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Blog / 01 Sep 2026

राष्ट्रीय लेखा आँकड़े 2026: GDP में संशोधन और नया आधार वर्ष

संदर्भ:

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 31 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2026 जारी की। इसमें संशोधित राष्ट्रीय आय और व्यापक आर्थिक संकेतकों से संबंधित 60 विवरण शामिल हैं। इसमें वित्त वर्ष 2022–23 और 2023–24 के अंतिम अनुमान, वित्त वर्ष 2024–25 के प्रथम संशोधित अनुमान तथा वित्त वर्ष 2025–26 के संशोधित संकेतक शामिल हैं।

राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी क्या है?

      • राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी भारत की प्रमुख व्यापक आर्थिक गतिविधियों, जैसे सकल घरेलू उत्पाद (GDP), सकल मूल्य वर्धन (GVA), उपभोग, बचत और निवेश का आधिकारिक संकलन है।
      • ये आँकड़े आर्थिक प्रदर्शन को मापने और आर्थिक नीतियाँ बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

GDP वृद्धि में संशोधन:

नवीनतम प्रकाशन में GDP वृद्धि के कई आँकड़ों को संशोधित किया गया है:

      • FY 2023–24: वास्तविक GDP वृद्धि 7.2% से बढ़कर 7.3%, जबकि नाममात्र GDP वृद्धि 11.0% से 11.1% हुई।
      • FY 2024–25: वास्तविक GDP वृद्धि 7.1% से बढ़कर 7.2%, जबकि नाममात्र वृद्धि 9.7% से घटकर 9.4% हुई।
      • FY 2025–26: वास्तविक GDP वृद्धि 7.7% से बढ़कर 7.8%, जबकि नाममात्र वृद्धि 8.9% से घटकर 8.6% हुई।

National Accounts Statistics 2026

GDP का नया आधार वर्ष:

      • एक प्रमुख बदलाव के रूप में 2022–23 को नया आधार वर्ष अपनाया गया है, जिसने 2011–12 का स्थान लिया है।
      • नई श्रृंखला 27 फरवरी 2026 को जारी की गई थी। आधार वर्ष को अपडेट करने से राष्ट्रीय लेखा आँकड़ों में उपभोग के बदलते पैटर्न, उत्पादन संरचना, उभरते उद्योगों और आधुनिक सेवा क्षेत्र को बेहतर ढंग से शामिल किया जा सकता है।

वास्तविक GDP और नाममात्र GDP:

      • वास्तविक GDP (Real GDP): स्थिर कीमतों पर आर्थिक उत्पादन को मापता है और इसलिए वास्तविक उत्पादन वृद्धि का बेहतर आकलन करता है।
      • नाममात्र GDP (Nominal GDP): वर्तमान कीमतों पर मापा जाता है और इसमें उत्पादन तथा कीमतोंदोनों में बदलाव शामिल होते हैं।
      • GDP = GVA + उत्पादों पर शुद्ध कर
      • GVA = उत्पादन − मध्यवर्ती उपभो

तिमाही GDP वृद्धि:

      • वित्त वर्ष 2026–27 की पहली तिमाही (Q1) में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.8%, जबकि नाममात्र GDP वृद्धि 10.3% रही।
      • तिमाही अनुमान अल्पकालिक आर्थिक गति और उभरते रुझानों का आकलन करने में मदद करते हैं।

GDP अनुमानों में संशोधन क्यों होता है?

      • GDP अनुमानों में संशोधन तब किया जाता है जब नई और अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध होती है। इसमें नए प्रशासनिक आँकड़े, बेहतर सर्वेक्षण, अद्यतन उत्पादन संबंधी जानकारी, संशोधित मूल्य सूचकांक और पद्धतिगत सुधार शामिल हो सकते हैं।
      • इसलिए, GDP अनुमानों में संशोधन राष्ट्रीय आय लेखांकन की सामान्य प्रक्रिया है और इसका अर्थ यह नहीं है कि पहले के अनुमान गलत थे।

निष्कर्ष:

राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2026 सांख्यिकीय आधार को नियमित रूप से अपडेट करने, बेहतर आँकड़ों को शामिल करने और नई जानकारी के आधार पर अनुमानों को संशोधित करने के महत्व को रेखांकित करती है। एक मजबूत राष्ट्रीय लेखा प्रणाली सटीक आर्थिक आकलन और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के लिए आवश्यक है।

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