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Blog / 06 Aug 2026

मेघालय ने 'मिशन क्लाउडेड लेपर्ड' की शुरुआत की

संदर्भ:

हाल ही में, मेघालय सरकार ने मुख्यभूमि क्लाउडेड लेपर्ड (मेघालय का राजकीय पशु) के संरक्षण के लिए 'मिशन क्लाउडेड लेपर्ड' नामक एक समर्पित संरक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया। यह मिशन मेघालय क्लाउडेड लेपर्ड कार्ययोजना के अंतर्गत लागू किया जाएगा, जिसे राज्य के वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है।

मिशन क्यों शुरू किया गया?

      • इस मिशन का उद्देश्य क्लाउडेड लेपर्ड तथा उसके प्राकृतिक आवास के समक्ष बढ़ते खतरों का समाधान करना है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
        • झूम कृषि, वनों की कटाई, खनन तथा आधारभूत संरचना के विकास के कारण प्राकृतिक आवास का नष्ट होना और उसका विखंडन।
        • इसकी विशिष्ट बादलनुमा खाल तथा शरीर के अन्य अंगों के लिए अवैध शिकार।
        • वन क्षेत्रों के बीच संपर्क में कमी, जिससे इनके आवागमन तथा आनुवंशिक विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
      • यह मिशन प्राकृतिक आवास के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन, वैज्ञानिक अनुसंधान, दीर्घकालिक निगरानी, अवैध शिकार रोकने के लिए सशक्त उपाय, वन क्षेत्रों के बीच संपर्क बढ़ाने, अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों की क्षमता निर्माण, जन-जागरूकता तथा स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर विशेष बल देता है।

मेघालय ने 'मिशन क्लाउडेड लेपर्ड' की शुरुआत की

क्लाउडेड लेपर्ड के बारे में:

क्लाउडेड लेपर्ड एक मध्यम आकार की, विकास की दृष्टि से अत्यंत प्राचीन जंगली बिल्ली है, जो बड़ी बिल्लियों और छोटी बिल्लियों के बीच एक महत्वपूर्ण विकासवादी कड़ी मानी जाती है। इसे संकेतक प्रजाति माना जाता है, क्योंकि इसकी उपस्थिति उष्णकटिबंधीय वन पारिस्थितिकी तंत्र के अच्छे स्वास्थ्य का संकेत देती है।

वितरण एवं आवास:

      • वैश्विक वितरण: हिमालय की तराई, मुख्यभूमि दक्षिण-पूर्व एशिया तथा दक्षिणी चीन।
      • भारत में वितरण: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा तथा उत्तरी पश्चिम बंगाल सहित पूर्वोत्तर भारत के राज्य।
      • प्राकृतिक आवास: घने उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन, उपोष्णकटिबंधीय वन तथा लगभग 7,000 फीट की ऊँचाई तक के शुष्क वन क्षेत्र।
      • महत्वपूर्ण आवास: अरुणाचल प्रदेश का नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान तथा मिजोरम का डंपा बाघ अभयारण्य इस प्रजाति के प्रमुख आवासों में शामिल हैं।

प्रमुख विशेषताएँ:

      • यह मुख्यतः पेड़ों पर रहने वाला तथा रात्रिचर वन्यजीव है।
      • इसके पिछले टखने विशेष रूप से घूम सकते हैं, जिससे यह पेड़ों से सिर के बल नीचे उतर सकता है।
      • जीवित बिल्ली प्रजातियों में इसके ऊपरी दाँत खोपड़ी के आकार की तुलना में सबसे लंबे होते हैं, इसलिए इसे आधुनिक कृपाण-दंती बिल्ली (modern saber-toothed cat) भी कहा जाता है।
      • इसकी लंबी पूँछ पेड़ों की शाखाओं पर चलते समय संतुलन बनाए रखने में सहायता करती है। यह मेघालय का राजकीय पशु है।

संरक्षण स्थिति:

      • अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ की लाल सूची: संकटग्रस्त
      • वन्य जीव एवं वनस्पति की संकटग्रस्त प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधी अभिसमय: परिशिष्ट–1
      • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची–1 (सर्वोच्च कानूनी संरक्षण)

निष्कर्ष:

'मिशन क्लाउडेड लेपर्ड' भारत के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो वैज्ञानिक अनुसंधान, प्राकृतिक आवास के पुनर्स्थापन तथा स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी को एक साथ जोड़ता है। चूँकि क्लाउडेड लेपर्ड स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण संकेतक है, इसलिए इसका संरक्षण पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध जैव-विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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