Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 23 June 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 23 June 2020



SENAKAKU द्वीप विवाद क्या है ?

  • जापान एशिया महाद्वीप के प्रमुख देशों में से एक है जहां चार बड़े तथा 6800 से अधिक छोटे द्वीप है !
  • चार बड़े द्वीप होवकाइडो, होंशु, शिकोकू तथा क्यूशु है ! यह 4 द्वीप ही जापान के 97% भाग पर विस्तृत हैं और बाकी द्वीप सिर्फ 3% भाग पर विस्तृत है !
  • इन द्वीपों में से 340 द्वीप ही 1 वर्ग किलोमीटर से बड़े हैं !
  • जापान का 70% हिस्सा पहाड़ी है तथा यहां 200 से अधिक ज्वालामुखी है !
  • जापान में हर साल 1500 से अधिक भूकंप आते हैं !
  • यहां कृषि योग्य भूमि का प्रतिशत 13.4% है तथा 4.6% भूमि का आवासीय उपयोग होता है !
  • जापान के पश्चिम में जापान सागर दक्षिण पश्चिम में East China Sea और दक्षिण में फिलीपींस सागर तथा पूर्व में उत्तरी प्रशांत महासागर का विस्तार है !
  • जापान का प्रशासन इसे 47 प्रांतों में विभाजित करके चलाया जाता है ! यहां प्रांत को प्रीफेक्चर (Prefectures) के नाम से जाना जाता है !
  • इसी प्रकार का एक प्रीफेक्चर ओकीनावा है ! इसी ओकीनावा का एक शहर (नगर परिषद) ईशिगाकी (Ishigaki) है !
  • 22 जून को इशिगाकी सिटी काउंसिल ने एक कानून पास किया !
  • इस कानून के माध्यम से सेनकाकुस (Senakakus) द्वीप की प्रशासनिक संरचना में परिवर्तन कर दिया है !
  • सेनकाकुस एक द्विपिय क्षेत्र है जो Tonoshira (तोनोशिरा) प्रशासनिक क्षेत्र के अंतर्गत है ! अब इस प्रशासनिक क्षेत्र का नाम सेनकाकुस तोनोशिरा प्रशासनिक क्षेत्र होगा !
  • इस तरह सेनकाकुस अब अपने आप में एक प्रशासनिक क्षेत्र होगा जो जापान में उसकी स्थिति को मजबूत करेगा !
  • यह द्वीप ताइवान के उत्तर पूर्व में East China Sea मे स्थित है !
  • यह द्वीप टोक्यो से लगभग 1931 किलोमीटर दूर स्थित है तथा निर्जन है !
  • सेनकाकुस दीप समूह 8 दीपों का एक समूह है जिसमें से 5 द्वीप के रूप में तथा 3 पठार के रूप में है ! यह पूरा क्षेत्र 7 वर्ग किलोमीटर का है !
  • पूर्वी चीन सागर में इसकी अवस्थिति इसे महत्वपूर्ण बना देती है इसलिए चीन और ताइवान भी इस पर अपना दावा पेश करते हैं !
  • चीन इसे अपना द्विपिय क्षेत्र बताता है और इसे दीआओयू नाम से पुकारता है !
  • 1972 से इस द्वीप पर जापान का अधिकार है लेकिन इस पर आधिकारिक हक और नियंत्रण को लेकर लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद है !
  • जापान का दावा 19 वी सदी के जुड़ा है ! जापान का कहना है कि उसने पहले इसे खोजा, इसका अध्ययन किया तथा एक दशक बाद 14 जनवरी 1895 को अपना झंडा लगा दिया !
  • चुंकी उस समय कोई और दावा किसी देश द्वारा नहीं किया गया था और इस द्वीप पर झंडा जापान द्वारा अंतरराष्ट्रीय नियमों के द्वारा लगाया गया अतः वह उसी का भाग है !
  • 1895 से 1945 तक यह द्वीप जापान के ही नियंत्रण पर रहा लेकिन नागासाकी तथा हिरोशिमा परमाणु हमले के बाद जापान ने समर्पण कर दिया !
  • इसके बाद जापान का प्रशासनिक कार्य अमेरिकी सेना द्वारा किया जाने लगा !
  • 1951 में सैनफ्रांसिस्को मे अमेरिका और मित्र देशों के मध्य हुई संधि के कई द्वीपों को मित्र देशों में विभाजित कर लिया गया !
  • ओकिनावा क्षेत्र के अंतर्गत वाले द्वीप पर 1972 तक अमेरिका का नियंत्रण रहा और उसके बाद जापान को वापस कर दिया गया ! तब से जापान का ही इस पर नियंत्रण है !
