भारत में MLFF टोलिंग प्रणाली
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag जारी करने वाले बैंकों को FASTag से जुड़े वाहन पंजीकरण नंबर (VRN) की जांच और सत्यापन करने का निर्देश दिया है। यह कदम FASTag विवरण और वास्तविक नंबर प्लेट के बीच असंगतियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है। बैंकों को अवैध FASTag को ब्लैकलिस्ट करने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह कदम आगामी मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण है, जिसका उद्देश्य भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध और बिना बाधा टोल संग्रह सुनिश्चित करना है।
MLFF टोलिंग के बारे में:
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- मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग एक उन्नत इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है, जिसमें वाहन राजमार्ग टोल प्वाइंट्स से बिना रुके या धीमे हुए गुजर सकते हैं।
- यह भौतिक बैरियर को समाप्त करती है और RFID आधारित FASTag प्रणाली, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे तथा GNSS-आधारित ट्रैकिंग के संयोजन का उपयोग करती है, जिससे वाहन की पहचान होती है और टोल शुल्क स्वतः कट जाता है।
- मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग एक उन्नत इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है, जिसमें वाहन राजमार्ग टोल प्वाइंट्स से बिना रुके या धीमे हुए गुजर सकते हैं।
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MLFF कैसे काम करता है:
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- यह प्रणाली राजमार्गों पर लगे ओवरहेड गैन्ट्री के नेटवर्क के माध्यम से काम करती है। इन गैन्ट्री में FASTag से जुड़े RFID रीडर और उच्च-रिज़ॉल्यूशन ANPR कैमरे लगे होते हैं जो वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं।
- सिस्टम FASTag डेटा को वाहन पंजीकरण विवरण से मिलाता है और स्वचालित रूप से टोल शुल्क काट लेता है। पारंपरिक टोल प्लाजा के विपरीत, MLFF में बैरियर या मैनुअल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यातायात निर्बाध रहता है।
- यह प्रणाली राजमार्गों पर लगे ओवरहेड गैन्ट्री के नेटवर्क के माध्यम से काम करती है। इन गैन्ट्री में FASTag से जुड़े RFID रीडर और उच्च-रिज़ॉल्यूशन ANPR कैमरे लगे होते हैं जो वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं।
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MLFF टोलिंग के लाभ:
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- MLFF राजमार्ग दक्षता में उल्लेखनीय सुधार करता है, क्योंकि इससे 100 किमी/घंटा से अधिक गति पर भी निर्बाध यात्रा संभव होती है।
- यह टोल प्लाजा पर भीड़भाड़ को कम करता है, प्रतीक्षा समय समाप्त करता है और ईंधन दक्षता बढ़ाता है।
- यात्रियों और माल परिवहन संचालकों के लिए यह तेज़ यात्रा, कम समय और बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता सुनिश्चित करता है, जिससे परिचालन लागत घटती है।
- MLFF राजमार्ग दक्षता में उल्लेखनीय सुधार करता है, क्योंकि इससे 100 किमी/घंटा से अधिक गति पर भी निर्बाध यात्रा संभव होती है।
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चुनौतियाँ:
MLFF की सफलता काफी हद तक FASTag और वाहन पंजीकरण के सही मिलान पर निर्भर करती है। डेटा में असंगति से राजस्व हानि और प्रवर्तन संबंधी चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, VAHAN डेटाबेस के एकीकरण से पहले जारी किए गए पुराने FASTag में मैनुअल सत्यापन के कारण कई असंगतियाँ मौजूद हैं। इसलिए प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अद्यतन और सत्यापित डेटा आवश्यक है।
भारत में MLFF का विस्तार:
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने विभिन्न राज्यों के 16 टोल प्लाज़ाओं के लिए टेंडर जारी करके MLFF का चरणबद्ध कार्यान्वयन शुरू किया है, जिनमें हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र शामिल हैं।
निष्कर्ष:
MLFF टोलिंग की शुरुआत भारत में पूर्णतः डिजिटल और बाधारहित राजमार्ग पारिस्थितिकी तंत्र की दिशा में एक बड़ा कदम है। FASTag ढांचे के साथ उन्नत तकनीकों के एकीकरण से यह प्रणाली भीड़ कम करने, दक्षता बढ़ाने और टोल संग्रह को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखती है। हालांकि, इसकी सफलता डेटा की सटीकता, मजबूत प्रवर्तन तंत्र और राज्यों के बीच सुचारु तकनीकी एकीकरण पर निर्भर करेगी।

