Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 27 June 2020


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असम में हर साल बाढ़ क्यों ?

  • असम में शुक्रवार को बाढ़ का पानी राज्य के 16 जिलों में प्रवेश कर गया जिससे 2.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 16 लोगों की मृत्यु हो चुकी है!
  • इस राज्य में धेमाजी सर्वाधिक प्रभावित जिला है! इसके बाद तिनसुकिया, माजुली और डिब्रूगढ़ भी बुरी तरह प्रभावित हुए है!
  • असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) ने कहा है कि 6 जिलों में 142 राहत शिविर बनाए गए हैं जहां लोगों को रखा जा रहा है!
  • समीक्षकों का मानना है कि आने वाले समय में बाढ़ की विभीषिका औरभी बढ़ सकती है और कई लाख लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं!
  • पिछले वर्ष (2019) में जुलाई माह में इसी प्रकार की बाढ़ आई थी जिसकी वजह से आधे से अधिक जिले जलमग्न हो गए थे! और लगभग 45 लाख लोग इससे प्रभावित हुए थे!
  • इस प्रकार की बाढ़ से ना सिर्फ जन धन की हानि होती है बल्कि यहां के राष्ट्रीय उद्यान भी प्रभावित होते हैं जैसे कि-काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पिछले साल बहुत प्रभावित हुआ था!
  • इससे मानव-पशु संघर्ष बढ़ सकता था इसलिए यहां समीप के क्षेत्रों में धारा 144 लगा दी गई थी!

असम में हर साल बाढ़ क्यों आती है?

  • असम में बाढ़ की समस्या का सबसे मूल कारण इस की भौगोलिक स्थिति में छुपा है!
  • इस राज्य के उत्तर में दो हिमालयी पर्वतीय क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश और भूटान है! हिमालयी क्षेत्र होने के कारण यह नदियों की उत्पत्ति का मुख्य स्त्रोत है!
  • इसके पूर्व में नागालैंड उच्च भूमि है और पश्चिम में मैदानी भाग वाले पश्चिम बंगाल एवं बांग्लादेश हैं!
  • असम के दक्षिण में मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम एवं मणिपुर की उच्च भूमि वाला क्षेत्र है!
  • असम एक प्रायः समतल मैदानी भाग है, और नदियों के प्रवाह मार्ग का हिस्सा है! इन कारणों से नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने से असम जल मग्न हो जाता है!
  • असम बाढ़ के लिए सर्वाधिक जिम्मेदार नदी ब्रह्मपुत्र नदी है, जिसकी कुल छोटी बड़ी 35 सहायक नदियां हैं!

जिम्मेदार प्रमुख नदियां-

  • तिब्बती हिमालय क्षेत्र से आंगसी ग्लेशियर से सांगपो नदी निकलती है! पूर्व की ओर प्रभावित होते हुए अरुणाचल प्रदेश के जरिए यह नदी भारत में घुसती है, जहां इसे सियांग के नाम से जाना जाता है!
  • अरुणाचल प्रदेश से एक महत्वपूर्ण नदी दिबांग का उद्गम होता है! अरुणाचल प्रदेश में ही यह नदी सियांग से मिल जाती है! सियांग और दिबांग के मिलने से एक संयुक्त धारा का विकास होता है! संयुक्त धारा वाली इस नदी को ब्रह्मपुत्र के नाम से जाना जाता है!
  • तिब्बती क्षेत्र से लोह्ति नदी निकल कर अरुणाचल प्रदेश में प्रवाहित होती है! अरुणाचल प्रदेश में करीब 200 किमी की दूरी तय करने के बाद सियांग में मिल जाती है!
  • तिब्बती क्षेत्र से सुबंसिरी नदी का उद्गम होता है! यह नदी भी अरुणाचल प्रदेश होते हुए असम में आती है और असम के लखीमपुर जिले में ब्रह्मपुत्र से मिल जाती है! यह तिब्बत से लेकर ब्रह्मपुत्र में मिलने तक 442 किमी की दूरी तय करती है और इस तरह यहब्रह्मपुत्रकी सबसे बड़ी सहायक नदी है!
  • पांचवी प्रमुख नदी कामेंग नदी है जो अरुणाचल प्रदेश से निकलकर पूर्व की ओर प्रवाहित होती हुई असम के तेजपुर में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है!
  • अरुणाचल प्रदेश से एक अन्य नदी का उद्गम होता है जिसका नाम डीक्रांग है! यह बरसाती नदी है जो असम के माजुली के पास सुबंसिरी से मिल जाती है!
  • डिहिंग या बूढ़ी डिहिंग अरुणाचल प्रदेश से निकलकर असम के तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ होते हुए असम में डिहिंगमुख के पास ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है! ब्रह्मपुत्र मे मिलने से पहले यह 380 किमी की दूरी तय करती है!
  • मानस नदी अरुणाचल से निकलकर भूटान होते हुए असम के बोंगाईगांव जिले में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है!
  • नागालैंड से धनसिरी नदी का उद्गम होता है जो असम में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है!
  • बाराक नदी मणिपुर से निकलकर नागालैंड होते हुए असम में जाती है!
  • इन नदियों में जल ज्यादा होने के साथ-साथ अवसाद की मात्रा भी बरसात के मौसम में ज्यादा होता है फल स्वरुप यह अवसाद बाढ़ का कारण बन जाता है!
  • जनसंख्या वृद्धि, पेड़ों का कटाव, नदी क्षेत्र का अतिक्रमण आदि मानवीय कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हैं!
  • नदियों का प्रवाह भूकंप प्रभावित क्षेत्रों से होने के कारण नदियों के मार्ग में परिवर्तन हो जाता है!
  • असम घाटी एक U आकार की घाटी है जिसकी औसतन चौड़ाई 80 से 90 किमी है वही इस घाटी में प्रवाहित होने वाली नदियों की चौड़ाई 8- 10 किमी है!

