानव परीक्षण जुलाई के महीने से चरणबद्ध तरीके से शुरू होने की उम्मीद है।

क्या होता है वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल?

किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए वैक्सीन के उत्पादन से पहले कई चरणों से होकर गुजरना पड़ता है। सबसे पहले वैक्सीान का लैब में टेस्ट किया जाता है। इसके बाद नंबर आता है जानवरों पर टेस्ट का। यहां तक सफल और सुरक्षित पाए जाने के बाद वैक्सीिन का ह्यूमन ट्रायल यानी कि इंसानों पर परीक्षण किया जाता है।

ह्यूमन ट्रायल में भी 3 चरण

Human Trial के भी 3 चरण होते हैं। सबसे पहले टेस्टिंग में कुछ लोगों को शामिल किया जाता है। इसके बाद अगले चरण में लोगों की संख्या अधिक होती है। इसमें कंट्रोल ग्रुप्स के जरिए ये देखा जाता है कि वैक्सीन सेफ है या नहीं। तीसरे और अंतिम फेज में पता लगाया जाता है कि वैक्सीन की कितनी खुराक वायरस से बचाने में असरदार होगी..

भारत बायोटेक ने पिछले दशकों में कई टीके विकसित किए हैं जैसे पोलियो, रेबीज, चिकनगुनिया, रोटावायरस, जीका...वहीँ आपको बता दें पिछले महीने, भारत सरकार ने घोषणा की थी कि COVID-19 वायरस के लिए एक वैक्सीन विकसित करने के लिए 30 भारतीय कंपनियां काम कर रही हैं...

7.

जल्द ही झीलों का शहर अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र (space science sector) में बड़ी उपलब्धि से जुड़ने जा रहा है....हम बात कर रहे है नैनीताल की जहाँ मुक्तेश्वर स्थित देवस्थल में एशिया की सबसे बड़ी 4 मीटर इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (International liquid mirror telescope) की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है...

4 मीटर इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (आईएलएमटी)

4 मीटर इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप के जल्द ही चालू होने से अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में जल्द नैनीताल के नाम बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। नैनीताल के मुक्तेश्वर स्थित देवस्थल में दस करोड़ की लागत से एशिया की सबसे बड़ी 4 मीटर इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (आईएलएमटी) की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है। आईएलएमटी प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिकों का दावा है कि अक्तूबर में यह शुरू हो जाएगी।

इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (आईएलएमटी) के बारे में

बेल्गो-इंडियन नेटवर्क फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स प्रोजेक्ट के तहत साल 2012 में इंटरनेशनल लिक्विड मिरर टेलीस्कोप (आईएलएमटी) के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार किया गया। इसमें भारत, बेल्जियम के साथ कनाडा संयुक्त भागीदार बना।

दूरबीन स्थापित करने के लिए यूरोपियन देशों में नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान एवं शोध संस्थान (एरीज) के अधीन देवस्थल का चयन किया गया। आपको बता दे इससे पहले भारत ने बेल्जियम की मदद से एशिया की सबसे बड़ी 3.6 मीटर प्रकाशीय दूरबीन भी यहां स्थापित की है।

देवस्थल में एशिया की बड़ी दूरबीन स्थापित होने के बाद स्टार गठन, तारा समूहों, आकाशीय पिंडों की खोज, बाइनरीज स्टार्स, आकाशगंगाओं, सक्रिय गांगेय नाभिक, गुरुत्वाकर्षण लेंस प्रणाली समेत अनेक अनसुलझे अंतरिक्ष विषयों के शोधों को आगे बढ़ाया जाएगा।

क्या है लिक्विड मिरर दूरबीन?

मिरर दूरबीन सीमित आकाशीय क्षेत्र में लंबे अध्ययन के लिए प्रयोग होती है। दुनिया में फिलहाल लिक्विड मिरर दूरबीन चिली और कनाडा के पास ही है। इस दूरबीन में लेंस में मरकरी इस्तेमाल होने से यह दर्पण की तर्ज पर काम करता है। इससे टकराकर लौटने वाले प्रकाश को कैमरे में कैद कर अध्ययन किया जाता है, इसलिए इसे लिक्विड मिरर दूरबीन कहा जाता है। इसके तहत किसी तारामंडल या समूहों पर 5 वर्ष तक नजर रखी जाती है। इससे ब्रह्मांड को और करीब से जानने का मौका मिलेगा।

तो ये थी पिछली सप्ताह की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरें...आइये अब आपको लिए चलते हैं इस कार्यक्रम के बेहद ही ख़ास सेगमेंट यानी इंडिया राउंडअप में.... जहां आपको मिलेंगी हफ्ते भर की कुछ और ज़रूरी ख़बरें, वो भी फटाफट अंदाज़ में...

