Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 27 January 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 27 January 2020



WORLD ECONOMIC FORUM 2020

  • यह जिनेवा, स्वीट्जरलैण्ड स्थित एक NGO है जिसकी स्थापना 1971 में हुई थी।
  • इसका मुख्य काम एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहाँ विश्व के उभरते वर्तमान मुद्दों और समसामयिक घटनाक्रमों पर चर्चा की जा सके और उपाय निकाला जा सके।
  • यहाँ बिजनस, राजनीति, अकादमिक, औद्योगिक, सामाजिक नेता अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।
  • इसका उद्देश्य एक ऐसे संस्था के रूप में अंतर्राष्ट्रीय संगठन के रूप में खुद को स्थापित करना है जो Public- Private Cooperation को बढ़ा सके।
  • इसकी प्रत्येक वर्ष एक बैठक जनवरी माह में क्ंअवे में आयोजित होती है जो पूर्वी अल्पास पर्वत पर है।
  • वार्षिक बैठक में 2500 से 3000 लीडर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।
  • 4-5 दिन तक चलने वाले इस फोरम की बैठक दुनिया की सबसे प्रतिश्ठित बैठकों में गिनी जाती है।
  • यह संस्था इस बैठक के अलावा अनेक महत्वपूर्ण रिपोर्ट भी प्रकाशित करती है। जो निम्न लिखित हैं।
  1. Global Gender Gap Report
  2. Global Competitiveness Report
  3. Global Information Technology Report
  4. Global Risk Report
  5. Global Travel and Tourism Report
  6. Global Enabling Trade Report
  7. Financial Development Report
  • हर बार की तरह इस बार भी दावोस में 20 से 24 जनवरी तक यह बैठक हुई जो 50वीं बैठक थी।
  • यहाँ 117 देशों के लगभग 2800 लोग शामिल हुए।
  • बिजनसमैन, सोशल लीडर के साथ.साथ यहाँ 53 देशों के राष्ट्राध्यक्ष ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
  • इस बार की बैठक की थीम Stakeholders For a Cohesive and Sustainable World रखा गया था।
  • बैठक से पहले लोगों का विचार मांगा गया था कि वह प्रमुख मुद्दा क्या मानते हैं, जिसमें 60% लोगों ने जलवायु परिवर्तन, 20% भूसामरिक तनाव, 15% सरकार की पारदर्शिता और 5% लोगों ने लैंगिक असमानता प्रमुख मुद्दा माना।
  • इस बार की बैठक में भारत सरकार की तरफ से केन्द्रीय मंत्री Piyush Goyal ने नेतृत्व किया। इस समय यह रेलवे और कॉमर्स जैसे दो प्रमुख मंत्रालय संभाल रहे हैं।
  • पीयूष गोयल के अलावा केन्द्रीय मंत्री Mansukh L. Mandaviya कर्नाटक और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, पंजाब के वित्त मंत्री और तेलंगाना के सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री इसमें शामिल हुए।
  • पीयूष गोयल ने भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में यह कहा की भारत अभी भी निवेश के लिए सबसे अनुकूल देश है।
  • यहाँ की अर्थव्यवस्था रिकवरी कर रही है और जल्द ही इसकी वृद्धि और तीव्र होगी।
  • भारत अपने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए जल्द ही ब्रिटेन ओर यूरोपीय यूनियन के साथ FTA कर सकता है।
  • यूरोपीय यूनियन के भारत का द्विपद्वक्षीय व्यापार लगभग 115 बिलियन डाॅलर का है। जिसे और बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
  • भारत लम्बे समय यूरोपीय यूनियन के साथ Broad-Based Trade and Investment Agreement (BTIA) करने का प्रयास कर रहा है जिसे आने वाले समये में जल्द ही फाइनल किया जा सकता है।
  • RCEP में भारत के शामिल न होने के संदर्भ में भारत ने कहा कि यह Unbalanced Trade Agreement है, जिस पर भारत लंबे समय से अपना पक्ष रखते आ रहा है। जिसका कोई सकारात्मक समाधान न निकलने के कारण भारत इसमें शामिल नहीं हुआ।
  • डोनाल्ड ट्रंप ने इसमें जो बाते कहीं उससे USA और यूरोप के बीच एक नये प्रकार की व्यापारिक प्रतिस्पर्धा (कुछ समीक्षक ट्रेड वॉर के रूप में इसे देख रहे हैं।) उत्पन्न हो सकती है।
  • “ I wanted to do China First. I wanted to do Mexico and Canada First. But now that we are all done..... We are going to do Europe.” – Trump George Soros जो दुनिया के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शामिल हैं, कई दर्जन मीडिया के प्रमुख है, बड़े व्यक्तित्व हैं।
  • इन्होंने कहा कि दुनिया में जिस तरह राष्ट्रबाद बढ़ रहा है वह खतरनाक है।
  • यह भी कहा कि जो नेता इसका फायदा उठाकर सत्ता में आये हैं वह खतरनाक हैं और उनके खिलाफ खड़े होने की आवश्यकता है।
  • अधिकांश समीक्षक इसे डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी पर निशाना मान रहे हैं।
  • सोरोस ने जम्मू- कश्मीर, मुस्लिम समुदाय की नागरिकता CAA और भय को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोंदी पर निशाना साधा।
  • यहाँ पाकिस्तानी PM इमारान खान ने संयुक्त राष्ट्र और अमेंरिका समेत अंतर्राष्ट्रीय शक्तियों से भारत के साथ तनाव कम करने में मदद का अनुरोध किया था। परमाणु हथियार देशों में तनाव सही नहीं हैं।
  • विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि एक हताश प्रधानमंत्री बताया।
  • WTO के संदर्भ में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस संस्था ने कभी भी सही व्यवहार नही किया । चीन और भारत को विकासशील देश माना जाता है। और अमेंरिका को नहीं।
  • इसी के साथ यह भी कहा कि भारत और चीन ने विकासशील देश के रूप में बहुत फायदा उठाया है।
  • ईशा फाउण्डेशन के अध्यक्ष और अध्यात्मिक गुरू Sadhguru Jaggi Vasudev ने कहा कि वहाँ कोई नहीं करेगा जहाँ सड़कों पर बसें जल रही हों।
  • यहाँ वल्र्ड इकॉनमिक फोरम की तरफ से दीपिका पादुकोड़ को 26 वाँ क्रिस्टल अवार्ड दिया गया।
  • यह अवार्ड उन्हें सम्मान मेंटल हेल्थ सेक्टर में सराहनीय कार्य के लिए दिया गया।
  • दीपिका ने 2015 में Live Love Laugh संगठन की स्थापना की जो तनाव और डिप्रेशन से बाहर निकालने में लोगों की मदद करता है।
  • वर्तमान समय में लगभग 19.7% लोग अवसाद से ग्रसित हैं।
  • जैसा कि इस सम्मेलन का थीम Stakeholders For a Cohesive and Sustainable World था, इसलिए सर्वाधिक चर्चा गलोबल वार्मिंग और क्लाइमेंट चेंज का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चित रहा।
  • यूरोपीय देश इस मुद्दे को लेकर सर्वाधिक संवेदनशील नजर आये तो अमेंरिका पहले से ही पेरिस क्लाइमेंट चेंज से बाहर आ चुका है।
  • ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि दुनिया में भीषण तबाही के बावजूद नेताओं ने कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में कुछ नहीं कि है। नेताओं ने बेहतर करने के नाम पर नाउम्मीद किया है।

