Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 01 June 2020


Daily Current Affairs for UPSC, IAS, State PCS, SSC, Bank, SBI, Railway, & All Competitive Exams - 01 June 2020



G-7 में शामिल होगा भारत

  • 1970 के दशक में विश्व की अर्थव्यवस्थाओं को अनेक चुनौतियों जैसे- तेल संकट, फिक्स्ड करेंसी एक्सचेंज रेट्स का सामना करना पड़ा था ! इसी समय एक ऐसे संगठन की आवश्यकता महसूस हुई जो एक साथ आकर इन चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपट सके !
  • इसी क्रम में दुनिया के उस समय की कुछ प्रमुख और विकसित अर्थव्यवस्थाओं को लाकर 1975 में G-7 की नींव डाली गई ! इसमें वह देश शामिल है जिन्हें IMF-Advanced Economy के नाम से जाना जाता है! फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा शामिल हैं!
  • भारत, रूस, चीन, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्थाएं उस समय इतनी उन्नत नहीं थी ! इस कारण यह उसके भाग नहीं थे !
  • हालांकि रूस को 1998 में सदस्य बना लिया गया था लेकिन चीन को नहीं !
  • चीन की अर्थव्यवस्था का आकार तो बड़ा है लेकिन अधिक जनसंख्या के कारण प्रति व्यक्ति आय कम हो जाती है फलस्वरुप इसे शामिल नहीं किया गया था ! साथ ही G-7 के देश लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था रखने वाले हैं ! जिस पर चीन खरा नहीं उतरता है !
  • G-7 सामान्य रूप से एक सबसे प्रभावी संगठन के रूप में जाना जाता है क्योंकि अन्य संगठनों की तुलना में यहां लिए गए निर्णय ज्यादा प्रभावी सिद्ध हुए हैं, हालांकि कई मुद्दों पर मतभेद भी उभरकर सामने आते रहे हैं !
  • पिछले कुछ समय में चीन द्वारा जिस प्रकार का आक्रामक रूप अपनाया जा रहा है और रूस को अपने पक्ष में कर के USA को जिस तरह बार-बार चुनौती हर क्षेत्र और मुद्दे पर दी जा रही है इससे दोनों के बीच तनाव बढ़ गया है !
  • कुछ समय पहले NATO के सम्मेलन में चीन को सबसे बड़ी चुनौती बताया गया था वहीं अब US-चीन ट्रेड वॉर और कोरोना वॉर ने दोनों को आमने सामने-लाकर खड़ा कर दिया है !
  • हांगकांग डेमोक्रेसी एक्ट, उइगर मानवाधिकार विधेयक, तिब्बत की अलग पहचान, Five Eyes देशों द्वारा कोरोना इन्वेस्टिगेशन आदि मुद्दों पर दोनों शीत युद्ध की स्थिति उत्पन्न कर चुके हैं !
  • हिंद प्रशांत क्षेत्र में भारत एक मात्र देश है जो चीन के प्रभाव को नियंत्रित कर सकता है वहीं आस्ट्रेलिया और USA के संबंध न सिर्फ अच्छे हैं बल्कि चीन को लेकर लगभग एक जैसे विचार रखते हैं ! वहीं दक्षिण कोरिया और रूस भी चीन को प्रभावित कर सकते हैं !
  • रूस की क्रीमिया विवाद के बाद US से जैसे- जैसे दूरी बढ़ती गई वह चीन के करीब आता गया और महत्वपूर्ण मुद्दों पर उसने चीन का खुलकर समर्थन किया है !
  • इसलिए अमेरिका इस समय हर वह विकल्प तलाश रहा है जिससे चीन को कंट्रोल कर रहा है !
  • इसी क्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G-7 के होने वाले सम्मेलन को स्थगित कर दिया है जो 10-12 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाला था !
  • ट्रंप ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि दुनिया में जो कुछ चल रहा है, उसके समाधान के लिए G-7 पर्याप्त है ! यह पुराना हो गया है और इसमें भारत, रूस, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को शामिल किया जाना चाहिए !
  • व्हाइटहाउस की तरफ से यह कहा गया है कि हम अपने पारंपरिक सहयोगीयों को एक साथ लाकर चीन के भविष्य पर बातचीत करना चाहते हैं !
  • अगर यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है तो G-7 G-10 या G-11 में बदल जाएगा !
  • हालांकि भारत और रूस की अर्थव्यवस्था एडवांसइकोनॉमी में नहीं आती है लेकिन बिना इनके यह ग्रुप बहुत उपयोगी साबित नहीं हो सकता है !
  • USA दरअसल चीन और रूस को अलग करना चाहता है तो साथ ही हिंद प्रशांत क्षेत्र के अपने सहयोगी भारत की जिम्मेदारी चीन को नियंत्रित करने में बढ़ाना चाहता है !
  • QUAD को ज्यादा महत्व देना, तिब्बत की स्वायत्तता के माध्यम से चीन को नियंत्रित करना इसी का भाग है !

