(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) कौन है जायर बोल्सोनारो? (Who is Jair Bolsonaro?)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) कौन है जायर बोल्सोनारो? (Who is Jair Bolsonaro?)


26 जनवरी 2020 को भारत अपना 71 वां गणतंत्र दिवस मनाएगा ।प्रधानमंत्री राष्ट्रपति और कई गणमान्य व्यक्ति इसमें शिरकत करेंगे ।इन सभी शख्श में एक ख़ास शख्श है जो यहाँ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होगा ये हैं ब्राज़ील के राष्ट्रपति जेयर बोलसनारो कौन हैं जेयर बोलसनारो और क्यों होंगे वो गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि इन सभी सवालों के जवाब आज हम आपको DNS में देने की कोशिश करेंगे।

शुक्रवार से ब्राज़ील के राष्ट्रपति भारत की 4 दिवसीय यात्रा पर रहेंगे । पिछले साल राष्ट्रपति की कुर्सी सँभालने के बाद बोलसनारो की यह पहली भारत यात्रा होगी ।बोलसनारो ७१वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे । आपको बता दें की पिछले गणतंत्र दिवस पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल राम्फोसा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे । बोलसानरो के साथ उनके ७ मंत्री , ब्राज़ील भारत मित्रता समूह के अध्यक्ष और कई वरिष्ठ राजनयिक भी भारत की यात्रा पर हैं।

ब्राज़ील में सन 1985 में प्रजातंत्र स्थापित होने के बाद से बोलसनारो अभी तक के सबसे विवादित और सुर्ख़ियों में रहने वाले राष्ट्रपतियों में से एक हैं ।बोलसनारो को समलैंगिकता विरोधी, दक्षिण पंथी विचारधारा रखने और पित्रसत्तात्मक सोच रखने वाले राष्ट्रपति के रूप में जाना जाता है। बोलसनारो पर पूर्व में एक महिला विधायक यौन शोषण का भी आरोप लगा चुकी है इसके अलावा उनके कई विवादित बयान भी सुर्ख़ियों में रहते हैं ।बोलसनारो को इसी वजह से ब्राज़ील का ट्रम्प भी कहा जाता है।

कई दिनों तक ब्राज़ील की राजनीति में हाशिये पर रहने के बाद बोलसनारो ने अचानक ही राजनीति की मुख्य धारा में तब अपने कदम रखे जब कई भ्रष्टाचार के मुद्दों ने ब्राज़ील के राजनैतिक वर्ग की छवि को धूमिल कर दिया।इसी वक़्त ब्राज़ील में आयी १०० सालों की सबसे बुरी मंदी ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों को सड़कों पर उतरने को मज़बूर कर दिया । इन हालात में बोलसनारो ने खुद की छवि भ्रष्टाचारी सत्ता को जड़ समेत उखड फेकने वाले एक नेता की बनायी।

अपने चुनाव प्रचारों के दौरान और राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने के बाद बोलसनारो ने अपने दक्षिण पंथी विचारों और बयानों की वजह से कडा विरोध झेला ।बोलसनारो ने रंगभेद, लिंगभेद और समलैंगिकता को लेकर कई विवादित बयान दिए इसके अलावा उन्होंने 1964-1985 के दौरान ब्राज़ील में सैन्य तानाशाही के दौर की तारीफ़ करने के लिए भी विरोधों का सामना करना पड़ा।

2016 में वामपंथी राष्ट्रपति डिल्मा रौसेफ के महाभियोग के दौरान बोलसनारो ने उस कर्नल को अपना वोट दिया जिसने डिल्मा रौसेफ को जेल में यातनाएं दी थी। 2018 में बोलसनारो को नस्लभेदी टिप्पणियों और महिलाओं और समलैंगिकों के खिलाफ भेदभाव भड़काने के लिए ब्राज़ील की एक कोर्ट ने नोटिस भी दिया।

बोलसनारो के ऊपर एक महिला विधायक ने दुष्कर्म का आरोप लगाया जिस पर बोलसनारो ने जवाब दिया की मैं आपके साथ वो नहीं कर सकता क्यूंकि आप उसके लायक ही नहीं ।बोलसनारो ने इसी तरह का एक और विवादित बयान दिया था जिसमे उन्होंने कहा था की समलैंगिक बेटे को प्यार नहीं दे पाऊँगा जबकि बेटी होना कमज़ोरी है।

गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि का पद प्रोटोकॉल के मुताबिक़ भारत का सर्वोच्ह्ह सम्मान माना जाता है । किसी देश के प्रमुख को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया जा सकता है इसके लिए भारत का विदेश मंत्रालय कई पहलुओं की जांच करता है इसमें सबसे अहम् पहलू माना जाता है की भारत के साथ उस देश के रिश्ते कैसे हैं । इसके बाद प्रधानमंत्री की मंज़ूरी और फिर राष्ट्रपति भवन से क्लेरेन्स ली जाती है।