Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 18 May 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 18 May 2020



चीन पर अमेरिकी प्रतिबंध

  • USCIRF (United States Commission On International Religious Freedom ) अमेरिका का एक स्वतंत्र द्विपक्षीय निकाय है जो विदेश में धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघनों पर निगरानी रखता है !
  • इसकी स्थापना 1988 में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (IRFA) द्वारा की गई थी !
  • अप्रैल 2020 में आई इसकी सालाना रिपोर्ट में भारत समेत 14 देशों को खास चिंता वाले देशों (Countries Of Particular Concern) अर्थात CPC के रूप में नामित किया था !
  • आरोप लगाया गया था कि इन देशों में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ रहे हैं !
  • भारत के अलावा अन्य देश- म्यांमार, चीन, एरिट्रिया, ईरान, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब, तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, नाइजीरिया, रूस, सीरिया एवं वियतनाम है !
  • भारत के संदर्भ में नागरिकता संशोधन कानून के आधार पर मुस्लिम समुदाय और अल्पसंख्यक समुदाय के साथ ठीक से व्यवहार न करने का आरोप था ! जिसे भारत सरकार द्वारा नकार दिया गया था !
  • हाल ही में USCIRF ने अमेरिकी कांग्रेस ( संसद) से चीन में उइगर समुदाय के साथ चीन द्वारा किए गए अत्याचार पर रोक लगाने के लिए चीन के प्रमुख नेताओं पर प्रतिबंध लगाने की अपील किया था !
  • अमेरिकी सीनेट ने इसे अनुमति दे दी है और अब यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टेबल पर है !
  • इसको यदि अनुमति मिल जाती है तो संबंधित चीन के अधिकारी अमेरिका में प्रवेश नहीं कर पाएंगे !
  • दरअसल इस प्रकार का प्रतिबंध किसी अधिकारी और नेता की छवि मानवाधिकार के उल्लंघनकर्ता के रूप में प्रस्तुत करता है !
  • अमेरिकी सीनेट के अधिकारी राष्ट्रपति को उन नेताओं के नाम सौंपेगा जिन पर उइगर समुदाय को प्रताड़ित करने का आरोप है !
  • चीन के पश्चिमी भाग में एक राज्य शिंजियांग है ! यहां की 40-45% आबादी उइगर समुदाय की है !
  • यह नृजातीय रूप से तुर्की के मुस्लिम समुदाय से संबंधित है!
  • चीन का मानना यह है कि यह समुदाय धार्मिक कट्टरता को मानता है तथा आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने के साथ घुसपैठियों को शरण देता है !
  • चीन पर यह आरोप लगाया जाता है कि उसने अपने यहां लगभग 10 लाख उइगर आबादी को अनेक शिविरों में नजरबंद कर रखा है !
  • उइगर समुदाय के कलाकारों, लेखकों, पत्रकारों और विद्यार्थियों को भारी संख्या में नजरबंद कर प्रताड़ित किया जाता है !
  • कई समीक्षक और रिपोर्ट्स का मानना है कि चीन आतंकवाद, उग्रवाद, अलगाववाद के नाम पर 'ऑपरेशन ऑल आउट' के माध्यम से उन्हें प्रताड़ित कर रहा है !
  • यह आरोप केवल अमेरिका द्वारा नहीं लगाए गए हैं ! इसमें यूनाइटेड नेशंस के विशेषज्ञ, ह्यूमन राइट्स वॉच और कई देशों के अन्य स्वतंत्र पत्रकारों और विश्लेषकों ने यह बात कहा है !
  • अमेरिकी हालिया आरोप में यहां तक कहा गया है कि उन्हें रमजान तक रहने नहीं दिया जा रहा है!
  • वहीं चीन ने इस प्रकार के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि यहां कुछ काउंसिल सेंटर जरूर है लेकिन यहां उन्हें Re-Educate और उनकी कट्टरता कम करने का कार्य किया जाता है और Vocational Training दी जाती है !
  • हाल के प्रतिबंध पर चीन ने अमेरिका को कहा है कि अमेरिका को पहले अपने यहां मर रहे लोगों पर ध्यान देना चाहिए !
  • चीन ने इसे अमेरिका द्वारा भड़काने वाला कृत्य बताया है और तनाव बढ़ाने के लिए जिम्मेदार बताया है !
  • यदि यह प्रतिबंध लगते हैं तो ऐसी तकनीकों के निर्यात पर भी प्रतिबंध लग सकता है जिनका प्रयोग व्यक्तिगत सर्विलांस, चेहरे तथा आवाज के पहचान में किया जाता है !
  • प्रतिबंधों में सबसे आगे नाम शिंजियांग प्रांत के कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव चैन कुआनगुओ (Chen Quanguo) का है ! चीन के शीर्ष नेता के साथ साथ चीनी पोलित ब्यूरो के सदस्य हैं !
  • इस कदम से आने वाले समय में अमेरिका-चीन के बीच तनाव बढ़ सकता है !