  • इसी समय (1972) चीन और जापान दोनों ने इस द्वीप पर अपनी संप्रभुता को लेकर UN मे दावा पेश किया !
  • वहीं चीन का कहना है कि प्राचीन समय से यह उसके ताइवान प्रांत के अधीन लंबे समय तक शासित रहा है !
  • 1895 में चाइना जापान प्रथम युद्ध में ताइवान जापान के पास चला गया जो 1951 में सैन फ्रांसिस्को की संधि के तहत वापस चीन को मिला !
  • चीन का कहना है कि जब ताइवान वापस मिला तो इसका मतलब है यह द्वीप भी वापस मिल गया !
  • 1949 में ताइवान पर च्यांग काई शेक ने अधिकार कर लिया और इसका नाम रिपब्लिक ऑफ चाइना रखा !
  • चीन का कहना है कि रिपब्लिक ऑफ चीन की सत्ता पर काबिज च्यांग काई शेक, अमेरिका समर्पित थे इस कारण अमेरिका द्वारा जब 1972 में इस द्वीप को जापान को सौंपा गया तो कोई विरोध नहीं किया गया और चीन ने इसी कारण 1972 में चीन ने UN मे अपना दावा पेश कर दिया !
  • वर्तमान तनाव एक दशक में ज्यादा जटिल हुआ है !
  • कुछ साल पहले (समय-समय पर कई बार) चीन ने अपनी नेवी के जहाज यहां तैनात किए तथा इस द्वीप के पास वाले हवाई क्षेत्र में किसी भी उड़ान के लिए चीन से अनुमति आवश्यक थी !
  • जापान ने इन आक्रमक नीतियों का विरोध किया और अपनी सेना भी भेज दिया ! इसी समय जापान के पक्ष में अमेरिकी नेवी ने अपने एयरक्राफ्ट भेज दिए !
  • 1960 में जापान और अमेरिका के बीच हुई संधि के अनुसार अमेरिका जापान की रक्षा करता है ! अर्थात यदि इस पर कोई विवाद उभरता है तो अमेरिका द्विपक्षीय समझौते के अंतर्गत अमेरिका जापान के साथ संघर्ष में शामिल होगा !
  • यह द्वीप महत्वपूर्ण क्यों है ?
  • A. सबसे महत्वपूर्ण इसकी अवस्थिति है ! इस पर जापान का नियंत्रण पूर्वी चीन सागर में जापान और अमेरिका की उपस्थिति को मजबूत करेगा तथा चीन पर नियंत्रण को बढ़ा देगा !
  • B. इस द्वीप का समीपवर्ती क्षेत्र में बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस तथा तेल मिलने की संभावना है !
  • यह क्षेत्र प्रशांत महासागर के व्यस्ततय सागर मार्ग का हिस्सा है ! जिस पर समय-समय पर चीन बाधा उत्पन्न करता आया है !
  • यह द्वीपीय एवं इसके तटीय क्षेत्र दुनिया के सबसे संपन्न फिशिंग ग्राउंड्स में से एक है ! वर्तमान बढ़ती सागरीय खाद्यान्न जरूरतों के अनुसार इस पर नियंत्रण महत्वपूर्ण हो जाता है !
  • चीन द्वारा द्वीपों को लेकर विवाद उत्पन्न करना कोई नया मुद्दा नहीं है !
  • अप्रैल 2020 में दक्षिणी चीन सागर में स्थित पार्सल दीप समूह (Paracel Island) को लेकर भी विवाद उत्पन्न हुआ था !
  • इस द्वीप पर ताइवान वियतनाम और चीन तीनों अपना दावा पेश करते हैं लेकिन अभी इस पर चीन का नियंत्रण है !
  • दक्षिणी चीन सागर का The Spratly Island भी चीन, मलेशिया, ताइवान, फिलीपींस, ब्रूनेई और वियतनाम के बीच विवाद का हिस्सा है !
  • इस पर चीन द्वारा कई प्रकार के निर्माण कार्य किए गए हैं तथा यहां हवाई पट्टी तक का निर्माण कर दिया है !
  • The Pratas Island एवं The Maccles field Bank को लेकर चीन एवं ताइवान के बीच विवाद है !
  • पूरा विश्व जब लॉकडाउन जैसी विपदा से घिरा हुआ है उसमें चीन की यह साम्राज्यवादी और प्रसार वादी नीतियां वैश्विक चिंता का कारण बनी हुई है !