Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 17 February 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 17 February 2020



RBI का नया वित्तीय वर्ष

  • आर.बी.आई की स्थापना आर.बी.आई एक्ट 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल 1935 को हुई !
  • प्रारंभ में इसका कार्यालय कोलकाता में स्थापित किया गया था जिसे स्थाई रूप से मुंबई में स्थानांतरित कर दिया गया !
  • प्रारंभ में यह निजी स्वामित्व वाला था जिसे 1949 में राष्ट्रीयकरण कर दिया गया !

प्रस्तावना:

  • भारत में मौद्रिक स्थिरता प्राप्त करने की दृष्टि से बैंक नोटों के निर्गम को विनियमित करना तथा पर प्रारक्षित निधि को बनाए रखना और सामान्य रूप से देश के हित में मुद्रा एवं ऋण प्रणाली को संचालित करना अत्यधिक जटिल अर्थव्यवस्था की चुनौती से निपटने के लिए आधुनिक मौद्रिक नीति फ्रेमवर्क रखना वृद्धि के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मूल स्थिरता बनाए रखना !
  • इसके कार्यों को चार श्रेणियों में मुख्य रूप से विभाजित किया जा सकता है !
  1. मौद्रिक प्राधिकारी
  2. वित्तीय प्रणाली का पर्यवेक्षण एवं नियमन
  3. मुद्रा को जारी करना
  4. विदेशी मुद्रा प्रधान प्रबंधक
  • यह कार्य RBI के गवर्नर और उसके बोर्ड के द्वारा किया जाता है !
  • इसके ऑफिशियल डायरेक्टर्स में गवर्नर एवं चार अन्य सदस्य शामिल होते हैं !
  • 1935 में जब RBI की स्थापना हुई थी उस समय यह वित्तीय वर्ष के रूप में जनवरी से दिसंबर तक के समय काल को वित्तीय वर्ष के रूप में मनाता था !
  • इस समय भारत उपनिवेश था और दिसंबर माह में भारत से बाहर बड़ी मात्रा में मुद्रा का प्रवाह होता था जिसके कारण अपने कार्य को सुचारू रूप से चलाने में RBI बहुत कठिनाई का सामना करती थी !
  • 1940 में सरकार ने अपना वित्तीय वर्ष परिवर्तित कर दिया और 1 जुलाई से 31 जून तक के समय को वित्तीय वर्ष के रूप में स्वीकार किया !
  • पुनः RBI 80 वर्ष बाद अपने इस वित्तीय वर्ष को परिवर्तित करने का प्रयास कर रही है !
  • इसका उद्देश्य RBI एवं केंद्र तथा राज्य सरकारों के वित्तीय वर्ष एवं उनकी नीतियों के साथ समन्वय स्थापित करना है !
  • वित्तीय वर्ष को परिवर्तित करने की सिफारिश 2019 में विमल जालान कमेटी ने दी थी !
  • उसी समय से यह कयाश लगाए जा रहे थे कि ऐसा हो सकता है !
  • हाल के समय में RBI द्वारा सरकार को दिए जाने वाले वित्त का प्रवाह बढ़ा है लेकिन वित्तीय वर्ष के समय काल में अंतर होने के कारण कई प्रकार की चुनौतियां उत्पन्न होती थी !
  • RBI सरकार को Divined payment और Interim dividends देती आई है जिसमें आसानी होगी !
  • वर्तमान समय में RBI 1 जुलाई से 31 जून तक के समय को वित्तीय वर्ष के रूप में देखती है जबकि सरकार द्वारा 1 अप्रैल से 31 मार्च तक के समय को वित्तीय वर्ष में स्वीकार किया जाता है !
  • वर्तमान RBI का वित्तीय वर्ष 2019 - 20 1 जुलाई से 31 जून तक का चल रहा है जो कि 31 जून को समाप्त होगा !
  • वित्तीय वर्ष 2020- 21 1 जुलाई 2020 से प्रारंभ होगा लेकिन 31 मार्च 2021 में समय से समाप्त हो जाएगा !
  • इसके बाद 2021- 22 का वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च का प्रारंभ होगा !

