अमरावती में भारत की पहली क्वांटम कंप्यूटिंग टेस्टिंग फैसिलिटी
सन्दर्भ:
हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती स्थित एसआरएम विश्वविद्यालय में भारत की पहली स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटिंग टेस्टिंग फैसिलिटी और 'अमरावती क्वांटम वैली' (AQV) का शुभारंभ किया।
अमरावती क्वांटम वैली के बारे में:
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- अमरावती क्वांटम वैली आंध्र प्रदेश के अमरावती में स्थापित भारत का पहला समर्पित क्वांटम प्रौद्योगिकी केंद्र है।
- यह 6,000 करोड़ रुपये के नेशनल क्वांटम मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाना है।
- IBM और TCS जैसी कंपनियों के साथ, यह 156-qubit (शुरुआती लक्ष्य) क्वांटम सिस्टम के साथ अनुसंधान, नवाचार और उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण (AI, साइबर सुरक्षा) को बढ़ावा देगा।
- अमरावती क्वांटम वैली आंध्र प्रदेश के अमरावती में स्थापित भारत का पहला समर्पित क्वांटम प्रौद्योगिकी केंद्र है।
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अमरावती क्वांटम वैली के मुख्य पहलू:
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- उद्देश्य: भारत को क्वांटम अनुसंधान में आत्मनिर्भर बनाना और चीन-अमेरिका के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा करना।
- स्थान और बुनियादी ढांचा: यह SRM यूनिवर्सिटी और गन्नवरम के मेधा टावर्स में स्थित है, जहाँ स्वदेशी 'क्वांटम संदर्भ सुविधाएं' स्थापित की जा रही हैं।
- प्रमुख साझेदारी: टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR), भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के साथ मिल कर इसे विकसित किया जा रहा है।
- विशेषता: यह एक पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र (कौशल, अनुसंधान, स्टार्टअप) विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करता है, जो बोस्टन और म्यूनिख जैसे वैश्विक केंद्रों की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।
- उद्देश्य: भारत को क्वांटम अनुसंधान में आत्मनिर्भर बनाना और चीन-अमेरिका के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा करना।
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क्वांटम कंप्यूटिंग के बारे में:
क्वांटम कंप्यूटिंग, शास्त्रीय (Classical) कंप्यूटरों की तुलना में क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके जटिल समस्याओं को तीव्र गति से हल करती है।
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- कुबिट्स (Qubits): जहां साधारण कंप्यूटर 0 या 1 (Bits) का उपयोग करते हैं, वहीं क्वांटम कंप्यूटर 'कुबिट्स' का उपयोग करते हैं, जो एक साथ 0 और 1 दोनों अवस्थाओं में रह सकते हैं।
- सुपरपोजिशन (Superposition): यह कुबिट्स को एक साथ कई गणनाएं करने की अनुमति देता है, जिससे प्रसंस्करण शक्ति तेजी से बढ़ती है।
- एंटैंगलमेंट (Entanglement): इसमें एक कुबिट की स्थिति दूसरे को तुरंत प्रभावित करती है, चाहे वे कितनी भी दूर हों। यह डेटा ट्रांसमिशन और गणना को गति प्रदान करता है।
- कुबिट्स (Qubits): जहां साधारण कंप्यूटर 0 या 1 (Bits) का उपयोग करते हैं, वहीं क्वांटम कंप्यूटर 'कुबिट्स' का उपयोग करते हैं, जो एक साथ 0 और 1 दोनों अवस्थाओं में रह सकते हैं।
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भारत के लिए महत्व:
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- सुरक्षा और क्रिप्टोग्राफी: क्वांटम कंप्यूटर वर्तमान एन्क्रिप्शन विधियों को चुनौती दे सकते हैं। स्वदेशी टेस्टिंग फैसिलिटी होने से भारत 'पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी' विकसित करने में आत्मनिर्भर बनेगा।
- ड्रग डिस्कवरी और स्वास्थ्य: आणविक स्तर पर सिमुलेशन के माध्यम से नई दवाओं और टीकों की खोज में लगने वाला समय वर्षों से घटकर महीनों में रह जाएगा।
- लॉजिस्टिक्स और डेटा: यह जटिल वित्तीय प्रणालियों और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन (Supply Chain Management) को अनुकूलित करने में मदद करेगा।
- सुरक्षा और क्रिप्टोग्राफी: क्वांटम कंप्यूटर वर्तमान एन्क्रिप्शन विधियों को चुनौती दे सकते हैं। स्वदेशी टेस्टिंग फैसिलिटी होने से भारत 'पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी' विकसित करने में आत्मनिर्भर बनेगा।
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चुनौतियां:
वर्तमान में भारत NISQ (Noisy Intermediate-Scale Quantum) युग में हैं। इसका अर्थ है कि हमारे पास क्वांटम कंप्यूटर तो हैं, लेकिन वे बाहरी शोर और पर्यावरणीय गड़बड़ी के कारण त्रुटियों (Decoherence) के प्रति बहुत संवेदनशील हैं। इन त्रुटियों को नियंत्रित करना और कुबिट्स की संख्या बढ़ाना वर्तमान में सबसे बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती है।
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के बारे में:
अमरावती की यह उपलब्धि भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) का हिस्सा है, जिसे केंद्र सरकार ने अप्रैल 2023 में ₹6003.65 करोड़ के बजट के साथ मंजूरी दी थी।
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- लक्ष्य (2023–2031): इसका मुख्य उद्देश्य 8 वर्षों में 50 से 1,000 भौतिक कुबिट की क्षमता वाले मध्यवर्ती स्तर के क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है।
- चार विषयगत हब (T-Hubs): यह मिशन चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:
- क्वांटम कंप्यूटिंग
- क्वांटम संचार (Communication)
- क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी
- क्वांटम सामग्री और उपकरण (Materials & Devices)
- क्वांटम कंप्यूटिंग
- प्रमुख उपलब्धियां: भारत ने पहले ही 1,000 किमी लंबी सुरक्षित क्वांटम संचार लिंक जैसी उपलब्धि हासिल की है। मिशन का लक्ष्य 2027 तक 2,000 किमी लंबी अंतर-शहरी क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) नेटवर्क स्थापित करना है।
- लक्ष्य (2023–2031): इसका मुख्य उद्देश्य 8 वर्षों में 50 से 1,000 भौतिक कुबिट की क्षमता वाले मध्यवर्ती स्तर के क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है।
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निष्कर्ष:
अमरावती में इस टेस्टिंग फैसिलिटी का शुभारंभ केवल एक राज्य की उपलब्धि नहीं, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' की एक नई पहचान है। यह शिक्षा, उद्योग और सरकार के त्रिकोणीय संगम का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आने वाले समय में भारत को चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने में सक्षम बनाएगा।

