Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 19 May 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 19 May 2020



20 लाख करोड़ पैकेज का एनालिसिस (भाग - 2)

  • कोरोना वायरस की वजह से मजदूर वर्ग सर्वाधिक प्रभावित हुआ है ! इस वर्ग की चिंताओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने 3 अप्रैल को 11002 करोड़ रुपए SDRF में ट्रांसफर किए जिससे उन्हें सुविधाएं प्रदान की जा सके !
  • इसी के साथ सेंट्रल गवर्नमेंट ने SDRF के फंड का प्रयोग मजदूर वर्ग को खाना पानी और आवश्यक सामग्री पर खर्च करने की अनुमति प्रदान की !
  • इन्हीं फंड का प्रयोग करते हुए राज्यों ने मजदूरों के लिए खाना, शेल्टर होम आदि की व्यवस्था की !
  • 12000 SHGs को मास्क और सैनिटाइजर बनाने का काम सौंपा गया और इस प्रक्रिया द्वारा कई लोगों को रोजगार भी दिया गया !
  • प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत 14 करोड़ से अधिक लोगों को काम दिया गया !
  • मनरेगा की मजदूरी को 182 से बढ़ाकर 202 रुपए किया गया !
  • राज्यों को मनरेगा अधिनियम के काम उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया !
  • मानसून के समय Plantations Horticulture, Livestock Related Sheds जैसे कार्यों को चालू रखने के लिए कहा गया !
  • वर्तमान समय में प्रवासी मजदूरों को खाद्य की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 5kg/ व्यक्ति अनाज और 1kg/ परिवार मुफ्त में चना दिया जाएगा !
  • इसमें खर्च होने वाली पूरी रकम केंद्र सरकार वहन करेगी !
  • इससे 8 करोड़ मजदूरों को लाभ प्राप्त होने की उम्मीद है !
  • कई जगहों पर यह देखा गया कि लोगों के पास राशन कार्ड ना होने के कारण उन्हें अनाज नहीं मिल पाता इसके लिए सरकार ONE NATION, ONE RATION CARD SCHEME लेकर आई है !
  • हमें ज्ञात है कि इनका वितरण राज्य सरकार द्वारा स्थानीय निकायों द्वारा किया जाता है !
  • वर्तमान समय में जारी होने वाले राशन कार्ड के साथ यह परेशानी है कि व्यक्ति यदि दूसरे राज्य या जिले में प्रवास कर जाता है तो यह राशन कार्ड उपयोगी नहीं रह पाता है अर्थात उसे लाभ नहीं मिलता है !
  • पिछले साल इसी समस्या के समाधान के लिए प्राइवेट प्रोजेक्ट के रूप में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच तथा महाराष्ट्र और गुजरात के बीच इस प्रकार के कार्ड जारी किए गए जो दोनों राज्यो में संबंधित राज्यों के बीच कार्य कर सकें !
  • इसी अनुभव को देखते हुए अब पूरे देश के लिए One Nation, One Ration Card Scheme लाई गई है !
  • यह तकनीकी का सबसे बड़ा सामाजिक प्रयोग है !
  • इसके माध्यम से 67 करोड़ लोगों को और PDS लाभ प्राप्त करने वाले 83% लोगों को अगस्त 2020 तक लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है वही मार्च 2021 तक 100% लोगों को इसमें शामिल करने की बात कही गई है !
  • वर्ष 2011 की जनगणना से हमें पता चलता है कि 1.4 करोड़ लोग Intra-state प्रवास करते हैं ! वही Inter-State Migrants 4 करोड़ से ज्यादा है !
  • इसी के साथ सभी को आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए PMAY ( प्रधानमंत्री आवास योजना) के तहत शहरी क्षेत्रों में Affordable Rental Housing Complex (ARHC) बनाए जाएंगे !
  • प्रवासी मजदूरों को रहने के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है और प्रतिमाह रूम रेंट पर खर्च होने वाली राशि की बचत होगी !
  • शहरी क्षेत्रों में पहले से बनाए गए बड़े कांपलेक्स को ARHC में बदला जा सकता है !
  • उद्योगों/ संस्थाओं द्वारा यदि इस प्रकार के आवासीय क्षेत्र का निर्माण किया जाता है तो सरकार भी इसमें सहायता देगी !
  • यह सभी कार्य Ministry Of Housing and Urban Affairs की गाइड लाइन के अनुसार किए जाएंगे !
  • स्वरोजगार को नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए 50000 से कम शिशु मुद्रा ऋण लेने वालों में शीघ्र भुगतान करने वाले लोगों को 12 महीने की अवधि के लिए 2% का ब्याज छूट दिया जाएगा !
  • स्ट्रीट वेंडर्स पर आए आर्थिक चुनौती को दूर करने के लिए इनकी ऋण तक आसान पहुंच की सुविधा प्रदान की जाएगी जिससे उन्हें अपने कार्य पुनः प्रारंभ करने में सहूलियत हो !
  • प्रत्येक उद्यम के लिए 10000 रुपए की प्रारंभिक कार्यशील पूंजी की बैंक ऋण की सुविधा दी जाएगी !
  • इस योजना के तहत शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के विक्रेताओं को भी कवर किया जाएगा जो आस-पास के शहरी इलाकों में व्यवसाय करते हैं !
  • लगभग 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को कवर करते हुए 5000 करोड रुपए का ऋण वितरित किया जाएगा !
