होम > Blog

Blog / 28 Mar 2026

नशा मुक्त विद्यालय: शिक्षा मंत्रालय की 3-वर्षीय कार्य योजना (2026–2029)

नशा मुक्त विद्यालय: शिक्षा मंत्रालय की 3-वर्षीय कार्य योजना (2026–2029)

संदर्भ:

हाल ही में शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के अंतर्गतनशा मुक्त विद्यालयपहल के लिए एक व्यापक तीन-वर्षीय कार्य योजना (2026–2029) जारी की है। मादक पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग की चुनौती से निपटने हेतु गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय ने संयुक्त रूप से सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एक विस्तृत एडवाइजरी भी जारी की है। यह निर्णय गृह मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित नारको-समन्वय केंद्र (NCORD) की 9वीं शीर्ष बैठक के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है।

कार्य योजना के प्रमुख बिंदु:

      • ड्रग-फ्री ज़ोन (500 मीटर दायरा): प्रत्येक विद्यालय के चारों ओर 500 मीटर के क्षेत्र को अनिवार्य रूप सेनशा मुक्त क्षेत्रघोषित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
      • अनिवार्य रिपोर्टिंग तंत्र: विद्यालय प्रमुखों एवं नामित नोडल शिक्षकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे इस क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नियम उल्लंघन की सूचना स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस को दें।
      • व्यवहार परिवर्तन एवं जागरूकता: विद्यालयों को व्यवहार परिवर्तन तथा प्रारंभिक पहचान के प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि नशे की समस्या को आरंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
      • क्षमता निर्माण (Capacity Building): शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे विद्यार्थियों में नशे के प्रारंभिक संकेतों की पहचान कर सकें और आवश्यक परामर्श उपलब्ध करा सकें।
      • छात्र सहभागिता (Peer-led Initiatives): छात्रों के मध्य पीयर-लीड कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे वे एक-दूसरे के सहयोग से नशा-विरोधी सामाजिक संस्कृति का निर्माण कर सकें।
      • सुदृढ़ निगरानी ढांचा: विद्यालय, जिला एवं राज्य स्तर पर एक स्पष्ट एवं बहु-स्तरीय निगरानी तथा रिपोर्टिंग प्रणाली विकसित की गई है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगी।

Nasha Mukt Vidyalaya: 3-Year Action Plan to Combat Drug Abuse in Schools |  Akka IAS

नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA):

      • शुभारंभ: 15 अगस्त 2020
      • नोडल मंत्रालय: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
      • विस्तार: प्रारंभ में 272 संवेदनशील जिलों में लागू, अब देश के सभी जिलों में विस्तार
      • रणनीतिक दृष्टिकोण: यह अभियान एक त्रि-आयामी रणनीति पर आधारित है
        • मादक पदार्थों की आपूर्ति पर नियंत्रण (NCB द्वारा)
        • जागरूकता एवं मांग में कमी (MoSJE द्वारा)
        • उपचार एवं पुनर्वास (स्वास्थ्य विभाग द्वारा)

महत्व और निहितार्थ:

      • संस्थागत सशक्तिकरण: यह पहल विद्यालयों को केवल शिक्षा केंद्र के रूप में सीमित न रखते हुए उन्हें सामाजिक बुराइयों के विरुद्धप्रथम रक्षा पंक्तिके रूप में स्थापित करती है।
      • समन्वित शासन (Whole-of-Government Approach): गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय मंत्रालयों के बीच समन्वय इस पहल को एक समग्र और प्रभावी नीति हस्तक्षेप बनाता है।
      • युवा-केंद्रित दृष्टिकोण: यह योजना युवाओं को लक्षित कर उन्हें नशे के दुष्चक्र से बचाने और स्वस्थ सामाजिक पूंजी के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

निष्कर्ष:

नशा मुक्त विद्यालयपहल वर्ष 2029 तक के दीर्घकालिक राष्ट्रीय लक्ष्य का अभिन्न हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे से मुक्त कर एक स्वस्थ, सशक्त और उत्पादक समाज की नींव रखना है। यह पहल न केवल नशा मुक्त भारत के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण हेतु मानव संसाधन के समग्र विकास को भी सुनिश्चित करती है।