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Blog / 30 Jul 2026

लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026

संदर्भ:

हाल ही में लोकसभा ने लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया। इस विधेयक का उद्देश्य परीक्षा में धोखाधड़ी, प्रश्नपत्र लीक तथा संगठित नकल गिरोहों के विरुद्ध भारत के विधिक ढाँचे को अधिक सुदृढ़ बनाना है।

पृष्ठभूमि:

लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 केंद्रीय प्राधिकारियों द्वारा आयोजित लोक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाया गया था। किन्तु बार-बार सामने आए प्रश्नपत्र लीक तथा संगठित नकल के मामलों ने इसके क्रियान्वयन में विद्यमान कमियों तथा न्यायिक प्रक्रिया में होने वाले विलम्ब को उजागर किया। इन कमियों को दूर करने के लिए 2026 का संशोधन अधिक कठोर दण्ड, समयबद्ध जाँच तथा त्वरित न्यायिक प्रक्रिया का प्रावधान करता है, जिससे ऐसे अपराधों के विरुद्ध प्रभावी निवारक व्यवस्था स्थापित की जा सके।

Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026

विधेयक के प्रमुख प्रावधान:

      • कठोर दण्ड का प्रावधान
        • प्रश्नपत्र लीक करने अथवा परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने के दोषी व्यक्तियों को 5 से 10 वर्ष तक का कारावास तथा अधिकतम 50 लाख रुपये तक के अर्थदण्ड का प्रावधान।
        • प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों में संलिप्त संगठित आपराधिक गिरोहों अथवा संस्थानों के लिए 7 से 10 वर्ष तक का कारावास तथा अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक का अर्थदण्ड।
        • परीक्षा संचालन से जुड़े दोषी सेवा प्रदाताओं अथवा प्रबंधन संस्थाओं को आठ वर्ष तक काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में रखा जा सकेगा।
      • त्वरित जाँच एवं शीघ्र न्याय
        • जाँच एजेंसियों को 60 दिनों के भीतर अन्वेषण पूरा करना अनिवार्य होगा।
        • विशेष त्वरित न्यायालयों (फास्ट-ट्रैक न्यायालयों) को आरोपपत्र प्रस्तुत होने के तीन माह के भीतर विचारण पूर्ण करना होगा।
      • विशेष कार्यबल का गठन
        • केंद्र सरकार को राज्यों के मध्य समन्वित जाँच तथा संगठित परीक्षा अपराधों से निपटने के लिए विशेष कार्यबल (स्पेशल टास्क फोर्स - एसटीएफ) गठित करने का अधिकार प्रदान किया गया है।
      • निर्दोष अभ्यर्थियों का संरक्षण
        • विधेयक का उद्देश्य संगठित प्रश्नपत्र लीक, साइबर आक्रमण तथा संस्थागत भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है।
        • केवल अप्रमाणित ऑनलाइन अफवाहों के आधार पर किसी वास्तविक एवं निर्दोष अभ्यर्थी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी।

महत्त्व:

      • नीट (NEET), जेईई (JEE), एसएससी (SSC), संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता एवं निष्पक्षता सुदृढ़ होगी।
      • प्रश्नपत्र लीक कराने वाले संगठित गिरोहों के विरुद्ध प्रभावी निवारक व्यवस्था स्थापित होगी।
      • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं विश्वसनीयता बढ़ेगी।
      • करोड़ों ईमानदार अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी।
      • योग्यता-आधारित भर्ती एवं शिक्षा व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और अधिक दृढ़ होगा।

चुनौतियाँ:

      • केंद्र एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों के मध्य प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना।
      • निर्धारित समय-सीमा के भीतर जाँच पूर्ण करना।
      • पर्याप्त संख्या में विशेष त्वरित न्यायालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
      • निरंतर विकसित हो रहे डिजिटल परीक्षा अपराधों से निपटने हेतु साइबर सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाना।
      • सभी राज्यों में विधि का समान एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

निष्कर्ष:

लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 भारत की परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा सत्यनिष्ठा स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है। यद्यपि कठोर विधिक प्रावधान संगठित परीक्षा अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने में सहायक होंगे, तथापि संस्थागत सुधार, आधुनिक तकनीकी सुरक्षा उपायों, सुदृढ़ साइबर संरक्षण तथा प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से ही जनविश्वास को पुनर्स्थापित किया जा सकेगा तथा योग्यता-आधारित भर्ती एवं शिक्षा व्यवस्था के मूल सिद्धांतों की रक्षा सुनिश्चित होगी।

 

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