संदर्भ:
हाल ही में हेनले पासपोर्ट सूचकांक (Henley Passport Index) का अक्टूबर 2026 संस्करण जारी किया गया। यह सूचकांक पासपोर्टों को इस आधार पर रैंकिंग प्रदान करता है कि उनके धारक कितने गंतव्यों पर पहले से वीज़ा प्राप्त किए बिना यात्रा कर सकते हैं। अक्टूबर संस्करण में भारत को 84वें स्थान पर रखा गया, जहाँ भारतीय पासपोर्ट धारकों को 55 गंतव्यों तक पहुँच प्राप्त थी।
हेनले पासपोर्ट सूचकांक क्या है?
हेनले पासपोर्ट सूचकांक, हेनले एंड पार्टनर्स (Henley & Partners) द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यह पासपोर्टों की रैंकिंग इस आधार पर निर्धारित करता है कि उनके धारक कितने गंतव्यों पर पहले से पारंपरिक वीज़ा प्राप्त किए बिना यात्रा कर सकते हैं।
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- आँकड़ों का स्रोत: अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (International Air Transport Association- IATA) के आँकड़े।
- व्यापकता: 199 पासपोर्ट और 227 गंतव्य।
- कार्यप्रणाली: वीज़ा-मुक्त प्रवेश, आगमन पर वीज़ा (Visa on Arrival) और इलेक्ट्रॉनिक यात्रा प्राधिकरण (Electronic Travel Authorisation- ETA) के माध्यम से यात्रा की सुविधा सामान्यतः सूचकांक के स्कोर में योगदान देती है।
- आँकड़ों का स्रोत: अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (International Air Transport Association- IATA) के आँकड़े।
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इस सूचकांक में उच्च रैंकिंग किसी देश के नागरिकों को उपलब्ध अधिक अंतर्राष्ट्रीय यात्रा स्वतंत्रता को दर्शाती है।
वर्ष 2026 के संस्करण के प्रमुख निष्कर्ष:
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- भारत: 55 गंतव्यों तक पहुँच के साथ 84वें स्थान पर रहा।
- सिंगापुर: 193 गंतव्यों तक पहुँच के साथ प्रथम स्थान पर रहा।
- जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE): प्रत्येक देश 188 गंतव्यों तक पहुँच के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे।
- स्वीडन: 187 गंतव्यों तक पहुँच के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
- भारत: 55 गंतव्यों तक पहुँच के साथ 84वें स्थान पर रहा।
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भारत का प्रदर्शन:
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- भारत की रैंकिंग अक्टूबर 2025 के 85वें स्थान से सुधरकर अक्टूबर 2026 में 84वें स्थान पर पहुँच गई। हालाँकि, पहले से पारंपरिक वीज़ा प्राप्त किए बिना यात्रा किए जा सकने वाले गंतव्यों की संख्या 57 से घटकर 55 रह गई।
- यह दर्शाता है कि अन्य देशों के स्कोर में होने वाले बदलावों के आधार पर किसी देश की सापेक्ष रैंकिंग में सुधार हो सकता है, भले ही उसका वास्तविक स्कोर कम हो जाए।
- भारत की रैंकिंग अक्टूबर 2025 के 85वें स्थान से सुधरकर अक्टूबर 2026 में 84वें स्थान पर पहुँच गई। हालाँकि, पहले से पारंपरिक वीज़ा प्राप्त किए बिना यात्रा किए जा सकने वाले गंतव्यों की संख्या 57 से घटकर 55 रह गई।
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भारत के लिए सूचकांक का महत्त्व:
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- राजनयिक संबंध: वीज़ा नियमों में उदारीकरण से संबंधित समझौते द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत कर सकते हैं।
- आर्थिक विकास: आसान अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर्यटन, व्यावसायिक यात्राओं, व्यापार और पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है।
- जन-से-जन संबंध: आवागमन की सुगमता शिक्षा, सांस्कृतिक संपर्क और पारिवारिक संबंधों को प्रोत्साहित करती है।
- वैश्विक एकीकरण: पासपोर्ट के माध्यम से उपलब्ध यात्रा सुविधाएँ भारत की अंतर्राष्ट्रीय संपर्क क्षमता का एक संकेतक प्रदान करती हैं। हालाँकि, यह देश की समग्र शक्ति का मापन नहीं करती हैं।
- राजनयिक संबंध: वीज़ा नियमों में उदारीकरण से संबंधित समझौते द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत कर सकते हैं।
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निष्कर्ष:
हेनले पासपोर्ट सूचकांक परस्पर जुड़ी हुई दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय आवागमन के बढ़ते महत्त्व को रेखांकित करता है। भारत निरंतर राजनयिक प्रयासों और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौतों के माध्यम से अपने नागरिकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय यात्रा की सुविधाओं में सुधार कर सकता है।

