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Blog / 23 Feb 2026

भारत-ब्राजील: 2030 तक 30 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य और महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौता

संदर्भ:

हाल ही में भारत और ब्राजील ने अपने आपसी व्यापार को 2030 तक 30 अरब डॉलर (USD 30 Billion) तक पहुँचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। साथ ही, दोनों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स  और दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह 'ग्लोबल साउथ' की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच रिश्तों को मजबूत करने वाला एक अहम कदम है। राष्ट्रपति श्री लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत यात्रा पर थे

भारत-ब्राजील संबंध की पृष्ठभूमि:

      • भारत और ब्राजील ने 1948 में अपने राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और उनकी यह साझेदारी अब एक रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित हो चुकी है, जिसमें व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और बहुपक्षीय सहयोग शामिल हैं। ब्राजील, लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, और हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 12 से 15 अरब डॉलर (USD) के बीच रहा है। 
      • नया लक्ष्य इस दशक के अंत तक व्यापार को दोगुने से भी अधिक करने का है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती आर्थिक पूरकता  को दर्शाता है।

खनिज और रणनीतिक समझौते:

हालिया वार्ताओं का एक मुख्य परिणाम क्रिटिकल (महत्वपूर्ण) और रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ खनिजों) पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करना है।

महत्व:

      • यह भारत की खनिज आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाता है।
      • प्रमुख वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं पर अत्यधिक निर्भरता को कम करता है। 
      • यह भारत के नवीकरणीय ऊर्जा , इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर और रक्षा निर्माण क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करता है।
      • अन्वेषण, प्रसंस्करण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में सहयोग को सुदृढ़ करता है।
      • ब्राजील के पास दुर्लभ  तत्वों और रणनीतिक खनिजों का विशाल भंडार है, जो स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और हाई-टेक उद्योगों के लिए अनिवार्य हैं। 

India & Brazil Set Ambitious $30 Billion Trade Target by 2030, Sign Key  Mineral and Strategic Pacts | OdishaBytes

व्यापार और आर्थिक संबंध:

ब्राजील, लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। फिलहाल दोनों के बीच लगभग 12-15 अरब डॉलर का व्यापार होता है।अगले दशक के अंत तक व्यापार को दोगुने से भी ज्यादा करने का लक्ष्य है।

      • भारत द्वारा  (निर्यात): दवाइयां , डीजल, इंजीनियरिंग का सामान, लोहा, स्टील, टेक्सटाइल और प्लास्टिक।
      • भारत द्वारा (आयात): कच्चा तेल (Crude oil), सोया तेल, सोना, कच्ची चीनी और तांबा व लोहे जैसे खनिज।  खनिज और रणनीतिक समझौते का महत्व

वैश्विक और रणनीतिक तालमेल:

        • दोनों देश कई बड़े अंतरराष्ट्रीय समूहों का हिस्सा हैं, जैसे: BRICS, G20, IBSA और BASIC
      • दोनों देश निम्नलिखित का समर्थन करते हैं:
        • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार
        • विकासशील देशों की आवाज
        • बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था
        • दक्षिण-दक्षिण सहयोग 

रक्षा, ऊर्जा और जलवायु सहयोग:

      • दोनों देश रक्षा उत्पादन, समुद्री सुरक्षा और प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) साझा करने में सहयोग करते हैं।
      • ब्राजील बायोफ्यूल के मामले में दुनिया का लीडर है। भारत और ब्राजील मिलकर ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस के जरिए स्वच्छ ऊर्जा पर काम कर रहे हैं।
      • दोनों देश रक्षा उत्पादन और समुद्री सुरक्षा में एक-दूसरे का सहयोग कर रहे हैं। 

भारत के लिए रणनीतिक महत्व:

      • आपूर्ति श्रृंखला  के लचीलेपन को बढ़ाना।
      • ग्लोबल साउथ  के नेतृत्व को मजबूती देना ।
      • लैटिन अमेरिका में भारत की उपस्थिति का विस्तार।
      • 'मेक इन इंडिया' के तहत औद्योगिक विकास को बढ़ावा।

निष्कर्ष:

30 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य और खनिज सहयोग समझौते, आर्थिक व्यावहारिकता और रणनीतिक तालमेल पर आधारित भारत-ब्राजील की गहरी होती साझेदारी का संकेत देते हैं। दो बड़े लोकतंत्रों और उभरती शक्तियों के रूप में, व्यापार, खनिज, ऊर्जा और वैश्विक शासन में उनका सहयोग एक संतुलित और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के व्यापक दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान करता है।