Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 04 March 2020


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भारत में किसान आत्महत्या की बढ़ती दर

  • भारत की पहचान एक कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में की जाती है लेकिन यह क्षेत्र लंबे समय से अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है !
  • कृषि क्षेत्र में कई प्रकार के निवेश की जा रहे हैं, किसानों की आय दोगुनी करने के दावे किए जा रहे हैं, कृषि संपन्नता के दावे किए जा रहे हैं !
  • इतना होने के बावजूद हर माह आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या लगभग 900 - 1000 के बीच है !
  • भारत में किसान आत्महत्या की दर में वृद्धि 1990 के बाद तेजी से बढ़ी है !
  • LPG ( उदारीकरण, निजी करण, वैश्वीकरण ) की नीति भारतीय अर्थव्यवस्था को भले ही कृषि सेवा आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में परिवर्तित कर दिया हो लेकिन कृषि सेक्टर पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी बढ़ा है !
  • 1990 में दो हिंदू नेम पहले महाराष्ट्र में आत्महत्याओं की सूचना थी और उसके बाद धीरे-धीरे यह संपूर्ण भारत की घटना बन गई !
  • प्रारंभ में यह माना गया कि महाराष्ट्र में यह घटनाएं विदर्भ क्षेत्र के कपास उत्पादक क्षेत्रों से संबंधित है लेकिन बाद में पता चला कि यह अन्य नकदी फसलों के साथ भी हो रहा है !
  • किसान आत्महत्या के रूप में वर्ष 2009 एक प्रमुख वर्ष था ! इस साल पूरे देश में 17368 घटनाएं आत्महत्या की हुई ! इनमें से 62% घटनाएं महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हुई !
  • किसानों की आत्महत्या दर में वृद्धि के अनेक कारण हैं जो प्रत्येक क्षेत्र में अलग-अलग दिखते हैं !
  • मानसून की विफलता इसके लिए प्रमुख कारण मानी जाती है ! दक्षिण के राज्यों में यह स्थिति इसलिए और भयावह हो जाती है क्योंकि वहां की नदियों एवं तालाबों के जल का स्त्रोत मानसून ही है ! नहरों एवं सदानीरा नदियों की अनुपस्थिति समस्या को और जटिल कर देती है !
  • कृषि जोतों का आकार छोटे होते जाना !
  • उदारीकरण की नीतियों की वजह से नकदी फसलों को वरीयता एवं परंपरागत कृषि में निवेश की घटना !
  • कृषि लागत का तेजी से बढ़ना एवं किसान की लाभ प्राप्ति में कमी आना !
  • बीज और तकनीकी की बढ़ती कीमतों की वजह से गरीब किसान इससे दूर हो रहे हैं और इसके लिए कर्ज लेकर कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं !
  • पारिवारिक एवं सामाजिक कार्यों की वजह से कर्ज का जो जाल पहले से बना होता है वह और जटिल हो जाता है !
  • वित्तीय साक्षरता का अभाव एवं वित्त तक पर्याप्त पहुंच न होना !
  • फसल बीमा की अपर्याप्त पहुंच एवं कम जानकारी !
  • कृषि उत्पादन को बेचने के लिए दलालों का व्यापक जाल एवं कम लाभ प्राप्त होना !
  • कृषि क्षेत्र में घटता निजी एवं सरकारी निवेश !
  • मवेशियों एवं चारा क्षेत्र का घटता क्षेत्रफल इससे किसान की वैकल्पिक प्रभावित होती है !
  • MSP एवं सरकारी खरीद का लाभ सभी किसानों को न मिलना !
  • समस्या जटिल क्यों है?
  • सरकार द्वारा आंकड़ों का छुपाना लोगों में संदेह उत्पन्न करता है ! सरकार ने 2017, 2018 और 2019 के किसानों की आत्महत्या संबंधी आंकड़े प्रकाशित नहीं किये!
  • सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जानकारी दी कि प्रत्येक साल लगभग 12000 किसान आत्महत्या करते हैं !
  • सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि आत्महत्या के मामले सर्वाधिक महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं तमिलनाडु से जुड़े हैं !

