Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 06 June 2020


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अमेरिका-चीन विमान विवाद

  • आधुनिक समय में प्रथम विश्वयुद्ध, द्वितीय विश्वयुद्ध जैसे काल समय विभाजक माने जाते हैं जिसके पहले और बाद की दुनिया में बहुत अंतर दिखाई देता है । कोरोना कॉल भी इसी प्रकार का एक बड़ा समय विभाजक बनता जा रहा है !
  • यह वह समय है जब वैश्विक समुदाय की एकजुटता की आवश्यकता थी तो इसी समय कुछ देशों में तनाव अपने चरम की ओर बढ़ता जा रहा है !
  • भारत-चीन तनाव, चीन-USA तनाव और रूस-चीन गठजोड़ तथा अन्य देशों के बीच तनाव इसी तरह के उदाहरण हैं! इन सभी तनावों के जड़ में चीन की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है !
  • USA और चीन के बीच कोरोना से पहले से ही ट्रेड वॉर चला आ रहा है जो इस समय कई नए मोड़ ले रहा है !
  • USA और चीन के बीच एक ट्रेड एग्रीमेंट हुआ था जिसमें इस पर सहमति थी कि USA जितने चीन के Flights को USA में आने की अनुमति देगा चीन भी उतने ही USA के Flights को चीन में आने की अनुमति प्रदान कर देगा !
  • चीन कुछ समय से USA के फ्लाइट (अमेरिकन कैरियर) को अपने यहां आने की अनुमति नहीं दे रहा है !
  • इसी कारण से यूएसए ने भी अब निर्णय लिया है कि 16 जून के बाद चीन के पैसेंजर प्लेन की उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी अर्थात चीन का पैसेंजर प्लेन इसके बाद USA से नहीं उड पाएगा !
  • USA के इस निर्णय से 4 चीनी एविएशन कंपनियां Air China, Hainan Airlines holding co., China Eastern Airlines corp., China Southern Airlines corp. प्रभावित होंगी !
  • दरअसल USA की यूनाइटेड एयरलाइंस और डेल्टा एयरलाइंस पिछले एक माह से चीन से यह अनुमति मांग रही थी कि उनके पैसेंजर जहाजों को भी चीन में उतरने दिया जाए, जैसा कि पहले होता था !
  • इन कंपनियों की कार्गो सेवाएं तो चालू है लेकिन Daily Flight पर चीन ने प्रतिबंध लगा रखा है !
  • डेल्टा एयरलाइंस डेट्रायट और सीएटल से शंघाई और यूनाइटेड एयरलाइंस सैन फ्रांसिस्को और न्यूजर्सी से बीजिंग और शंघाई तक के फ्लाइट की अनुमति मांग रही थी ! लेकिन चीन ने कोई उत्तर नहीं दिया है !
  • चीन के यह क्षेत्र कोरोना से बहुत प्रभावित होने वाले क्षेत्र नहीं हैं इसलिए चीन द्वारा इनकी अनुमति न देने पर USA ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है !
  • वर्ष 2018 में लगभग 8.5 मिलियन लोगों ने USA और चीन के बीच यात्रा किया जो यह बताता है कि दोनों देशों के बीच आवागमन के लिए यह कितना महत्वपूर्ण है !
  • यहां USA के द्वारा यह भी कहा गया है कि कोरोना के प्रसार के समय भी USA ने चीन के जहाजों को नहीं रोका क्योंकि वह एग्रीमेंट का पालन करना चाहता था लेकिन चीन द्वारा की जा रही इन गतिविधियों के कारण यह किया गया है !

