(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) दियामेर भाषा डैम (Diamer-Bhasha Dam)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) दियामेर भाषा डैम (Diamer-Bhasha Dam)



जहां पूरी दुनिया कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लड़ रही है चीन और पकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से अब भी बाज़ आने का नाम नहीं ले रहे हैं ….तो चीन पहले से ही भारत के पड़ोसी देशों से सांठ गाँठ करके भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है….स्ट्रिंग ऑफ़ पर्ल्स और चीन आर्थिक गलियारा चीन की इसी मुहीम के हिस्से हैं …लेकिन अब चीन पाक अधिकृत कश्‍मीर (PoK) और गिलगित-बाल्टिस्‍तान (Gilgit-Baltistan) में लगातार अपना दबदबा बढ़ाने की कवायद में जुटा है….इसीके तहत अब उसने पाकिस्‍तान (Pakistan) के साथ अरबों डॉलर लागत वाले डायमर-भाषा डैम को बनाने के करार पर दस्तखत किये है। पाकिस्‍तान पिछले 40 साल से इस बाँध को बनाने की योजना बना रहा था । इस करार पर दस्तखत किये जाने के बाद पाकिस्तान की मंशा पूरी होती दिख रही है। लेकिन बाँध के करार पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है । दरअसल में बाँध गिलगित-बाल्टिस्‍तान क्षेत्र में पड़ता है जिस पर भारत अपना दावा करता रहा है....पाकिस्तान (Pakistan) के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र में ऐसी परियोजनाएं शुरू करने पर भारत ने नाराज़गी ज़ाहिर की है....

डॉयमर भाषा बांध का बजट 1406 अरब पाकिस्तानी रुपये है....चीन (China) और पाकिस्‍तान के बीच हुए समझौते के मुताबिक, इस परियोजना को 2028 तक पूरा किया जाना है....

आज के DNS में हम बात करेंगे डॉयमर भाषा बाँध के बारे में... साथ ही जानेंगे की गिलगित-बाल्टिस्‍तान में पाकिस्तान अपना हक़ क्यों जाता रहा है और चीन की इस पूरे मामले में क्या भूमिका है....

गिलगित-बाल्टिस्तान में डायमर-भाषा बांध बनाने के लिए चीन और पाकिस्‍तान के बीच 5.8 अरब डॉलर का सौदा हुआ है....बांध परियोजना के लिए पाकिस्‍तानी सेना की सहायक कंपनी फ्रंटियर वर्क ऑर्गनाइजेशन और चीन की पावर चाइना की अगुवाई में एक साझा करार हुआ है....कायदे से देखा जाए तो ये दोनों मुल्क की सेनाओं का संयुक्त प्रयास है....इस बांध पर कुछ हफ्तों में काम शुरू होने की उम्मीद है.... पाकिस्‍तान के समाचारपत्र द डॉन के मुताबिक, इस बांध पर कुछ हफ्तों में काम शुरू कर दिया जाएगा....पाकिस्तान सिंधु नदी पर बाँध बनाने के लिए दशकों से मशक्कत कर रहा है......हालांकि भारत के विरोध की वजह से उसे किसी भी देश या अंतरार्ष्ट्रीय संगठन से कोई मदद नहीं मिल पा रही ....इस वक़्त जब की ज़्यादातर देश चीन से कोरोना महामारी के चलते दूरी बनाये हुए हैं विश्व बैंक और एशियाई बैंक जैसी संस्थाएं इस परियोजना से अलग थलग हैं।

परियोजना के तहत प्रस्‍तावित बांध की ऊंचाई 272 दो सौ बहत्तर मीटर होगी...पाकिस्‍तान डिफेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी स्‍टोरेज क्षमता 81 इक्यासी लाख एकड़ फीट होगी। इसे रोलर कॉम्‍पैक्‍ट कंक्रीट तकनीक से बनाया जाएगा। माना जा रहा है कि इस तकनीक से बनाया जाने वाला यह दुनिया का सबसे ऊंचा डैम होगा। इसमें पानी की निकासी के लिए 14 गेट होंगे.... साथ ही जलाशय या रिजर्वायर में जमने वाली सिल्‍ट को बहाने के लिए डैम में अलग से व्‍यवस्‍था होगी....इस ज्‍वाइंट वेंचर में चीन की हिस्‍सेदारी 70 फीसदी होगी... इस परियोजना की बिजली उत्‍पादन क्षमता 4,500 मेगावाट होगी....यहां से हर साल 18.1 अरब यूनिट बिजली का उत्‍पादन हो सकेगा...

डायमर-भाषा परियोजना के लिए जनवरी, 2019 में ही करीब 32,000 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। इसमें 31,977 नौ सौ सतहत्तर एकड़ क्षेत्र गिलगित-बाल्टिस्‍तान में, जबकि 162 बासठ एकड़ हिस्‍सा खैबर पश्‍तूनख्‍वा में है....अधिग्रहीत भूमि परियेाजना के लिए जरूरी कुल भूमि का 86 छियासी फीसदी है....इस परियोजना के लिए पाकिस्‍तान ने वर्ल्‍ड बैंक से भी मदद मांगी थी....लेकिन वर्ल्‍ड बैंक ने भारत से नो-ऑब्‍जेक्‍शन सर्टिफिकेट हासिल करने को कहा था। पाकिस्‍तान ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया था....वहीं, एडीबी ने 2016 में ही परियोजना की जगह को लेकर विवाद के कारण आर्थिक मदद देने से इनकार कर दिया था....इसके बाद जुलाई 2018 में पाकिस्‍तान के सुप्रीम कोर्ट ने डैम के लिए चंदा जुटाने को एक फंड बना दिया था। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर डैम के लिए चंदा देने की अपील की गई थी। बताया जाता है कि इस बांध की परिकल्पना 1980 में की गई थी.....हालांकि, इसके निर्माण की मंजूरी 2006 में पूर्व सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ ने दी थी।

भारत और पाकिस्तान दोनों ही देश इस वक़्त कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं....ऐसे में पाकिस्तान का ऐसे नाज़ुक हालात में विवादस्पद गिलगित-बाल्टिस्तान में बाँध बनाना ये साबित करता है की पाकिस्तान अपने मुल्क के लोगों की मदद करने के बजाय इन मुद्दों को ज़्यादा तवज्जो देना चाहता है....इसके साथ चीन भी अपने हित साधने के लिए पाकिस्तान को इस्तेमाल कर रहा है.... डाइमर भाषा बाँध भारत पाकिस्तान के बीच चली आ रही रंजिश में एक नया पन्ना है । जब की पूरी दुनिया ही इस वक़्त कोरोना महामारी से लड़ रही है ऐसे में पाकिस्तान को भी ऐसे मुद्दों को हवा देने से बाज़ आना चाहिए....इसके उलट चीन और पाकिस्तान दोनों का ये कहना है की चीन-पाकिस्तान आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए आर्थिक सहयोग कर रहे हैं...हालांकि चीन के इरादे पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे विवादित क्षेत्रों में में पाकिस्तान की मदद से भारत पर दबदबा कायम करने के हैं....