मोपला विद्रोह

  • केरल का मालाबार एक मुस्लिम बहुसंख्यक इलाका था! यहां के मुसलमान मोपला के नाम से जाने जाते थे!
  • मोपला ज्यादातर कृषक या मजदूर वर्ग से थे जो अशिक्षित एवं धार्मिक रूप से कट्टर भी थे!
  • यह विदेशी शासन, हिंदू जमीदारों एवं साहूकारों से पीड़ित थे इस कारण 1857 से पहले मोपलाओं ने लगभग 22 बार आंदोलन किया था!
  • बाद में 1882-85, 1896 और 1921 में भी मोपला विद्रोह हुआ!
  • एक अनुमान के अनुसार 1862 से 1880 तक मध्य मालाबार में लगान वृद्धि और जमीन से बेदखल करने संबंधी मुकदमों में क्रमशः 244% और 441% वृद्धि हुई!
  • 1908 में तुर्की में खलीफा का पद समाप्त कर दिया गया! वही प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटेन ने तुर्की पर हमला कर दिया! इसके अलावा भारत मे भी जलियावालाबाग हत्याकांड और रौलट एक्ट जैसी घटनाओं से पूरे देश में गुस्सा फैल गया था!
  • इसी समय मुस्लिम नेग अबुल कलाम आजाद, जफर अली खान और मोहम्मद अली ने अखिल भारतीय खिलाफत कमेटी के साथ मिलकर खिलाफत आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया!
  • मालाबार के एरनद और वल्लुवानद तालुका में इस खिलाफत आंदोलन को कुचलने के लिए अंग्रेजों ने हर हथकंडा अपनाया! इसके खिलाफ मोपलाओं ने 1920 में विद्रोह कर दिया!
  • प्रारंभ मे यह विद्रोह अंग्रेजों के ही खिलाफ था जिसके कारण महात्मा गांधी, शौकत अली, मौलाना अबुल कलाम जैसे नेताओं का सहयोग मिला था !
  • मालाबार में मोपलाओं को खिलाफत आंदोलन में वरियमकुंनाथकु कुंजाहम्मद हाजी (VariyamkunnathKunjahammedHaji)का नेतृत्व प्राप्त हुआ!
  • इनके पिता को अंग्रेजो के खिलाफ एक विद्रोह में भाग लेने के लिए अंडमान द्वीप में निर्वासित कर जेल भेज दिया गयाथा।
  • कई घटनाओं के कारण वह अंग्रेजी नीतियों के मुखर विरोधी हो गए थे!
  • मालाबार क्षेत्र में खिलाफत नेताओं तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उनको भारत में खिलाफत आंदोलन के प्रणेता के रूप में पेश किया था फलस्वरूप उन्होंने कालीकट तथा दक्षिणी मालाबार में प्रभावी नेतृत्व किया!
  • इन्होंने आंदोलन की धर्मनिरपेक्षता को सुनिश्चित किया तथा आंदोलन में हिंदू मुस्लिम एकता पर बल दिया!
  • इसके अलावा यहां खिलाफत के अन्य नेताओं के पास भी प्रमुख नेतृत्व था इसमें प्रमुख नाम याकूब हसन, यू गोपाल मेनन, पी मोइद्दीन कोया और के माधवननायर को गिरफ्तार कर लिया गया ! फलस्वरूप नेतृत्व स्थानीय मोपलाओं के हाथों में चला गया!
  • इसके बाद स्थानीय नेताओं ने अपना गुस्सा भू स्वामियों पर निकालना प्रारंभ कर दिया फलस्वरूप यह हिंदू बनाम मुस्लिम हो गया!
  • अगस्त 1921 में हाजी मोपला क्षेत्र को स्वतंत्र राज्य घोषित कर वहां का निर्विवाद शासक बना जिसे जनवरी 1922 में गिरफ्तार कर मौत की सजा सुनाई गई! और धीरे-धीरे आंदोलन को कुचल दिया गया!