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Blog / 19 Mar 2026

लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर में नए कण की खोज

लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर में नए कण की खोज

संदर्भ:

हाल ही में, सर्न (CERN) के लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) में एक नया उपपरमाणु कण खोजा गया है, जिसे Xi-cc-plus (Ξcc) नाम दिया गया है। यह खोज दुनिया के सबसे शक्तिशाली पार्टिकल एक्सेलेरेटर पर अब तक खोजे गए 80वें कण के रूप में दर्ज हुई है। इस महत्वपूर्ण खोज को लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर ब्यूटी (LHCb) प्रयोगशाला ने हाल ही में डिटेक्टर के अपग्रेड के बाद किया।

कण का विज्ञान:

      • सभी पदार्थ परमाणुओं से बने होते हैं, जिनके नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन पाए जाते हैं। ये प्रोटॉन और न्यूट्रॉन छोटे कणों क्वार्क से बने होते हैं, जो पदार्थ के मूल घटक माने जाते हैं। क्वार्क छह प्रकार के होते हैं, जिन्हें "फ्लेवर" कहा जाता है: अप (up), डाउन (down), चार्म (charm), स्ट्रेंज (strange), टॉप (top), और बॉटम (bottom)
      • तीन क्वार्क से बने कणों को बैरीऑन कहा जाता है। प्रोटॉन और न्यूट्रॉन सबसे परिचित बैरीऑन हैं, जो अप और डाउन क्वार्क के संयोजन से बने होते हैं।

CERN Discovers New Particle After Upgrading Large Hadron Collider :  ScienceAlert

Xi-cc-plus कण की विशेषताएँ:

      • इसमें दो चार्म क्वार्क और एक डाउन क्वार्क होता है।
      • इसका द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग चार गुना अधिक है।
      • यह अत्यंत अस्थिर है और केवल बहुत कम समय के लिए मौजूद रहता है।
      • ऐसे कणों का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि वे बनते ही लगभग तुरंत नष्ट हो जाते हैं। केवल उनके क्षय (decay) उत्पादों के माध्यम से ही इन्हें पहचाना जा सकता है।

महत्व:

यह कण एक "डबल चार्म्ड बैरीऑन" है, जिसमें दो भारी चार्म क्वार्क और एक हल्का क्वार्क होता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि इस कण का अध्ययन क्वांटम यांत्रिकी और सशक्त न्यूक्लियर फोर्स (strong nuclear force) को समझने में मदद करेगा, जो पदार्थ को एक साथ बांधती है।

लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर के बारे में:

      • लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर दुनिया का सबसे बड़ा और शक्तिशाली पार्टिकल एक्सेलेरेटर है। यह फ्रांस और स्विट्ज़रलैंड की सीमा के नीचे 27 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग में स्थित है।
      • यह कणों को लगभग प्रकाश की गति तक तेज करता है और फिर उन्हें टकराता है। इन टकरावों से बिग बैंग घटना के तुरंत बाद जैसी परिस्थितियाँ बनती हैं, जिससे वैज्ञानिक दुर्लभ और असामान्य कणों का निरीक्षण कर सकते हैं।

LHC की प्रमुख विशेषताएँ:

      • उच्च-ऊर्जा वाले टकराव जो अल्पकालिक कण पैदा करते हैं।
      • मूल कण को पुनर्निर्मित करने के लिए उनके क्षय उत्पादों का पता लगाना।
      • LHCb जैसे उन्नत डिटेक्टर, जो दुर्लभ कणों और इंटरैक्शन का अध्ययन करते हैं।

निष्कर्ष:

लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर में Xi-cc-plus कण की खोज मानवता की पदार्थ की मूल प्रकृति को समझने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि केवल एक क्वार्क में बदलाव कण के व्यवहार को पूरी तरह बदल सकता है और क्वांटम दुनिया की जटिलता को उजागर करता है।