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Blog / 03 Jul 2026

अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को बरकरार रखा

चर्चा में क्यों?

हाल ही में अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय (US Supreme Court) ने 6–3 के बहुमत से दिए गए अपने फैसले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश (Executive Order) को निरस्त कर दिया, जिसका उद्देश्य संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) पर प्रतिबंध लगाना था। इस निर्णय के साथ न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि अमेरिकी भूमि पर जन्म लेने वाले बच्चों को स्वतः अमेरिकी नागरिकता प्राप्त होगी। यह फैसला अमेरिका में अस्थायी वीज़ा पर रहने वाले हजारों भारतीय पेशेवरों, छात्रों और परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

पृष्ठभूमि:

      • अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले उन बच्चों को जन्मसिद्ध नागरिकता से वंचित करने का प्रस्ताव था, जिनके माता-पिता या तो अवैध प्रवासी (Undocumented Migrants) थे या अस्थायी वीज़ा पर अमेरिका में रह रहे थे।
      • हालाँकि, अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि इस प्रकार का प्रतिबंध अमेरिकी संविधान के चौदहवें संशोधन (Fourteenth Amendment) का उल्लंघन है, जो देश की सीमा के भीतर जन्म लेने वाले लगभग सभी व्यक्तियों को नागरिकता प्रदान करने की संवैधानिक गारंटी देता है।
      • अमेरिकी मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स (Chief Justice John Roberts) ने टिप्पणी कि चौदहवें संशोधन की लंबे समय से चली आ रही संवैधानिक व्याख्या स्पष्ट रूप से जन्मसिद्ध नागरिकता की गारंटी देती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके केवल कुछ सीमित अपवाद हैं, जैसे विदेशी राजनयिकों (Foreign Diplomats) के बच्चे।
      • न्यायालय ने यह भी कहा कि संवैधानिक अधिकारों में परिवर्तन केवल कार्यकारी आदेश के माध्यम से नहीं किया जा सकता, जिससे संविधान की सर्वोच्चता (Supremacy of the Constitution) की पुनः पुष्टि हुई।

US Supreme Court Upholds Birthright Citizenship

जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) क्या है?

      • जन्मसिद्ध नागरिकता वह सिद्धांत है, जिसके अनुसार किसी भी व्यक्ति को केवल किसी देश की भूमि पर जन्म लेने के आधार पर स्वतः उस देश की नागरिकता प्राप्त हो जाती है, चाहे उसके माता-पिता की राष्ट्रीयता या आव्रजन (Immigration) स्थिति कुछ भी हो।
      • संयुक्त राज्य अमेरिका में यह सिद्धांत 1868 में अपनाए गए संविधान के चौदहवें संशोधन (Fourteenth Amendment) के नागरिकता प्रावधान (Citizenship Clause) पर आधारित है। इसे अमेरिकी गृहयुद्ध (Civil War) के बाद समान नागरिकता और सभी व्यक्तियों को कानूनी संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया था।

भारतीयों के लिए यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?

      • यह निर्णय विशेष रूप से भारतीय प्रवासी समुदाय (Indian Diaspora) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो अमेरिका में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले प्रवासी समुदायों में से एक है।
        • अमेरिका में लगभग 32 लाख (3.2 मिलियन) वैध भारतीय प्रवासी रहते हैं।
        • 4 लाख (400,000) से अधिक भारतीय पेशेवर H-1B वीज़ा पर कार्यरत हैं।
        • बड़ी संख्या में भारतीय L-1 वीज़ा पर कार्य कर रहे हैं, जबकि अनेक छात्र F-1 छात्र वीज़ा पर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
        • लगभग 12 लाख (1.2 मिलियन) भारतीय रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड (Employment-based Green Card) की लंबी प्रतीक्षा सूची (Backlog) में हैं, जहाँ स्थायी निवास प्राप्त करने में कई दशक तक लग जाते हैं।
        • न्यायालय के इस निर्णय से यह सुनिश्चित हुआ है कि अमेरिका में भारतीय वीज़ाधारकों, छात्रों, पर्यटकों तथा यहाँ तक कि अवैध प्रवासियों के यहाँ जन्म लेने वाले बच्चों को भी स्वतः अमेरिकी नागरिकता मिलती रहेगी।
      • यह फैसला लंबे समय से आव्रजन संबंधी अनिश्चितताओं का सामना कर रहे भारतीय परिवारों को दीर्घकालिक कानूनी सुरक्षा (Legal Certainty) प्रदान करता है।

निर्णय के प्रमुख निहितार्थ:

      • यह फैसला संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा को और मजबूत करता है।
      • न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की शक्ति को सुदृढ़ करता है।
      • नागरिकता जैसे संवेदनशील विषयों में कार्यपालिका की असीमित शक्तियों पर नियंत्रण स्थापित करता है।
      • लंबे समय से वीज़ा और ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे प्रवासी परिवारों, विशेषकर भारतीयों, को स्थिरता और कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।
      • यह निर्णय अमेरिका की समान नागरिकता (Equal Citizenship) और कानूनी निश्चितता (Legal Certainty) के प्रति उसकी ऐतिहासिक प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।

निष्कर्ष:

अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय संवैधानिक मूल्यों, समानता तथा विधि के शासन (Rule of Law) की एक ऐतिहासिक पुनर्पुष्टि है। भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए यह फैसला विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित हो गया है कि अमेरिका में जन्म लेने वाले उनके बच्चों की नागरिकता संबंधी संवैधानिक सुरक्षा भविष्य में भी बनी रहेगी, भले ही आव्रजन नीतियों में परिवर्तन की संभावनाएँ क्यों न हों।

 

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