भारत-ऑस्ट्रेलिया मजबूत होते संबंध

  • हाल ही में भारत और ऑस्ट्रेलिया ने Mutual logistics Support Agreement पर वर्चुअल हस्ताक्षर किया !
  • इसमें इस पर सहमति बनी कि भारत और ऑस्ट्रेलिया एक दूसरे के मिलिट्री बेस का प्रयोग कर सकते हैं ! इससे भारत का प्रशांत क्षेत्र में तथा ऑस्ट्रेलिया का हिंद क्षेत्र में स्थिति मजबूत होगी और भविष्य की चुनौतियों से निपट सकेंगे !
  • इस समझौते में दो महत्वपूर्ण Declaration (घोषणा पत्र) पर सहमति बनी !
  • पहला था- Comprehensive strategic partnership.
  • दूसरा था - Joint declaration on a shared vision for Maritime Corporation in the indo-pacific.
  • इन दो महत्वपूर्ण Declaration के अलावा 7 एग्रीमेंट हुए:
  1. Framework agreement on cyber and cyber enabled critical Technology cooperation.
  2. Arrangement Concerning mutual logistics support.
  3. MoU on cooperation in the field of mining and processing of critical and strategic minerals.
  4. Memorandum of of understanding on water resources management.
  5. Mou on cooperation in in vocational education and training.
  6. MoU of cooperation in the field of Public Administration and governance reform.
  7. MoU on Defence cooperation including Science and Technology.
  • पिछले कुछ माह में चीन के साथ भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध तनावपूर्ण हुए हैं उसकी वजह से दोनों देश ना सिर्फ एक-दूसरे के करीब आए हैं बल्कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपनी गतिविधियां और बढ़ाना चाहते हैं ! उपरोक्त घोषणा और एग्रीमेंट किसी की पुष्टि करते हैं !
  • इन घोषणाओं से और आगे बढ़ते हुए भारत ने ऑस्ट्रेलिया को “ मालाबार नौसैनिक अभ्यास” में शामिल करने पर भी विचार करना प्रारंभ कर दिया है !
  • मालाबार नौसैनिक अभ्यास भारत- अमेरिका- जापान तीनों सेनाओं के बीच वार्षिक रूप से आयोजित होने वाला एक त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास है !
  • इसकी शुरुआत 1992 में भारत और अमेरिका द्वारा की गई जिसमें वर्ष 2015 में जापान भी शामिल हो गया ! इसके बाद यह त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास बन गया !
  • वर्ष 2016 से ही ऑस्ट्रेलिया इसमें शामिल होने की इच्छा प्रकट करता आया है परंतु भारत इस पर कोई सकारात्मक रुख नहीं अपना रहा था !
  • भारत को इस बात की आशंका थी कि चीन इसे अपने खिलाफ सैन्यगठबंधन समझ कर भारत के साथ तनाव बढ़ा सकता है !
  • लेकिन हाल के दिनों में LAC पर चीन द्वारा जो आक्रामकता और भारतीय क्षेत्रों को हड़पने की मंशा व्यक्त की गई उससे भारत ने भी अपने चीन संबंधी विचारों में परिवर्तन कर लिया है !
  • ऐसा इस वजह से हुआ है क्योंकि यह दोनों देश एक मुक्त, खुले, समावेशी और समृद्ध हिंद प्रशांत क्षेत्र के समर्थक रहे हैं और दोनों शांति एवं समृद्धि को अपना प्रमुख लक्ष्य मानते हैं !
  • ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया है और इस पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है !
  • हालांकि दोनों देश- भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त नौसैनिक अभ्यास (Ausindex) और पिच ब्लैक (Pitch Black) युद्ध अभ्यास में अपनी सैन्य सहयोग और अभ्यास कर रहे हैं लेकिन मालाबार में शामिल होना QUAD (भारत ऑस्ट्रेलिया-USA-जापान) को न सिर्फ मजबूती प्रदान करेगा बल्कि सैन्य अभ्यास में एकरूपता लाएगा !
  • यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले 6 साल में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सैन्य सहयोग में 4 गुना वृद्धि हुई है !
  • उम्मीद की जा रही है कि मालाबार सैन्य अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया जल्द शामिल हो सकता है क्योंकि सभी सदस्य देश चीन नीतियों एवं आक्रामकता को रोकना चाहते हैं !