Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 22 October 2019


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 22 October 2019



इंटरनेट तक पहुँच एक मूल अधिकार है (Access to Internal is Basic Right)

  • केरल हाइकोर्ट का निर्णय
  • Faheema Shirin vs State of Kerala
  • इंटरनेट तक पहुँच को कोर्ट ने मूलअधिकार माना शिक्षा के अधिकार का तथा अनुच्क्षेद 21 के अंतर्गत इसे प्राइवेसी का भी मूल अधिकार माना
  • फाहिमा शरीन को पुनरू प्रवेश का आदेश दिया गया क्योंकि उसे कॉलेज से निकाल दिया गया था।
  • निकालने का कारण रिस्ट्रिक्टेड समय के बाद भी मोबाइल का प्रयोग करना था।
  • कॉलेज का यह मानना था कि अनुच्क्षेद 19 (2) के तहत इंटरनेट के अधिकार को सीमित किया जा सकता है।
  • कोर्ट ने कहा कि अनुच्क्षेद 19 (2) के तहत मोबाइल के प्रयोग को प्रतिबंधित करना सम्मिलित नहीं किया जा सकता है।
  • 19 (1) (A) में वर्णित अधिकारों पर प्रतिबंध संविधान में लिखित आधारों पर ही लगाये जा सकते हैं।
  • UN की एक संस्था ह्यूमन राइट काउंसिल है, जिसने माना कि इंटरनेट तक पहुँच स्वतंत्रता का एक भाग है, जो कि एक मूल अधिकार है।
  • यह राइट टू एजुकेशन का भी भाग है क्योकि यह ज्ञानवर्धन का भी एक प्रमुख श्रोत है।
  • अनुच्क्षेद 19 (A) विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  • स्पष्ट है विचार एवं अभिव्यक्ति के लिए आज के समय में इंटरनेट एक महत्वपूर्ण स्रोत है। तो साथ ही अनुच्क्षेद 21 के अंतर्गत गरिमापूर्ण जीवन के लिए भी उपयोगी है। इसी कारण इसे अनुच्क्षेद 21 के साथ भी जोड़ा गया है।

फहिमा का मानना था कि-

  • प्रतिबंध के आधार - भारत की एकता एवं सुप्रभुता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों से संबंध, सार्वजनिक आदेश,नैतिकता की स्थापना, न्यायालय की अवभावना, किसी अपराध में संलिप्तता
  • भारत जैसे देश में जहाँ डिजिटल असमता बहुत ज्यादा है वहाँ इस प्रकार के निर्णय क्रांतिकारी साबित हो सकते है।
  • अभी बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है जो सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है जिसे सशक्त करना कठिन है।
  • यह वर्ग सरकार की डिजिटल सेवाओं का लाभ नहीं ले पा रहा है। - पिछड़ा हुआ है।
  • अनुच्छेद 21 प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता सुप्रीम कोर्ट ने यहाँ प्राण को सिर्फ आत्मा से न जोड़कर व्यक्ति की गरिमा के साथ जोड़ा है।
  • सूचना का अधिकार
  • 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को शिक्षा का अधिकार
  • निजता का अधिकार
  • विदेश यात्रा करने का अधिकार
  • विदेश मात्रा करने का अधिकार
  • प्रतिष्ठा का अधिकार
  • आपातकालीन चिकित्सा सुविधा का अधिकार

सियाचिन ग्लेशियर पर्यटकों के लिए खुला

  • दुनिया के सबसे ऊँचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में सैलानी जा सकेंगे।
  • एक पुल का निमार्ण श्याक नदी पर किया गया है।
  • पुल का नाम - कर्नल चेवांग रिनेचेन
  • कर्नल छिवांग रिनचिन को लद्दाख का शेर कहा जाता है। इन्हे दो बार महावीर चक्र प्रदान किया गया है
  • पुल की लम्बाई करीब 1400 फीट
  • दुर्बुक और दौलतबेग ओल्डी के बीच
  • निर्माण - सीमा संडक संगठन BRO के द्वारा किया गया है।

सियाचिन ग्लेशियर

  • अवस्थिति - पूर्व काराकोरम (लाइन ऑफ कंट्रोल के पास)
  • लम्बाई 76 किमी. भारत का सबसे लम्बा एवं विश्व का दूसरा सबसे बड़ा ग्लेशियर
  • विश्व का सबसे बड़ा ग्लेशियर ताजिकिस्तान का थ्म्क्ब्भ्म्छज्ञव् ग्लेशियर है जो 77 किमी. लम्बा है।

श्योक

  • 550 किमी. लम्बी
  • सिंधु की सहायक नदी
  • स्रोत RIMO ग्लेशियर - सियाचिन ग्लेशियर का आगे की ओर निकला

नुब्रा

  • सियाचिन ग्लेशियर से उद्गम
  • लम्बाई - 80KM.

Australian News Paper black out or Godark to Protest press censorh

  • सोमवार को आस्ट्रेलिया के न्यूजपेपर ने अपने पहले पेज को ब्लैक रखा
  • दरअसल यह सरकारी नीतियों के विरोध का एक माध्यम है।
  • सरकार ऐसे कानून बना रही है, जिससे प्रेस पर सेंशरसिप बढ़ जायेगी, हिल्सल ब्लोअर पर अपराधिक मुकदमें किये जा सकते हैं।
  • सरकारी गतिविधियों की जानकारी लोगों को नहीं हो पायेगी।
  • न्यूज पेपर - आस्ट्रेलिया में एक आंदोलन चला रहे हैं जिसका नाम "YOUR RIGHT TO KNOW" है।
  • कुछ समय पहले वहाँ के एक पत्रकार पर मुकदमा दर्ज किया गया, न्यूज चैनल पर छापे पड़े, भूत पूर्व आर्मी वकिल पर सामान्य सूचनाओं को बाहर करने पर मुकदमा दर्ज हुआ।
  • पिछले 20 वर्ष में वहाँ 60 से अधिक कानूनों को पास किया गया है, जिससे प्रेस की स्वतंत्रता बाधित होती है।

RTI संसोधन बिल 2019:

  • द्देश्य RTI अधिनियम को संस्थागत स्वरूप प्रदान करना, व्यवस्थित करना व परिणामोन्मुख बनाना
  •  मुख्य उपबंध Section 13 मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयूक्तों
  • Section 16 राज्य मुख्य सूचना आयुक्त व राज्य सूचना आयुक्तों के वेतन, भत्ते और सेवा के अन्य निर्बंधन व शर्ते केंद्र सरकार द्वारा तय किए जायेंगे।
  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त व अन्य निर्वाचन आयुक्तों के बराबर
  • कार्यकाल 5 वर्ष या 65 की आयु तक
  • अभी तक दृ मुख्य सूचना आयुक्त एवं अन्य आयुक्तों का वेतन
  • पहले से प्राप्त पेंशन भत्ते काट कर वेतन दिया जाता था अब केंद्र सरकार तय करेगी।
  • Tok पेंशन - वेतन - 90K तो प्राप्त वेतन - 50K मिलता था।
  • केंद्रिय सूचना आयोग की स्वतंत्रता को खतरा पैदा
  • कमीशन पर सरकार का हस्तक्षेप
  • स्वायत्ता पर पारदर्शिता प्रभावित