(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) श्रमिक भरण-पोषण योजना (Shramik Bharan Poshan Yojna)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) श्रमिक भरण-पोषण योजना (Shramik Bharan Poshan Yojna)



सूनसान गलियां , घरों में सिमटे लोग , दहशत का मंज़र ,हर दिन होती मौतें और लोगों के ज़ेहन में एक अनजान सा खौफ ।ये दृश्य किसी भी फिल्म में दिखाए जाने वाले दृश्य से कम नहीं है लेकिन ये सच्चाई आज सिर्फ भारत की नहीं बल्कि दुनिया के हर उस देश की है जहाँ कोरोना वायरस ने तबाही मचाई है। आंकड़ों पर गौर करें तो पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की संख्या तकरीबन 4 लाख पहुँच गयी है और मरने वालों का आंकड़ा 16 हज़ार के पार पहुँच गया है। भारत में ये आंकड़ा पूरी दुनिया को देखते हुए काफी काम है लेकिन इसकी आमद के चलते भारत सरकार ने इस खतरे से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पूरे देश में लॉक डाउन कर दिया गया है और सभी यातायात के साधनों को भी बंद कर दिया गया है । हालांकि इन सबके मद्देनज़र सबसे ज़्यादा नुक्सान उन लोगों का हो रहा है जिनकी ज़िंदगी रोज़ की आमदनी पर निर्भर है ।इन सबमे दिहाड़ी मज़दूर घुमन्तु ठेला खोमचा और सड़क किनारे दूकान लगाने वाले लोग आते है। इन सबको इस बंद के दौरान राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पहला कदम उठाया है।

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 मार्च मंगलवार को राज्य के 20 लाख से अधिक दिहाड़ी मजदूरों को 1 हजार रुपये की पहली किस्त डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेज दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 मार्च को अपने सरकारी आवास से श्रमिक भरण-पोषण योजना की शुरुआत की। योजना की शुरुआत करते हुए उन्होंने चार श्रमिकों को प्रतीकात्मक तौर पर 1 हजार रुपये का चेक भी दिया।

आज के DNS में हम जानेंगे की क्या है श्रमिक भरण पोषण योजना और किन किन लोगों को क्या क्या फायदा मिलेगा इस योजना से।

कोरोना वायरस ने भारत में भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं ।भारत में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या तकरीबन 500 हो गयी है और 10 लोग इसकी वजह से मर चुके हैं ।भारत के राज्य उत्तर प्रदेश में भी इस वायरस का कहर जारी है ।वायरस के प्रकोप के मद्देनज़र लोगों से दूरी बनाने और होम क्वारेंटाइन की वजह से कई लोगों के रोजगार पर फर्क पड़ा है । उत्तर प्रदेश में ऐसे लोगों की मदद करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक भरण पोषण योजना की शुरुआत की है।इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले दिहाड़ी मज़दूरों और ठेला खोमचा लगाने वाले लोगों को बंद के दौरान 1 हज़ार रुपये की सहायता मुहैय्या कराई जाएगी । इसके अलावा जो लोग भी इससे वंचित रह जाएंगे और किसी भी योजना का लाभ नहीं पा रहे हैं है, उन्हें भी 1 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है और सभी जनपदों को पर्याप्त धनराशि भेजी जा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक अंत्योदय राशन कार्ड धारक, निराश्रित वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले , दिव्यांगजन पेंशन भोगी , निर्माण श्रमिक और प्रतिदिन कमाने वाले श्रमिकों को सरकार नि:शुल्क राशन उपलब्ध करा रही है। इसके तहत 20 किलो गेंहू और 15 किलो चावल की व्यवस्था की गई है।

उत्तर प्रदेश के अंदर घुमन्तू जैसे ठेला, खोमचा, रेहड़ी और रिक्शा चलाने, साप्ताहिक बाजार के दुकानदारों को मिलकर लगभग करीब 15 लाख लोग हैं । इनके लिए भी राज्य सरकार एक हजार रुपए की राशि भरण पोषण के लिए तत्काल रूप से देगी। यह राशि प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ के ज़रिये उनके खाते में भी सीधे भेजी जाएगी । इनका डेटाबेस नगर विकास द्वारा अगले 15 दिनों में तैयार किया जाएगा। इस योजना की वजह से राज्य सरकार पर करीब 150 करोड़ रुपए आर्थिक बोझ आने की संभावना है।

इसके अलावा मुख्यम्नत्री ने मनरेगा के मजदूरों को तुरंत मजदूरी का भुगतान करने का निर्देश दिया है । केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए करीब 556 करोड़ रुपए की धनराशि का भुगतान मार्च 2020 में ही किया जाएगा । इसी के साथ अन्त्योदय योजना, मनरेगा और श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं दिहाड़ी मजदूरों को एक माह का निशुल्क राशन अप्रैल में उपलब्ध करवाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर करीब 64 ।50 करोड़ का खर्च आएगा । यह अनाज पीडीएस दुकानों के माध्यम से बांटा जाएगा।

कोरोना वायरस के चलते राज्य में बंदी है । जिसकी वजह से सारे काम धंधे बंद पड़े है। सारे मज़दूरों को लौटा दिया गया है । अब इन मज़दूरों की रोज़ी रोटी बंद होने की वजह से खाने के लाले पड़े हैं।

गौर तलब है की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिहाड़ी मजदूरों की रोज़ी रोटी पर कोरोना के असर की पड़ताल के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अगुवाई में एक समिति का गठन किया था। इस कमेटी की रिपोर्ट को देखते हुए राज्य सरकार ने दिहाड़ी मजदूरों के लिए भरण-भोषण के भत्ते की मंजूरी दी है।

इस योजना के कार्यान्वयन के लिए जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी की समिति बनाये गयी है । नगरीय क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी व नगर मजिस्ट्रेट की और संबंधित नगर निकायों के आयुक्त व अधिशासी अधिकारी की समितियां बनाई गयी हैं । इन समितियों की संस्तुति पर 1000 रुपए हर महीने की मदद इन लोगों के खाते में पहुंचाई जाएगी।




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