संदर्भ:
संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के बीच अंतिम शेष परमाणु हथियार नियंत्रण समझौता, न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी (New START), 5 फरवरी 2026 को समाप्त हो गई। रूस ने इसकी अवधि एक वर्ष बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन अमेरिका की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस संभावित समाप्ति ने वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियार नियंत्रण के भविष्य और नए हथियारों की दौड़ के जोखिम को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं।
न्यू स्टार्ट संधि के बारे में:
यह संधि 2010 में प्राग में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव द्वारा हस्ताक्षरित की गई थी और 5 फरवरी 2011 को लागू हुई। वर्ष 2021 में इसे पाँच वर्षों के लिए और बढ़ाया गया था।
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- उद्देश्य: यह संधि दोनों देशों को 1,550 तैनात रणनीतिक परमाणु वारहेड्स और 700 तैनात प्रक्षेपण प्रणालियों तक सीमित करती है। इनमें अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM), पनडुब्बी-प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइलें (SLBM) और भारी बमवर्षक शामिल हैं। साथ ही, तैनात और गैर-तैनात प्रक्षेपकों की कुल संख्या पर भी सीमा निर्धारित की गई है।
- सत्यापन तंत्र: न्यू स्टार्ट में आपसी निरीक्षण, सूचनाओं का आदान-प्रदान और नियमित डेटा साझा करने की व्यवस्थाएँ शामिल थीं, जिनका उद्देश्य अविश्वास को कम करना और पारदर्शिता बढ़ाना था।
- भागीदारी का निलंबन: फरवरी 2023 में रूस ने संधि के कुछ प्रावधानों, विशेषकर स्थल पर होने वाले निरीक्षण को निलंबित कर दिया, हालांकि वह संख्यात्मक सीमाओं का पालन करता रहा। इसके प्रत्युत्तर में अमेरिका ने भी अनुपालन से जुड़ी कुछ सूचनाओं के आदान-प्रदान को आंशिक रूप से निलंबित कर दिया।
- उद्देश्य: यह संधि दोनों देशों को 1,550 तैनात रणनीतिक परमाणु वारहेड्स और 700 तैनात प्रक्षेपण प्रणालियों तक सीमित करती है। इनमें अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM), पनडुब्बी-प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइलें (SLBM) और भारी बमवर्षक शामिल हैं। साथ ही, तैनात और गैर-तैनात प्रक्षेपकों की कुल संख्या पर भी सीमा निर्धारित की गई है।
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महत्व और लाभ:
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- रणनीतिक स्थिरता: न्यू स्टार्ट ने अमेरिका–रूस रणनीतिक संबंधों में पूर्वानुमेयता बनाए रखी और अनियंत्रित परमाणु प्रतिस्पर्धा के जोखिम को कम किया।
- पारदर्शिता: नियमित डेटा साझा करने और निरीक्षण से आकस्मिक टकराव और गलत व्याख्या की संभावना घटती रही।
- हथियार कटौती की विरासत: इस संधि ने वैश्विक परमाणु वारहेड्स की संख्या को शीत युद्ध काल के हजारों से घटाकर लगभग 12,000 तक लाने में योगदान दिया।
- विश्वास-निर्माण: स्पष्ट सीमाओं ने रूस–यूक्रेन संघर्ष सहित बढ़े हुए तनाव के बावजूद कुछ हद तक विश्वास बनाए रखने में मदद की।
- रणनीतिक स्थिरता: न्यू स्टार्ट ने अमेरिका–रूस रणनीतिक संबंधों में पूर्वानुमेयता बनाए रखी और अनियंत्रित परमाणु प्रतिस्पर्धा के जोखिम को कम किया।
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चुनौतियाँ और वर्तमान मुद्दे:
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- विस्तार का अभाव: संधि के विस्तार या इसके स्थान पर किसी नई संधि पर सहमति न बनने से बाध्यकारी परमाणु सीमाओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
- सत्यापन का क्षरण: निरीक्षणों के निलंबन से निगरानी तंत्र और आपसी विश्वास कमजोर पड़ा है।
- भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य: अन्य परमाणु-सशस्त्र देशों, विशेषकर चीन, को हथियार नियंत्रण ढाँचे में शामिल करने के प्रयास अब तक सफल नहीं हुए हैं।
- विस्तार का अभाव: संधि के विस्तार या इसके स्थान पर किसी नई संधि पर सहमति न बनने से बाध्यकारी परमाणु सीमाओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
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समाप्ति के निहितार्थ:
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- संभावित हथियारों की दौड़: कानूनी प्रतिबंधों के बिना अमेरिका और रूस अपने परमाणु भंडार बढ़ा सकते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा का खतरा बढ़ेगा।
- पारदर्शिता में कमी: सत्यापन उपायों के कमजोर होने से गलत आकलन और रणनीतिक गलतफहमी की आशंका बढ़ सकती है।
- वैश्विक परमाणु शासन पर संकट: न्यू स्टार्ट की समाप्ति व्यापक वैश्विक हथियार नियंत्रण ढाँचे और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के आधारभूत मानकों को कमजोर कर सकती है।
- बहुपक्षीय प्रभाव: अन्य परमाणु-सशस्त्र देश भी अपने शस्त्रागार के विस्तार या आधुनिकीकरण के लिए दबाव महसूस कर सकते हैं, जिससे भविष्य के निरस्त्रीकरण प्रयास और जटिल हो जाएंगे।
- संभावित हथियारों की दौड़: कानूनी प्रतिबंधों के बिना अमेरिका और रूस अपने परमाणु भंडार बढ़ा सकते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा का खतरा बढ़ेगा।
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निष्कर्ष:
न्यू स्टार्ट संधि का संभावित समाप्त होना वैश्विक सुरक्षा के लिए एक निर्णायक मोड़ है। इसकी अनुपस्थिति रणनीतिक स्थिरता को खतरे में डाल सकती है और मौजूदा हथियार नियंत्रण व्यवस्था को कमजोर कर सकती है। इसलिए संधि का विस्तार, इसके स्थान पर नई संधि पर बातचीत, या अधिक समावेशी बहुपक्षीय हथियार नियंत्रण तंत्रों को आगे बढ़ाना, तनाव को रोकने और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