लाख उत्पादन को कृषि का दर्जा

  • लाख एक प्राकृतिक तथा अहानिकारक राल (रेजिन) होता है जो Kerria Lacca (केरिया लैक्का) नामक कीड़े द्वारा शरीर से बाहर निकाला जाता है ! यह कार्य मादा केरिया लैक्का द्वारा किया जाता है !
  • लाख उत्सर्जित करने वाले कीट पेड़ों की मुलायम टहनियों पर बैठते हैं और पोषण प्राप्त कर लाख (रेजिन) का स्राव करते हैं !
  • यह प्रमुख रूप से पलास, कुसुम, बेर, बबूल, खैर आदि पेड़ों पर अपना विकास करते हैं !
  • लाख का प्रयोग कई प्रकार के सामान जैसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट, ज्वेलरी, लकड़ी पॉलिश सामान, पेंट, वार्निश, छापने की स्याही,औषधि, चमड़ा, वस्त्र उद्योग, मोम आदि को बनाने में किया जाता है !
  • इसके लिए पलास सबसे महत्वपूर्ण पोषक वृक्ष माना जाता है ! किंतु गुणवत्ता के मामले में कुसुम एवं बेर के बाद इसका स्थान आता है !
  • भारत में लाख की खेती झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश एवं पूर्वोत्तर राज्यों में होती है !
  • सर्वाधिक लाख का उत्पादन झारखंड में होता है !
  • जनजातीय और सीमांत किसानों के कृषि आय में इनका योगदान 28% माना जाता है !
  • सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इसकी खेती बंजर जमीन और कम उत्पादकता वाली मिट्टी में हो सकती है ! इसलिए खाली पड़ी जमीन पर इसकी कृषि से न सिर्फ मिट्टी और किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी लक्ष्य पूरा होगा !
  • लाख कृषि क्षेत्रों में किए गए अध्ययन से यह सामने आया है कि इसमें महिलाएं आत्मनिर्भर बनी है और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों का विकास भी हो पाता है !
  • इन्हीं तथ्यों को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने इसी कृषि का दर्जा दिया है !
  • इससे लोन मिल सकेगा, कृषि सब्सिडी मिल सकेगी, तकनीकी विकास हो सकेगा, बैंकिंग एवं सरकारी सहायता मिल सकेगी, उत्पाद को पहचान मिल सकेगी !
  • कृषि के लिए बैंकों एवं सरकारों द्वारा की जाने वाली घोषणाओं का लाभ मिल सकेगा !

WHO से अलग हुआ USA

  • World Health Organisation (WHO) यूनाइटेड नेशंस का स्पेशलाइज्ड एजेंसी है जिसकी प्रमुख जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय पब्लिक हेल्थ है !
  • इसकी स्थापना आज 72 साल पहले 7 अप्रैल 1948 को यूनाइटेड नेशंस इकोनामिक एंड सोशल काउंसिल द्वारा की गई थी इसी कारण 7 अप्रैल को हम विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाते हैं !
  • WHO U.N सस्टेनेबल डेवलपमेंट ग्रुप का हिस्सा है ! इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है !
  • इसका कार्यकारी दायर है बहुत व्यापक है जिसके अंतर्गत Universal Healthcare, Monitoring Public Health risks, coordinating response to health emergencies and promoting human health and well-being.
  • इसके साथ-साथ यह देशों को तकनीकी एवं गाइडेंस भी प्रदान करता है जिससे सभी देशों में स्वास्थ्य का स्तर ऊपर उठ सके !
  • बीमारियों एवं महामारियो के विषय में जानकारी, टीकाकरण, दवा उपलब्धता, और बीमारियों से लड़ने के लिए वित्तीय सहायता भी इसके द्वारा प्रदान की जाती है !
  • USA लंबे समय से कोरोना वायरस को लेकर चीन और WHO पर तीखी टिप्पणी कर चुका है !
  • USA इसके लिए चीन और WHO को साफ-साफ जिम्मेदार ठहराता है !
  • USA ने Tedros Adhanom पर चीन का पक्ष लेने एवं उसकी गलत नीतियों का समर्थन करने का भी आरोप लगाया है !
  • इन्हीं सब कारणों से USA ने कुछ समय पहले WHO को दी जा रही अपनी फंडिंग पर रोक लगा दी थी !
  • सर्वाधिक 14.67% का योगदान यू.एस.ए द्वारा ही किया जाता था ! वहीं चीन का योगदान 0.5% से भी कम है !
  • अब ट्रंप ने एक कदम आगे और बढ़ते हुए यह घोषणा किया है कि वह WHO से सभी प्रकार के संबंध खत्म करेंगे !
  • इससे भविष्य में USA WHO के किसी कार्य में सहभागी नहीं होगा !
  • भविष्य में होने वाले रिसर्च, सहायता तकनीकी आदान-प्रदान आदि सब प्रभावित होंगे !
  • समीक्षक मान रहे हैं कि इससे पोलियो का सहायता कार्य प्रभावित हो सकता है !
  • इसी तरह कोरोना वायरस और अन्य महामारीओं में सहयोग न मिलने से न सिर्फ WHO कमजोर होगा बल्कि अफ्रीका, एशिया और दक्षिण अमेरिका में सामान्य बीमारियों का प्रसार बढ़ेगा !
  • जर्मनी ने USA कि इस नीति को गलत बताया है तथा यह कहा है कि यदि WHO में कमी है तो सुधार किया जाए ना कि अलग हुआ जाए !
  • वही USA अब WHO, WTO की भूमिका सीमित कर अन्य संस्थाओं में चीन के हस्तक्षेप को समाप्त करना चाहता है !