Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 04 May 2020


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CKP बैंक का लाइसेंस रद्द

  • सहकारी बैंक का आशय उन छोटे वित्तीय संस्थाओं से है जो शहरी और गैर शहरी दोनों क्षेत्रों, छोटे व्यवसायों को ऋण की सुविधा प्रदान करते हैं ! यह आम बैंकों की तरह पैसे जमा करना, ऋण देना, बैंक खाता प्रदान करना आदि कार्य करते हैं !
  • इन बैंकों का स्वामित्व और नियंत्रण सदस्यों द्वारा ही किया जाता है ! जो लोकतांत्रिक रूप से निदेशक मंडल का चुनाव करते हैं !
  • सहकारी बैंक सहकारी समिति अधिनियम के तहत पंजीकृत किए जाते हैं ! इसीलिए यह सहकारी बैंक समितियों के रजिस्ट्रार द्वारा निर्धारित नियमों के अधीन होते हैं ! इनका नियंत्रण सहकारी समिति अधिनियम 1965 के तहत होता है !
  • भारतीय सहकारी बैंकिंग का इतिहास वर्ष 1904 में सहकारी समिति अधिनियम पारित होने के साथ शुरू हुआ !
  • वर्तमान समय में देश में लगभग 1540 Urban सहकारी बैंक है एवं 96606 Rural सहकारी बैंक जिसमें 8.6 करोड़ जमाकर्ता जुड़े हुए हैं !
  • इनका बैंकिंग संबंधी काम RBI के बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 के तहत होता है जबकि प्रबंधन संबंधी कार्य राज्य सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों द्वारा होता है !
  • राज्यों का नियंत्रण ज्यादा प्रभावी होने तथा विधायकों, सांसदों का राजनीतिक हस्तक्षेप ज्यादा होने के कारण इन बैंकों में कई प्रकार की वित्तीय अनियमितताएं सामने आती रही हैं !
  • हाल ही में RBI ने CPK नामक सहकारी बैंक का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है !
  • इस सहकारी बैंक के 8 ब्रांच मुंबई एवं थाणे में है ! इसकी स्थापना 1915 में हुई थी ! 1 लाख 32 हजार से अधिक इसके अकाउंट होल्डर्स हैं ! इनमें से 99.2% ऐसे डिपॉजिटर्स हैं जिनके खाते में 5 लाख या इससे कम रकम जमा है !
  • RBI ने लाइसेंस कैंसिल करने के साथ-साथ सहकारी समिति के रजिस्ट्रार, पुणे को भी कहा कि वह भी इसी प्रकार का आदेश जारी करें !
  • लाइसेंस कैंसिल करने का पहला प्रमुख कारण इसका NPA बहुत ज्यादा होना था, जो लगभग 96.83% था ! यह NPA कैसे कवर होगा इसका भी कोई रिकवर प्लान बैंक के पास नहीं था !
  • यहां पर यह भी ध्यान देने की आवश्यकता है कि RBI के नियंत्रण का यह पहला प्रयास नहीं है ! वर्ष 2014 से ही कई प्रकार के ट्रांजैक्शन पर प्रतिबंध RBI ने लगाया था और समय-समय पर ढील भी दी ताकि बैंक अपने को संभाल सके !
  • इसका कारण इस बैंक के पास न्यूनतम पूंजी जो जमा पैसे पर रखी जाती है वह भी नहीं था अर्थात कैपिटल एडिक्वेसी ठीक नहीं था !
  • तीसरा कारण यह बताया गया है कि जिन लोगों ने इसमें पैसा लगाया है उनका पैसा वापस करने की क्षमता बैंक के पास नहीं बची है और यदि लाइसेंस कैंसिल ना किया गया तो अब जमा करने वाले नए जमा कर्ता का पैसा भी डूब सकता है !
  • भविष्य में बैंक किसी दूसरे बैंक के साथ अपने को मर्ज कर ले या कोई ऐसा प्लान जिसमें बैंक की स्थिति सुधर सके, RBI के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया !
  • RBI ने बैंक के लिए लिक्विडेटर की नियुक्ति की मांग की है जिससे जमा कर्ताओं के पैसे और संपत्ति पर निर्णय ले सके !
  • बजट 2020 में बैंक में जमा राशि पर इंश्योरेंस 1 लाख से बढ़कर 5 लाख कर दिया गया था जिसके कारण अब जमा करता को 5 लाख रुपए मिल सकेंगे !
  • इंश्योरेंस के धन को जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम द्वारा वापस किया जाएगा !
  • क्योंकि इससे 99.2% जमा कर्ता 5 लाख या इससे कम जमा करने वालों में से थे इस कारण इनका पूरा भुगतान हो जाएगा !
  • सहकारी बैंक अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग कार्यों, उद्देश्यों के तहत स्थापित होते हैं इसलिए यह एक जैसे दिखने के बावजूद वाणिज्यिक बैंकों से भिन्न होते हैं !

