Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 27 December 2019


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रात में महिलाओं को काम करने का अधिकार

  • किसी भी अर्थव्यवस्था में महिलाएं एवं पुरूष दोनों अपना योगदान देते हैं तो वह अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ती है।
  • वर्तमान समय के अधिकांश विकसित देश अपने विकास के क्रम में महिलाओं को सहभागी बनाकर ही विकसित बन पाये हैं।
  • भारत की आर्थिक गिरावट को महिला कार्य सहभागिता दर में आ रही कमी से जोड़कर कई रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
  • भारत उन 10 देशों में शामिल है जहाँ महिला कार्य सहभागिता दर सबसे कम है।
  • जनवरी 2019 में आई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत 9वें स्थान पर है। इससे खराब स्थिति सिर्फ यमन, सीरिया, इराक, जार्डन, अल्जीरिया, ईरान, सोमालिया, मोरक्को एवं मिस्र की है।
  • हाल ही में कर्नाटक सरकार ने घोषणा किया है कि परूषों के साथ.साथ महिलाएं भी रात्री शिफ्ट (7PM-6AM) में कार्य कर सकेंगी।
  • इस प्रकार की गाइडलाइन आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में पहले से जारी है।
  • यह गाइडलाइन उन सभी कम्पनियों/फैक्टरियों पर लागू होगा जो फैक्टरी अधिनियम 1948 से रजिस्टर्ड है।
  • महिला कार्य सहभागिता दर बढ़ाने एवं महिलाओं को पुरूषों के समान कार्य का अधिकार प्रदान करने के लिए 1990 में Night Work Convention अंतर्राष्ट्रय लेबर संगठन के तहत किया गया था। कर्नाटक के इस कदम से भारत की इस कंवेशन के प्रतिबद्धता ज्यादा दिखाई देगी।
  • भारत विनिर्माण क्षेत्र, खासकर गारमेंट्स सेक्टर को इसका सबसे अधिक फायदा मिलेगा।
  • कर्नाटक की इस गाइडलाइन में उन सभी प्रावधानों का पालन किया गया है जो महिला कार्य सहभागिता को बढ़ा सकती हैं। जैसे- कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के इंतजाम, घर या पास के सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की व्यवस्था, शिकायतों का निपटान, बच्चों के देखभाल की व्यवस्था आदि।

Rohtang Pass Tunnel का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर

  • 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म तिथि होती है।
  • इसी अवसर पर सरकार ने घोषणा किया कि टनल का काम पूरा होने के बाद इसका नामकरण अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर होगा।
  • यह विश्व में सर्वाधिक ऊँचाई (3000 मीटर ) पर स्थित सबसे लंबी टनल है।
  • यह टनल लेह और मनाली को जोड़ती है और 46 किमी. दूरी कम करता है।
  • इसका निर्माण पीर-पंजाल को काटकर किया जा रहा है।
  • इसकी चैड़ाई 10.5 मीटर है जिसमें अग्नि सुरक्षा के सभी प्रावधान किये गये हैं।
  • बार्डर रोड आर्गनाइजेशन द्वारा इसका निर्माण किया जा रहा है।
  • यह टनल सभी प्रकार के मौसम में कार्य कर सकेगी।

BRO- MOTO- Shramena Sarvan Sadhyam – Everything is a achievable Through Hard work.

  • स्थापना- 7 मई 1960
  • उद्देश्य- सिविल इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट . भूटान, नेपाल,
  • म्यांमार, अफगानिस्तान
  • मंत्रालय - मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस

Detention Centre

  • Detain – Keep Someone in official Custody, Typically for questioning about a Crime or in a Politically sensitive Situation.
  • Detention- The action of detuning someone or the state of being detained in official custody.
  • असम में 6 साल तक NRC की प्रक्रिया हुई, जो 31 अगस्त 2019 को पूर्ण हुई।
  • यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी के तहत की गई।
  • इस प्रक्रिया में असम के लोगों को प्रूव करना था कि वह भारतीय हैं। 3.11 करोड़ लोग अपना नाम दर्ज कराने में सफल हुए जबकि 19 लाख लोग इससे बाहर रह गये।
  • यह भारतीय नागरिक नहीं माने जा रहे हैं और सरकार इन्हें अवैध प्रवासी के रूप में देख रही है।
  • इनके पास अभी फोरेनर ट्रिब्युनल में जाने का विकल्प है।
  • जो व्यक्ति फ़ोरेनर ट्रिब्युनल में अपनी नागरिकता सिद्ध नहीं कर पाया है उसके पास दो विकल्प होंगे।
  1. कोर्ट की शरण में जा सकता है।
  2. डिटेंशन सेंटर भेजा जा सकता है।
  3. मूल देश भेजा जायेगा।

