Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 20 June 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 20 June 2020



विशिष्ट आहार AXONE

  • भारत विविध संस्कृतियों वाला देश है ! इस विविधता में यहां की खाद्य (FOOD) विविधता भी शामिल है !
  • जिसकी पहचान एक जायकेदार और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों के भंडार के रूप में है !
  • कन्याकुमारी से लद्दाख तक अलग-अलग जलवायु और स्थानीय विविधता के कारण खाद्य शैली में भी विविधता देखने को मिलती है !
  • हर समूह अपनी खाद्य शैली को श्रेष्ठ मानता है और उसका संरक्षण भी करता है और करना भी चाहिए !
  • इस समय पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में प्रचलित खाद्य पदार्थ एक्सोन (Axone) चर्चा का कारण बना हुआ है !
  • Axone दो शब्दों से मिलकर बना है ! एक शब्द है AXO जिसका अर्थ सुगंध से लगाया जाता है ! वहीं दूसरा शब्द Ne या Nhe है जिसका अर्थ डीप या स्ट्रांग होता है ! इस तरह एक एक्सोन शब्द ऐसे खाद्य पदार्थ से लगाया जाता है जिसकी खुशबू/ सुगंध स्ट्रांग हो !
  • यह एक किण्वित (Fermented) भोज्य पदार्थ है, जिसे अकुनी के नाम से जाना जाता है ! यह उच्च प्रोटीन वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है !
  • इसका उपयोग मांसाहारी के साथ-साथ शाकाहारी खाद्य पदार्थों में भी एक स्वाद लाने के लिए किया जाता है !
  • यह मांस, मछली, चिकन इत्यादि का मसाला बनाने तथा अचार और चटनी निर्माण में भी इसका उपयोग होता है !
  • इसके लिए सोयाबीन को भिगोकर रखा जाता है और फिर उबालकर इससे नरम बनाया जाता है ! उबालने के बाद केले के पत्ते के बीच लपेट कर किण्वन की प्रक्रिया के लिए रखा जाता है !
  • किण्वन की प्रक्रिया के लिए गर्मी की आवश्यकता होती है इसके लिए इसे रसोई घरों की चिमनी के ऊपर तथा छतों पर कुछ दिन के लिए रख दिया जाता है !
  • किण्वित हो जाने के बाद इसे मैश करके केक बनाया जाता है तथा फिर से केले के पत्तों में लपेटकर फिर से किण्वन के लिए रख दिया जाता है !
  • कुछ दिन बाद यह तैयार हो जाता है तथा इसमें किण्वन के कारण एक विशिष्ट प्रकार की खुशबू उत्पन्न हो जाती है जिसका प्रयोग भोजन में अनेक तरह से किया जाता है !
  • पूर्वोत्तर भारत के आदिवासी क्षेत्रों में यह त्यौहार और विशिष्ट पकवान के रूप में अपनी अलग पहचान रखता है !
  • यह प्राचीन खाद्य शैली यहां की लोक कथाओं में भी अपना विशिष्ट योगदान रखती है !
  • यह पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ अन्य दक्षिण पूर्व एशियाई देशों एवं जापान, चीन, कोरिया, म्यांमार, वियतनाम, इंडोनेशिया, नेपाल एवं भूटान में भी काफी प्रचलित है !
  • जिन क्षेत्रों में चावल की संस्कृति पाई जाती है उन क्षेत्रों में इसका प्रयोग देखा जा सकता है !
  • हालांकि सभी घरों में इसका प्रयोग नहीं होता है जिसका कारण इसको बनाने की जटिल विधि के साथ-साथ इसकी विशिष्ट गंध है !
  • नागालैंड की सूमी (Sumi) जनजाति जिसे सेमा (Sema) भी कहा जाता है इसके प्रति एक विशेष रूचि रखती है !
  • आजकल यह खाद्य महानगरों में भी मिलने लगा है जिसके वजह से इसकी पहचान विकसित होती जा रही है !

