Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 17 December 2019


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BOUGAINVILLE चर्चा में क्यों है ?

  • यह पापुआ- न्यूगिनी का द्वीप है जिसे काफी हद तक स्वायत्तता प्राप्त है यहीं कुछ समय पहले एक जनमत संग्रह कराया गया था, जिसमें दो विकल्प थे कि या तो यह स्वतंत्र हो सकता है या फिर इसमें बना रह सकता है। यहाँ की अधिकांश जनसंख्या ने इससे अलग होने के पक्ष में मत दिया है।?
  • यह Melanesia का एक भाग है।
  • यह Solomon Archipelago का भाग हैं यहाँ की सर्वोच्च चोटी Mount Balbi है। जनसंख्या लगभग 2 लाख 34 हजार है।
  • यहाँ का जनजातीय समुदाय पापुआ-न्यूगिनी से बहुत अलग है और वह अपने आप को सोलोमन के करीब पाता है। इसीकारण इसे स्वायत्ता दी गई थी।
  • यदि यह स्वतंत्र देश बनता है और UN की सदस्यता ग्रहण करता है तो सदस्य देशों की संख्या 193 से बढ़कर 194 हो जायेगी जबकि कुल देश 195 से बढ़कर 196 हो जायेंगे।
  • अभी 02 देश Holy See और State Of Palestine ने UN की सदस्यता ग्रहण नहीं की है।
  • महाद्वीपों के अंदर देशों की संख्या के हिसाब से सर्वाधिक देश (54) अफ्रीका महाद्वीपों में है उसके बाद 48 एशिया में, 44 यूरोप में, 33 लैटिन अमेरिका एवं कैरीबियन क्षेत्र में, 14 ओशिनिया में और 2 उत्तरी अमेंरिका में है।
  • पापुआ- न्यूगिनी
  • राजधानी- Port Moresby
  • राजव्यवस्था- संसदीय प्रणाली
  • स्वतंत्रता पूर्णतः- 16 सितम्बर 1975 को
  • लोग- जनजातीय बहुल देश
  • संख्या- 2016 के अनुसार लगभग 80 हजार
  • संपन्नता- मध्यम श्रेणी का देश, प्रति व्यक्ति आय 2504
  • मुद्रा पापुआ-न्यूगिनी KINA (PGK)
  • आस्ट्रेलिया ने 1975 में जैसे ही सत्ता प्रदान किया था पापुआ- न्यूगिनी को उसी समय Bougainville को स्वायत्ता प्रदान कर दी गई थी।
  • यहाँ तांबा का बहुत बड़ा निक्षेप है जो पापुआ- न्यूगिनी के आय का एक प्रमुख स्रोत है। लेकिन यहाँ के लोगों को इसका फायदा नहीं मिला है।
  • खनन ट्रांसपोर्टेशन आदि गतिविधियों के कारण यहाँ के पर्यावरण की क्षति भी बहुत ज्यादा हुई है। जनजातीय समुदाय इसे अपने क्षेत्र में अतिक्रमण के रूप में देख रहा है।

