Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 11 June 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 11 June 2020



Q-S World University Ranking 2021

  • NunzioQuacquarelli द्वारा QS अर्थात Quacquarelli Symonds का गठन 1990 में किया गया था !
  • वैश्विक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए यह कंपनी अपनीयूनिवर्सिटीरैंकिंगकेलिए जानी जाती है जिसके द्वारा प्रतिवर्ष विश्व की प्रतिष्ठित QS World University Ranking प्रकाशित की जाती है !
  • हाल ही में Q-S World University Ranking-2021 को जारी किया गया है ! रिपोर्ट और रैंकिंग का उद्देश्य अगले सत्र के लिए यूनिवर्सिटी के विषय में परिचित कराना है इसलिए रैंकिंग का वर्ष 1 साल आगे का होता है ! जैसे 2020 में आई रिपोर्ट 2021 के नाम से है !
  • हाल ही में जारी इस रैंकिंग में 1000 वैश्विक संस्थानों की सूची में भारतीय संस्थानों की संख्या 23 से घटकर 21 हो गई है !
  • रैंकिंग के अनुसार IIT बॉम्बे- (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे ) लगातार तीसरे वर्ष भारत का सबसे सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय है, जिसे इस बार 172 वां स्थान प्राप्त हुआ है जबकि पिछली रैंकिंग में इसका स्थान 152 वां था ! इस तरह 20 अंकों की रैंकिंग में गिरावट आई है !
  • कुछ अन्य संस्थान उनकी रैंकिंग के अनुसार - भारतीय विज्ञान संस्थान (185), IIT दिल्ली (193), IIT मद्रास ( 275), IIT खड़गपुर (314), IIT कानपुर (350), IIT रुड़की (383) आदि है !
  • भारत के संदर्भ में केवल IIT गुवाहटी और IITहैदराबाद की रैंकिंग में सुधार हुआ है !
  • IIT दिल्ली की रैंकिंग में 10 अंकों की गिरावट आई है !
  • IIT हैदराबाद इस रैंकिंग की 1000 विश्वविद्यालयों की सूची में पहली बार शामिल हुआ है वही BITS पिलानी और वेल्लोर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी जैसे संस्थान की सूची से बाहर हो गए हैं !
  • IIT बॉम्बे, भारतीय विज्ञान संस्थान IISc औरIITदिल्ली ही विश्व के शीर्ष 200 विश्वविद्यालय में शामिल हो पाए हैं !
  • भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु को भारत का सबसे अच्छा शोध विश्वविद्यालय का भारत में दर्जा प्राप्त हुआ है !
  • प्रथम 3 स्थानों पर अमेरिका का दबदबा कायम है !
  • अमेरिका की MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी) को पहला स्थान प्राप्त हुआ है !
  • स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय को दूसरा व हार्वर्ड विश्वविद्यालय को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है !
  • यूनिवर्सिटी की रैंकिंग- अकादमी रेपुटेशन, एम्प्लायर रेपुटेशन, साइटेशन पर फैकल्टी, फैकल्टी एवं स्टूडेंट के अनुपात, इंटरनेशनल फैकल्टी अनुपात, इंटरनेशनल स्टूडेंट्स अनुपात के आधार पर प्रदान किया जाता है !
  • भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान के संदर्भ में कहा गया है कि रिसर्च क्वालिटी के क्षेत्र में यह संस्थान 'मोस्ट स्ट्रांगली' काम करते हैं ! हालांकि यह अपनी रैंकिंग को बढ़ाने में असफल रहे हैं !
  • भारतीय संस्थानों के रैंकिंग में गिरावट कठोर अंतरराष्ट्रीय मानकों के कारण हुई है !
  • भारतीय संस्थानों को छात्र और फैकल्टी अनुपात तथा अंतरराष्ट्रीय संकाय संबंधित 6 मापदंडों में शून्य अंक मिले हैं जिसके पीछे कारण गणना में केवल पूर्णकालिक शिक्षकों को भी शामिल किया जाना है !

Biodiversity Park

  • भारत विश्व के सर्वाधिक जैव विविधता वाले देशों में शामिल है !
  • कन्याकुमारी से लद्दाख तक हर क्षेत्र में अलग-अलग जैव विविधता उसकी जलवायु के अनुसार पाई जाती हैं !
  • पश्चिमी घाट पर्वतीय क्षेत्र, पूर्वोत्तर भारत और हिमालय क्षेत्र तथा भारत के द्वीपीय क्षेत्र इस मामले में सर्वाधिक संपन्न क्षेत्र हैं !
  • उत्तराखंड 70% से अधिक Forest Cover वाला राज्यहै जहां प्रचुर मात्रा में जैव विविधता पाई जाती है !
  • उत्तराखंड में पर्यटन और अन्य मानवीय गतिविधियों के कारण जैव विविधता को क्षति पहुंचने की खबरें हमारे सामने आती रहती हैं, इसी क्रम में उत्तराखंड वन विभाग द्वारा हल्द्वानी (Haldwani) में उत्तराखंड का सबसे बड़ा Biodiversity Park खोलने की घोषणा की गई है!
  • जैव विविधता पार्क वहक्षेत्र होता है जहां प्राकृतिक और मानवीय प्रयासों की संयुक्त प्रक्रिया से वहां पर जैव विविधता को बढ़ाने और संरक्षित करने का प्रयास किया जाता है !
  • यहां पर बाहर से पौधे लाकर, जीवो को लाकर भी संरक्षित किया जाता है तथा लोगों को इसे देखने की भी सुविधाएं होती हैं !
  • यह जैव विविधता उद्यान लगभग 18 एकड़ में फैला है जिसमें पौधों की 500 से अधिक प्रजातियां हैं !
  • यहां की प्रकृति के अनुरूप इसमें औषधीय जड़ी बूटियां,आर्किड, फूल, झाड़ियां हैं !
  • यहां जुरैसिक युग के लाइकेन, काई, शैवाल, फर्न, एवं गौतम बुद्ध के जीवन से संबंध रखने वाले बरगद एवं अशोक जैसे विशाल वृक्षों को भी संरक्षित किया गया है !
  • लोगों को इस पार्क से जोड़ने के लिए कौन-सा पौधा शरीर के किस अंग के लिए लाभदायक है यह भी बताया गया है !
  • पार्क को 40 सेक्शन में विभाजित कर उसे सजाने का प्रयास किया गया है ! और लोगों को अवेयर करने के लिए सूचनाओं को आकर्षक बनाया गया है !
  • राज्य में पाए जाने वाली 8 तरह की मिट्टी, पर्वतीय क्षेत्र के बीज, कैक्टस, फलों की जानकारी एक ही स्थान पर प्राप्त हो सकती है !
  • इसमें जुरैसिक पार्क और संग्रहालय भी विकसित किया गया है !
  • यहां की दीवारों को श्लोक, आयतों, कविताओं से सजाया गया है ! जिसमें प्रकृति प्रेम की वरीयता है !
  • यहां बटरफ्लाई पार्क बनाने की भी तैयारी की जा रही है जिसके जल्द बन जाने की संभावना है !
  • यहां ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन भी स्थापित किया गया है !
  • जलवायु परिवर्तन, आवास विखंडन, मानव पशु संघर्ष आदि कारणों के समाधान के रूप में यह कारगर कदम है !

