(India This Week) Weekly Current Affairs for UPSC, IAS, Civil Service, State PCS, SSC, IBPS, SBI, RRB & All Competitive Exams (1st - 7th May 2020)

India This Week Weekly Current Affairs


(India This Week) Weekly Current Affairs for UPSC, IAS, Civil Service, State PCS, SSC, IBPS, SBI, RRB & All Competitive Exams (1st - 7th May 2020)



इण्डिया दिस वीक कार्यक्रम का मक़सद आपको हफ्ते भर की उन अहम ख़बरों से रूबरू करना हैं जो आपकी परीक्षा के लिहाज़ से बेहद ही ज़रूरी है। तो आइये इस सप्ताह की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरों के साथ शुरू करते हैं इस हफ़्ते का इण्डिया दिस वीक कार्यक्रम...

न्यूज़ हाईलाइट (News Highlight):

  • कोरोना वायरस महामारी की वजह से विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए भारत की मुहीम.....'वंदे भारत मिशन' और 'सेतु समुद्र' अभियान हुआ शुरू...12 देशों से करीब 15 हजार भारतीयों की होगी घर वापसी ...
  • 3 मई को मनाया गया विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस....उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्त्व के प्रति जागरूकता फैलाना है....
  • केंद्र सरकार की घोषणा ... देश के पांच और राज्यों को वन नेशन वन राशन कार्ड योजना से जोड़ा... देश में कुल 17 राज्य इस योजना से आपस में जुड़े...
  • कोयला मंत्रालय द्वारा शरू की गयी परियोजना निगरानी इकाई...यह परियोजना निगरानी इकाई कारोबार को सुगम बनाने की सुविधा करगी प्रदान....
  • सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी ने देश में बेरोजगारी पर सर्वे रिपोर्ट कि जारी....कोरोना संकट के बीच देश में बेरोजगारी दर बढ़कर हुई 27.11
  • कोरोना वायरस की जंग में DRDO ने उठाया एक और कदम ....यूवी कीटाणु शोधन टॉवर किया विकसित....संक्रमित इलाकों में कीटाणुशोधन करने के लिए अत्यधिक सहायक....
  • कोरोना के बाद एक और वायरस ने दी देश में दस्तक...असम में अफ्रीकी स्वाइन फीवर का प्रकोप....हजारों की संख्या में सूअरों की हुई मौत....

खबरें विस्तार से:

1.

भारत कोरोना वायरस के मद्देनज़र दुनिया में लगे हुए लॉक डाउन में फंसे हज़ारों भारतीय नागरिकों को 64 उड़ानों के माध्यम से 7 मई से 13 मई के बीच भारत वापस लाने की तैयारी में है . इस मिशन का नाम भारत सरकार ने वन्दे भारत मिशन रखा है . विदेश मंत्री श्री जय शंकर ने मंगलवार को कहा की इस मिशन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं . विदेश मंत्री ने दुनिया के अलग अलग हिस्सों में फंसे लोगों को वहां के दूतावास के लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं ...

प्रत्यावर्तन योजना के तहत भारत सरकार चरणबद्ध तरीके से दुनिया भर में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस भारत लाएगी . गौर तलब है की भारत ने सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को कोरोना महामारी के चलते मार्च के शुरू में ही बंद कर दिया था

इसी के साथ भारतीय नौसेना ने समुद्र सेतु ऑपरेशन भी शुरू किया है जो विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को पानी के रास्ते वापस भारत लेकर आएगा . भारतीय नौसेना के दो जहाज़ जलाश्व और मगर 8 मई से माले जलपोत के रास्ते भारतियों को वापस लाएंगे . इसके ज़रिये सिर्फ उन नागरिकों को ही वापस लाया जायेगा जो कोरोना परीक्षण के बाद इसके योग्य पाए जायेंगे

वन्दे भारत मिशन तकरीबन 15000 भारतीयों को वायु मार्ग से भारत लेकर आएगा . ये 15000 भारतीय दुनिया के अलग अलग देशों में फंसे हैं .भारत इस दौरान 7 मई और 13 मई के बीच संयुक्त अरब अमीरात के लिए 10 उड़ाने , अमरीका और ब्रिटैन के लिए 7 उड़ाने , सऊदी अरब के लिए 5 उड़ाने , सिंगापुर के लिए 5 उड़ाने और क़तर के लिए दो उड़ानों का सञ्चालन करेगा . इसी दौरान भारत मलेशिया और बांग्लादेश के लिए 7 उड़ानें , कुवैत और फिलीपीन्स के लिए 5 उड़ानें और ओमान और बहरीन के लिए 2 उड़ानें संचालित कर रहा है..