Foreigners Tribunals

  • यह अर्द्धन्यायिक अंग है। इसकी स्थापना फोरेनर एक्ट, 1946, फोरेनरर्स (ट्रिब्यूनल) आर्डर, 1964 के तहत की गई है।
  • नागरिकता नियम, 2003 में यह उल्लेख है कि जिस व्यक्ति का नाम NRC में नहीं है उसके साथ विदेशी नागरिकता की तरह व्यवहार किया जायेगा। इन्हें फारेनर्स ट्रिब्युनल में अपील करने का अधिकार होगा।
  • असम में लगभग 100 फोरेनरर्स ट्रिब्युनल सक्रिय हैं जबकि 400 और ट्रिब्युनल बनाये जा रहे हैं।

किसे रखा जायेगा ?

  • ऐसे अवैध अप्रवासी जो फर्जी दस्तावेज दिखाकर आये हों ।
  • जो फोरेनरर्स ट्रिब्युनल के द्वारा विदेशी घोषित कर दिये गये हों।
  • असम के 6 जिलों डिब्रुगढ़, सिल्चर, तेजपुर, जोरहत, कोकराझार और गोलपारा में जो जेल थे, उसके एक हिस्से में ही डिटेंशन सेंटर चल रहे थे।
  • हालांकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि इन्हे सामान्य कैदियों से अलग रखा जाये। लेकिन कोई स्पेशल व्यवस्था न होने के कारण इन्हें इसमें रखा गया था।
  • नवंबर 2019 में असम सरकार द्वारा दी गई सूचना से पता चलता है कि लगभग 1000 लोग डिटेंशन सेंटर में बंद है।
  • NRC की प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए स्पेशल डिटेंशन सेंटर की आवश्यकता है।
  • GOALPARA डिटेंशन सेंटर भारत का पहला स्पेशलाइज्ड डिटेंशन सेंटर होगा जो कुछ दिन बाद ही कार्य करने लगेगा।
  • यहाँ एक साथ 3000 लोगों को एक साथ रखा जा सकेगा, इसका आकार 7 फुटबाल फिल्ड जितना है।
  • इसे 6 फिट एवं 20 फिट ऊँची दो दिवारों से कवर किया जायेगा।
  • इसके लिए गृह मंत्रालय द्वारा 46 करोड़ रूपये आबंटित किये गये थे।
  • इसके बाहर स्कूल, हॉस्पिटल, घूमने की व्यवस्था होगी।
  • महिलाओं एवं बच्चों के लिए स्पेशल व्यवस्था की जायेगी।
  • इसके अलावा 10 और स्पेशल डिटेंशन सेंटर बनाये जा रहे हैं। यह बारपेता, डिमा, ह्शाओ, कामरूप, करीमगंज, लखीमपुर, नगाव, नालबारी, सोनितपुर एवं शिवसागर में बनाये जायेंगे।
  • इस प्रकार के डिटेंशन सेंटर में किसी को तीन साल से ज्यादा समय तक नहीं रखा जा सकता, इस अवधि के बीच उसे या तो उसके देश भेजना होगा या कुछ शर्तों के बाद उसे Bail मिल जायेगी।
  • कर्नाटक में एक Foreigner Detention Center बेंगलुरू में तैयार हुआ है जो 1 जनवरी 2020 से काम करने लगेगा।
  • प्रारंभ में यह कहा गया था कि यह एक स्टूडेंट हॉस्टल की तरह कार्य करेगा लेकिन अब यह कहा जा रहा है कि यह फ़ोरेनर्स डिटेंशन सेंटर की तरह कार्य करेगा।
  • केन्द्र सरकार के पास The Foreigners Act, 1946 के सेक्शन 3(2)(C) के तहत एवं राज्य सरकारों के पास Article 258(1) के तहत यह अधिकार है कि वह विदेशी व्यक्ति को Depot कर सकते हैं।
  • डिपोट करने में समय लगाता है, इसी अवधि में इन्हें यहाँ रखा जायेगा।
  • हाइकोर्ट एवं केन्द्र सरकार ने राज्यों से कह रखा है कि वह डिटेंशन सेंटर बनायें।
  • दिल्ली के पास तीन ऐसे डिटेंशन सेंटर है। इनका संबंध NRC से नहीं है।