भारत में पुलिस सुधार की जरूरत

  • हाल ही में CAA के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गये, और कई विशषज्ञों ने इसमें सुधार की मांग की गयी, यह पहली बार नहीं है, कि समीक्षकों ने पुलिस सुधार की मांग की है बल्कि इससे पहले न्यायपलिका समेत कई संस्थाओं एवं व्यक्तिगत स्तर पर इसकी अनिवार्यता को इंगित किया गया है, इस लेख में हम पुलिस की स्थापना के बाद से एवं विशेषकर आजादी के बाद इस संदर्भ में किये गये कार्यों एवं सम्बंधित सुझावों की चर्चा करेंगे।
  • दरअसल भारत में पुलिस व्यवस्था को भारतीय पुलिस अधिनियम 1961 के माध्यम से प्रशासित एवं विनियमित किया जाता है, ध्यातव्य है, कि 1861 में ब्रिटिश सरकार यह चाहती थी कि 1857 की क्रांति जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसलिए शक्तियों का पुलिस व्यवस्था में अधिक से अधिक केन्द्रीयकरण पर बल दिया गया।
  • समय के साथ पुलिस की भूमिका में भी परिवर्तन देखने को मिला और वर्तमान में पुलिस के मुख्य रूप से निम्न कार्य किये जाते हैं . . .
  • कानून व्यवस्था सुदृढ़ रखना
  • दंगा आदि को नियंत्रित करना
  • अपराध का अन्वेक्षण करना।
  • राज्य सम्पत्ति की सुरक्षा करना।
  • VIP को सुरक्षा देना।
  • ट्राफिक कंट्रोल
  • वर्तमान में पुलिस व्यवस्था में निम्न समस्यायें विद्यमान हैं।
  • शक्तियों का एकेंद्रण
  • पुलिस तथा जनता के बीच में सम्बन्धों में कटुता।
  • पुलिस पर अधिक काम का दबाव
  • अन्वेषण में आधुनिक तकनीक का उपभाव
  • इंटलीजेन्स का पुराना तरीका
  • पुलिस प्रशिक्षण की कमी
  • स्टाफ की कमी (UN के अनुसार एक लाख जनसंख्या पर 122 पुलिसकर्मी होने चाहिए पर भारत में यह आंकड़ा 220 के पार है।)
  • भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के चलते मेधावी लोग पुलिस में कम आ पाते हैं।
  • अलग- अलग स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार जैसे पुलिस के द्वारा रेड़ी लगाने वालों से हफ्ता लेना आदि।
  • राजनैतिक हस्तक्षेप
  • सरकारी वकीलों की गुणवत्ता खराब होने के कारण पुलिस के अन्वेषण के बावजूद अपराधी छूट जाता है, जिससे पुलिस हतोत्साहित होती है।