गुरूवार से लगभग 7 विशेष विमान लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से मुंबई ,दिल्ली ,अहमदाबाद, चेन्नई और बेंगलुरु के लिए उड़ान भरेंगे..

जो यात्री इन विमानों से भारत आएंगे उन्हें जांच से होकर गुज़रना पडेगा और इन्हे 14 दिन कारण्टीन किया जाएगा . विदेशों में फंसे भारतीयों को ला रही 64 चौंसठ उड़ानों में से 9 देशों से आने वाली 11 विमान सेवाओं को तमिल नाडु में उतारा जाएगा....

आपको बतादें वापसी क्र रहे भारतियों से किराया वसूला जायेगा.....बताते चले अमेरिका से आने वाले भारतीयों से 1 लाख रुपये किराया वसूला जाएगा जबकि ब्रिटेन से आने वालों से 50 हजार रुपये। इसी तरह बांग्लादेश से दिल्ली आने वालों से 12 हजार रुपये और वहां से कोचि जाने वालों से 15 हजार किराया वसूला जाएगा..इसी तरह खाडी देशों से आने वाले भारतीयों का किराया 15 हजार रुपये से शुरू होगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के वक्तव्य के अनुसार विदेश में फंसे भारतीयों को अपने मोबाइल पर आरोग्य सेतु मोबाइल अप्प डाउनलोड करना होगा और सरकार द्वारा जारी की गयी स्वास्थ्य सम्बन्धी दिशानिर्देश को भी मानना होगा ....

इस ऑपरेशन का संचालन रक्षा मंत्रालय , विदेश मंत्रालय स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्र और राज्य सरकार की अन्य एजेंसियों के समन्वय से किया जा रहा है ...बहरहाल भारत में फंसे श्रमिकों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के बाद भारत सरकार ने विदेश में फंसे प्रवासी भारतीयों को निकालने का फैसला लेकर एक सराहनीय कार्य किया है .

2.

विश्व भर में 03 मई 2020 को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया गया…यह दिवस मीडिया की आजादी पर हमलों से मीडिया की रक्षा करने और मरने वाले पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्य करता है....गौरतलब है कि भारत में प्रेस की स्वतंत्रता भारतीय संविधान के अनुच्छेद-19 में भारतीयों को दिए गए अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार से सुनिश्चित होती है....

इस साल की थीम Journalism Without Fear or Favour (बिना डर या पक्षपात के पत्रकारिता) है. इस थीम का मुख्य उद्देश्य चुनावों में मीडिया के सामने वर्तमान चुनौतियों के साथ-साथ शांति और सुलह प्रक्रियाओं का समर्थन करना है...

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्त्व के प्रति जागरूकता फैलाना है. प्रेस की आजादी और समाचारों को लोगों तक पहुंचाकर, सशक्त हो रहे मीडियाकर्मियों का व्यापक विकास करना इसका उद्देश्य है...

मीडिया की आज़ादी का मतलब:

मीडिया की आज़ादी का मतलब है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी राय कायम करने और सार्वजनिक तौर पर इसे जाहिर करने का अधिकार है. इसका आयोजन संयुक्त रूप से फ्रांस, ग्रीस और लिथुआनिया के स्थायी मिशन द्वारा किया जाता है.

भारत में प्रेस की स्थिति:

भारत जैसे विकासशील देशों में मीडिया पर जातिवाद और सम्‍प्रदायवाद जैसे संकुचित विचारों के ख़िलाफ़ संघर्ष करने और ग़रीबी तथा अन्‍य सामाजिक बुराइयों के ख़िलाफ़ लड़ाई में लोगों की सहायता करने की बहुत बड़ी जिम्‍मेदारी है. लोगों का एक बहुत बड़ा वर्ग पिछड़ा और अनभिज्ञ है, इसलिये यह और भी ज़रूरी है कि आधुनिक विचार उन तक पहुंचाए जाएं और उनका पिछड़ापन दूर किया जाए, ताकि वे सजग भारत का हिस्‍सा बन सकें.

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस:

विश्व स्तर पर प्रेस की आजादी को सम्मान देने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस घोषित किया गया, जिसे विश्व प्रेस दिवस के रूप में भी जाना जाता है.

यूनेस्को द्वारा वर्ष 1997 सत्तानवे से हर साल 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम प्राइज भी दिया जाता है. यह पुरस्कार उस व्यक्ति अथवा संस्थान को दिया जाता है जिसने प्रेस की स्वतंत्रता के लिए उल्लेखनीय कार्य किया हो.

3.

