Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 19 March 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 19 March 2020



विश्व की सबसे बड़ी स्टैंडिंग आर्मी भारत की

  • 1,237,117, एक्टिव Personnel’s और 960000 Reserve Personnel’s अपनी सेवाएं दे रहे हैं !
  • भारत के राष्ट्रपति इंडियन आर्मी के सुप्रीम कमांडर होते हैं !
  • इंडियन आर्मी का प्राथमिक लक्ष्य राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता को आंतरिक एवं बाहरी खतरों से बचाना होता है !
  • इंडियन आर्मी द्वारा किए गए कुछ प्रमुख ऑपरेशन - Operation Surya Hope, Operation Vijay, Operation Meghdoot, Operation Cactus, Operation Brass-tacks.
  • इंडियन आर्मी अपनी शालीनता, गंभीरता और परिपक्वता के लिए विश्व भर में जानी जाती है !
  • भारतीय आर्मी ने UN के पीस कीपिंग मिशन में सबसे ज्यादा योगदान दिया है !
  • A standing army is a permanent, of Oftan process Army. it is composed of full time soldiers who may be either career soldiers conscripts.
  • हाल ही में जापान द्वारा एक डॉक्यूमेंट जारी किया गया है जिसका Defend Of Japan- 2019 है! इसमें यह कहा गया है कि इंडियन आर्मी विश्व की सबसे बड़ी Standing Army है !
  • यहां यह ध्यान देना आवश्यक है कि इससे पहले यह दर्जा चीन की आर्मी को प्राप्त था !
  • चीन के राष्ट्रपति शी- जिनपिंग ने 2015 में यह घोषणा की थी कि वह अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की संख्या में कटौती करेंगे जिससे वह अपने मिलिट्री को मजबूत कर सके !
  • दरअसल चीन संख्या के स्थान पर मिलिट्री की गुणवत्ता अर्थात साजो- सामान और तकनीकी को बढ़ाना चाहता है !
  • चीन एयर फोर्स, नेवी, साइबर टीम, रॉकेट आर्मी आदि को मजबूत कर बदलते समय के अनुसार अपनी आर्मी को परिवर्तित कर रहा है !
  • चीन की आर्मी की संख्या में कमी के कारण भारत को यह स्थान प्राप्त हुआ है ना कि भारतीय आर्मी की संख्या में वृद्धि हुई है !
  • संपूर्ण मिलिट्री के दृष्टिकोण से चीन अभी भी भारत से आगे हैं !
  • चीन का यह मानना है कि वह जिस तरह संपूर्ण चीन को तीव्र गति वाले रेलवे नेटवर्क से जुड़ रहा है, तकनीकी उन्नयन कर रहा है और अपनी सीमाएं सुरक्षित कर रहा है अब उसे स्थलीय भाग में चुनौती देना मुश्किल है !
  • चीन US मिलिट्री की तरह सेना के अन्य भागों की मजबूती बढ़ा रहा है !
  • आने वाला समय Space Defence का होगा इसलिए वह उस पर भी बहुत ज्यादा ध्यान दे रहा है !
  • ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की पर्याप्त संख्या भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है !
  • चीन विश्व का सबसे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट Y-20 Chubby Girl बना रहा है जो जल्द ही अपनी सेवाएं देने लगेगा !
  • कुल मिलाकर इससे चीन की आर्मी पर खर्च होने वाला पैसा वह मिलिट्री के अन्य भागों की मजबूती पर खर्च कर सकेगा !
  • बजट 2020-21 में इंडिया का डिफेंस बजट लगभग 65 बिलियन USD है जो चीन के 177.6 USD का लगभग 1/3 है !
  • भारत की आर्मी संख्या बड़ी होने के कारण डिफेंस बजट का बहुत बड़ा हिस्सा वेतन, पेंशन, रखरखाव आदि कार्यों पर ही खर्च हो जाता है जिससे तकनीकी उन्नयन नहीं हो पाता है !

