Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 08 July 2020


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नागालैंड इतना अशांत क्यों रहता है ?

  • नागालैंड पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख राज्य है जो अपनी जनजातीय विविधता, विशिष्ट संस्कृति, अद्भुत भूगोल तथा सीमावर्ती राज्य के रूप में एक अलग पहचान या महत्व रखता है |
  • इस राज्य के उत्तर में अरुणाचल प्रदेश तथा दक्षिण में मणिपुर स्थित है वहीं पूर्व में म्यामार तो पश्चिम में असम का विस्तार है |
  • नागालैंड का कुल क्षेत्रफल 16578 वर्ग किमी है, जो भारत के छोटे राज्यों में शामिल किया जाता है |
  • इस राज्य का अधिकतर हिस्सा पहाड़ी है, जबकि मैदानी भाग का प्रतिशत बहुत कम है |
  • यहां की राजधानी कोहिमा है तथा राज्य 11 प्रशासनिक जिलों में विभाजित हैं |
  • राज्य निर्माण के क्रम में यह 16 वा राज्य है जिसकी स्थापना 1 दिसंबर 1963 को हुई थी |
  • नागालैंड राज्य में कुल 16 जनजातियां निवास करती हैं जिसमें से प्रत्येक की अपनी विशिष्ट रिती- रिवाज, भाषा एवं पोशाक है |
  • नागालैंड में 16 जनजातियां निवास करती हैं - अंगमी, आओ, चखेसंग, चांग, कोनयाक, कुकी, लोथा, फ़ोम, कोचुरी, रेंगमा, संगतम, सूमि, जेलियांग, खिनमनीगान, कचारी आदि है |
  • भाषा और धर्म दो प्रमुख कारक हैं जो इन जनजातियों को आपस में जोड़ते हैं |
  • यहां की 90% आबादी ईसाई धर्म को मानने वाली है तथा यहां आम बोलचाल और अधिकारिक भाषा अंग्रेजी है |
  • इन्हीं पर्वतीय भागों का हिस्सा माउंट सरामती है जिस की समुद्र तल से ऊंचाई लगभग 3840 मीटर है ।
  • यहां कि पर्वतीय श्रंखला नागालैंड और म्यांमार के बीच प्राकृतिक सीमा का निर्माण करती है |
  • नागालैंड का इतिहास-
  • नागा जनजाति अपने इतिहास के विषय में जानकारी सहेज कर नहीं रखती है लेकिन फिर भी पिछले 200 वर्षों के इतिहास के आधार पर नागा आंदोलन और अशांति को समझा जा सकता है |
  • नागा एक जनजाति ना होकर अनेक जनजातियों का समूह है | प्राचीन काल से यह नागा समुदाय असम के पूर्व में स्थित नागा हिल्स पर रहते आए थे | यह अन्य समाजों से अलग अपनी संस्कृति में रहना पसंद करते थे |
  • 1826 में अंग्रेजों ने असम को ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य में मिला लिया और कुछ समय बाद 1881 में नागा हिल्स को भी अपने हिस्से में शामिल कर लिया |
  • नागाओं को ब्रिटिश भारत में बलपूर्वक शामिल किया गया था जैसा कि साम्राज्यवादी सरकारें करती हैं |
  • 1918 नागाओं ने आपस में मिलकर नागा क्लब बनाया |
  • 1928 में जब साइमन कमीशन भारत आया तब इस जनजाति द्वारा यह मांग की गई कि हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया जाए और हम जैसे जीते आ रहे हैं वैसे ही जीना चाहते हैं |
  • 1946 में अंगामी जापू फिजो के नेतृत्व में नागा नेशनल काउंसिल (NNC) का गठन किया गया |
  • प्रारंभ में इनकी मांग थी कि यह भारत के हिस्से के रूप में रहेंगे लेकिन एक स्वायत्त क्षेत्र के रूप में | अर्थात अपने ऊपर शासन की पद्धति का निर्धारण खुद करेंगे |
  • आजादी का समय जैसे-जैसे करीब आया फिजो ने अपनी मांग परिवर्तित कर लिया |
  • 29 जून 1947 को असम के राज्यपाल अकबर हैदरी के साथ नागाओं का एक समझौता हुआ जिसे नागा- हैदरी करार के नाम से जाना जाता है | इस समझौते में नागाओं के लिए कई प्रकार की छूट थी हालांकि फिजो इस समझौते में शामिल नहीं हुए और बाद में इस समझौते को अस्वीकार कर दिया गया |
  • 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान के साथ नागालैंड को फिजो ने एक स्वतंत्र राज्य घोषित कर दिया |
  • पाकिस्तान बनने के शोरगुल में नागालैंड की घोषणा पर लोगों का कम ही ध्यान गया |
  • 1951 में नागा नेशनल काउंसिल (NNC) के नेतृत्व में नागा गुटों ने इस क्षेत्र में एक रिफ़्रेंडम करवाया |
  • इस रिफ़्रेंडम से यह सामने आया कि 99% से अधिक नागा आजाद रहना चाहते हैं |
  • भारत सरकार ने इस रिफ़्रेंडम को मानने से इनकार कर दिया |
  • 22 मार्च 1952 को फिजो ने भूमिगत नागा फेडरल गवर्नमेंट (NFG) और नागा फेडरल आर्मी (NFA) का गठन किया |