केंद्र सरकार ने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना (One Nation One Ration Card) के तहत 01 मई 2020 को बड़ी की है.... केंद्र सरकार ने देश के पांच और राज्यों को इस योजना से जोड़ दिया है. वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का लाभ बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दमन-दिऊ भी अब उठा सकेंगे... केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया है। अब देश में कुल 17 राज्य हो गए हैं जो इस योजना से आपस में जुड़ जाएंगे

केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री रामविलास पासवान ने हाल ही में इसका घोषणा की है...आपको बता दें केंद्र सरकार ने 01 जनवरी 2020 को कुल 12 राज्यों को आपस में इस योजना से जोड़ा था....अब देश में कुल 17 राज्य हो गए हैं जो इस योजना से आपस में जुड़ जाएंगे. देश के 12 राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड और त्रिपुरा में 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' सुविधा की शुरुआत हो चुकी है.

देश के सबसे बड़ी आबादी वाले इन राज्यों को इस योजना से जोड़ने के लिए काफी समय से काम चल रहा था.. जिसे लॉकडाउन में फंसे मजदूरों तक राहत देने हेतु तुरंत लागू करने का निर्णय लिया गया. सरकार ने कोविड-19 से चल रही लड़ाई में राष्ट्रीय लॉकडाउन को कुछ राहत के साथ दो हफ्तों के लिए और बढ़ाने का जो फैसला किया है देश के उद्योग जगत ने संशय के साथ उसका स्वागत किया है.

इस योजना के लागू होने के बाद किसी भी राज्य का आदमी किसी भी राज्य से राशन ले सकता है. वन नेशन वन राशन कार्ड योजना 01 जून 2020 से शुरू होगी. इस योजना में पुराना राशन कार्ड भी मान्य होगा.

केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत देशभर में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को सस्ते दामों पर खाद्यान मुहैया करवाती है. ...इस योजना के तहत पीडीएस के लाभार्थियों की पहचान उनके आधार कार्ड पर इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) डिवाइस से की जाएगी. इस योजना को पूरे देश में लागू करने के लिए सभी पीडीएस दुकानों पर पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. जैसे-जैसे राज्य पीडीएस दुकानों पर 100 फीसदी पीओएस मशीन की रिपोर्ट देंगे, वैसे-वैसे उन्हें 'वन नेशन,वन राशन कार्ड' योजना में शामिल किया जाएगा.,...इससे दुकान मालिकों पर निर्भरता घटेगी तथा भ्रष्टाचार में कमी आएगी..

भारत का कोई भी कानूनी नागरिक इस राशन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है. 18 साल से कम उम्र के बच्चों उनके माता-पिता के राशन कार्ड में जोड़ा जाएगा. इन राशन कार्ड धारकों को 5 किलो चावल 3 रुपए किलो की दर से और गेहूं 2 रुपए किलो की दर से मिलेगा....कोरोना संकट काल में घरों से बाहर रहने वाले यूपी, बिहार के प्रवासी लोगों के लिए यह राहत भरी एक बड़ी खबर है....

4.

कोयला मंत्रालय ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा आवंटित की गई कोयला खानों के जल्द परिचालन की सुविधा के लिए एक परियोजना निगरानी इकाई शुरू की है। इकाई शुरू करने का उद्देश्य अधिक बोली लगाने वालों को आकर्षित करना है.... परियोजना निगरानी इकाई कारोबार को सुगम बनाने की सुविधा प्रदान करेगी क्योंकि इससे खदानों के परिचालन के लिये समय पर मंजूरी प्राप्त करने में कोयला खदानों को सहायता मिलेगी. यह इकाई खदानों के संचालन के लिए राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों से मंजूरी प्राप्त करने में खदानों की सहायता भी करेगी. इकाई देश में कोयले के उत्पादन और कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने में मदद करेगी.

विश्व बैंक द्वारा जारी रैंकिंग में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत ने 63वां स्थान हासिल किया है। 2019 रैंकिंग में भारत शीर्ष 10 सुधार करने वाले देशों में से एक था। यह इकाई भारत को और बेहतर बनाने और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने में मदद करेगी...

भारत में कोयले का उत्पादन

भारत के पास विश्व में 5वें स्थान पर सबसे विशाल कोयला भंडार हैं. भारत में कोयला उत्पादन करने वाले पर्मुख राज्य हैं – ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना.

कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण और विराष्ट्रीयकरण

भारत में कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण दो चरणों में किया गया था. कोकिंग कोल खानों के प्रबंधन के लिए कोकिंग कोल माइंस (आपातकालीन प्रावधान) अधिनियम, 1971 के तहत वर्ष 1971 में राष्ट्रीयकरण का पहला चरण संपन्न हुआ था. टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड और इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड का राष्ट्रीयकरण किया गया और उन्हें बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) के अधीन कर दिया गया.