पाकिस्तान और तुर्की गठजोड़

  • तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप एर्डोगन हमेशा से ही कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान समर्थक रहे हैं !
  • अनुसंधान 370 में परिवर्तन का विरोध करता रहा है और CAA को भी मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया था !
  • वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर के मुद्दे को उठाते हुए यह बोल चुका है कि वह कश्मीरी समुदाय के मानवाधिकार का उल्लंघन होता है !
  • एर्डोगन ने पाकिस्तान की यात्रा के दौरान अंकारा- इस्लामाबाद नामक संयुक्त घोषणा में अनुसंधान 370 में परिवर्तन को गलत बताया तो साथ ही भारत की कश्मीर नीति को कश्मीर के लिए सही नहीं माना !
  • एर्डोगन ने कहा कश्मीर में मानवाधिकार सबसे बुरे दौर में है !
  • कश्मीर मुद्दे को लेकर तुर्की हमेशा पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा तथा कश्मीर मुद्दा तुर्की के लिए भी उसी तरह का महत्वपूर्ण होगा जिस तरह पाकिस्तान का !
  • भारत ने एर्डोगन के सभी कश्मीर संबन्धित आरोपों को खारिज किया है और कहा कि तुर्की की सरकार को हमारे अंदरूनी मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए !
  • भारत के ऊपर कश्मीर मुद्दे को लेकर बार-बार प्रश्न उठाने वाला तुर्की खुद आर्मेनियम नरसंहार का आरोपी है !
  • इसमें यह आरोप लगता है कि बड़ी संख्या में आर्मेनिया के क्रिश्चियन समुदाय को मारा गया था !
  • वही साइप्रस के लगभग आधे हिस्से पर कब्जा कर रखा है !
  • मानवाधिकार का हवाला देने वाले एर्डोगन तुर्की और पूरी दुनिया मे कट्टर इस्लामिक तानाशाह के रूप में जाने जाते हैं एवं धर्मनिरपेक्षता को हनन करने वाले नेता के रूप में पहचाने जाते हैं !
  • तुर्की में इसकी तुलना सद्दाम हुसैन, मुअम्मर गद्दाफी जैसे तानाशाह उसे की जाती है !
  • भारत और तुर्कों के बीच लगभग 8.4 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है !
  • वर्ष 2017 में अब्बास शेख और राबिया खातून शेख को मुंबई में पुलिस नया आरोप लगाते हुए गिरफ्तार किया कि यह बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से प्रवेश कर के बिना वैध कागजात के रह रहे थे !
  • लगभग 2 वर्ष तक चले इस केस में सरकार और आरोपी दोनों तरफ से कागजात और नियमों का हवाला दिया गया !
  • अब्बास शेख की तरफ से कहा गया कि उनके पास valid voter id कार्ड है जो यह बताता है कि हम यहां पर लंबे समय से रह रहे हैं !
  • मुंबई के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यह कहते हुए आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया कि वोटर कार्ड एक पर्याप्त आधार है नागरिकता का !
  • कुल मिलाकर कोर्ट ने यह कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कई सालों से गुजरती है और व्यक्ति से तरीके से यदि इसे प्राप्त करता है तो इसे नागरिकता का आधार माना जा सकता है !
  • कोर्ट की तरफ से इसका भी उल्लेख किया गया कि आधार कार्ड पैन कार्ड राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस नागरिकता के आधार नहीं हो सकते हैं !
  • वोटर कार्ड प्रदान करने का अर्थ व्यक्ति को चुनावी प्रक्रिया में शामिल करना है जो अधिकार सिर्फ नागरिकों को प्रदान किया गया है !
  • भारत का प्रत्येक नागरिक जो 18 वर्ष( 1 जनवरी) से ज्यादा उम्र का है और उसके पास वोटर कार्ड है और किसी प्रकार निरूद्ध न किया गया हो वह वोट दे सकता है !
  • कोर्ट ने कहा कि संबंधित व्यक्ति वोटर कार्ड आधारित है और RPA 1950 के तहत उसका नाम भी सूची में है इसलिए यह वैध दस्तावेज है !
  • RPA 1950 में वोटर लिस्ट से नाम हटाने का पहला ही आधार यह है कि संबंधित व्यक्ति नागरिक नहीं है तो नाम हटाया जा सकता है !
  • यहां पर यह ध्यान देना आवश्यक है कि यह मुंबई मजिस्ट्रेट कोर्ट का फैसला है इसलिए यह सर्वमान्य नहीं होगा !
  • असम में NRC की प्रक्रिया और असम समझौते के तहत नागरिकता कानून में किए गए बदलाव के तहत यह माना गया है कि वही रखी नागरिक माना जाएगा जो 25 मार्च 1971 से पहले आ गया हो वह भारतीय नागरिक होगा !
  • इसलिए यह कहा गया कि वोटर कार्ड होने के बावजूद नागरिकता प्रूव करना होगा कि संबंधित व्यक्ति के परिवार के किसी व्यक्ति का नाम 1971 से पहले की सूची में था उससे कोई संबंध है !



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