(आर्थिक मुद्दे) आम बजट 2019 -20 : उम्मीदें बनाम चुनौतियाँ (Budget 2019-20: Expectations vs Challenges)


(आर्थिक मुद्दे) आम बजट 2019 -20 : उम्मीदें बनाम चुनौतियाँ (Budget 2019-20: Expectations vs Challenges)


एंकर (Anchor): आलोक पुराणिक (आर्थिक मामलो के जानकार)

अतिथि (Guest): प्रोफेसर अरुण कुमार (वरिष्ठ अर्थशास्त्री), शिशिर सिन्हा (वरिष्ठ पत्रकार, हिंदू बिजनेस लाइन)

परिचय

भारतीय संविधान में सीधे तौर पर ‘बजट’शब्द का जिक्र नहीं है, बल्कि इसे संविधान के आर्टिकल 112 में 'एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट' कहा गया है। फाइनेंशियल स्टेटमेंट में अनुमानित प्राप्तियों और खर्चों का उस साल के लिए सरकार का विस्तृत विवरण होता है।

बजट की मुख्य विशेषताएं

मौज़ूदा दशक के लिए सरकार के दस बड़े लक्ष्य

  • जन भागीदारी से टीम इंडिया का निर्माण: न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन।
  • हरी-भरी पृथ्वी और नीले आकाश के साथ प्रदूषण मुक्त भारत बनाना।
  • डिजिटल इंडिया को अर्थव्यवस्था के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाना।
  • गगनयान, चन्द्रयान, अन्य अंतरिक्ष और उपग्रह कार्यक्रमों की शुरूआत।
  • वास्तविक और सामाजिक बुनियादी ढांचे का निर्माण।
  • जल, जल प्रबंधन, स्वच्छ नदियाँ
  • नीली अर्थव्यवस्था: नीली अर्थव्यवस्था में वह आर्थिक गतिविधियां शामिल हैं जिसमें समुद्र के संसाधनों का उपयोग इस तरह किया जाता है कि उससे समुद्री पर्यावरण व्यवस्था को कोई नुक़सान ना हो।
  • खाद्यान्नों, दालों, तिलहनों, फलों और सब्जियों में आत्मनिर्भरता और निर्यात।
  • आयुष्मान भारत, पोषणयुक्त मां और बच्चा के जरिए स्वस्थ समाज की स्थापना, नागरिकों की सुरक्षा।
  • एमएसएमई, मेक इन इंडिया के अंतर्गत स्टार्ट-अप्स, रक्षा निर्माण, मोटर वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्रों और बैटरियों तथा चिकित्सा उपकरणों पर जोर।

5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर

पांच ट्रिलियन डालर यानी पांच खरब डालर यानी पांच लाख करोड़ डालर

मौज़ूदा साल में भारत की अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी।

सरकार भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहती है।

उद्योग जगत भारत का रोजगार सृजक और देश का संपदा सृजनकर्ता है।

निम्न में निवेश की आवश्यकता है:

  • बुनियादी ढांचा
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था
  • छोटी और मझोली कंपनियों में नौकरियों का सृजन

एमएसएमई से जुड़े उपाय

  • प्रधानमंत्री कर्मयोगी मान धन योजना के तहत: (1) सालाना 1.5 करोड़ रुपए से कम का कारोबार करने वाले करीब 3 करोड़ खुदरा व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को पेंशन लाभ। (2) रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सरल, केवल आधार, बैंक खाता और स्व-घोषणा यानी सेल्फ डिक्लेरेशन की आवश्यकता।
  • एमएसएमई की ब्याज सब्सिडी योजना के तहत सभी जीएसटी पंजीकृत एमएसएमई के लिए 2 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी। इसके लिए वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 350 करोड़ रुपए आवंटित।
  • एमएसएमई के लिए भुगतान प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, ताकि बिलों का भुगतान हो सके, ताकि सरकारी भुगतानों में देरी को खत्म किया जा सके।

अवसंरचना

परिवहन

हर प्रकार की वास्तविक कनेक्टिविटी को इस प्रकार आगे बढ़ाया गया है:

