Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 13 December 2019


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 13 December 2019



Human Development Index

  • यह इंडेक्स UNDP द्वारा जारी किया जाता है जो पिछले वर्षों के प्रदर्शन के आकड़ों पर आधारित होता है।
  • इस इंडेक्स का प्रारम्भ 1990 में हुआ था जिसमें भारतीय अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन एवं पाकिस्तानी अर्थशास्त्री Mahbub Ul Haq का प्रमुख योगदान था।
  • ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स 2019 में भारत का स्थान 129वाँ है जबकि पिछले इंडेक्स में 130वाँ था। इस तरह हमने एक पायदान का सुधार किया है।
  • नार्वे को पहला स्थान प्राप्त हुआ है तो उसके बाद क्रमशः स्वीट्जरलैण्ड, आयरलैण्ड, जर्मनी एवं हांगकांग का नंबर है।
  • 189 देशों में सबसे नीचे वुरूण्डी है।
  • यह तीन आधारों पर मापा जाता है। यह आधार हैं जीवन प्रत्याशा, शिक्षा, प्रति व्यक्ति आय।
  • जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर देशों को 4 श्रेणियों में विभाजित किया जाता है।
  • जिस देश का स्कोर तीनों आधारों में जितना ऊपर होगा वह देश मानव विकास में उतना ही ऊपर होगा।
  • भारत का स्कोर 1990 में 0.427 था जो 2018 में बढ़कर 0.647 हो गया है।
  • भारत में राष्ट्रीय स्तर पर चलाये जा रहे अनेक शैक्षिक, स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी कार्यक्रम भारत को आने वाले समय में HDI में और ऊपर ले जायेंगे।

Climate Change Performance Index 2020

  • जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रमुख कार्बन उत्सर्जक देश किस प्रकार की रणनीति अपना रहे हैं और वैश्विक रूप से उनका योगदान कितना सराहनीय है, इसका मापन किया जाता है।
  • यह इंडेक्स जर्मनवॉच, न्यूक्लाइमेट इंस्टीट्यूट और क्लाइमेट एक्शन नेटवर्क द्वारा जारी किया जाता है।
  • स्पेन के मैड्रिड में UNFCCC की 25वीं बैठक चल रही है जिसे COP 25 के नाम से भी पुकारा जा रहा है। इसी बैठक में CCPI 2020 को जारी किया गया है।
  • इस इंडेक्स में 57 देशों को शामिल किया गया है।
  • यह 57 देश विश्व के 90% GHG के लिए उत्तरदायी है।
  • भारत को इस सूचकांक का 9वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। भारत पहली बार 10 अच्छे प्रदर्शन वाले देशों में शामिल हुआ है।
  • चीन 30वें स्थान पर, USA 57वें स्थान पर, सऊदी अरब 56वें स्थान पर है।
  • सभी मानकों पर कोई भी देश खरा नहीं उतरा इस कारण प्रथम तीन स्थान खाली रखे गये हैं।
  • 4, 5, 6वाँ स्थान क्रमशः स्वीडन, डेनमार्क एवं मोरक्को को प्राप्त हुआ है।
  • ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रयास, ऊर्जा उपभोग का स्तर एवं जलवायु के प्रति संवेदनशील नीति के आधार पर देशों की स्थिति तय होती है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट क्या और क्यों ?

  • उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्नाव घटना के बाद पूरे प्रदेश में 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है।
  • यह कोर्ट बलात्कार एवं बच्चों के साथ होने वाले दुव्र्यवहार के मामलों का ही निपटारा करेंगे।
  • लंबित मामलों के दृष्टिकोण से उत्तर-प्रदेश का स्थान प्रथम है जहाँ लगभग 5.9 लाख केस लंबित हैं।
  • इसमें से 42,379 केस बच्चों के साथ हुए दुव्र्यवहार एवं 25,479 केस महिलाओं से सम्बंधित हैं।
  • इन मामलों को निपटाने तथा न्याय प्रक्रिया को गति देने के लिए 144 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन महिलाओं सम्बंधित मामलों के लिए तो 74 FTC का गठन बच्चों के साथ होने वाले दुव्र्यवहार (POCSO एक्ट) को देखने के लिए बनाये जायेंगे।

फास्ट ट्रैक कोर्ट

  • यह सामान्यतः अलग-अलग मामलों को देखने के लिए गठित की जाती है, जिससे निपटारा जल्दी से जल्दी हो सके।
  • इसका उद्देश्य त्वरित न्याय करना है।
  • इस प्रकार के कोर्ट का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं होता है।
  • यह कोर्ट वर्ष 2000 से बनने प्रारम्भ हुए। इसके गठन का सुझाव 11वें फाइनेंस कमीशन में दिया गया था। इनका गठन 5 वर्ष के लिए होना था। इसी के तहत 1734 FTC का गठन किया गया।
  • 1734 FTC ने 5 सालों में लगभग 1 करोड़ मामलों का निपटारा किया था।
  • FTC स्थापित करने की जिम्मेदारी या निर्णय का दायित्व राज्य सरकारों पर था, जिन्हें अपने भ्ब् से परामर्श कर निर्णय लेना था।
  • FTC का गठन 5 साल के लिए हुआ था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन्हें 5 साल के लिए और बढ़ा दिया गया।
  • यह CFS स्कीम थी इसलिए पैसा 60:40 के अनुपात में खर्च होता था। 2011 में केन्द्र सरकार ने पैसा देना बन्द कर दिया।
  • वर्तमान समय में लगभग 700 FTC काम कर रहे हैं।
  • लगभग 56% राज्यों में FTC नहीं है।

आवश्यकता क्यों ?

  • त्वरित न्याय के लिए
  • लोगों का भरोसा कानून पर बनाये रखने के लिए
  • समस्या
  • पूरे देश में एक जैसी संरचना नहीं
  • तकनीकी पिछड़ापन एवं वित्त का आभाव
  • जज व स्टॉफ एवं आधारभूत संरचना