(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) शिग्मो क्या है? (What is Shigmo?)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) शिग्मो क्या है? (What is Shigmo?)



शिग्मो क्या है?

जैसे ही गोवा घूमने की चर्चा होती है हमें मसालों की सुगंध, समुद्री किनारों पर मिलने वाले हवा के झोंको और अरब सागर में दिखने वाले मनोरम डूबते सूरज को देखने के नज़ारे खुद–ब–खुद याद आने लगते हैं। लेकिन इन सभी खूबसूरत चीजों के अलावा इन दिनों गोवा

शिग्मोत्सव की वजह से खासा चर्चा में बना हुआ है।

DNS में आज हम आपको शिग्मोत्सव के बारे में बताएंगे और साथ ही समझेंगे इससे जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में भी

कोंकणी भाषा में होली के त्यौहार को शिग्मोत्सव या शिग्मो कहते हैं। गोवा की संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ा यह त्यौहार रंगो, गीतों और नृत्य का त्यौहार है। दरअसल सर्दियों की विदाई और वसंत के शुरुआत के उपलक्ष्य में इस त्यौहार को मनाया जाता है। मूलतः यह त्यौहार गोवा के किसान समुदाय और जनजातीय समुदायों द्वारा मनाया जाता है। 14 दिन तक चलने वाले इस उत्सव को हिंदू पंचांग के मुताबिक हर साल फाल्गुन–चैत्र के महीने में मनाया जाता है। बता दें कि फाल्गुन–चैत्र का महीना मार्च-अप्रैल के समकालीन होता है।

उत्सव की शुरुआत ‘नमन’ के साथ की जाती है। ‘नमन’ के अंतर्गत गांव के मांद यानी मंच पर स्थानीय देवता का आवाहन किया जाता है। इसमें पुरुषों द्वारा घुमट, ढोल, म्हादले और ताशे आदि बजाकर भगवान का आवाहन किया जाता है। इस तरह बाजा बजाते हुए और नृत्य करते हुए लोग एक गांव से दूसरे गांव की ओर फेरी लगाते हैं। फेरी की इस प्रक्रिया को ‘रोमता मेल’ कहते हैं। ‘रोमता मेल’ में लोग पारंपरिक एवं रंग-बिरंगे वेशभूषा पहनकर, अपने चेहरे को नाना प्रकार के रंगों से रंगे हुए और साथ ही पौराणिक कथाओं का नाटकीय प्रदर्शन करते हुए एक गांव से दूसरे गांव घूमने जाते हैं। भाग लेने वाले समुदायों द्वारा घोडेमोदिनी, गोफा, और फुगड़ी जैसे लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया जाता है। आजकल गोवा पर्यटन विभाग द्वारा इस उत्सव के कार्यक्रम में परेड का भी आयोजन किया जाने लगा है।

हालिया दिनों में जिस तरह कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है, इससे होली की खुशियों का रंग थोड़ा फीका पड़ सकता है। कोरोना की इसी स्थिति को देखते हुए गोवा में शिग्मोत्सव को लेकर जिस तरह से तैयारियां चल रही है उसको लेकर तमाम तरह के सवाल भी उठाए जा रहे हैं। क्योंकि गोवा में भी कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि गोवा प्रशासन ने सीमित स्तर पर शिग्मोत्सव मनाने की छूट की बात कही है। गौरतलब है कि फरवरी महीने में गोवा कार्निवल को पूरे जोर-शोर से मनाया गया था और अब ‘शिग्मो’ त्यौहार की भी तैयारियां उसी उत्साह में की जा रही हैं।