  1. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
  2. औद्योगिक गलियारे, समर्पित माल-भाड़ा गलियारा।
  3. भारतमाला और सागरमाला परियोजनाएं, जलमार्ग विकास और उड़ान योजनाएं।
  • भारतमाला परियोजना के दूसरे चरण में राज्य सड़क नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
  • जलमार्ग विकास परियोजना के तहत गंगा नदी की नौवहन क्षमता बढ़ाने के लिए साहिबगंज और हल्दिया में दो टर्मिनल तथा फरक्का में एक नेवीगेशनल लॉक का कार्य 2019-20 में पूरा हो जाएगा।
  • गंगा नदी पर कार्गो की आवाजाही अगले चार सालों में क़रीब चार गुना बढ़ जाने का अनुमान है, जिससे माल और यात्रियों की आवाजाही सस्ती होगी और आयात बिल में कमी आएगी।
  • वर्ष 2018-2030 के दौरान रेलवे के बुनियादी ढांचे के लिए 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश की ज़रुरत होगी। इसमें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप PPP यानी सरकारी निजी साझेदारी माडल की मदद ली जायेगी।
  • पटरियों के तेजी से विकास और उन्हें बिछाने, तथा यात्री माल-भाड़ा सेवा के लिए PPP का प्रस्ताव।
  • विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए रख-रखाव, मरम्मत और ओवरहॉल के विकास के लिए नीतिगत हस्तक्षेप।
  • FAME यानी Faster Adoption and Manufacturing of (Hybrid &) Electric Vehicles in India] योजना के दूसरे चरण के लिए 3 वर्ष के लिए 10,000 करोड़ रुपए का व्यय मंजूर।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खरीद और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के लिए बढ़े हुए प्रोत्साहन का प्रस्ताव।
  • FAME योजना के अंतर्गत केवल अत्याधुनिक बैट्री चालित और पंजीकृत ई-वाहनों को ही प्रोत्साहन।

बिजली

राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यक्रम की पुनर्संरचना की जाएगी, ताकि एक राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रिड सुनिश्चित की जा सके।

  • एक राष्ट्र एक ग्रिड के अंतर्गत किफायती दरों पर राज्यों को बिजली।
  • गैस ग्रिड, जल ग्रिड, अंतर्देशीय जलमार्गों और क्षेत्रीय हवाई अड्डों के लिए ब्लू प्रिंट उपलब्ध कराया जाए।
  • अधिकार प्राप्त उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को लागू किया जाए।
  • पुराने और कार्य नहीं कर रहे संयंत्रों को बंद किया जाए।
  • प्राकृतिक गैस की कमी के कारण गैस संयंत्र की क्षमता के कम इस्तेमाल की समस्या दूर करना।
  • Ujjwal DISCOM Assurance Yojana यानी उदय योजना के तहत औद्योगिक और ऊर्जा का अधिक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए निर्बाध पहुंच वाली बिक्री पर लगाया गया क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज हटाया जाएगा।
  • बिजली क्षेत्र शुल्क और ढांचागत सुधारों की ज़ल्द घोषणा की जाएगी।
  • किराये के मकानों की बेहतरी के लिए सुधारात्मक उपाय किये जाएंगे।
  • मॉडल किराया कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा और राज्यों को भेजा जाएगा।
  • संयुक्त विकास और रियायत तंत्र का इस्तेमाल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए किया जाएगा और केन्द्र सरकार तथा सीपीएसई द्वारा रखी गई भूमि पर सस्ते मकान बनाए जाएंगे।

अवसंरचना के वित्त पोषण के लिए पूंजी स्रोत बढ़ाने के उपाय:

  • वर्ष 2019-20 में क्रेडिट गांरटी वर्धन निगम की स्थापना की जाएगी।
  • अवसरंचना क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए दीर्घकालिक बॉन्डों के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी ताकि इस बाजार को और बेहतर बनाया जा सके।
  • बॉन्ड बाजार को बेहतर बनाने के उपाय किये जा रहे हैं।

सोशल स्टॉक एक्सचेंज:

  • सेबी के विनियामक दायरे में इलैक्ट्रॉनिक फंड रेजिंग प्लेटफॉर्म
  • सामाजिक उद्यमों और स्वैच्छिक संगठनों को सूचीबद्ध करना।
  • इक्विटी, ऋण या म्यूचअल फंड जैसी यूनिटों की तरह पूंजी जुटाना।
  • सेबी सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम सरकारी शेयरधारिता 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने पर विचार करेगा।
  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए केवाईसी मानदंडों को आसान बनाना।
  • सरकार रिजर्व बैंक आफ इंडिया के साथ मिलकर इस बात के लिए प्रयास करेगी कि खुदरा निवेशक ज़्यादा से ज़्यादा राजकोषीय हुंडियों यानी ट्रेज़री बिल्स और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करें।

भारत को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिहाज़ से आकर्षक देश बनाने के उपाय

सभी हितधारकों के साथ परामर्श करके विमानन, मीडिया (एनीमेशन एवीजीसी) और बीमा क्षेत्र को एफडीआई के लिए और अधिक खोला जा सकता है।