कोयला खदान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के तहत कोयला खदानों का विराष्ट्रीयकरण किया गया. देश के कानून ने निजी क्षेत्र को कोयला खनन की अनुमति दे दी है.

5.

कोरोना वायरस के कारण देश में लगे लॉकडाउन की वजह से बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी आया है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने देश में बेरोजगारी पर सर्वे रिपोर्ट जारी किया है. इस सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक तीन मई को समाप्त हुए सप्ताह में देश में बेरोजगारी दर बढ़कर 27.1 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

इससे पहले जारी सर्वे रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2020 में देश में बेरोजगारी दर बढ़कर 23.5 प्रतिशत पर पहुंच गई थी. केवल अप्रैल महीने में बेरोजगारी दर में 14.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी ...मार्च महीने के मुकाबले अप्रैल में बेरोजगारी दर में तेज देखि गयी है....

अप्रैल के महीने में लगभग नौ करोड़ लोगों को अपना रोजगार गंवाना पड़ा. मार्च मध्य में इस महामारी के तेजी पकड़ने के समय यह दर सात प्रतिशत से कम थी. मुंबई स्थित थिंक टैंक ने कहा कि बेरोजगारी की दर शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक 29 .22 प्रतिशत रही, जहां कोविड-19 संक्रमण के सबसे आधिक प्रभावित इलाकों ‘ रेड जोन’ की संख्या सबसे अधिक है...आपको बता दें ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी की दर 26.69 प्रतिशत थी.

कोरोना की वजह से भारत सहित विश्वभर की अर्थव्यवस्था ठप पड़ गई है. भारत में लगभग 40 दिनों के दो चरणों के लॉकडाउन में तो उद्योगधंधे पूरी तरह से बंद रहे. ऐसे में रोजगार मिलने की आशा नहीं की जा सकती. बड़े शहरों से हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर वापस जा रहे हैं. भारत में कोरोना के प्रकोप से ही बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है और 25 मार्च को लगे लॉकडाउन के बाद इसमें बेतहाशा बढ़त हुई है. सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक हालांकि पूरे मार्च महीने के दौरान बेरोजगारी दर केवल 8.74 प्रतिशत थी, लेकिन लॉकडाउन के बाद 29 मार्च को आखरी हफ्ते के दौरान यह दर 23.81 प्रतिशत तक पहुंच गई.

राज्यों में गरीबी दर

आंकड़ों के अनुसार अप्रैल के अंत में पुदुचेरी में सबसे अधिक 75.8 प्रतिशत बेरोजगारी थी. इसके बाद तमिलनाडु में 49.8 प्रतिशत, झारखंड में 47 .1 प्रतिशत और बिहार में 46.6 प्रतिशत बेरोजगारी थी.

सीएमआईई के अनुसार महाराष्ट्र में बेरोजगारी दर 20.9 प्रतिशत थी, जबकि हरियाणा में 43 .2 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 21.5 प्रतिशत और कर्नाटक में 29.8 प्रतिशत थी.

सीएमआईई के अनुसार पर्वतीय राज्यों में बेरोजगारी की दर काफी कम रही है. हिमाचल प्रदेश में यह दर 2.2 प्रतिशत, सिक्किम में 2.3 प्रतिशत और उत्तराखंड में 6.5 प्रतिशत रही.

सीएमआईई के अनुमान के मुताबिक अप्रैल में दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों और छोटे व्यवसायी सबसे ज्यादा बेरोजगार हुए हैं. सर्वे के मुताबिक 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरी गंवानी पड़ी है. इनमें फेरीवाले, सड़क के किनारे सामान बेचने वाले, निर्माण उद्योग में काम करने वाले कर्मचारी और कई लोग हैं जो रिक्शा को ठेला चलाकर गुजारा करते थे. सीएमआईई के अनुसार लॉकडाउन बढ़ने से बेरोजगार लोगों की संख्या और बढ़ सकती है.

6.

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने रासायन मुक्त और तेजी से कीटाणु-शोधन करने वाला अल्ट्रा वायलेट (यूवी) कीटाणु-शोधन टॉवर तैयार किया है...यह टॉवर उच्च संक्रमण क्षेत्रों में कीटाणु-शोधन करने के लिए अत्यधिक सहायक होगा...

