संदर्भ:
हाल ही में, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने सेमीकॉन मिशन 2.0 के लिए ₹1.27 लाख करोड़, मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) के लिए ₹62,500 करोड़, वाराणसी की दो राजमार्ग परियोजनाओं के लिए ₹25,400 करोड़ तथा राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति (NIPU-2026) के तहत 8–9 गैस-आधारित यूरिया संयंत्रों की स्थापना को मंजूरी दी।
भारत सेमीकंडक्टर मिशन (Semicon Mission 2.0) के बारे में:
भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) का उद्देश्य देश में संपूर्ण सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना तथा आयात पर निर्भरता कम करना है।
उद्देश्य:
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- स्वदेशी चिप डिजाइन एवं विनिर्माण को बढ़ावा देना।
- मजबूत सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना।
- वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला में भारत की स्थिति मजबूत करना।
- AI, 5G, इलेक्ट्रिक वाहन एवं उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी तकनीकों को समर्थन देना।
- स्वदेशी चिप डिजाइन एवं विनिर्माण को बढ़ावा देना।
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सेमीकॉन मिशन 2.0 की मुख्य विशेषताएं:
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- कुल परिव्यय: ₹1.27 लाख करोड़।
- ₹4 लाख करोड़ निवेश आकर्षित होने की संभावना।
- ₹2 लाख करोड़ का सेमीकंडक्टर उत्पादन अनुमानित।
- कच्चे माल, गैस एवं खनिज आपूर्तिकर्ताओं को प्रोत्साहन।
- स्वदेशी चिप डिजाइन एवं निर्माण पर विशेष जोर।
- सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लक्ष्य।
- प्रथम चरण में ₹76,000 करोड़ आवंटित किए गए थे, जिसके तहत 12 परियोजनाओं को ₹1.64 लाख करोड़ की मंजूरी मिली।
- कुल परिव्यय: ₹1.27 लाख करोड़।
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मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) के बारे में:
कैबिनेट ने ₹62,500 करोड़ की MPMS को मंजूरी दी।
मुख्य विशेषताएं:
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- मोबाइल बिक्री पर 2.25%–5% प्रोत्साहन।
- घरेलू स्रोतों से प्रमुख पुर्जों की खरीद पर 1.5% अतिरिक्त प्रोत्साहन।
- R&D एवं उत्पाद डिजाइन में निवेश पर 3% अतिरिक्त प्रोत्साहन।
- ₹39 लाख करोड़ का उत्पादन अनुमानित।
- लगभग 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
- मोबाइल बिक्री पर 2.25%–5% प्रोत्साहन।
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राजमार्ग अवसंरचना परियोजनाओं के बारे में:
₹25,400 करोड़ की दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल (HAM) के तहत मंजूरी दी गई।
मुख्य बिंदु:
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- NH-19 एवं NH-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ना।
- PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का हिस्सा।
- बेहतर संपर्क:
- लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा
- काशी विश्वनाथ मंदिर
- बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय
- रामनगर अंतर्देशीय जलमार्ग बंदरगाह
- नमो घाट
- लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा
- इनसे यात्रा समय, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में सुधार होगा।
- NH-19 एवं NH-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ना।
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राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति (NIPU-2026) के बारे में:
NIPU-2026 के तहत 8–9 गैस-आधारित यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिनकी अतिरिक्त क्षमता 1 करोड़ टन होगी।
मुख्य विशेषताएं
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- स्थिर एवं परिवर्तनीय लागत का पृथक्करण।
- 12–16% इक्विटी पर प्रतिफल (RoE)।
- विदेशी मुद्रा जोखिम कम करने के उपाय।
- सभी क्षेत्रों के लिए समान प्रोत्साहन।
- इसका उद्देश्य यूरिया आयात पर निर्भरता कम करना है।
- स्थिर एवं परिवर्तनीय लागत का पृथक्करण।
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कैबिनेट निर्णयों का महत्व:
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- विनिर्माण को बढ़ावा: सेमीकॉन मिशन 2.0 और MPMS से स्वदेशी विनिर्माण व तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
- आर्थिक विकास: निवेश, रोजगार, निर्यात और विदेशी निवेश में वृद्धि होगी।
- अवसंरचना विकास: राजमार्ग परियोजनाओं से संपर्क, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में सुधार होगा।
- कृषि आत्मनिर्भरता: NIPU-2026 से घरेलू उर्वरक उत्पादन बढ़ेगा और आयात निर्भरता घटेगी।
- विनिर्माण को बढ़ावा: सेमीकॉन मिशन 2.0 और MPMS से स्वदेशी विनिर्माण व तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
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निष्कर्ष:
सेमीकॉन मिशन 2.0, MPMS, राजमार्ग परियोजनाओं और NIPU-2026 की मंजूरी आत्मनिर्भर भारत के तहत विनिर्माण, अवसंरचना और कृषि आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी तथा प्रौद्योगिकी, रोजगार, लॉजिस्टिक्स और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।