  • बीमा मध्यवर्तियों में 100 प्रतिशत एफडीआई।
  • एकल ब्रांड के खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के लिए स्थानीय स्रोत के मापदंडों को आसान बनाना।
  • एफपीआई फारेन पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट के लिए वैधानिक या सांविधिक सीमा 24 प्रतिशत से बढ़ाकर सेक्टरवाइज विदेशी निवेश सीमा तक करने का प्रस्ताव है।
  • एफपीआई को अवसंरचना निवेश ट्रस्ट, रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट द्वारा जारी सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों को सब्सक्राइब करने की अनुमति
  • एनआरआई पोर्टफोलियों निवेश योजना मार्ग का विदेशी पोर्टफोलियो निवेश मार्ग में विलय का प्रस्ताव।
  • न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) एक सरकारी क्षेत्र का उद्यम है, जिसे अंतरिक्ष विभाग की वाणिज्यिक शाखा के रूप में शामिल किया गया है।
  • लॉच व्हीकल का उत्पादन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और अंतरिक्ष उत्पादों की मार्केटिंग आदि के ज़रिए इसरो द्वारा किए गए अनुसंधान एवं विकास के लाभों को उपयोग में लाना।

वित्त

प्रत्यक्षकर

  • 400 करोड़ रुपए तक के सालाना कारोबार वाली कंपनियों के लिए कर की दर घटाकर 25 फीसदी की गई।
  • 2 करोड़ रुपए से 5 करोड़ रुपए तथा 5 करोड़ रुपए और उससे अधिक की करयोग्य आय वाले व्यक्तियों पर सरचार्ज बढ़ाया गया।
  • ‘कर भुगतान’ की श्रेणी में भारत की कारोबार करने की सुगमता वाली रैंकिंग 2017 में 172 थी यह 2019 में 121 हो गई।
  • पिछले पांच वर्षों में प्रत्यक्षकर राजस्व में 78 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई और यह बढ़कर 11.37 लाख करोड़ रुपए हो गया।

वित्त से जुड़े कुछ अन्य प्रमुख क़दम

  • कर सरलीकरण और जीवन में सुगमता- प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर अनुपालन को सुगम बनाना।
  • इलैक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन।
  • स्टार्ट-अप्स को राहत: मसलन एंजल टैक्स का मामला सुलझाया गया।

अप्रत्यक्ष कर के अन्य प्रावधान

  • कच्चे और अर्ध-परिष्कृत (semi-finished) चमड़े पर निर्यात कर को सुसंगत बनाया।
  • पेट्रोल और डीजल पर एक रुपये प्रति लीटर की दर से विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और सड़क एवं अवसंरचना अधिशेष में वृद्धि।
  • सोना और अन्य बहुमूल्य धातुओं पर सीमा शुल्क में वृद्धि।
  • केन्द्रीय उत्पाद और सेवा कर में जीएसटी व्यवस्था से पहले लंबित मुकदमें की शीघ्र निपटारे के लिए लिगेसी विवाद निपटारा योजना।

ग्रामीण भारत

प्रधानमंत्री आवास योजना:

  • ग्रामीण का उद्देश्य 2022 तक ‘सबके लिए आवास’ के लक्ष्य तक पहुंचना।

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना

  • प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के ज़रिए मत्स्य विभाग द्वारा एक मत्स्यपालन प्रबंधन संरचना स्थापित की जाएगी।
  • अवसंरचना, आधुनिकीकरण, पता लगाने की योग्यता, उत्पादन, उत्पादकता, फसल कटाई पश्चात प्रबंधन और गुणवत्ता नियंत्रण सहित वैल्यू चेन में अत्यधिक अंतर की दिक्कत को हल करना।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

  • पात्र और व्यवहार्य आवास स्थलों को सड़क संपर्क से जोड़ने की गति तेज करने के लिए इन्हें पूरा करने का निर्धारित लक्ष्य 2022 से कम करके 2019 किया गया है। ऐसे 97 प्रतिशत आवास स्थलों को सभी मौसमों के लिए अनुकूल सड़क संपर्क से जोड़ दिया गया है।
  • हरित प्रौद्योगिकी, कचरा प्लास्टिक और शीत मिश्रित प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 30,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण के तहत 80,250 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अगले पांच वर्षों में 1, 25,000 किलोमीटर लंबी सड़क का उन्नयन किया जाएगा।

पारम्परिक उद्योग उन्नयन एवं पुनर्जीवन निधि योजना (SFURTI)

  • रोजगार के टिकाऊ अवसरों के सृजन के लिए पारम्परिक उद्योगों को और अधिक उत्पादक, लाभदायक एवं सक्षम बनाने के क्लस्टर आधारित विकास में आसानी के लिए साझा सुविधा केन्द्र (सीएफसी) स्थापित किए जाएंगे।
  • 2019-20 के दौरान बांस, शहद और खादी पर विशेष जोर देते हुए 100 नये क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे, जिससे 50,000 कारीगर आर्थिक मूल्य श्रृंखला में शामिल हो सकेंगे।