प्राइवेट कंपनियों को इसरो का सहयोग

  • ISRO (Indian Space Research Organisation) भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान है, जिसका मुख्यालय बैंगलोर में है !
  • इसका मुख्य कार्य भारत के लिए अंतरिक्ष से संबंधित तकनीकी उपलब्ध करवाना है ! इसके अंतर्गत इसरो उपग्रह, लॉन्चिंग व्हीकल, और उन तकनीकों का विकास करता है जिससे भारत और इसके नागरिक का जीवन स्तर सुधर सके !
  • रिमोट सेंसिंग, मौसम संबंधी, संचार संबंधी और रक्षा संबंधी आदि क्षेत्रों में इसने हम सब को सशक्त किया है !
  • इसकी स्थापना 15 अगस्त 1969 में की गई थी, उस समय इसका नाम अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए भारतीय राष्ट्रीय समिति था !
  • भारत का पहला उपग्रह, आर्यभट्ट था जो 19 अप्रैल 1975 को सोवियत संघ द्वारा छोड़ा गया था ! वहीं दूसरा उपग्रह 1979 को प्रक्षेपित किया गया था जिसका नाम भास्कर था !
  • अनेक प्रकार के प्रतिबंधों और चुनौतियों का सामना करते हुए इसरो ने खुद को हमेशा उन्नत करने का प्रयास किया और अपने आपको इसने विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्था के रूप में साबित किया !
  • अक्टूबर 2008 को चंद्रयान-1st एवं 2017 में एक साथ 104 सैटेलाइट का प्रक्षेपण आदि जैसे कई घटनाक्रम थे जब पूरी दुनिया ISRO की मुरीद बन गई !
  • इन सबके बीच लंबे समय से यह भी मांग की जा रही थी कि यदि भारत को स्पेस के क्षेत्र में अग्रणी बने रहना है तो प्राइवेट सेक्टर को भी स्पेस क्षेत्र में शामिल करना चाहिए !
  • वर्तमान समय में भारत में स्वतंत्र रूप से स्पेस के क्षेत्र में कार्य करने वाली कंपनियां बहुत सीमित संख्या में है एवं उनकी क्षमता भी सीमित है !
  • Kawa, Bellatrix Aerospace, Pixxel और Skyroot Aerospace जैसी गिनी- चुनी कंपनियां हैं !
  • प्राइवेट सेक्टर में विश्व की कई कंपनियां कार्य कर रही हैं जिसमें – Virgin Galactic, Blue Origin, Arian Space, Ispace आदि बहुत बड़े नाम हैं !
  • अधिकांश कंपनियां स्पेस टूरिज्म, रीयूजएबल रॉकेट सिस्टम और कमर्शियल सैटेलाइट लॉन्चिंग का कार्य कर बड़ी मात्रा में अपनी अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ देश को तकनीकी रूप से उन्नत करने का प्रयास कर रही है !
  • भारत ने भी अपने यहां प्राइवेट कंपनियों को आगे बढ़ाने या भविष्य में इसरो का सहयोग करने के लिए अब नई नीति का निर्माण किया है !
  • सरकार ने कहा है कि प्राइवेट कंपनियों को सेटेलाइट निर्माण , लॉन्च करने एवं अन्य प्रकार के कार्यों के लिए इसरो के साथ प्राइवेट सेक्टर को भी शामिल किया जाएगा !
  • इसके लिए यह कंपनियां इसरो के लॉन्चिंग पैड का यूज कर सकते हैं !
  • अन्य प्रकार की तकनीक जो इसरो के पास है उसका भी सहयोग मिलेगा !
  • स्पेस नीतियों को प्राइवेट कंपनी के अनुकूल बनाने के साथ-साथ रेगुलेशन के नियमों को शिथिल किया जाएगा !
  • इसरो द्वारा प्रक्षेपित किए कुछ सेटेलाइट के डाटा का हस्तांतरण भी किया जा सकता है ! इस प्रकार के डाटा का प्रयोग कई प्रकार के कार्यों App निर्माण, सुविधा उपयोग, भविष्यवाणी, नौवहन आदि में किया जा सकता है !
  • अगले कदम के तौर पर इन कंपनियों को ग्रहों की खोज और दूसरे ग्रहों की यात्रा को भी प्राइवेट सेक्टर के लिए खोला जाएगा !
  • सरकार का मानना है कि इससे इस क्षेत्र में भी स्टार्टअप बढ़ेगा और तकनीकी का प्रसार होगा !
  • इसरो ने कहा है कि अंतरिक्ष विभाग सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा और निजी कंपनियों की मदद करेगा !