  • रियल इस्टेट क्षेत्र में पैसे का प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखने के लिए वर्ष 2017 में प्रारंभ की गई क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना (CLSS) का मार्च 2021 तक विस्तार किया जाएगा !
  • इस योजना का उद्देश्य आम लोगों को होम लोन के लिए प्रोत्साहन देना था ताकि रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश बना रहे !
  • इससे न सिर्फ इस क्षेत्र में नौकरियों का सृजन होगा बल्कि इस्पात, सीमेंट, एवं अन्य निर्माण सामग्रियों की भी मांग उत्पन्न होगी !
  • इससे 2.5 लाख मध्यम आय वाले लोगों को फायदा होगा !
  • ग्रामीण सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की फसल ऋण संबंधी आवश्यकता को पूरा करने के लिए NABARD द्वारा 30000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त पुनर्वित्तीयन सहायता प्रदान की जाएगी ! यहां यह ध्यान देना आवश्यक है कि यह बजट में घोषित 90000 करोड़ से अलग है !
  • इससे देश भर में लगभग 3 करोड़ किसानों को फायदा होगा जिसमें सर्वाधिक लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा !
  • इस प्रयास से खरीफ के फसल की आवश्यकता पूरी होगी !
  • PM- किसान लाभ कर्ताओं को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किया जाएगा !
  • यह लाभ मत्स्य पालन करने वालों और पशु पालन करने वालों को भी दिया जा सकता है !
  • CAMPA (Compensatory Afforestation Management and planning Authority ) के अंतर्गत 6000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे !
  • इसका प्रयोग Afforestation, Plantation, Forest Management, Soil Moisture Conservation, Forest Protection, Wildlife Protection आदि में किया जाएगा जिससे जनजाति समुदाय को रोजगार प्राप्त होगा !
  • सरकार ने कृषि क्षेत्र का कायाकल्प करने के लिए 1 लाख करोड रुपए का Form-Gate Infrastructure विकसित करने का ऐलान किया है !
  • इसके अंतर्गत उन सुविधाओं को विकसित किया जाएगा जिसके तहत फसल उत्पादन के बाद उसे संरक्षित करके रखा जा सकता है और खराब होने से बचाया जा सकता है !
  • कृषि के सप्लाई चैन को विकसित करने में यह बहुत मददगार होगा !
  • कृषि सहकारी समितियों का विकास, कृषि उद्यमी और कृषि में इसके माध्यम से Start-up को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा !
  • Micro Food Enterprises (MFE) को विकसित करने के लिए 10000 करोड़ आवंटित किए जाएंगे ! Vocal For Local के माध्यम से 2 लाख MFE की मदद इससे करने का प्रयास किया जाएगा !
  • Cluster Based Approach को बढ़ावा देकर खादों की ब्रांडिंग की जाएगी !
  • स्थानीय उत्पादों का एक बार पहचान बन जाने के बाद उनका निर्यात भी किया जा सकेगा !
  • मत्स्य पालन पर हमारे यहां की बहुत बड़ी आबादी निर्भर है ! इस समुदाय के लिए भी 20000 करोड़ रुपए की सहायता दी जाएगी ! इसमें से 11000 करोड रुपए Marine और Inland Fisheries के लिए किया जाएगा !
  • 9000 करोड रुपए इस सेक्टर के आधारभूत संरचना को निर्मित करने के लिए किया जाएगा !
  • सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में 70 लाख टन अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन को बढ़ाना है !
  • इस निवेश से 55 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है !
  • डेयरी और दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने और उससे जुड़े लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए लगभग 15000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे !
  • इन पदार्थों के निर्यात को बढ़ावा देने वाले उद्योगों को सहायता दी जाएगी !
  • Beekeeping Initiatives पर 500 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे ! इससे ना सिर्फ शहद का उत्पादन बढ़ेगा बल्कि महिलाओं और निर्भर समूह को लाभ भी प्राप्त होगा !
  • TOP ( Tomatoes Onion ant Potatoes ) को अब TOTAL अर्थात सभी फल और सब्जी तक विस्तारित कर दिया गया है !
  • सरकार द्वारा इन पदार्थों के परिवहन पर 50% सब्सिडी दी जाएगी और स्टोरेज पर 50% सब्सिडी दी जाएगी !
  • इससे पदार्थों का परिवहन आधिक्य से न्यूनतम वाले एरिया में हो सकेगा !
  • अभी यह सुविधा सिर्फ 6 माह के लिए है लेकिन आगे इसे बढ़ाया भी जा सकता है !
  • Herbal Cultivation को प्रमोट करने के लिए भी 4000 करोड़ के पैकेज का प्रावधान किया गया है !
  • सुदूर जंगली और पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को इससे लाभ मिलेगा !

