(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) क्या है प्रोजेक्ट लायन? (What is Project Lion?)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) क्या है प्रोजेक्ट लायन? (What is Project Lion?)



चर्चा में क्यों?

15 अगस्त, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74 चौहत्तर वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपने सम्बोधन के दौरान प्रोजेक्ट लायन का शुभारंभ किया....

चलिए DNS में जानते है इस प्रोजेक्ट से जुडी सारी बातों को ...और एशियाई शेरों को विलुप्त होने से बचाने के लिए भारत सरकार द्वारा की गयी फलों पर भी चर्चा करेंगे....

प्रोजेक्ट लायन में एशियाई शेरों का संरक्षण शामिल है। इसमें आधुनिक तकनीकों को शामिल करके शेरों के आवास विकास के संरक्षण परध्यान केंद्रित किया जायेगा...

प्रोजेक्ट लायन में इंसानों और शेरों के बीच के संघर्ष पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसमें शेरों के आवास या जंगलों के करीब रहने वाले स्थानीय समुदाय जैसे जनजातियां इत्यादि शामिल होंगी ।

इस परियोजना के ज़रिये स्थानीय लोगों को आजीविका के अवसर भी दिए जायेंगे

प्रोजेक्ट लायन का मकसद शेरों की सेहत के प्रबंधन पर भी ध्यान देना होगा। इसके अलावा इसमें शेरों को वैश्विक स्तर की बेहतरीन देखभाल भी दी जाएगी

गौर तलब है की इस साल जनवरी महीने में गुजरात के गिर में तकरीबन 92 बयानवे शेरों की मौत हो गई थी । साल 2018 में गिर अभयारण्य में ही कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) के प्रकोप की वजह से लगभग 59 उन्सठ शेरों की मौत हो गई थी।

एशियाई शेर संरक्षण परियोजना

एशियाई शेर संरक्षण परियोजना मौजूदा एनडीए सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान शुरू की गयी थी । पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 2018 से लेकर 2021 तक तीन सालों के लिए इस परियोजना को मंजूरी दी थी। इस परियोजना के लिए 97सत्त्तान्वे .85 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था

एशियाई शेर

एशियाई शेर एक वक़्त में पूर्वी एशिया में पलामू (Palamau) से लेकर फारस (ईरान) तक पाए जाते थे। एशियाई शेरों की प्रजाति अंधाधुंध शिकार और जंगलों की कटाई के कारण लगातार विलुप्त हो रही है ....

1890 के दशक के अंत तक गुजरात के गिर जंगलों में शेरों की 50 से भी कम जनसंख्या बची थी। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा समय पर कड़े सुरक्षा उपाय किये जाने के बाद वर्तमान में एशियाई शेरों की संख्या बढ़कर 500 से अधिक हो पाई है..

साल 2015 में आखिरी जनगणना में 1648 अड़तालीस .79 वर्ग किमी. के गिर संरक्षित क्षेत्र के नेटवर्क (Gir Protected Area Network) में एशियाई शेरों की संख्या 523 दर्ज की गई।

गिर के संरक्षित नेटवर्क के तहत गिर राष्ट्रीय उद्यान (Gir National Park); गिर अभयारण्य (Gir Sanctuary); पानिया अभयारण्य (Pania Sanctuary)’ और मितीला अभयारण्य (Mitiyala Sanctuary) शामिल है।

एशियाई शेर प्रजनन परियोजना

यह एशियाई शेरों को विलुप्त होने से बचाने के लिए भारत सरकार की एक पहल है। इस परियोजना के तहत, एशियाई शेरों को मध्य प्रदेश में कुनो वन्यजीव अभयारण्य में लाया जाएगा।गौर तलब है की गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले एशियाई शेरों की आबादी इंसानी खतरों महामारी और प्राकृतिक आपदाओं की वज़ह से खतरे में है....