(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) उद्यानोत्सव व चारबाग शैली (Udyanotsav and Charbagh Style)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) उद्यानोत्सव व चारबाग शैली (Udyanotsav and Charbagh Style)



हाल ही में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने राष्ट्रपति भवन में प्रत्येक वर्ष होने वाले उद्यानोत्सव का शुभारम्भ किया।

हमारे आज के DNS में हम राष्ट्रपति भवन के इस विशेष उत्सव पर चर्चा करेंगे।

  • दरअसल उद्यानोत्सव राष्ट्रपति भवन में हर साल फरवरी से मार्च के बीच होने वाला एक विशेष प्रकार का त्यौहार होता है।
  • इस उत्सव में राष्ट्रपति भवन के फूलों के बगीचे को आम जनता के लिये खोला जाता है।
  • इस बगीचे को मुगल गार्डेन कहा जाता है।
  • मुगल गार्डेन राष्ट्रपति भवन में 15 Acre की जगह में फैला एक ऐसा बगीचा है जिसमें विभिन्न किस्मों के फूलों की प्रजातियाँ लगाई जाती है।
  • इस बगीचे को खास बात यह है कि इसमें मुगल व अंग्रेजी शैली मिश्रण की खास झलक देखने को मिलती है।
  • सर एडवर्ड लुटियन्स ने इस बगीचे को फारसी चारबाग शैली में बनाया था। जिसमें झरने, छोटी नहरें व वर्गाकार व आयताकार बगीचे विशेष आकर्षण का केन्द्र होते है।
  • इस बागीचे में हर्बल गार्डन, बोन्साई गार्डन, मुख्य मुगल गार्डन तथा Spiritual Garden आदि मुख्य आकर्षण केन्द्र है।

आइये अब नजर डालते है इस बगीचे की चारबाग शैली पर दरअसल चारबाग कुरान में वर्णित इस्लामिक संस्कृति का स्वर्ग यानि जन्नत में स्थित एक बगीचा होता है।

  • यह बगीचा आयताकार आकृति में होता है जिसके बीच में पैदल चलने के लिये पट्टियाँ बनी होती है तथा यह चारों ओर से दीवार द्वारा कैद होता है।
  • इस शैली के बगीचे पश्चिम व दक्षिण एशिया के कई देशों में पाये जाते हैं जैसे इराक, ईरान, भारत व पाकिस्तान आदि देश।
  • अगर हम मध्यकालीन भारत के इतिहास को देखें तो तुगलकों व मुगलों ने इस शैली मे कई बगीचे बनवाये इनमें हुमायूँ की कब्र व ताजमहल सबसे प्रसिद्ध चारबाग शैली के बगीचों के उदाहरण है।
  • हुमायूँ की कब्र भारत की पहली ऐसी कब्र थी जिसके चारों तरफ इस शैली का बगीचा बनवाया गया था वर्ष 1993 में इसे UNESCO द्वारा World Heritage Site का भी दर्जा प्राप्त हुआ।
  • इसके साथ ही पाकिस्तान में स्थित शालीमार बाग तथा जहाँगीर की कब्र भी इस शैली के बेहतरीन उदाहरण है।