(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) हंता वायरस (Hanta Virus)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) हंता वायरस (Hanta Virus)



चीन , जहाँ से शुरू हुए कोरोना वायरस ने इस वक़्त पूरी दुनिया में दशहत कायम कर रखी है । चीन अभी इससे उबरने की कोशिश में ही था की वहां एक और वायरस ने लोगों को अपनी गिरफ्त में लेने की तैयारी शुरू कर दी है ।चूहों से फैलने वाले इस वायरस का नाम है हन्ता वायरस ।इस वायरस के चलते चीन के युनान प्रान्त में एक व्यक्ति की मौत हो गयी

आज के DNS में जानेंगे हन्ता वायरस के बारे में और साथ ही जानेंगे की इंसानों में ये संक्रमण कैसे फैलता है और संक्रमित व्यक्तियों में इसके क्या लक्षण पाए जाते है।

चीन के अंग्रेज़ी अखबार ग्लोबल टाइम्स की एक खबर के मुताबिक़ चीन के युनान प्रान्त में हन्ता वायरस से एक शख्स की मौत हो गयी है । हन्ता वायरस कोई नया वायरस नहीं है और अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र या सी.डी.सी के मुताबिक़ इसका पहला मामला साल 1993 में आया था । यह वायरस इंसानों में संक्रमित चूहों के ज़रिये फैलता है.....24 मार्च को चीन में आये मामले में संक्रमित व्यक्ति के करीबी जो एंडीज वायरस से संक्रमित था उसे भी हन्ता वायरस से संक्रमित बताया जा रहा है । एंडीज वायरस भी हन्ता वायरस का ही एक प्रकार है...

क्या है हन्ता वायरस?

हन्ता वायरस उस वायरस परिवार का सदस्य है जो आम तौर पर चूहों के ज़रिये फैलता है । कोई भी व्यक्ति वायरस से संक्रमित चूहे के संपर्क में आने पर इस वायरस से संक्रमित हो सकता है...

इंसानों में हन्ता वायरस के संक्रमण के मामले ज़्यादातर उन ग्रामीण इलाकों में देखे गए हैं जहाँ जंगल , मैदान और खेत में संक्रमित चूहों के रहने के लिए पर्याप्त जगहें होती हैं...

अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में सिन नॉम्ब्रे हन्ता वायरस जिसे चूहे की एक खास प्रजाति द्वारा फैलाया जाता है, ज़्यादातर संक्रमण के मामलों के लिए ज़िम्मेदार है । इसी के जैसे हन्ता वायरस के कई और भी प्रकार हैं जो सफ़ेद पैर वाले चूहों और कपास में रहने वाले चूहों को अपना निशाना बनाते हैं जिससे ये चूहे इंसानों के करीब आने पर उन्हें भी इस वायरस से संक्रमित कर देते हैं।

अमेरिका में इस वायरस परिवार को न्यू वर्ल्ड हन्ता वायरस के नाम से जाना जाता है । इस की वजह से होने वाली बीमारी को हन्ता वायरस पल्मोनरी डिजीज कहा जाता है जो सांस की काफी गंभीर बीमारी मानी जाती है । अमेरिकी संस्था सी.डी.सी की माने तो हन्ता वायरस पल्मोनरी डिजीज से मरने वालों की दर तकरीबन 38(अड़तीस) फीसदी है .....हालांकि इस बात पर अभी भी संशय है की इस वायरस का इंसानों से इंसानों में संक्रमण संभव है या नहीं । हालांकि अमेरिका चिली और अर्जेंटीना से आयी रिपोर्टों के मुताबिक इंसानी संक्रमण के मामले न के बराबर हैं।

हन्ता वायरस के लक्षण :

कोई भी व्यक्ति जो इस वायरस से संक्रमित है उसमे संक्रमण के लक्षण एक से लेकर आठ हफ़्तों के भीतर दिखाई दे सकते हैं...ये लक्षण आम तौर पर तब दिखाई देते हैं जब व्यक्ति संक्रमित चूहे के मल मूत्र या सलाइवा के संपर्क में आया हो...वायरस से संक्रमित लोगों में बुखार , थकावट , मांसपेशियों में दर्द , सर में दर्द , कंपकपी और पेट से जुडी समस्याएं लक्षण के तौर पर दिखाई पड़ सकती हैं...संक्रमित होने के 4 से 10 हफ़्तों के बाद इन इंसानों में खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं भी दिखाई पड़ सकती हैं ...

हालांकि यह वायरस विशेषज्ञों के मुताबिक़ उतना खतरनाक नहीं माना जा रहा है जितना की कोरोना फिर भी विषेशज्ञों ने इसकी आमद के चलते इससे भी लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।




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