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Blog / 13 Apr 2026

कीट्रूडा (Keytruda)

सन्दर्भ: 

हाल ही में, कीट्रूडा (Keytruda), जो भारत में कैंसर के लिए एक प्रभावी दावा है, के नकली संस्करणों के अवैध बाजार का खुलासा हुआ है। अस्पताल-स्तरीय सुरक्षा चूक, उच्च कीमत और कमजोर आपूर्ति श्रृंखला के कारण यह जीवनरक्षक दवा मरीजों तक नकली रूप में पहुँचने का खतरा बढ़ा रही है।

कीट्रूडा के बारे में:

कीट्रूडा (पेम्ब्रोलिज़ुमैब) एक उन्नत इम्यूनोथेरेपी दवा है, जिसे विभिन्न प्रकार के कैंसर के उपचार में प्रयोग किया जाता है।

      • यह एक चेकपॉइंट इनहिबिटर (PD-1 inhibitor) है।
      • विकसितकर्ता: Merck & Co.
      • उद्देश्य: शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर कोशिकाओं के विरुद्ध सक्रिय करना।  

कार्य प्रणाली (Mechanism)

      • T-कोशिकाओं पर मौजूद PD-1 प्रोटीन को ब्लॉक करता है।
      • कैंसर कोशिकाओं द्वारा PD-L1 के माध्यम से इम्यून एस्केपको रोकता है।
      • शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर नष्ट करने में सक्षम बनाता है।  
      • यह पारंपरिक कीमोथेरेपी की तुलना में अधिक टार्गेटेड और इम्यून-बेस्ड थेरेपी है।

मुख्य विशेषताएँ

      • 2014 में पहली स्वीकृति (मेलेनोमा कैंसर)
      • अब फेफड़े, किडनी, गर्भाशय ग्रीवा आदि कई कैंसर में उपयोग
      • कम साइड इफेक्ट और अधिक टार्गेटेड थेरेपी
      • महंगी दवा होने के कारण सीमित पहुंच

कैंसर  के बारे में:

कैंसर (Cancer) अनियंत्रित कोशिका वृद्धि (uncontrolled cell growth) से संबंधित बीमारियों का एक समूह है, जिसमें असामान्य कोशिकाएं ट्यूमर बनाती हैं और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल (मेटास्टेसिस) सकती हैं। यह 100 से अधिक प्रकार का हो सकता है। शुरुआती पहचान (स्क्रीनिंग) और उपचार से इसे ठीक करना संभव है, जिसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी शामिल हैं।

भारत में कैंसर के लिए प्रमुख चुनौतियाँ:

      • बढ़ता कैंसर बोझ
        • भारत में 2045 तक कैंसर मामलों में लगभग 74% वृद्धि का अनुमान है। ऐसे में उन्नत दवाओं की आवश्यकता बढ़ रही है।
      • नकली दवाओं का खतरा
        • कमजोर आपूर्ति श्रृंखला और अस्पताल स्तर की चूक
        • नकली दवाएँ (Spurious drugs) के खिलाफ कानून होने के बावजूद प्रभावी प्रवर्तन की कमी
        • मरीजों की जान को सीधा खतरा
      • मूल्य और पहुंच की असमानता
        • अत्यधिक कीमतें
        • बीमा और सरकारी कवरेज सीमित

भारत में दवाओं का नियामक ढांचा:

भारत में नकली दवाओं और कैंसर दवाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून लागू हैं:

      • औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940)
        • दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण को नियंत्रित करता है।
        • धारा 17A & 17B: नकली (Spurious) और मिलावटी (Adulterated) दवाओं को अपराध घोषित करता है।
        • नकली दवा बेचने पर कठोर दंड और जेल प्रावधान।
      • औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम, 1945
        • लाइसेंसिंग, स्टोरेज और वितरण की शर्तें निर्धारित
        • गुणवत्ता नियंत्रण और निरीक्षण प्रणाली का ढांचा
      • नई औषधि और नैदानिक परीक्षण नियम, 2019
        • नई और उन्नत दवाओं (जैसे इम्यूनोथेरेपी) के लिए अनुमोदन प्रक्रिया
        • सुरक्षा और प्रभावशीलता परीक्षण अनिवार्य
      • औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013
        • आवश्यक दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करता है
        • राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) द्वारा निगरानी

निष्कर्ष:

कीट्रूडा जैसी दवाएँ कैंसर उपचार में इम्यूनोथेरेपी के माध्यम से एक नई क्रांति का प्रतीक हैं। लेकिन भारत में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940) और संबंधित नियमों के बावजूद नकली दवाओं की समस्या गंभीर बनी हुई है। दवा आपूर्ति श्रृंखला को डिजिटल ट्रैकिंग, सख्त निरीक्षण और मूल्य-नियंत्रण नीति की आवश्यकता है ताकि जीवनरक्षक उपचार हर मरीज तक सुरक्षित और सुलभ रूप में पहुँच सके।