यूवी ब्लास्टर नाक का यह उपकरण एक यूवी बेस्ड सेनीटाइज़र (प्रक्षालक) है जिसे डीआरडीओ ने डिजाईन और तैयार किया है. यह विभिन्न टेक सतहों जैसेकि कंप्यूटरस, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य गैजेट्स का विसंक्रमण करने के लिए बहुत मददगार है. यूवी ब्लास्टर ऐसे दफ्तरों के लिए बहुत उपयोगी है जिनमें रसायनिक विधियों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. यह उत्पाद ऐसे क्षेत्रों के लिए भी बहुत लाभदायक है जहां रसायनिक विधियों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

यूवी कीटाणु-शोधन टॉवर को मोबाइल फ़ोन या लैपटॉप से दूर से ही संचालित किया जा सकता है. इसमें 43 वॉट्स प्रत्येक के 6 लैम्प्स होते हैं. ये सभी लैम्प्स 360 डिग्री में 254एनएम तरंग दैर्ध्य (वेव लेंथ) का अल्ट्रा वायलेट प्रकाश छोड़ते हैं. अगर कमरे में कोई अचानक आ जाए या कोई अन्य मानवीय अवरोध होने पर यह टॉवर खुद ही स्विच ऑफ हो जाएगा. यह उपकरण हाथ से भी संचालित हो सकता है.

डीआरडीओ कई नई तकनीकों और उत्पादों का विकास कर रहा है ताकि कीटाणुशोधन, नमूना संग्रहण, किफ़ायती व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरण तैयार करने में मदद मिल सके. इनमें से कई तकनीकों को निजी क्षेत्र की कंपनियों को सौंप दिया गया. हाल ही में कोविड – 19 विसंक्रमण में सहायता प्रदान करने के लिए डीआरडीओ ने एक माइक्रोवेव स्टरलाइज़र, अतुल्य निर्मित किया है. डीआरडीओ ने कोविड – 19 नमूना संग्रहण के लिए एक काउंटर (किओस्क) भी तैयार किया था.

7.

अभी देश कोरोना वायरस की चपेट से पूरी तरह आज़ाद भी नही हुआ की ऐसे में एक और वायरस की दस्तक चिंता का विषय है.....देश में कोरोना वायरस संक्रमण के बीच अफ्रीकी स्वाइन फीवर का पहला मामला असम में सामने आया है. आपको बता दें...03 मई 2020 को राज्य में अफ्रीकी स्वाइन फीवर का पहला मामला पाया गया....और इससे 306 गांवों में 2,500 से अधिक सूअरों की मौत हो गई है....ये वायरस भले ही मनुश्जाती के लिए खतरा नही है...लेकिन सुअरों के लिए लिए जानलेवा...और न ही इस बीमारी का कोविड-19 से कोई लेना-देना है...

असम के पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल ने इस बात की पुष्टि की है कि यह अफ्रीकी स्वाइन फीवर है. मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा की गई साल 2019 की जनगणना के अनुसार असम में सूअरों की संख्या 21 लाख थी, लेकिन अब यह बढ़ कर लगभग 30 लाख हो गई है. गौरतलब है कि अफ्रीकी स्वाइन फीवर का पहला मामला साल 1921 में केन्या और इथियोपिया में सामने आया था.

आपको बता दें चीन में यह प्रकोप पहले से ही चल रहा है, जिस कारण वहां के लगभग 40 प्रतिशत सूअरों का सफाया हो चुका है... शुरुआत में खुले घूम रहे सूअर ही इसकी चपेट में आए, लेकिन बाद में यह फॉर्म तक पहुंच गई. ये वायरस इतना खतरनाक है कि इससे संक्रमित सूअरों की मृत्युदर 100 प्रतिशत है...

अफ्रीकी स्वाइन बुखार: वर्तमान का प्रकोप कैसे शुरू हुआ?

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा जारी नवीनतम अपडेट के अनुसार, एएसएफ के मौजूदा प्रकोप ने चीन, मंगोलिया, वियतनाम, कंबोडिया, म्यांमार, फिलीपींस, कोरिया गणराज्य और इंडोनेशिया को प्रभावित किया है...चीन में, अगस्त 2018 में पहले ASF प्रकोप की पुष्टि की गई थी…जिसके कारन देश में 1 मिलियन से ज्यादा सूअर मार दिए गए हैं...वियतनाम में, फरवरी 2019 में ASF के प्रकोप की पुष्टि की गई थी और तब 6 मिलियन से ज्यादा सूअरों को बंद कर दिया गया...

अधिकारियों का मानना है कि ASF भारत में तिब्बत के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश और फिर असम,..आपको बता दें असम देश में सूअर की सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है.....

वहीँ खानापारा के उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला के पशु स्वास्थ्य केंद्र के उप निदेशक, प्रदीप गोगोई ने कहा, की "इस वायरस को जंगली सुअर भी ला सकते है.... इसलिए ये नही कहा जा सकता की ये असम में कैसे और कहां से आया होगा.....

वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ (WOAH) के अनुसार, 2018 और 2019 के बीच, इस बीमारी का प्रसार यूरोप के तीन देशों और अफ्रीका के 23 देशों में हुआ था।

एक नज़र अफ्रीकी स्वाइन फीवर पर

अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) घरेलू और जंगली सूअरों में होने वाली एक अत्यधिक संक्रामक रक्तस्रावी वायरल बीमारी है. यह एस फेर विरिडे परिवार के डीएनए (DNA) वायरस के कारण होता है. हालाँकि अफ्रीकी स्वाइन फीवर और क्लासिकल स्वाइन फीवर (CSF) के लक्षण समान हो सकते हैं लेकिन अफ्रीकी स्वाइन फीवर तथा क्लासिकल स्वाइन फीवर के वायरस बिल्कुल भिन्न प्रकार के तथा दूसरे से असंबंधित है. अफ्रीकी स्वाइन फीवर मानव स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता है क्योंकि इसका मानव में इसका प्रसार नहीं होता है....

अफ्रीकी स्वाइन फीवर के लक्षण तथा मृत्यु दर वायरस की क्षमता तथा सुअर की प्रजातियों के अनुसार भिन्न हो सकती हैं. अफ्रीकी स्वाइन फीवर के लक्षणों में उच्च बुखार का आना, अवसाद, भूख में कमी होना, त्वचा में रक्तस्राव होना आदि है....

तो ये थी पिछली सप्ताह की कुछ महत्वपूर्ण ख़बरें...आइये अब आपको लिए चलते हैं इस कार्यक्रम के बेहद ही ख़ास सेगमेंट यानी इंडिया राउंडअप में.... जहां आपको मिलेंगी हफ्ते भर की कुछ और ज़रूरी ख़बरें, वो भी फटाफट अंदाज़ में...

फटाफट न्यूज़ (India Roundup):

1. 5 मई, 2020 को पुरे विश्व में मनाया गया ‘विश्व अस्थमा दिवस’ (World Asthma Day)

यह दिवस प्रति वर्ष मई महीने के प्रथम मंगलवार को मनाया जाता है..वर्ष 2020 में इस दिवस का मुख्य विषय – “Enough Asthma Deaths” है...उल्लेखनीय है कि वर्ष 1998 अट्ठानवे में इस दिवस को मनाने की शुरूआत की गई थी...इस दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है पुरे विश्व में अस्थमा रोगियों को अस्थमा को नियंत्रित रखने के लिए प्रोत्साहित एवं जागरूक करना....आपको बता दें यह प्रमुख गैर- संचारी रोगों में से एक है....यह बच्चों में सबसे सामान्य चिरकालिक रोग भी है....

2. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोविड-19 संकट को कवर कर रहे पत्रकारों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का 10 लाख रुपये तक का जीवनबीमा कराने का किया ऐलान

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोरोना योद्धाओं के लिए 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की है, जिसमें पत्रकार भी शामिल होंगे. पश्चिम बंगाल में भी कोरोना वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. सरकार के अनुसार, बीते बुधवार तक बंगाल में अब तक 1344 चोवालिस संक्रमित मामले सामने आए हैं, जिनमें से 140 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 364 चौसठ लोग ठीक भी हो चुके हैं..

3. हाल ही में काश्मिरी केसर समेत मणिपुर के चाक हाओ चावल और गोरखपुर टेराकोटा को जी आई टैग दिया गया

कश्मीरी केसर की खेती जम्मू कश्मीर के करेवा में की जाती है....जहाँ कश्मीरी केसर को पूरे विश्व में मसालों के तौर पर उगाया जाता है । यह सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है और इसे प्रसाधन और दवाइयों के बनाने में इस्तेमाल किया जाता है....केसर को कश्मीर के पारम्परिक व्यंजनों से जोड़ा जाता है इसके अलावा इसके ज़रिये कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत की भी पहचान होती है...वहीँ मणिपुर का चाक-हाओ एक सुगंधित चिपचिपा चावल है जिसकी मणिपुर में सदियों से खेती की जा रही है। चावल की इस किस्म में विशेष प्रकार की सुगंध होती है। इसका उपयोग सामान्यत: सामुदायिक दावतों में किया जाता है और इन दावतों में चाक-हाओ की खीर बनाई जाती है...

4. हाल ही में हिमाचल प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कम से कम 120 दिनों के रोजगार की गारंटी देने वाली मुख्यमंत्री शहरी रोज़गार गारंटी योजना की लांच ..

