(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) गरीब कल्याण रोजगार अभियान (Garib Kalyan Rojgar Abhiyaan)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) गरीब कल्याण रोजगार अभियान (Garib Kalyan Rojgar Abhiyaan)



कोरना से लड़ने के लिए देश व्यापी लॉकडाउन किये जाने के बाद देश का हर वर्ग परेशान है वहीँ आर्थिक रूप से कमजोर, बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूर इन लोगों के सामने रोजगार की एक बड़ी समस्या पैदा हो गई...वहीँ अब मजदूर व श्रमिक वर्ग के लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया....अब ऐसे में मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमत्री गरीब कल्याण योजना की शुरुआत की जा रही है....

आज DNS कार्यक्रम में हम जानेंगे क्या है पीएम गरीब कल्याण योजना...यह कैसे काम करेगी..और इस लाभ के दायरे में कोन आएगा....

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार यानी आज गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की....बिहार के खगड़िया जिले के तेलिहार गांव से इस योजना की शुरुआत हुई...ऐसे में यह जानना भी जरुरी हो जाता है की आखिर यह योजना क्या है....

इस अभियान के तहत सरकार ने 6 राज्यों के 116 जिलों को चुना गया है। इनमें करीब 88 लाख प्रवासी मजदूर वापस हुए हैं। इन 116 जिलों में बिहार में 32, उत्तर प्रदेश में 31, मध्य प्रदेश में 24, राजस्थान में 22, ओडिशा में 4 और झारखंड में 3 जिले शामिल हैं..... योजना का शुभारंभ सबसे पहले बिहार के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों से किया जाएगा

ये मिशन 125 दिनों तक चलेगा, जिसमें अब तक 116 जिलों के प्रवासी मजदूरों को शामिल किया गया है, हालांकि आगे भी इसका विस्तार किया जा सकता है... इस अभियान को लागू करने से पहले सरकार ने स्किल मैपिंग की है... प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए सरकार का तंत्र इस दौरान मिशन मोड में काम करेगा. ...योजना का समन्वय 12 मंत्रालय कर रहे हैं जिसमें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन भी शामिल हैं. इस योजना के तहत मजदूरों से उनकी स्किल के तहत काम करवाए जाएंगे. सरकार ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान का बजट 50 हजार करोड़ रुपए रखा है..जहाँ कामगारों को स्किल के हिसाब से 25 काम दिए जाएंगे... इनमें सड़क, ग्रामीण आवास, बागवानी, पौधारोपण, जल संरक्षण और सिंचाई, आंगनवाड़ी, पंचायत भवन और जल जीवन मिशन जैसे काम शामिल हैं... जल जीवन मिशन, ग्राम सड़क योजना जैसी कई सरकारी योजनाओं के जरिए प्रवासियों को काम के मौके दिए जाएंगे.

इन कामों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण, ग्राम पंचायत भवन, राष्ट्रीय राजमार्ग के काम, कुओं का निर्माण, आंगनवाड़ी केंद्र का काम, पीएम आवास योजना का काम, ग्रामीम सड़क और सीमा सड़क, पीएम कुसुम योजना, पीएम ऊर्जा गंगा प्रोजेक्ट, पशु शेड बनाने का काम, केंचुआ खाद यूनिट तैयार करना, , भारतीय रेलवे के तहत आने वाले कामों की तरह ही अन्य कामों को भी शामिल किया गया है...इस योजना के लिए किसी को आवेदन नहीं करना होगा, राज्य और केंद्र सरकार स्वयं इस योजना के लिए प्रवासी मजदूरों का चयन करेंगी...वाही सरकार की तरफ से कहा गया कि यह अभियान आत्मनिर्भर भारत अभियान का ही एक हिस्सा है....

प्रधानमंत्री ने श्रमिकों को सम्बोधित करते हुए , इस दिन को ऐतिहासिक दिन बताते हुए...इस अभियान को गरीब कल्याण के लिए, उसके रोजगार के लिए एक बहुत बड़ा अभियान बताया...साथ उन्होंने इस अभियान को श्रमिक भाई-बहनों व गांवों में रहने वाले नौजवानों-बहनों-बेटियों को समर्पित किया '

साथ ही अपने संबोधन में कुछ और अहम बाते भी कही ..जहाँ उन्होंने बताया की कामकाज के ये 25 क्षेत्र ग्रामीण जरूरतों से जुड़े हुए हैं।...इन जरूरतों को गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत पूरा किया जाएगा...साथ ही यह भी कहा की देश के गांवों में शहरों के मुकाबले इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है...इस स्कीम के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा...सभी श्रमिकों की हूनर की मैपिंग की शुरुआत की गई है, ताकि प्रवासियों को उनके कौशल के हिसाब से काम मिल सके..सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना महामारी के समय गांवों में रहते हुए श्रमिकों को किसी से कर्ज लेने की जरूरत ना पड़े..किसान अब अपने राज्यों से बाहर भी अपनी फसल बेच सकते हैं...