ई-कॉमर्स नीति में परिवर्तन

  • ई-कॉमर्स या ई-व्यवसाय इंटरनेट के माध्यम से व्यापार का संचालन है !
  • इसके अंतर्गत न केवल खरीदना और बेचना बल्कि ग्राहकों के लिए सेवा प्रदाताओं तथा व्यापार के भागीदारों को एक मंच पर लाने का कार्य सब आता है !
  • यह प्रोडक्ट या सर्विस को खरीदने तथा बेचने, भुगतान करने, डाटा का ऑनलाइन आदान प्रदान करने की प्रक्रिया है !
  • यह चार प्रकार का होता है !
  • 1. Business to Business
  • 2. Business to Consumer
  • 3. Consumer to Consumer
  • 4. Consumer to Business
  • यह उपभोक्ताओं और विक्रेताओं तथा उसके भागीदारों के बीच दूरी को समाप्त करता है ! कंपनियों के प्रोडक्ट को हर क्षेत्र में पहुंचाने का अवसर प्रदान करता है ! यह 24*7 सेवा प्रदान करता है ! कुल मिलाकर इसके हजारों लाभ हैं !
  • पूरे विश्व में ई-कॉमर्स समय की हकीकत बन चुकी है ! वर्ष 2017 में वैश्विक स्तर पर 3.9 ट्रिलियन डॉलर का व्यापार हुआ जो 2019 तक लगभग 4.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है !
  • भारत विश्व की सबसे बड़े ई-कॉमर्स के हब के रूप में उभरा है इसकी वजह से विश्व की सभी बड़ी कंपनियां भारत में अपना व्यापार प्रारंभ कर चुकी है तथा आने वाले समय में इसमें और भी इजाफा होगा !
  • भारत के ई-कॉमर्स में चीन से आयातित वस्तुओं का अनुपात ज्यादा है !
  • आयात पर अपनी निर्भरता कम करने की भारत की प्रतिबद्धता का एक आयाम ई-कॉमर्स से भी जुड़ता है !
  • भारत जल्द ही ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर रख सकता है कि उनके मंच पर बेची जा रही वस्तुओं का उत्पादन वहां पर हुआ है इसकी स्पष्ट सूचना दी जाए अर्थात उत्पादन स्रोत की जानकारी हो !
  • यह एक प्रकार का चेक मार्क होगा जिसके माध्यम से उपभोक्ता यह निर्णय ले सकता है कि सामान खरीदना है या नहीं !
  • वर्तमान समय में उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती है कि सामान का उत्पादन किसके द्वारा कहां किया है !
  • राष्ट्रीय ई कॉमर्स नीति का मसौदा सरकार द्वारा 2019 मे जारी किया गया था! !
  • इस नीति को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (Department for Promotion Of Industry and Internal Trade) द्वारा तैयार किया गया है !
  • Covid-19 महामारी के चलते इस नीति को जारी करने में देर हो रही है !
  • आने वाले समय में उत्पादन चेक मार्क को इस राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति का हिस्सा बनाया जा सकता है !
  • इसमें उपभोक्ता स्थानीय उत्पादों को वरीयता दे सकते हैं और आत्मनिर्भर भारत मिशन को बढ़ावा दिया जा सकता है !
  • इसमें Vocal for Local के कांसेप्ट को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जा सकता है !
  • समीक्षकों का मानना है कि यदि हमें घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देना है तो इसमें सरकारी प्रयास ( टैक्स छूट) और घरेलू उत्पादनकर्ताओं दोनों को अपनी जिम्मेदारी को निभाना होगा और उत्पादन करना होगा !
  • दूसरे शब्दों में हमें उत्पादन की उन सभी विशेषताओं पर ध्यान देना होगा जिससे उत्पादन लागत में कमी आए