  • NFG ने सरकार चलाने का काम अपने हिस्से में लिया तो NFA ने भारतीय सेना से संघर्ष करना प्रारंभ कर दिया |
  • NFA का मकसद हिंसा के माध्यम से नागालैंड को भारत से आजाद करवाना था |
  • अप्रैल 1956 में भारतीय सेना ने NFA के खिलाफ कार्यवाही प्रारंभ कर दी |
  • फिजो को जान बचाकर पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) भागना पड़ा |
  • नागा पहाड़ी इलाके भारतीय सेना के लिए कठिन साबित हो रहे थे तो वही नागा पहाड़ी क्षेत्रों से बार- बार भारतीय सेना पर हमला कर रहे थे |
  • इस नागा उग्रवाद से निपटने के लिए भारत सरकार ने सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम 1958 (Armed Forces Special Power Act - AFSPA) का निर्माण किया गया |
  • इसमें सेना को बहुत सी विशेष शक्तियां दी गई |
  • लेकिन इस AFSPA के बाद भी नागा असंतोष समाप्त नहीं हुआ इसीलिए बातचीत के माध्यम से मामले का समाधान करने का प्रयास करने की रणनीति को बनाया गया |
  • 1963 में असम के नागा हिल्स तथा वर्तमान मे अरुणाचल प्रदेश के एक हिस्से त्यूनएनसॉन्ग क्षेत्र को मिलाकर नागालैंड का निर्माण किया गया |
  • नागालैंड की मांगों को शामिल करने के लिए संविधान में संशोधन कर अनुच्छेद 371(A) जोड़ा गया |
  • इसमें यह कहा गया कि केंद्र का कोई कानून यदि नागाओं के सामाजिक धार्मिक नियम, रहन-सहन या पारंपरिक कानून से जुड़ा होगा तो वह तभी लागू होगा जब नागालैंड विधान सभा से बहुमत से पास किया जाएगा |
  • इसके बावजूद नागा असंतोष समाप्त नहीं हुआ भारतीय सेना और नागा आर्मी के बीच संघर्ष चलता रहा |
  • समय आगे बढ़ता गया लेकिन शांति स्थापित नहीं हो पाई |
  • 11 नवंबर 1975 को शिलांग में समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए NNC नेताओं का एक गुट भारत सरकार से मिला |
  • इसमें हथियार छोड़ने की बात की गई तथा उन्होंने यह भी कहा कि वह अलग राज्य की मांग नहीं करेंगे |
  • नागाओं के सभी संगठनों का समर्थन इस समझौते को नहीं मिला और NNC और NFG (भूमिगत नागा फेडरल गवर्नमेंट) के एक समूह ने शिलांग समझौते से खुद को अलग कर लिया |
  • NNC के एक सदस्य थे थींजलेंग मुइवा ,जो इस समझौते के समय चीन में थे उन्होंने अपने समर्थकों के साथ 1980 में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (NSCN) का गठन किया |
  • 1988 में एक हिंसक टकराव के बाद NSCN का विभाजन हो गया |
  • NSCN से अलग होकर एक नया संगठन NSCN-K (खापलांग) बना तथा इसके बाद जो NSCN बचा वह NSCN-IM (ईसाक मुइवा) कहलाया |
  • NSCN-IM ने ग्रेटर नागालैंड की मांग जमकर उठाई |
  • ग्रेटर नागालैंड की मांग में आज का नागालैंड तो था ही इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, असम एवं म्यांमार के इलाके शामिल थे |
  • इसके बाद भी नागा समूह कई छोटे-छोटे समूहों में विभाजित होता रहा और सरकार के सामने एक प्रमुख चुनौती यह आती रही कि वह किस संगठन से बातचीत करें
  • एक चुनौती यह भी थी कि यह वार्ता कितना सफल हो पाएगी हालांकि NSCN-IM का कद अन्य संगठनों से अब भी बड़ा था |
  • NSCN-IM ने भारत सरकार के साथ पहला शांति समझौता 1997 में किया |
  • 1997 के बाद से NSCN-IM भारत सरकार के साथ कई दौर की बातचीत की और वर्ष 2015 में 3 अगस्त 2015 में नागा समझौते का Naga Framework Agreement (नागा फ्रेमवर्क समझौता) बना |
  • इसमें यह कहा गया कि सरकार एक ही समझौता करेगी और इस समझौते को सभी पक्षों/गुट को मानना होगा । सभी नागा भारतीय संप्रभुता को अपनाएंगे, नागा गुटों का पुनर्वास होगा, नागालैंड की सीमा में कोई हेर-फेर नहीं होगी आदि|
  • 31 अक्टूबर 2019 को एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर होना था लेकिन यह नहीं हो पाया | नागा गुट दो मांगों पर अड़ गए हैं कि उन्हें अलग संविधान एवं अलग झंडा चाहिए |
  • इस फ्रेमवर्क के बाद भी नागा संघर्ष में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई और ना ही उनके संसाधन कम हो रहे हैं | इसीलिए तनाव बीच-बीच में आता रहता है |