फटाफट न्यूज़ (India Roundup):

1. एक्सेलरेट विज्ञान योजना

SERB ने एक्सेलरेट विज्ञान योजना की लांच

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड विभाग (SERB) ने एक्सेलरेट विज्ञान योजना लांच की है। इस योजना का उद्देश्य एकल मंच प्रदान करना है जिसके द्वारा देश में उच्च वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत अनुसंधान विद्वानों और छात्रों के लिए इंटर्नशिप और क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा... एक्सेलरेट विज्ञान योजना इस मिशन के साथ शुरू होती है। यह मिशन देश में सभी वैज्ञानिक बातचीत को एक मंच के तहत समेकित करने के लिए है। इस मिशन के दो घटक हैं: (i) SANGOSHTHI (Seminar & Symposia) और (ii) SAYONJIA (Chronicle)

2. “किल कोरोना” अभियान

मध्य प्रदेश ने “किल कोरोना” अभियान किया शुरू

शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश से कोरोना को खत्म करने के लिए 'किल कोरोना' अभियान शुरू किया...सूबे की राजधानी भोपाल में सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम युद्ध स्तर पर सर्वे और सैंपलिंग में जुट गई है. लोगों से उनकी सेहत के बारे में पूछा जा रहा है और साथ ही उनका तापमान जांचा जा रहा है. कोरोना के लक्षण होने पर रैपिड टेस्ट किट से उसकी जांच भी की जा रही है. भोपाल के 50 से अधिक इलाकों में यह अभियान चलाया जा रहा है....

3.“सॉलिसिटर जनरल नियुक्ति ”

केंद्र सरकार ने हाल ही में तुषार मेहता को अगले तीन साल के लिए फिर से सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया है

केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने वरिष्ठ वकील तुषार मेहता को सॉलिसिटर जनरल के रूप में तीन वर्षो के लिए फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. एक जुलाई 2020 से मेहता का कार्यकाल तीन साल के लिए या अगला आदेश आने तक के लिए बढ़ाया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया के पद पर कार्यरत केके वेणुगोपाल के कार्यकाल को एक साल बढ़ाने की अनुमति दे दी है...

4. राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस

1 जुलाई को मनाया गया राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस

भारत में प्रत्येक साल 01 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य डॅाक्टरों को उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मान देना है. डॅाक्टर समाज में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इस समय कोरोना महामारी से बचाव में डॅाक्टर अपनी जान की परवाह किए बगैर देश सेवा में लगे हुए है. भारत में साल 1991 से इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई थी. तब से प्रत्येक साल 01 जुलाई को भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है.

5. प्रोजेक्ट ‘प्लेटिना’

हाल ही में महाराष्ट्र ने प्रोजेक्ट ‘प्लेटिना’ के तहत दुनिया का सबसे बड़ा प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण शुरू किया

महाराष्ट्र सरकार ने प्रोजेक्ट ‘प्लेटिना’ के तहत दुनिया का सबसे बड़ा प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण शुरू किया है. यह प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) के जरिए गंभीर रूप से कोविड-19 (COVID-19) से संक्रमितों के इलाज के लिए शुरू किया गया सबसे बड़ा ट्रायल प्रोजेक्ट है. सीएमओ के अनुसार, 'यह दुनिया का सबसे बड़ा ट्रायल-कम-ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट है, जिससे महाराष्ट्र में कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार लगभग 500 लोगों का इलाज किया जाएगा'.

6. पहला ‘कवक पार्क’

उत्तराखंड के वन विभाग ने पिथौरागढ़ जिले में कुमाऊँ के मुनस्यारी में भारत का पहला ‘कवक पार्क’ (lichen park) विकसित किया है

लाइकेन हिमालय में 5000 मीटर तक की ऊँचाई पर उगने वाली एक महत्वपूर्ण प्रजातियों में से हैं. इस परियोजना का उद्देश्य विभिन्न लाइकेन प्रजातियों के वितरण, उनके निवास, उनके रूपात्मक और शारीरिक पहलुओं, सर्वेक्षण और साहित्य की समीक्षा, प्रजातियों का संस्थापन, मानव जाति और जलवायु कारकों सहित उनके रहने के स्थान पर होने वाले वर्तमान खतरों का अध्ययन करना और उपयुक्त संरक्षण रणनीतियों को तैयार करना है.

7. फिच रेटिंग्स 2021-22

फिच रेटिंग्स ने 2021-22 में विकास दर के अनुमान को 9.5 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया है

फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत के वृद्धि के अनुमान (Indian Economy growth rate) को घटा कर आठ फीसदी कर दिया है. एजेंसी ने पिछले माह इसके 9.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था. हालांकि, इसने चालू वित्त वर्ष (2019-20) के दौरान अर्थव्यवस्था में पांच फीसदी संकुचन (Economic contraction) के अपने पिछले अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है. भारतीय अर्थव्यवस्था की 2019-20 में अनुमानित वृद्धि दर 4.2 फीसदी रही.

