सन्दर्भ:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को 'विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए नशा मुक्त युवा' का शुभारंभ किया, जो नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए 100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत है।
मुख्य विशेषताएँ:
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- इस अभियान का उद्देश्य स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा नशामुक्त युवा आबादी का निर्माण करना है, क्योंकि विकसित भारत @2047 का लक्ष्य सशक्त एवं उत्पादक युवाओं पर निर्भर करता है।
- काशी में एक पायलट पहल के रूप में शुरू हुआ यह अभियान काशी घोषणा (Kashi Declaration) के अंतर्गत 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों एवं गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग से एक राष्ट्रीय जनआंदोलन में विकसित हो गया है। अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को जन-जागरूकता अभियान, खेल गतिविधियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ध्यान तथा सामुदायिक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि जनभागीदारी को सुदृढ़ किया जा सके।
- इस अभियान का उद्देश्य स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा नशामुक्त युवा आबादी का निर्माण करना है, क्योंकि विकसित भारत @2047 का लक्ष्य सशक्त एवं उत्पादक युवाओं पर निर्भर करता है।
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महत्त्व:
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- इस पहल का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध संघर्ष को जनभागीदारी (Jan Bhagidari) का आंदोलन बनाना है, जैसा कि स्वच्छ भारत और फिट इंडिया अभियानों में देखा गया। यह रोकथाम, पुनर्वास, सामुदायिक सहयोग तथा नशामुक्त हो चुके व्यक्तियों की सामाजिक स्वीकृति पर बल देता है, साथ ही शैक्षणिक संस्थानों, परिवारों एवं नागरिक समाज को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- यह अभियान माय भारत (MY Bharat) के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसने स्वयंसेवा एवं नेतृत्व कार्यक्रमों के माध्यम से पहले ही 2.3 करोड़ से अधिक युवाओं को जोड़ा है।
- इस पहल का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध संघर्ष को जनभागीदारी (Jan Bhagidari) का आंदोलन बनाना है, जैसा कि स्वच्छ भारत और फिट इंडिया अभियानों में देखा गया। यह रोकथाम, पुनर्वास, सामुदायिक सहयोग तथा नशामुक्त हो चुके व्यक्तियों की सामाजिक स्वीकृति पर बल देता है, साथ ही शैक्षणिक संस्थानों, परिवारों एवं नागरिक समाज को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
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भारत की मादक पदार्थ विरोधी रणनीति के बारे में:
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- भारत 2029 तक नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शून्य-सहिष्णुता (Zero Tolerance) नीति पर आधारित समयबद्ध रणनीति लागू कर रहा है। यह रणनीति मानस (MANAS) पोर्टल, एनसीओआरडी (NCORD) विज़न दस्तावेज़ (2026–2029) तथा सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में गठित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTFs) पर आधारित है।
- सरकारी अनुमानों के अनुसार, लगभग 16 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं, 3.1 करोड़ से अधिक लोग भांग (कैनाबिस) का उपयोग करते हैं, 1.18 करोड़ लोग शामक (Sedatives) दवाओं का सेवन करते हैं तथा 2.26 करोड़ लोग ओपिऑयड (Opioids) का उपयोग करते हैं, जिनमें से लगभग 28 लाख लोगों को तत्काल उपचार की आवश्यकता है।
- मानस (MANAS) हेल्पलाइन गोपनीय सूचना देने की सुविधा 1933 पर तथा नशामुक्ति परामर्श 14446 पर उपलब्ध कराती है। सरकार ने देशव्यापी मादक पदार्थ निस्तारण अभियानों तथा तस्करी नेटवर्कों के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई के माध्यम से कानून प्रवर्तन को भी सशक्त बनाया है।
- भारत 2029 तक नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शून्य-सहिष्णुता (Zero Tolerance) नीति पर आधारित समयबद्ध रणनीति लागू कर रहा है। यह रणनीति मानस (MANAS) पोर्टल, एनसीओआरडी (NCORD) विज़न दस्तावेज़ (2026–2029) तथा सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में गठित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTFs) पर आधारित है।
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कानूनी ढाँचे को सुदृढ़ बनाना:
मादक पदार्थों से संबंधित मामलों के त्वरित निपटान को सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act, 1985) के अंतर्गत विशेष रूप से समर्पित (Exclusive) विशेष न्यायालयों की स्थापना करने का निर्देश दिया है। वर्तमान में देशभर में लगभग 3.96 लाख NDPS मामले लंबित हैं, जबकि केवल 65 विशेष NDPS न्यायालय ही कार्यरत हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों से उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है तथा पंजाब, केरल, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश जैसे अधिक लंबित मामलों वाले राज्यों में अतिरिक्त न्यायालय स्थापित करने की सिफारिश की है।
निष्कर्ष:
विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए नशा मुक्त युवा भारत की व्यापक मादक पदार्थ विरोधी रणनीति का पूरक है, जो जन-जागरूकता, पुनर्वास, सामुदायिक भागीदारी तथा कड़े कानून प्रवर्तन को एकीकृत करता है। एनसीओआरडी विज़न दस्तावेज़, मानस पोर्टल तथा एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTFs) जैसी पहलों के माध्यम से सरकार मादक पदार्थों की मांग और आपूर्ति दोनों को कम करने का प्रयास कर रही है। सरकार और समाज के समग्र एवं सतत प्रयासों से भारत की मानव पूंजी को सशक्त बनाने तथा 2047 तक नशा मुक्त एवं विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की अपेक्षा की जा रही है।