COVID- 19

  • कोरोना वायरस की वजह से Covid-19 बीमारी तेजी से फैल रही है !
  • यह बीमारी इसलिए घातक है क्योंकि अभी तक हम इसका इलाज ढूंढने में सक्षम नहीं हो पाए हैं !
  • पहले ही यह वायरस आर्थिक क्षति पहुंचा चुका है तो अब यह मृत्यु दर को बढ़ाकर इसे वैश्विक महामारी की ओर बढ़ रहा है !
  • 2 मार्च 2020 तक WHO के अनुसार लगभग 90000 लोगों को संक्रमित कर चुका है !
  • यह 65 देशों में अब तेजी से फैल रहा है !
  • सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति यह है कि 27 देशों में स्थानीय स्थानांतरण हुआ है ! जो यह बताता है कि सभी देश इसे रोकने के लिए उतनी गंभीर नहीं हैं जितना उन्हें होना चाहिए था !
  • भारत को हम उदाहरण के रूप में ले तो यह आगरा, जयपुर कई ऐसे शहरों तक पहुंच गया है जहां पर अभी तक यह नहीं था !
  • भारत में 6 केस अपने सामने आए हैं लेकिन संक्रमित लोगों की संख्या अधिक होने कारण संख्या बढ़ सकती है !
  • आगरा में 6 लोगों को निगरानी में रखा गया है और इनका परीक्षण किया जा रहा है !
  • यदि इनमें से कोई भी व्यक्ति को रोना वायरस से पॉजिटिव ब्याव COVID-19 का शिकार पाया जाता है तो संक्रमित लोगों की चैन और बढ़ सकती है क्योंकि यह व्यक्ति जिनसे भी मिला होगा वह भी संक्रमित हो चुके होंगे !
  • इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय इन 6 लोगों को ट्रेस करने के लिए Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP) का सहारा ले रही है !
  • अभी तक 26000 लोगों का IDSP के तहत परीक्षण किया जा सकता है !
  • इस बीमारी से लड़ने में सबसे बड़ी चुनौती है यह है कि कई बार इसके लक्षण 3 दिन से लेकर 3 हफ्ते में नजर आते हैं !
  • परीक्षण के तरीकों से भी यह बीमारी फैल रही है सामान्यतः थर्मल स्क्रीनिंग की सहायता से इसका परीक्षण किया जा रहा है लेकिन कई बार ऐसे केस आए हैं कि इससे बीमारी का पता नहीं चलता है लेकिन बीमारी होती है !
  • इसलिए कम से कम 2 बार परीक्षण करने की आवश्यकता है !
  • भारत में साफ सफाई का लचर स्तर हमारे लिए घातक हो सकता है !
  • इसलिए वायरस से रोकथाम के लिए इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है यहभविष्य में अन्य बीमारियों के संक्रमण से बचाएगा !
  • नेपा वायरस, स्वाइन फ्लू, जैसी बीमारियों की वजह से भारत में कई मौतें हो चुकी हैं इसलिए अभी से covid-19 के लिए तैयारी का स्तर बढ़ाना होगा !
  • समीक्षकों का मानना है कि सभी एजेंसी एवं विभागों में तुरंत समन्वय बढ़ाया जाए !
  • दवाओं के सभी पद्धतियों का भी प्रयोग करने की आवश्यकता है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति का प्रतिरक्षा तंत्र अलग -अलग काम करता है !
  • ट्रांसपोर्टेशन, टूरिज्म , खाद्य सप्लाई, रेलवे विमान पत्तन आदि में बड़े स्तर पर समन्वय और सूचना ट्रांसफर की आवश्यकता है !
  • प्राइवेट और सरकारी हॉस्पिटल में आए मामलों को गंभीरता से लेने के साथ-साथ विशेष उपचार की आवश्यकता है !
  • यह सूचना का प्रवाह होना चाहिए न कि चीन की तरह डाटा छुपाया जाए !
  • घरेलू नुस्खा पर भरोसा कम करने की आवश्यकता है !
  • एक खास वेब पोर्टल की आवश्यकता है जहां सभी प्रकार की सूचनाएं हो जैसे केस की संख्या, क्षेत्र, उपचार के उपाय, सहयोग के लिए हेल्पलाइन आदि !
  • सोशल साइट्स पर इससे बचने के उपायों को तेजी से सर्कुलेट करने की आवश्यकता है !
  • सरकार को इससे निपटने में लोगों का भरोसा अपने साथ बनाए रखना बहुत जरूरी है !
  • हेल्थ वर्कर और डॉक्टर के लिए भी सुरक्षात्मक उपाय की जाने की आवश्यकता है !
  • लोगों की भीड़ से बचने, लक्षणों के प्रति सतर्क रहने, सूचना देना, आदि प्रक्रिया से सरकार का सहयोग करना चाहिए !