नवाचार, ग्रामीण उद्योग एवं उद्यमिता बढ़ावा योजना (ASPIRE)

  • साल 2019-20 में 80 आजीविका व्यापार इंक्यूबेटर (एलबीआई) और 20 औद्योगिकी व्यापार इंक्यूबेटर (टीबीआई) स्थापित किए जाएंगे।
  • कृषि – ग्रामीण उद्योग क्षेत्र में 75,000 उद्यमियों को कौशल प्रदान किया जाएगा।
  • किसानों के उत्पादों को उनके खेतों से वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने और संबंधित क्रियाकलापों में लगे निजी उद्यमियों को सहायता दी जाएगी।
  • पशुओं के लिए चारे का उत्पादन, दूध की खरीद, प्रसंस्करण और विपणन के लिए अवसंरचना तैयार करके सहकारी संस्थाओं के माध्यम से दूथ उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • किसानों की बेहतर आर्थिक स्थिति सुनिश्चित करने के लिए 10,000 नये किसान उत्पादक संगठन बनाए जाएंगे।
  • सरकार ई-नाम यानी कृषि के इलेक्ट्रानिक बाजार से किसानों को लाभान्वित करने के क्रम में राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी।
  • जीरो बजट फार्मिंग, जिसमें कुछ राज्यों के किसानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

भारत में जल सुरक्षा

नया जल शक्ति मंत्रालय एक समन्वित और समग्र रूप से हमारे जल संसाधनों और जल आपूर्ति के प्रबंधन की देखरेख करेगा।

  • जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों के लिए ‘हर घर जल’ (पाइप द्वारा जल आपूर्ति) के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
  • स्थानीय स्तर पर जल की मांग और आपूर्ति पर आधारित प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा।
  • इसके लक्ष्य तक पहुंचने के क्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं को एक साथ मिलाया जाएगा।
  • जलशक्ति अभियान के लिए 256 जिलों के 1592 खंडों की पहचान की गई है।
  • इस उद्देश्य के लिए क्षतिपूर्ति वन्यकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण निधि का उपयोग किया जा सकता है।

युवा

निम्नलिखित प्रस्तावों के साथ नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई जाएगी।

  • स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों में प्रमुख परिवर्तन।
  • बेहतर शासन प्रणालियां
  • अनुसंधान और नवाचार पर अधिक ध्यान देना

राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान(एनआरएफ) में प्रस्ताव किया गया है-

  • देश में अनुसंधान को धन उपलब्ध, समन्वय और बढ़ावा देना।
  • विभिन्न मंत्रालयों द्वारा दी गई स्वतंत्र अनुसंधान अनुदान का उपयोग।
  • देश में समग्र अनुसंधान पारिस्थिकी को मजबूत बनाना।
  • अतिरिक्त निधियों के साथ इसे पर्याप्त रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

नारी तू नारायणी/महिला केंद्रित योजना

  • महिला नेतृत्व पहलों और आंदोलनों के लिए महिला केन्द्रित नीति निर्माण के दृष्टिकोण में बदलाव।
  • लैंगिक भेदभाव दूर करने के लिए सरकारी और निजी हितधारकों के साथ एक समिति प्रस्तावित की गई है।

एसएचजी

  • सभी जिलों में महिला एसएचजी सेल्फ हेल्प ग्रुप हित बढ़ोत्तरी कार्यक्रम का विस्तार करने का प्रस्ताव है।
  • जनधन बैंक खाता रखने वाली प्रत्येक सत्यापित महिला एसएचजी सदस्य को 5000 रुपये के ओवरड्राफ्ट की अनुमति होगी।
  • प्रत्येक महिला स्वयं सहायता समूह मुद्रा योजना के तहत 1लाख रूपये ऋण हेतु पात्र है।

बैंक और वित्तीय क्षेत्र

  • पिछले एक वर्ष में वाणिज्यिक बैंकों के फंसे डूबत कर्ज में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई। पिछले चार वर्षों में चार लाख करोड़ से अधिक की कर्ज वसूली हुई, इसमें -भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता 2016 की खास भूमिका रही।
  • सात वर्षों में प्रावधान कवरेज अनुपात सात वर्षों में अपने उच्चतम स्तर पर।
  • घरेलू ऋण वृद्धि दर बढ़कर 13.8 प्रतिशत पर पहुंची।
     

:: बजट से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण इन्फोग्राफिक्स ::





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