एमनेस्टी इंटरनेशनल रिपोर्ट- डिज़ाइन टू एक्सक्लूड

  • एमनेस्टी इंटरनेशनल लंदन का एक गैर अधिकारी संगठन है जिसकी स्थापना 1961 में मानव अधिकार के संरक्षण के लिए कार्य करता है !
  • इस संगठन के अनुसार 70 लाख से अधिक लोक समर्थक और सदस्य हैं जिनके माध्यम से या मानव अधिकार का हनन करने वाले देशों पर दबाव बनाता है !
  • इसे 1977 में नोबेल शांति पुरस्कार और 1978 में UN पुरस्कार मिल चुका है !
  • यह निम्न महत्वपूर्ण क्षेत्र में कार्य करती है !
  • महिलाओं, बच्चों, अल्पसंख्यकों और नागरिक अधिकारों
  • उत्पीड़न का अंत करने
  • शरणार्थियों के अधिकार
  • मानवीय गरिमा के संरक्षण
  • मृत्यु की सजा के उन्मूलन
  • हाल ही में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने “डिजाइन टू एक्सक्लूड” नामक रिपोर्ट में यह कहा है कि असम सरकार ने विदेशी अधिकरण ( Foreign ers Tribunal-FT) के सदस्यों के कार्यकाल का निर्धारण उनके द्वारा विदेशी घोषित किए गए व्यक्तियों की संख्या के आधार पर किया है जिस से अधिक लोगों को विदेशी घोषित करने की परंपरा आगे बढ़ी है !
  • असम में वर्तमान में 100 FTs हैं जबकि 200 से अधिक FTs को स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है !
  • क्या यह विदेशी अधिकरण मुख्यतः 31 अगस्त 2019 को प्रकाशित NRC से बाहर किए गए 19.06 लाख लोगों के मामलों का निपटान कर रहे हैं !
  • इन अधिकरणो के सदस्यों की नियुक्ति विदेशी अधिकरण अधिनियम 1941, विदेशी अधिकरण आदेश 1984 तथा सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले दिशा निर्देशों के तहत होता है !
  • सदस्य बनने की योग्यता
  1. विदेशी मामलों का अनुभव रखता हो
  2. असम ( असमिया, बोडो, बंगाली और अंग्रेजी) की अधिकारिक भाषाओं की जानकारी रखता हो !
  3. असम न्यायिक सेवा का सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी रहा हो !
  4. न्यायिक मामलों का अनुभव रखने वाला सिविल सेवक जो सचिव या अतिरिक्त सचिव के पोस्ट किससे नीचे सेवानिवृत्त नहीं हुआ हो !
  5. Practising Advocates जिसकी उम्र 35 वर्ष से कम ना हो तथा 7 वर्ष का अनुभव हो !
  • यदि सेवानिवृत्त न्यायाधीश या सिविल सेवक इसका सदस्य बनता है तो उसे वही वेतन भत्ता दिया जाएगा जो उसकी सेवा निवृत्त के समय था !
  • यदि कोई वकील इसका सदस्य बनता है तो उसे 85,000 रुपए प्रतिमाह वेतन एवं भत्ता दिया जाएगा !
  • विदेशी अधिकरणो पर भ्रष्टाचार के आरोप 2017 से ही लगते रहे हैं जो अब कई रिपोर्ट में सामने आ चुका है ! इसलिए सरकार को इसकी विश्वसनीयता को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए !

Minority Rights

  • अल्पसंख्यक की परिभाषा बहुत व्यापक है ! इसके अंतर्गत हम सामान्यतः भाषायी, धार्मिक, सांस्कृतिक, नृजातीय अल्पसंख्यक को शामिल करते हैं !
  • अल्पसंख्यक ओके अधिकारों का मुद्दा विश्वव्यापी है ! लगभग सभी बड़े देशों में यह मुद्दा बार बार उभर कर सामने आता रहता है !
  • Lord Acton ने कहा था कि यदि हमें यह पता करना हो कि कोई देश आजाद है या नहीं तो इसके लिए वहां के अल्पसंख्यकों के अधिकारों का परीक्षण करना चाहिए !
  • दरअसल अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण हर अच्छी सभ्यता की निशानी होती है !
  • आजादी के समय सरदार बल्लभ भाई पटेल का यह कथन कि सभी अल्पसंख्यकों के अधिकारों का संरक्षण किया जाएगा !
  • इन्हीं प्रतिबद्धताओं के लिए संविधान में अनुच्छेद 29 और 30 के प्रावधानों का उल्लेख किया गया !
  • अनुच्छेद 29 भारत के किसी भी भाग में रहने वाले नागरिकों के किसी भी अनुभव को जिसकी अपनी बोली, भाषा, लिपि, संस्कृति हो को सुरक्षित रखने का अधिकार है ! साथ ही किसी भी नागरिक को राज्य के अंतर्गत आने वाले संस्थान या उसमें सहायता प्राप्त संस्थान में धर्म, जातीय भाषा के आधार पर प्रवेश से नहीं रोका जाएगा !
  • अनुच्छेद 30 में अल्पसंख्यकों को अपनी रुचि के शिक्षा संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार होगा तथा राज्य आर्थिक सहायता में अल्पसंख्यकों संस्थाओं के साथ विभेद नहीं किया जाएगा !
  • केशवानंद भारतीय निर्णय में अल्पसंख्यकों के अधिकार को संविधान मूल ढांचा बताया गया !
  • अहदाबाद सेंट जेवियर कॉलेज 1974 और T.M.A. पाई फाउंडेशन 2003 के निर्णय में भी यही भावना सुप्रीम कोर्ट ने दिखाया !
  • हाल ही सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ( जस्टिस U.U. ललित और जस्टिस अरुण मिश्रा) का एक निर्णय आया है इससे यह मान लिया गया है कि मदरसों में जिन अध्यापकों की नियुक्ति हो वह 1 बोर्ड के द्वारा किया जाए !
  • दरअसल यह कोई आदेश नहीं है बल्कि और के प्रावधानों की स्वीकृति है !
  • इसमें यह भी कहा गया है कि जो मदरसा यह नील स्वीकार नहीं करेंगे उनका अनुदान कैंसिल किया जा सकता है !
  • इस नियम को पहले कोलकाता हाई कोर्ट की सिंगल जज की बेंच सामने लाया गया जिसने इस प्रकार नियम को गलत मानते हुए रोक दिया और बाद में दो जजों की बेंच ने भी ऐसा ही किया !
  • इसके बाद यह सुप्रीम कोर्ट में आया जहां दोनों एक्ट को वैध बताया है !
  • अधिकांश समीक्षक पहले के बड़े बैंचों के द्वारा दिए गए निर्णयों के खिलाफ इस निर्णय को मान रहे हैं !