(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) बेईदोऊ नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (What is BeiDou : China’s version of GPS)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) बेईदोऊ नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (What is BeiDou : China’s version of GPS)



चीन ने हाल ही में स्वदेशी नेवीगेशन सेटेलाइट (Satellite navigation) सिस्टम (बीडीएस) बेइदोऊ-3 (beidou-3) की पूर्ण वैश्विक सेवाओं की शुक्रवार को औपचारिक शुरुआत कर दी । माना जा रहा है चीन का ये स्वदेशी नेविगेशन सैटेलाइट अमेरिका के जी पी एस को टक्कर देगा। यह सैटेलाइट सिस्टम यातायात , आपातकालीन स्वास्थ्य बचाव ,शहर योजना और प्रबंधन क्षेत्रों में यह अपनी सुविधायें प्रदान करेगा।

बीते शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आधिकारिक रूप से बेजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ़ पीपल में नेविगेशन सिस्टम का उदघाटन किया

दुनिया भर में अमेरिका जी पी एस सिग्नल की सुविधाएं 1980 से ही मुफ्त दे रहा है

चीन का नेविगेशन सिस्टम सैटेलाइटों का एक तंत्र इस्तेमाल करता है और यह 10 मीटर तक स्थिति का सही आकलन करने में सक्षम है जबकि अमेरिका का नेविगेशन सैटेलाइट । 2 मीटर तक की सीमा में सही स्थिति का आकलन कर सकता है। चीन ने बेइदोऊ की शुरुआत 1994 में की थी। इसका मकसद मछलीपालन , कृषि , विशेष देखभाल वन क्षेत्र और लोक सुरक्षा समेत अनेक क्षेत्रों के उपयोगों को एक मंच पर लाना है

बेइदोऊ किसी भी चीज़ की सटीक स्थिति नेविगेशन और छोटे संदेशों के संचार जैसी सुविधाएं प्रदान करता है

शुक्रवार को हुए समारोह के बाद जारी एक घोषणा में यह एलान किया गया की उपग्रहों के समूह का 55 वां और अंतिम भूस्थैतिक उपग्रह जिसे 23 जून को छोड़ा गया था अब सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है।

बेल्ट एंड रोड परियोजना में शामिल देश इस नेविगेशन सिस्टम का 2018 से ही हिस्सा रहे हैं और इनका इस्तेमाल भी करते आ रहे हैं।

गौर तालाब है की जी पी एस अमेरिकी सरकार के अधिकार में है और इसे अमेरिकी वायु सेना द्वारा संचालित किया जाता है। रूस के पास भी ग्लोनास नाम का खुद का नेविगेशन सिस्टम मौजूद है जबकि यूरोपीय संघ के पास गैलिलिओ और भारत के पास नाविक नाम से नेविगेशन सिस्टम मौजूद हैं

पिछले साल ये खबर आयी थी की बंगलुरु स्थित इसरो क्वालकॉम जैसे कई चिप निर्माताओं से बातचीत कर रहा है जिससे जी पी एस को भारतीय नेविगेशन सिस्टम से प्रतिस्थापि किया जा सके।

बेइदोऊ को लांच करके चीन के पास अब खुद का नेविगेशन सिस्टम हो गया है जिसका सीधा मतलब है की वहीं भी अब उन देशों की कतार में शामिल हो गया है जिंसके पास खुद का नेविगेशन सिस्टम है। इन सभी नेविगेशन सिस्टम्स में से जी पी एस अभी तक सबसे ज़्यादा इस्तेमाल में लाया जा रहा है। जी पी एस को सबसे ज़्यादा निजी इस्तेमाल और कई संवेदनशील सैन्य मकसदों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कोरोना जैसी महामारी के दौरान जहाँ अमेरिका और चीन के रिश्तों में खटास बढ़ती जा रही है ऐसे में चीन के लिए ये नेविगेशन सिस्टम काफी अहम् है ताकि अमेरिका की मिलकियत को ख़त्म किया जा सके।

अमरीकी आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ चीन के द्वारा बेइदोऊ के विकास और इसके बढ़ावे के अमेरिका के लिए सुरक्षा अर्थव्यवस्था और कूटनीतिक क्षेत्रों में गभीर परिणाम होंगे।