8. गंगा पुनरोद्धार कार्यक्रम के लिए ऋण

विश्वबैंक ने हाल ही में गंगा पुनरोद्धार कार्यक्रम के लिए 40 करोड़ डॉलर की सहायता राशि मंजूर की है...

विश्वबैंक ने सरकार के गंगा पुनरोद्धार कार्यक्रम के लिए अपने सहयोग का विस्तार किया है. विश्वबैंक ने हाल ही में गंगा पुनरोद्धार कार्यक्रम के लिए 40 करोड़ डॉलर या करीब 3,000 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की है. इससे गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी. विश्वबैंक ने कहा कि इस सहायता से नदी बेसिन के प्रबंधन को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

9. तमिलनाडु की आवास परियोजनाएं

विश्व बैंक ने तमिलनाडु की किफायती आवास परियोजनाओं के लिए 250 मिलियन डॉलर ऋण को मंजूरी दी है

29 जून, 2020 को भारत सरकार और विश्व बैंक समूह ने तमिलनाडु में शहरी गरीबों को किफायती आवास प्रदान करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत दो परियोजनाएँ हैं- (i) तमिलनाडु आवास क्षेत्र सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम और (ii) तमिलनाडु आवास और आवास विकास परियोजना। दोनों परियोजनाओं के लिए ऋण विश्व बैंक समूह की ऋण शाखा इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (IBRD) द्वारा प्रदान किया गया है। इस ऋण की परिपक्वता अवधि 20 वर्ष है।

10. इंद्रमणि पांडेय

इंद्रमणि पांडेय को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए भारत के अगले स्थायी प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया

इंद्रमणि पांडेय 1990 बैच के भारतीय विदेश सेवा के एक अधिकारी है और इस समय वे विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं. अपने लगभग तीन दशक के कैरियर में इंद्रमणि पांडेय दमिश्क, काहिरा, इस्लामाबाद, काबुल, मस्कट और जिनेवा में भारतीय मिशनों में कार्यरत रहे है.

11. 59 उन्सठ चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध

भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत अपनी शक्ति का उपयोग करते हुए 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है

भारत सरकार ने हाल ही में टिकटॉक,वीचैट और हेलो जैसी 59उन्सठ चीनी एप्स पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। इन एप्स को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है, जिसके चलते इन पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। गौरतलब है कि यह एप्प भारतीय यूजर्स के डाटा को बिना अनुमति के विदेश भेज रहे थे। इन एप्स में प्राइवेसी और सुरक्षा भी सदैव ही संदिग्ध रही है।

12. शिक्षा में सुधार हेतु ऋण

हाल ही में विश्व बैंक ने भारत के छह राज्यों में शिक्षा में सुधार हेतु लगभग 3,700 करोड़ रूपए के ऋण की मंजूरी प्रदान की

विश्व बैंक ने भारत में शिक्षा में सुधार से जुड़े कार्यों के लिए करीब 3,700 करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी दी है. इस पैसे से स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता को बढ़ाया जाएगा और स्कूलों के संचालन में सुधार लाया जाएगा. इससे 15 लाख स्कूलों के छह से 17 साल की आयु के 25 करोड़ स्टूडेंट्स व एक करोड़ से अधिक शिक्षकों को फायदा पहुंचेगा.

13. राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस’ 2020

29 जून को मनाया जाने वाले ‘राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस’ 2020 की थीम रही सतत विकास लक्ष्य 3 और 5

सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति तैयार करने में सांख्यिकी के महत्व के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए भारत में प्रत्येक वर्ष 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। यह दिवस सांख्यिकी, सांख्यिकीय प्रणाली और आर्थिक नियोजन के क्षेत्रों में स्वर्गीय प्रोफेसर प्रसंत चंद्र महालनोबिस के उल्लेखनीय योगदान के सम्मान के रूप में भी मनाया जाता है।

14. प्लाज्मा बैंक

दिल्ली सरकार ने कोरोना के ईलाज के लिए प्लाज्मा बैंक को बनाने का फैसला किया

दिल्ली सरकार ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा बैंक (Plasma Bank) बनाने का फैसला लिया है. दिल्ली में अब तक जितने भी कोरोना मरीज ठीक हुए हैं, सरकार उन सभी को कॉल करके प्लाज़्मा डोनेट करने की अपील करेगी. कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी बहुत ही कारगर साबित हो रही है. प्लाज्मा बैंक दिल्ली के ही इंस्टिट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलियरी साइंस (ILBS) अस्पताल में बनाया जा रहा है. दिल्ली का प्लाज्मा बैंक देश का पहला प्लाज्मा बैंक होगा.

तो इस सप्ताह के इण्डिया दिस वीक कर्यक्रम में इतना ही। परीक्षा के लिहाज़ से ज़रूरी और भी तमाम महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए सब्सक्राइब कीजिए हमारे यूट्यूब चैनल ध्येय IAS को। नमस्कार।