बॉयकट चीन की व्यावहारिकता

  • भारत एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है जिसमें मांग की व्यापक संभावना है !
  • इस मांग को पूरा करने के लिए दो विकल्प हमारे पास हैं ! पहला है स्वयं के द्वारा उत्पादन करना और दूसरा है आयात करना !
  • भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार चीन है ! लेकिन चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा है !
  • वर्ष 2018- 19 के आंकड़ों के अनुसार हमने चीन से 70.3 बिलियन डॉलर का आयात किया जबकि हमारा निर्यात केवल 16.7 बिलियन डॉलर का ही था ! इस तरह लगभग 53.6 बिलियन डॉलर का हमारा व्यापार घाटा है !
  • मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, प्लास्टिक के सामान, ऑटोमोबाइल प्रोडक्ट एवं उनके पुर्जे मेडिसिन के कच्चे माल एवं दवाई सोलर पैनल, खिलौने, प्रसाधन सामग्री आदि का भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है !
  • वर्ष 2018-19 में कुल इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद के लगभग 60% का निर्यात चीन द्वारा भारत को किया गया !
  • इस समय बॉय-कॉट चीन सोशल साइट्स पर खूब ट्रेड कर रहा है लेकिन इसके बावजूद One Plus 8 Pro की हाल ही में आई शेल कुछ ही मिनटों में पूरा हो गया !
  • Xiaomi, Vivo और Oppo जैसी चीन की कंपनियों का हमारे स्मार्टफोन के मार्केट के 72% पर कब्जा है !
  • इसका कारण इनका सस्ता होना है !
  • हमारे घरों में जो सामान है उनमें से कई सामानों का कोई ना कोई भाग चीन से जुड़ा होता है !
  • हाल ही में मारुति और बजाज ऑटो की तरफ से यह कहा गया कि इससे ( चीनी सामान पर आयात प्रतिबंध) उनके उत्पाद महंगे होंगे और उपभोक्ता पर खर्च बढ़ेगा !
  • API के मामले में चीन पर हमारी निर्भरता हमारी अभी बनी हुई है ! इसमें चीन का हिस्सा लगभग 70% सर !
  • खिलौने के 90% व्यापार पर कब्जा चीन का है !
  • LED बल्ब और LCD ने चीन की भागीदारी लगभग 30- 40% है !
  • इसके अलावा Dream 11, Flipkart, Ola, Swiggy, Byju’s आदि कंपनियों में भी चीन का बड़ा निवेश है ! ऐसी कंपनियों की संख्या बहुत ज्यादा है जो भारतीय, विदेशी और चीनी निवेश के माध्यम से चलती है ! अधिकांश स्टार्ट-अप में चीन का निवेश आता है !
  • इसके अलावा सॉफ्टवेयर क्षेत्र में चीन की कंपनियों की भागीदारी बहुत बड़ी है ! हाल ही 52 एप्लीकेशन को Red Flag दिया गया है जिसका मतलब कम सुरक्षित है !
  • चीन का विनिर्माण क्षेत्र बहुत मजबूत है इसी कारण वह भारत के अलावा पूरे विश्व को सामान बेचता है !
  • चीन के द्वारा किए जाने वाले निर्यात का 3% हिस्सा भारत के आयात से संबंधित है !
  • अमेरिका, यूरोपीय संघ, रूस, चीन के भारत से बड़े आयातक हैं !
  • इसी को देखते हुए कई समीक्षक यह कह रहे हैं कि भारत को बॉय कट चीन के साथ अपने विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने और बड़े निवेश को एक साथ डालने की आवश्यकता है !
  • कल रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार लगभग 300 उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकती है !
  • कल समीक्षकों का मानना है कि चीन के स्थान पर ताइवान, दक्षिण कोरिया, जापान, यूरोपीय देशों के साथ व्यापार बढ़ाया जाए !
  • कंपनियों और व्यापारियों की भूमिका सबसे अधिक है कि वह थोड़ा कम लाभ प्राप्त कर अन्य देशों से सामान खरीदें और निवेश प्राप्त करें