इंटरनेट शटडाउन का बढ़ता दायरा एवं इसके मायने

  • भारत विश्व में सर्वाधिक इंटरनेट शटडाउन करने वाला देश बन गया है। 2018 और 2019 के वर्ष में भारत में इंटरनेट शटडाउन की सर्वाधिक बारंबारता देखी जा रही है। वर्ष 2018 में भारत में 134 इंटरनेट शटडाउन की घटनाएं रिकॉर्ड की गई जो 50 से अधिक देशों में शटडाउन की गई संख्या से भी अधिक है।
  • 2018 में पाकिस्तान (12), यमन (7), इराक (7), बांग्लादेश (5), रूस (2), तुर्की (1), श्रीलंका में 1 इंटरनेट शटडाउन की घटना हुई है।
  • अर्थ- An Internet shutdown is an international disruption of internet or electronic communication, rendering then inaccessible or effectively unusable, For a specific population or within a location, often to exert control over the flow of Information.
  • इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकाॅनामिक रिलेशन के अनुसार 2012 से 2017 के दौरान भारत को इंटरनेट शटडाउन से $3 बिलियन का नुकसान हुआ है। 2018 और 2019 के आकड़ों को सम्मिलित करने पर यह मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जायेगी।
  • भारत एक सेवा प्रधान अर्थव्यवश्था के रूप में परिवर्तित हो चुका है इसके कारण शटडाउन से यह सेक्टर प्रभावित होता है और इसके कारण औद्योगिक और कृषि सेक्टर भी प्रभावित होते हैं।
  • इंटरनेट शटडाउन से हाने वाली वैश्विक हानि का संबंध भी अधिकांश विकासशील देशों से संबंधित है। विकसित देशों में इसे मानवाधिकार के खिलाफ माना जाता है।
  • हाल ही में केरल सरकार बनाम फाहिमा शरिन केस में केरल हाइकोर्ट ने इसे एक Basic Right और मूल अधिकार की तरह परिभाषित किया था।
  • जम्मू-काश्मीर में 4 अगस्त 2019 से ही इंटरनेट बंद है। यह अनुच्छेद 370 में किये गये बदलाव से ऊपजी परिस्थितियों से निपटने के लिए किया गया था।
  • जम्मू काश्मीर में 135 दिन से इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। कभी-कभी आंशिक रूप से संवाएं मिली लेकिन अभी तक यह राज्य शटडाउन से बाहर नहीं आ पाया है।
  • इतने बड़ा शटडाउन चीन एवं म्यामांर में देखे गये हैं। लोकतंत्रात्मक भारत में इतना लंबा शटडाउन पहली बार है।
  • वर्तमान समय में असम, मेघालय, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, उत्तर.प्रदेश के कुछ जिलों में इंटरनेट बंद है।
  • इंटरनेट शटडाउन से समस्या क्या है ?
  • अधिकार में कटौती के रूप में देखा जा रहा है।
  • आवश्यक डिजिटल सेवाएं प्राप्त नहीं होगी।
  • व्यापार एवं सेवा आपूर्ति बाधित
  • एजुकेशन एवं स्वास्थ्य पर प्रभाव
  • स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं माना जाता है।
  • आवश्यकता क्या है ?
  • कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने के साथ-साथ कम से कम कटौती।
  • हेट- स्पीच एंव गलत सूचना को फिल्टर करना
  • सोशल साइट पर निगरानी बढ़ाना
  • आवश्यक कार्यों के लिए वैकल्पिक सेवा

लोकसभा एवं राज्य सभा की सीटें बढ़ायी जानी चाहिए

  • यह बात प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को दूसरे अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति व्याख्यान के दौरान दिया।
  • कांग्रेस नेता जितेन्द्र प्रसाद ने भी कुछ समय पहले कहा था कि सदस्यों की संख्या बढ़ाया जाना चाहिए। उत्तर भारत को कम सीट का नुकसान होता है।
  • वर्तमान समय में लोकसभा में निर्वाचित होकर आने वाले सदस्यों की संख्या 543 है। 2 सदस्य एंग्लो इंडियन के होते थे, जो अब मानोनित नहीं किये जायेंगे। इसमें 530 सदस्य राज्यों से जबकि 13 सदस्य UTS से चुनकर आते हैं।
  • अनुच्छेद 81 में सदस्यों की संख्या के विषय में प्रावधान किया जाता है।
  1. राज्यों में प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने हुए 530 से अनधिक, और
  2. संघराज्य क्षेत्रों से अनधिक सदस्यों से मिलकर लोकसभा बनेगी
  • खण्ड A और B के प्रयोजनों के लिए
  1. प्रत्येक राज्य को लोकसभा में स्थानों का आबंटन ऐसी रीति से किया जायेगा कि स्थानों की संख्या से उस राज्य की जनसंख्या का अनुपात सभी राज्यों के लिए यथा साध्य एक ही हो।
  2. राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की जनसंख्या की बात की गई है वह अंतिम जनगणना से प्राप्त होगी।
  • अनुच्छेद 81 में जिस जनसंख्या की बात की गई है वह अंतिम जनगणना से प्राप्त होगी।
  • इसी नियम के तहत 1951, 1961, एवं 1971 की जनगणना के आधार सीटें बढ़ी एवं उनका समायोजन होता रहा।
  • पहली लोकसभा में 489 सदस्य थे बाद में यह बढ़ते-बढ़ते (503,520) 545 सीटें हो गईं।
  • 1976 में 42 वां संविधान संशोधन द्वारा संख्या बढ़ाने पर रोक लगा दिया गया।
  • 84 वाँ संविधान संशोधन 2002 (अटल सरकार) द्वारा सीट बढ़ाने पर प्रतिबंध 25 वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया। 2026 के बाद पहली जनगणना के आंकड़ों के आधार पर सीटें बढ़ायी जायेंगी।
  • वर्तमान समय में 1 सीट पर उत्तर प्रदेश में लगभग 25 लाख आबादी है वहीं दक्षिण भारत में लगभग 10 लाख है।
  • MP Local Area Development (MPLAD)के तहत 5 करोड़ की राशि उत्तर एवं दक्षिण भारत के सांसदों को मिलती है। उत्तर भारत में यह 25 लाख लोगों में खर्च होता है तो दक्षिण भारत में 10 लाख लोगों पर ।