अब तक पुलिस सुधार के सम्बन्ध में अन्य प्रयास

  • अब तक पुलिस सुधार को लेकर प्रतिवेदन या सुझाव निम्न समिति द्वारा दी गयी है। -
  • राष्ट्रीय पुलिस आयोग की रिपोर्ट
  • पुलिस प्रशिक्षण पर गोरे समिति की रिपोर्ट (1971-73)
  • पुलिस सुधार पर रिबैरियो समिति की रिपोर्ट (1998)
  • पुलिस सुधार पर पद्मनाभैय्या समिति की रिपोर्ट (2000)
  • ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ऑन पुलिस सिक्यूरिटी की रिपोर्ट (2000-2001)
  • क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में सुधार हेतु मलिमथ समिति की रिपोर्ट (2001-2003)
  • उपरोक्त सभी समितियों ने निम्न सिफारिश की है-
  • पुलिस प्रशासन में राजनैतिक हस्तक्षेप बन्द किया जाये।
  • कानून व्यवस्था तथा अन्वेषण की प्रक्रिया स्वायत्त रूप से अलग.अलग किया जाये।
  • पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने को बाध्य हो जैसा की अभी पुलिस पर यह आरोप लगाया जाता है, कि पुलिस FIR दर्ज करने से बचती है।
  • पुलिस कस्टडी में मृत्यु बलात्कार आदि की न्यायिक जाँच हो।
  • पुलिस विटनेस के गवाही की रिकाॅर्डिंग करें जिसकी एक कॉपी विटनेस को भी दी जाये जिससे विटनेस को टोर्चर न किया जाये।
  • कमजोर वर्गों ( SC, ST, Minarity, OBC) की सुनवाई के लिए स्पेशल सेल का निर्माण हो।
  • भर्ती में महिला की संख्या अधिक हो । (अभी 1.79% है।)
  • उपरोक्त सभी सुझावों के अलावा 2006 में उच्चतम न्यायालय ने प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ वाद में निम्नलिखित सात दिशा निर्देश जारी किया था-
  • राज्य सुरक्षा आयोग का गठन हो।
  • DGP का न्यूनतम कार्यकाल 2 वर्ष सुनिश्चित हो ।
  • SP तथा SHO का भी कार्यकाल न्यूनतम 2 वर्ष हों
  • कानून व्यवस्था एवं अन्वेषण अलग-अलग किया जाये।
  • पुलिस स्टाबलिसमेंट बोर्ड का गठन हो।
  • पुलिस शिकायत प्रधिकरण की स्थापना राज्य एवं जिला के स्तर पर किया जाये, इसमें पुलिस की शिकायतें जनता दर्ज करा सके।
  • केन्द्रयी स्तर पर राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग की स्थापना की जाये।
  • उक्त दिशानिर्देशों के पालन सम्बन्धी मूल्यांकन करने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा के. टी. थामस की अध्यक्षता में गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है। इतना ही नहीं सरकारें तो यह भी करती हैं, कि दिशानिर्देश के अनुसार DGP का कार्यकाल 2 वर्ष सुनिश्चित न करना पड़े इसके लिए सरकारें कार्यकारी DGP की नियुक्ति करती हैं, और न्यायालय के उस फैसले को भी त्रुटिपूर्ण तरीके से पूरा करती हैं। जिसमें कहा गया था कि DGP की नियुक्ति के लिए UPSC से परामर्श लिया जाये।
  • उपरोक्त विश्लेषण के आधार पर यह कहा जा सकता है कि राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी और व्यक्तिगत राजनीतिक हित के कारण सरकारें पुलिस सुधार से बचती रहीं , किन्तु अब पुलिस सुधार की अति आवश्यकता है, क्योंकि एक स्वस्थ समाज की नींव शांतिपूर्ण एवं सौहार्द के वातावरण पर ही टिकी होती है।