असम में गैस रिसाव

  • प्राकृतिक गैस जीवाश्म आधारित ऊर्जा का स्रोत है !इसका सबसे महत्वपूर्ण घटक मिथेन होता है ! इसके अलावा CO2एवं जलवाष्प भी इसमें मिला होता है !
  • जब यह बड़े चट्टानों के बीच के रिक्त स्थानों में पाई जाती है तो इसे परंपरागत प्राकृतिक गैस, जब यह छोटे चट्टानी भागों, अवसादी चट्टानों एवं क्षेत्रों में पाई जाती है तो इसे शैल गैस के नाम से एवं कोयले के भंडार के साथ मिलने पर कोल-वेड मिथेन के नाम से जानी जाती है !
  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तर्शियरी युग की चट्टानों में पाए जाने वाले ऊर्जा के मुख्य स्रोत हैं !असम, तमिल नाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यों की इन चट्टानों में यह पाए जाते हैं ! असम तेल का प्रारंभिक उत्पादक राज्य रहा है, 1956 तक असम का डिगबोई एकमात्र तेल उत्पादक क्षेत्र था !
  • असम तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन के दृष्टिकोण से भारत का बहुत महत्वपूर्ण राज्य है !
  • असम के तिनसुकिया जिले Baghjan के गैस उत्पादन के कुआं नंबर 5 में 27 मई को आग लग गई !
  • इस कुएं का विकास वर्ष 2006 में OIL अर्थात Oil India Limited के द्वारा किया गया था !
  • यहां पर लगभग 4000 मीटर की गहराई से प्रतिदिन लगभग 80,000 Standard Cubic Metres गैस का उत्पादन होता था ! लेकिन हाल के समय में उत्पादन यहां से लगभग 10000 SCMD बढ़ा दिया गया था !
  • इस कुएं का सर्विस किया जा रहा था ! इस दौरान गैस के प्रेशर को नियंत्रित करने वाला Blowout Preventer फेल हो गया जिसके वजह से गैस रिसाव प्रारंभ हो गया !
  • यह एक मानवीय आपदा है जिसमें निरीक्षण की कमी, तकनीकी कारण तथा रख-रखाव जैसे मुद्दे प्रमुख हैं !
  • यह इस प्रकार की पहली घटना नहीं है ! वर्ष 2005 में डिब्रूगढ़ और 1970 के दशक में रूद्रसागर क्षेत्र में इस प्रकार की घटना हो चुकी है !
  • गैस रिसाव को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि यह अत्यधिक प्रेशर से बाहर निकलता है !
  • वर्तमान समय में भी यही समस्या है और इसी कारण इस रिसाव के संदर्भ में यह कहा जा रहा है कि इसमें लगभग एक माह का समय लग सकता है !
  • इस आग को रोकने के लिए पानी को नीचे पंप किया जा रहा है लेकिन अभी कोई सफलता नहीं मिल पाई है !
  • यहां से लोगों को निकाल कर के राहत शिविरों में भेजा गया है लेकिन आग का दायरा बढ़ता जा रहा है !
  • आस-पास का क्षेत्र आबादी वाला होने के कारण लॉकडाउन में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही है !
  • आस-पास के गांव अब इसकी चपेट में आने लगे हैं !
  • सिंगापुर की अलर्ट डिजास्टर कंट्रोल के विशेषज्ञ भारतीय अधिकारियों के साथ इसे नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं !
  • समस्या गंभीर है क्योंकि आग बुझाने के कार्य में लगे लोगों की मौत की भी सूचना आ रही है !
  • गैस रिसाव से डॉल्फिन तथा अनेक प्रकार की मछलियों की मृत्यु की सूचना है !
  • यहां समीप मे ही Important Bird Area (IBA), Maguri-Motapung Wetland है !
  • इसके अलावा डिब्रू सैखोवा राष्ट्रीय उद्यान भी समीप में ही स्थित है !
  • इस तरह यहां के पर्यावरण जैवविविधता और जन-धन के दृष्टिकोण से यह बड़ी दुर्घटना है !