वाणिज्यिक बैंक एवं सहकारी बैंक में अंतर -

  • वाणिज्यिक बैंक RBI के नियंत्रण के अधीन होते हैं तो वहीं सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार के अधीन !
  • सहकारी बैंकों की ब्याज दर वाणिज्यिक बैंकों की तुलना में अधिक रहती है !
  • वाणिज्यिक बैंक सभी प्रकार के ऋण, कार्ड एवं सेवाएं देने में सक्षम होती है जबकि वाणिज्यिक बैंकों का दायरा बहुत सीमित होता है !

सहकारी बैंकों का उद्देश्य -

  • ग्रामीण वित्त पोषण और सूक्ष्म वित्त पोषण की उपलब्धता सुनिश्चित कर नागरिकों को बिचौलियों एवं साहूकारों के शोषण से मुक्त करना !
  • गरीबों, किसानों, जरूरतमंदों को सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध करवाना !
  • लघु उद्योग और स्वरोजगार गतिविधियों के लिए आवश्यक वित्त की आपूर्ति सुनिश्चित करना !

महत्व -

  • सहकारी बैंक वित्तीय समावेशन बढ़ाने में बहुत सहायक सिद्ध हुए हैं और लोगों को बैंकिंग कार्य प्रणाली से जोड़ा जाता है !
  • यह बैंक पारंपरिक ऋण स्रोतों से लोगों को बचाने में सक्षम रहे हैं !
  • इन बैंकों का उद्देश्य लाभ कमाना ना होकर अपने सदस्यों को अच्छी सेवाएं देना होता है ! इस कारण यह अपेक्षाकृत सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराते हैं !
  • बचत की आदत विकसित करने के साथ निवेश के लिए प्रोत्साहित करने में भी सहायक सिद्ध हुए हैं !
  • वर्तमान समय में यह वाणिज्यिक बैंकों के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों तथा कुटीर उद्योगों को गति प्रदान कर रहे हैं और अनेक लोगों की जीवन रेखा का भाग बन चुके हैं !

चुनौतियां -

  • सहकारी बैंकों में कॉरपोरेट गवर्नर्स की कमी देखी जाती रही है जिसके आए दिन PMC एवं CPK बैंक जैसे मामले सामने आते रहते हैं !
  • सहकारी बैंकों की ऑडिट प्रणाली को और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है !
  • पूर्व डिप्टी गवर्नर आर. गांधी की अध्यक्षता में गठित सहकारी बैंकों पर उच्चाधिकारी प्राप्त समिति ने निम्न सिफारिशें की हैं !
  • बैंकों को बंद करने और उन्हें तरलता प्रदान करने जैसे निर्णय हेतु RBI को सशक्त करने की आवश्यकता है !
  • सहकारी बैंकों पर RBI को अधिक शक्तियां दी जाएं !
  • यदि सहकारी बैंक को छोटे वित्त बैंक में बदलना चाहते हैं और RBI के सभी मानदंडों को पूरा करते हैं तो उन्हें इसकी अनुमति होनी चाहिए !