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कोयला क्षेत्र सुधार

  • कोयला एक ठोस कार्बनिक पदार्थ है जिसका सर्वाधिक प्रयोग ऊर्जा के विभिन्न कार्यों में किया जाता है !
  • भारत में विद्युत ऊर्जा प्राप्ति का सबसे बड़ा स्रोत होने के साथ-साथ यह लौह इस्पात उद्योग, सीमेंट उद्योग जैसे अनेक कार्यों एवं घरेलू कार्यों में प्रयोग किया जाता है !
  • भारत विश्व का पांचवा सबसे बड़ा कोयला भंडार वाला देश है जहां विश्व का 7% कोयला पाया जाता है !
  • USA (28%), रूस ( 18%), चीन ( 13%), ऑस्ट्रेलिया( 9%) भारत 7% क्रमशः कोयला के सबसे बड़े देश हैं !
  • हमारे पास कोयला का पर्याप्त भंडार होने के बावजूद हम लगभग 200 मिलियन टन कोयला आयात करते हैं ! 2018-2019 के वित्तीय वर्ष में यह मात्रा 235 मिलियन टन थी !
  • भारत में कोयले के उत्पादन का 82% सिर्फ एक कंपनी CIL (Coal India Limited ) द्वारा किया जाता है !
  • यह विश्व की सबसे बड़ी कोयला कंपनी में शामिल है, जिसे महारत्न कंपनी का दर्जा प्राप्त है !
  • 18% कोयले का उत्पादन लौह इस्पात थर्मल पावर प्लांट कंपनियों द्वारा किया जाता है ! लेकिन उत्पादन सिर्फ अपने लिए करते हैं ना कि बेचने के लिए !
  • सरकार अब प्राइवेट कंपनियों को भी उत्पादन में शामिल करना चाह रही है ! इससे न सिर्फ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी बल्कि उत्पादन में वृद्धि होगी और आयात में कमी आएगी !
  • सरकार इन कंपनियों के लाभ का एक निश्चित हिस्सा प्राप्त करेगी इससे सरकार के पास आय भी बढ़ेगा और पारदर्शिता भी बनी रहेगी !
  • जो कंपनियां पहले सिर्फ अपने लिए उत्पादन करती थी वह उत्पादन ज्यादा होने पर बेच भी सकती हैं !
  • कोयला उत्पादन का अनुभव न रखने वाली कंपनियां भी अब नीलामी की प्रक्रिया में शामिल होकर कोयला कंपनी बन सकती हैं !
  • सरकार कोयले के क्षेत्र में Easy Of Doing को बढ़ावा देगी !
  • कोयला क्षमता का पता चलने पर उसके एक हिस्से की नीलामी हो सकती है, पूरे क्षेत्र का एक साथ नीलामी करना आवश्यक नहीं है !
  • अधिक उत्पादन करने वाले कंपनियों को इंसेंटिव दे सकती है!
  • सरकार Coal Gasification और Liquefaction को बढ़ावा देगी जिससे ठोस कोयले का दहन कम हो और पर्यावरण की क्षति भी कम हो !
  • सरकार लगभग 50000 करोड रुपए का निवेश कोयला इन्फ्राट्रक्चर पर करेगी जिससे आने वाले समय में उत्पादन को बढ़ाया जा सके !
  • इसमें से 18000 करोड़ रुपए सिर्फ Conveyor Belt पर खर्च किए जाएंगे !
  • Coal Bed Methane (CBM) का आवंटन कोयला उत्पादन करने वाली कंपनी से अलग भी हो सकता है !