कोरोना महामारी के दृष्टिगत राज्य में अर्थव्यवस्था को दोबारा बहाल करने के लिए शहरी जनता को मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत 120 दिन का रोजगार मुहैया कराया जाएगा...इसके लिए अगर जरुरी हुआ तो उनके कौशल उन्नयन के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. इस महामारी के दौरान प्रदेश में बाहरी राज्यों से हजारों लोग वापस आए हैं, जिनकी विभिन्न क्षेत्रों में कुशलता हैं, उन्हें उनकी कार्यकुशलता अनुसार रोजगार और स्वरोजगार मुहैया कराने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा. सरकार ने इन श्रमिकों को 2000 रुपये प्रति कामगार प्रदान करने का निर्णय लिया है. कोविड-19 महामारी के कारण राज्य के कृषकों और बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

5. महाराष्ट्र सरकार का ऐलान सभी नागरिकों को राज्य सरकार की नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा होगी उपलब्ध

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने घोषणा की है कि सभी नागरिकों को राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना का लाभ दिया जाएगा. महाराष्ट्र पहला राज्य होगा जो अपने लोगों को नि:शुल्क और कैशलेस (नकदी रहित) बीमा सुरक्षा प्रदान करेगा...महाराष्ट्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के बाद टोपे ने कहा कि वर्तमान में राज्य की 85 पचासी फीसदी आबादी महात्मा ज्योतिबा फूले जन आरोग्य योजना (एमजेपीजेएवाइ) के तहत कवर है और इसका लाभ शेष 15 फीसदी आबादी को भी दिया जाएगा...

6. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत कार्यरत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने हाल ही गरुड़ नामक एक पोर्टल किया लॉन्च

गरुड़ का पूरा नाम ‘गवर्मेंट ऑथोराईज़ेशन फॉर रिलीफ यूज़िंग ड्रोन्स’ है....‘गरुड़’ पोर्टल COVID-19 महामारी से मुकाबले के लिये ड्रोन संचालित करने हेतु केंद्र सरकार से छूट प्राप्त करने के लिये राज्य संस्थाओं की सहायता करेगा. नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) नागरिक उड्डयन (Civil Aviation) के क्षेत्र में एक नियामक संस्था है, जो हवाई सुरक्षा, दुर्घटना आदि मामलों की जाँच करती है. यह भारत के लिये विमान परिवहन सेवाओं के विनियमन और सिविल विमान विनियमन, विमान सुरक्षा तथा अन्य योग्यता मानकों के प्रवर्तन के लिये भी उत्तरदायी है....

7. सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस 7 मई को मनाया गया

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 7 मई 2020 को अपना 60वां स्थापना दिवस मनाया....बीआरओ देश के सीमावर्ती इलाकों में आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्र में अग्रणी सरकारी संगठन है. सीमा सड़क संगठन की स्थापना 7 मई, 1960 को हुई थी...सीमा सड़क संगठन रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एक प्रमुख सड़क निर्माण एजेंसी है. यह संगठन सीमा क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है...यह पूर्वी और पश्चिमी सीमा क्षेत्रों में सड़क निर्माण और इसके रखरखाव का कार्य करता है ताकि सेना की रणनीतिक ज़रूरतें पूरी हो सकें.....

8. केंद्र सरकार ने आर्थिक मामलों के तरुण बजाज को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय निदेशक मंडल में निदेशक नियुक्त किया..

बजाज 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए अतनु चक्रवर्ती का स्थान लेंगे. बयान के मुताबिक बजाज का नामांकन पांच मई से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा. बजाज 1988 अट्ठासी बैच के आईएएस अधिकारी हैं. आर्थिक मामलों के सचिव बनाए जाने से पहले वह प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त सचिव रह चुके हैं.

9. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक मनीषा सिंह को आर्थिक सहयोग और विकास संगठन में अपने दूत पद के लिए नामित किया..

मनीषा सिंह अभी विदेश मंत्रालय में आर्थिक और व्यावसायिक मामले की सहायक सचिव है....सिंह आर्थिक सहयोग और विकास संगठन में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगी. ...उनकी रैंक राजदूत के बराबर होगी....पेरिस स्थित आर्थिक सहयोग और विकास संगठन आर्थिक प्रगति और विश्व व्यापार को बढ़ावा देने वाला एक अंतर सरकारी आर्थिक संगठन है....जहाँ 36 छत्तीस देश इसके सदस्य हैं....

10. न्यूयार्क संघीय अदालत में जज :सरिता कोमातिरेड्डी

अमेरिका में एक महिला भारतवंशी ने भारत का मान बढ़ाया है...भारतीय मूल की अभियोजक सरिता कोमातिरेड्डी को न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में न्‍यायाधीश के पद पर नियुक्‍त किया गया है...अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सोमवार को न्यूयॉर्क में एक संघीय अदालत में कोमातिरेड्डी को जिला जज के रूप में नामित किया...