  • यहां पर कई विद्रोही समूह अपनी समानांतर सरकार चला रहे हैं जिसकी वजह से शांति स्थापना के अधिकांश प्रयास विफल हो रहे हैं |
  • यहां की राजनीति भी इस अशांति में प्रमुख भूमिका निभाती है दरअसल यहां के विद्रोही गुटों का प्रयोग राजनीतिक दल अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए करते हैं |
  • यहां के संसाधनों का प्रयोग यहां की सरकारें बिना जनजातीय स्वीकृति के करती हैं इसलिए सरकार और जनजातियों के मध्य अविश्वास बढ़ता है |
  • 30 दिसंबर 2019 को AFSPA की धारा-3 के तहत नागालैंड को अशांत क्षेत्र घोषित किया गया | इसका समय काल 30 जून 2020 को पूरी हो रही था इसलिए फिर से 6 माह के लिए अशांत क्षेत्र घोषित कर दिया गया है | अर्थात वर्ष 2020 तक के लिए यह क्षेत्र अशांत क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा |
  • सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (AFSPA) क्या है -
  • नागालैंड एवं पूर्वोत्तर भारत में पहले उग्रवाद से निपटने के लिए सेना को विशेष अधिकार देने के लिए 11 सितंबर 1958 को AFSPA को पारित किया गया था |
  • किसी क्षेत्र विशेष में AFSPA को तभी लागू किया जाता है जब राज्य या केंद्र सरकार उस क्षेत्र को अशांत क्षेत्र (Disturbed Area) घोषित कर दे !
  • जब किसी क्षेत्र में नस्लीय, भाषायी, धार्मिक, क्षेत्रीयता, जातियों की विभिन्नता के आधार पर समुदायों के बीच उपद्रव, हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और प्रशासन को सामान्य पुलिस के माध्यम से चलना संभव नहीं होता है तो क्षेत्र को अशांत क्षेत्र घोषित कर दिया जाता है !
  • इसी के तहत अफ़्स्पा को अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर और नागालैंड में लागू किया जा चुका है !
  • अफ़्स्पा के तहत केंद्र सरकार राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर किसी राज्य को अशांत क्षेत्र घोषित कर वहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती करती है !
  • अशांत क्षेत्र (विशेष न्यायालय) अधिनियम, 1976 के अनुसार एक बार अशांत घोषित होने पर क्षेत्र में न्यूनतम 3 माह के लिए यथास्थिति बनाए रखनी होगी !
  • राज्य सरकारें यहां सुझाव दे सकती है कि इस अधिनियम को लागू किया जाना चाहिए अथवा नहीं परंतु इस अधिनियम की धारा तीन के तहत उनके सुझाव को संज्ञान में लेने अथवा न लेने की शक्ति राज्यपाल अथवा केंद्र के पास है !
  • अफ़्स्पा के सशस्त्र बलों को मिलने वाली शक्तियां-
  1. संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है घर की तलाशी ली जा सकती है !
  2. कोई व्यक्ति यदि अशांति फैलाता है और बार- बार कानून तोड़ता है तो मृत्यु तक बल का प्रयोग किया जा सकता है !
  3. वाहन को रोककर तलाशी ली जा सकती है, संदिग्ध या विद्रोहियों को आश्रय देने वाले ढांचे को तबाह किया जा सकता है !
  4. सशस्त्र बलों द्वारा अधिक बल प्रयोग करने या कार्यवाही की स्थिति में भी उनके ऊपर कानूनी कार्यवाही नहीं होती है !
  • इन अधिकारों के समर्थकों का मानना है कि देश की एकता और अखंडता के लिए यह कानूनी प्रावधान जरूरी है !
  • वहीं कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ता इसके खिलाफ हैं उनका मानना है कि यह कानून न सिर्फ मूल अधिकार का उल्लंघन करता है बल्कि मानवाधिकार का उल्लंघन करता है !
  • नागालैंड के कई क्षेत्रो में 14 अगस्त को नागा स्वतंत्रता दिवस आज भी मनाया जाता है ! जैसा कि 14 अगस्त 2019 को 73 वां नागा दिवस मनाया गया !
  • नागा स्वतंत्रता दिवस और ऐसे ही कई आयोजनों पर नागा समूह के लोग अपना झंडा फहराते हैं जिसे आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है !
  • नागा झंडा में एक सफेद रंग का स्टार ऊपरी हिस्से में बना हुआ है और तीन रंगों से मिलकर एक तिरछा रेनबो स्टार के नीचे है ! जब भी इस झंडे को लेकर विवाद उठता है तो वहां के आयोजन कर्ताओं का कहना होता है कि इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश नहीं है बल्कि यह सिर्फ हमारी पहचान को प्रकट करने का तरीका है !