(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) TRIFED के साथ आदिवासियों के बढ़ते कदम (TRIFED : Making Tribes Self Confident)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) TRIFED के साथ आदिवासियों के बढ़ते कदम (TRIFED : Making Tribes Self Confident)



हाल ही में जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास परिसंघ यानी Tribal Cooperative Marketing Development Federation of India- TRIFED द्वारा 6 अगस्त, 2020 को 33वें स्थापना दिवस मनाया गया...

आज के DNS में जानते है...TRIFED के बारे में...साथ ही एक नाज़ार हाल ही में TRIFED द्वारा शरू की गई पहलों पर भी.....

TRIFED की स्थापना अगस्त 1987 सत्तासी में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्था के रूप में बहु-राज्य सहकारी समितियों अधिनियम, 1984 चौरासी के तहत की गई थी...यह जनजातीय मामलों के मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है....

इसका उद्देश्य लघु वनोत्पादों (Minor Forest Produce– MFP) तथा अधिशेष कृषि उत्पादों (Surplus Agricultural Produce– SAP) के व्यापार को संस्थागत रूप से एकत्रित / संवर्धित करके देश के आदिवासियों के सामाजिक-आर्थिक विकास में सहायता करना है....

TRIFED के प्रमुख कार्य

TRIFED, संधारणीय बाजार का सृजन करने और सेवा प्रदाता दोनों की दोहरी भूमिका निभाता है...यह आदिवासियों की कार्य-प्रणालियों को ज्ञान और उपकरणों के माध्यम से व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से बेहतर बनाता है तथा आदिवासियों के विपणन दृष्टिकोण को विकसित करने में उनकी सहायता करता है.....

यह जागरूकता तथा स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups- SHGs) के गठन के माध्यम से आदिवासियों की क्षमता निर्माण के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत है....संगठन, आदिवासियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में इनके उत्पादों के विपणन के लिए अवसरों की खोज तथा अवसरों के निर्माण करने में सहायता करता है....

TRIFED द्वारा हाल ही में शुरू की गयी पहलें

हाल ही में ट्राइफेड द्वारा वन धन समाजिक दूरी जागरूकता अभियान, शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य COVID-19 महामारी के दौरान गैर-काष्ठ वन उत्पादों (Non Timber Forest Produce– NTFP) के एकत्रीकरण में लगे आदिवासियों को सामाजिक दूरी, होम क्वारंटाइन, स्वच्छता आदि जैसे प्रमुख निवारक व्यवहारों के लिए आदिवासियों को शिक्षित करना है...

वन धन स्वयं सहायता समूहों के लिए, उनके सुरक्षित रूप से कार्य-संचालन के लिए आवश्यक, सुरक्षा मास्क और स्वच्छता उत्पाद (साबुन, कीटाणुनाशक इत्यादि) प्रदान करने के लिए पहल की गई हैं...आदिवासियों की आजीविका में वृद्धि तथा सुरक्षा हेतु लघु वनोत्पादों (MFP) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को फिर से निर्धारित करने पर ध्यान दिया जा रहा है...

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, जनजातीय मामलों के मंत्रालय और TRIFED के द्वारा संयुक्त रूप से ट्राईफ़ूड योजना (TRIFOOD Scheme ) का आरंभ किया गया है.....ट्राइफेड द्वारा MSME मंत्रालय के सहयोग से “आदिवासियों के लिए तकनीक” (Tech for Tribals) पहल का आरम्भ किया गया है....इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री वन धन योजना (PMVDY) के अंतर्गत पंजीकृत वन्य-उत्पाद संग्राहक आदिवासियों का क्षमता विकास और उनमें उद्यमशीलता कौशल विकसित करना है....