11. अमेरिका ने covid 19 के मरीजों के इलाज में रेमडेसिविर के इस्तेमाल को दी मंजूरी

अमेरिका के दवा नियामक फूड एंड ड्रग एडिमिनस्ट्रेशन (एफडीए) ने कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए एंटी वायरल दवा रेमडेसिविर के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है..हाल ही में भारतवंशी शोधकर्ता अरुणा सुब्रण्यम समेत शोधकर्ताओं के एक दल ने बायोटेक फर्म गिलियड साइंसेज की इस दवा को कोरोना पॉजिटिव मरीजों पर कारगर पाया था..यह दवा मरीजों के स्वास्थ्य में तेज सुधार करने में सक्षम है..

12. 2 मई 2020 को केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने महान पुरातत्व वेत्ता प्रो. बी.बी. लाल के शताब्दी वर्ष के अवसर पर ई-बुक प्रो. बी.बी. लाल- इंडिया रीडिस्कवर्ड का किया विमोचन....

2 मई 2020 को केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने महान पुरातत्ववेत्ता प्रोफेसर बी.बी. लाल के शताब्दी वर्ष के अवसर पर ई-बुक प्रो. बी.बी. लाल- इंडिया रीडिस्कवर्ड का विमोचन नई दिल्ली में किया...प्रो. लाल का जन्म 2 मई 1921 को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित गांव बैडोरा में हुआ था...यह पुस्तक एक शताब्दी विशेष संस्करण है जिसे प्रोफेसर बी.बी. लाल शताब्दी समारोह समिति द्वारा तैयार किया गया है....वर्ष 1968 अडसठ से 1972 बहत्तर तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक रहे प्रोफेसर बी.बी. लाल को वर्ष 2000 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था...प्रोफेसर लाल को वर्ष 1944 चौवालिस में तक्षशिला में सर मोर्टिमर व्हीलर द्वारा प्रशिक्षित किया गया था...हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश), शिशुपाल गढ़ (उड़ीसा), पुराना किला (दिल्ली), कालीबंगन (राजस्थान) सहित कई महत्वपूर्ण स्थलों की खुदाई प्रोफेसर लाल के निर्देशन में हुई थी..वर्ष 1975 पचहतर से 76 छियत्र्र के बाद से प्रोफेसर लाल द्वारा रामायण के पुरातात्विक स्थलों के तहत अयोध्या, भारद्वाज आश्रम, श्रृंगवेरपुर, नंदीग्राम एवं चित्रकूट जैसे स्थलों की जांच भी की गई थी....

13. 2 मई 2020 में व्यापारियों के संगठन अखिल भारतीय व्यापारी संघ ने शीघ्र ही नेशनल ई कॉमर्स मार्केटप्लेस भारत मार्केट लांच करने की घोषणा की...

कई प्रौद्योगिकी साझीदार के साथ मिलकर तैयार किया गया यह प्लेटफार्म विशेष रूप से देशभर के खुदरा व्यापारियों के लिए बनाया गया है...मैन्युफैक्चर से सीधे कंजूमर तक बात पहुंचाने के लिए प्लेटफार्म में कई नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया है...इसमें होम डिलीवरी की भी सुविधा मिलेगी...इस पोर्टल से जुड़ने वाले व्यापारी इस मार्केटप्लेस के एक हिस्से के मालिक होंगे...इस पोर्टल पर बिकने वाले सामान पर कोई भी शुल्क नहीं लगेगा तथा व्यापारियों की ई- दुकानें बिना किसी शुल्क के बनाई जाएंगी....

14. आईसीसी द्वारा जारी ताजा टेस्ट रैंकिंग में भारत को तीसरे स्थान पर रखा गया है

भारत ने आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान खो दिया है और अब तीसरे स्थान पर आ गया है. ऑस्ट्रेलिया ने आईसीसी द्वारा जारी ताजा टेस्ट और टी-20 रैंकिंग में पहला स्थान हासिल कर लिया है. आईसीसी ने 01 मई 2020 को वार्षिक रैंकिंग जारी की जिसमें 2016-17 के सत्र की रैंकिंग को हटा दिया गया है. भारत ने साल 2016 के बाद से पहली बार यह स्थान गंवाया है. आईसीसी पुरुष वनडे टीम रैंकिंग में मौजूदा विश्व विजेता इंग्लैंड 127 अंकों के साथ पहले स्थान पर है.

तो इस सप्ताह के इण्डिया दिस वीक कर्यक्रम में इतना ही। परीक्षा के लिहाज़ से ज़रूरी और भी तमाम महत्वपूर्ण ख़बरों के लिए सब्सक्राइब कीजिए हमारे यूट्यूब चैनल ध्येय IAS को। नमस्कार।