(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) कोरोना वायरस का इलाज (Corona Virus and Its Cure)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) कोरोना वायरस का इलाज (Corona Virus and Its Cure)


हाल ही में थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्री अनुतिं चारणविरकुल द्वारा कोरोना वायरस की इंजेक्शन की खोज का दावा किया गया है। इसके साथ ही थाईलैंड ने यह भी दावा किया कि इस इंजेक्शन से कोरोना वायरस संक्रमित मरीज का सफल इलाज किया गया है।

आपको बता दें इन दिनों चीन समेत पूरे विश्व में उन्होंने वायरस की दहशत कायम है। कोरोना वायरस से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। इस वायरस के प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में घोषित कर दिया है। इसके साथ ही दवा कंपनियों में कोरोना वायरस की वैक्सीन समेत अन्य दवाओं की बनाने की होड़ लग गई है।

आइए आज की DNS कार्यक्रम में जानते हैं कि आखिर कोरोना वायरस है क्या और इसके उपचार के लिए क्या-क्या विकल्प मौजूद है?

कोरोना वायरस जानवरों की कुछ खास प्रजातियों में पाए जाने वाला एक वायरस है। इस वायरस का नाम कोरोना इसलिए पड़ा क्योंकि इसकी बनावट बिल्कुल सूर्य की कोरोना रोशनी के समान है। आपको बता दें जब पृथ्वी की छाया के चारों तरफ फैल रही सूर्य की इस रोशनी को कोरोना कहा जाता है। ह्यूमन कोरोना वायरस (HCoV) की पहचान पहली बार 1960 के दशक में हुई थी। कोरोना वायरस परिवार में मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम, कोवी वायरस और सार्स कोरोना वायरस…..संक्रमण के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार माने जाते हैं। कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों में गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (SARS)के लक्षण पाए गए हैं। कोरोना वायरस के एक अलग प्रकार के MERS-CoV भी शामिल है। इससे संक्रमित होने पर व्यक्ति को पहले मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS) और फिर गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (SARS-CoV) की समस्या हो सकती है, जो SARS नामक घातक बीमारी के लिए जिम्मेदार हैं।

थाईलैंड द्वारा खोजी गई दवा के बारे में जानते है?

थाईलैंड के डॉक्टरों के द्वारा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को परीक्षण के दौरान कुछ दवाओं का सम्मिलित डोज दिया गया। इन दवाओं को एंटी-वनायरल कांबिनेशन से तैयार किया गया। या दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इन दवाओं को फ्लू और एचआईवी के इलाज में होने वाली दवाओं से निर्मित किया गया। दवाओं के इस कांबिनेशन में एंटीफ्लू दवा ओसेल्टामिविर और एचआईवी के इलाज में प्रयोग में लाई जाने वाली लोपिनाविर और रिटोनाविर दवा शामिल है।

थाईलैंड के द्वारा डॉक्टर द्वारा यह दावा किया गया कि जब मरीज को इन दवाओं का डोज दिया गया तो वे जल्द ही स्वस्थ हो गए। इसके साथ ही इन मरीजों को निगरानी में रखकर यह सुनिश्चित किया गया कि वह पूरी तरह से संक्रमण मुक्त हो गए हैं। आपको बता दें थाईलैंड में कुल अब तक 19 मामले सामने आए हैं जिसमें से 8 मरीजों का इलाज कर घर भेजा जा चुका है। थाईलैंड द्वारा इस दवा को अत्यधिक कारगर बनाने के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। अगर यह दवा प्रयोगशाला में हुए परीक्षण में सफल उतरती है तो यह दुनिया के प्रथम सफलतम कोरोनावायरस के उपचार की दवा होगी।