Defence Reforms

  • भारत को हमेशा अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए बड़ी मात्रा में आयुध सामग्री खरीदना पड़ता है !
  • इसके साथ-साथ हमारा डिफेंस सेक्टर कम खुला और कम प्रतिस्पर्धी है फलस्वरूप हमें बड़ी मात्रा में इनका आयात करना होगा !
  • कई रिपोर्टस में इसका जिक्र होता है कि हमारे आयुध सामग्री पुराने और कम क्षमता वाले हैं तथा आयातित सामग्री में कई प्रक्रियागत चुनौतियां होती हैं जिसके वजह से विलंब होता है !
  • किसी देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए यह जरूरी होता है कि वह रक्षा के मामले में भी आत्मनिर्भर हो ताकि किसी प्रकार के हमले को नाकाम कर सके !
  • भारत विश्व के उन अग्रणी देशों में शामिल है जो सर्वाधिक हथियार एवं विभिन्न उत्पाद खरीदते हैं !
  • रूस, अमेरिका, इजराइल, फ्रांस हमारे प्रमुख डिफेंस व्यापार वाले देश हैं !
  • बजट 2020-21 में भी लगभग 3 लाख करोड़ से अधिक का डिफेंस बजट बनाया गया है जिसका का 1/3 सैन्य सामग्री खरीदने तथा पूंजीगत व्यय के रूप में खर्च होगा !
  • सरकार ने मेक इन इंडिया के तहत डिफेंस में कुछ उत्पादन अवश्य प्रारंभ किया है लेकिन अनुपात अभी बहुत कम !
  • सरकार आयातित सैन्य सामग्री के कुछ वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाएगी और उनका उत्पादन भारत में ही किया जाएगा !
  • सरकार ने यह भी कहा है कि यदि कोई सैन्य सामग्री बाहर से खरीदा जाता है, उसका एक निश्चित भाग मेक इन इंडिया के तहत घरेलू कंपनियों से खरीदा जाएगा !
  • रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली Ordinance Factory Board को अधिक स्वायत्तता और दायित्व सौंपे जाएंगे !
  • अब ऑटोमेटिक रूट के माध्यम से डिफेंस में 74% FDI आ सकती है जो अब तक 49% तक सीमित था !
  • समयबद्ध रक्षा खरीद प्रक्रिया और तेजी से निर्णय लेने की दिशा में Project Management Units तथा General Staff Qualitative Requirements की शुरुआत की जाएगी !

CIVIL AVIATION

  • सरकार Indian Air Force के अधिक उपयोग के लिए कदम उठाएगी जिससे Space ट्रैफिक विलंब भी कम होगा और दूरी भी कम होगी और समय की बचत हो पाएगी !
  • भारत वर्तमान समय में अपने केवल 60% Air Space का उपयोग करती है !
  • सरकार इस क्षेत्र में Public Privet Partnership को इसमें अधिक बढ़ावा देकर विश्व स्तरीय हवाई अड्डों का निर्माण करेगी !
  • आने वाले समय में 6-6 एयरपोर्ट के मेंटेनेंस और ऑपरेट करने की जिम्मेदारी प्राइवेट सेक्टर को देगी !
  • भारत के हवाई जहाज के MRO अर्थात Maintenance, Repair और Overhaul की स्थिति पिछड़ी होने के साथ महंगी भी है इसी कारण एयरलाइन इसके लिए सिंगापुर का रुख तय करती है ! सरकार इस पर ध्यान देगी और लागत को कम करेगी !
  • सरकार डिफेंस सेक्टर तथा सिविल MRO के बीच अभिसरण बढ़ाने पर बल देगी ताकि व्यापक आर्थिक स्तर पर उत्पादन किया जा सके !

HEALTH REFORM

  • भारत हेल्थ सेक्टर अपनी GDP का लगभग 3-4 प्रतिशत करें इस प्रकार की सिफारिशें कई कमेटियों के द्वारा की गई लेकिन सरकार अभी अपनी GDP का 1.2-1.3% तक खर्च करती है !
  • जापान 9.2%, USA 14.3%, जर्मनी 9.5%, यूके 7.5% अपनी GDP का हेल्थ पर खर्च करते हैं !
  • सरकार ने कहा है कि अब इस पर खर्च बढ़ाएगी !
  • सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य के लिए शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अधिक निवेश करेगी !
  • अर्थात सरकार Gross Root Health Institution को प्रमोट करेंगी !
  • सरकार भविष्य में आने वाली महामारी से निपटने के लिए Infectious Diseases Hospital Blocks का निर्माण करेगी !
  • इसके साथ-साथ सरकार Lab के नेटवर्क और चैन को बढ़ाएगी !
  • बीमारियों के क्षेत्र में रिसर्च को मजबूत किया जाएगा और R&D को प्रमोट किया जाएगा !
  • National Digital Health Blueprint को भी विकसित करने की बात की गई है !