संदर्भ:
हाल ही में, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने भारत-विस्तार (Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources- VISTAAR) डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है जो एक एआई-सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य किसानों को डेटा-आधारित, व्यक्तिगत परामर्श सेवाएं प्रदान करना है, जिससे कृषि स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता और उत्पादकता में सुधार हो सके।
भारत-विस्तार की मुख्य विशेषताएँ:
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- बहुभाषी AI प्लेटफॉर्म: यह शुरुआत में हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है, जिसे भविष्य में 11 क्षेत्रीय भाषाओं में विस्तारित करने की योजना है, ताकि इसे पूरे भारत के किसानों के लिए सुलभ बनाया जा सके।
- एग्रीस्टैक और ICAR नॉलेज बेस का एकीकरण: यह एग्रीस्टैक ढांचे के अंतर्गत आने वाले पोर्टल और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के कृषि पद्धतियों के संकलन को AI प्रणालियों के साथ जोड़ता है।
- किसान-केंद्रित सहायता: यह मौसम के पूर्वानुमान, मृदा स्वास्थ्य, फसल प्रबंधन, कीट एवं रोगों और बाजार भावों पर मार्गदर्शन प्रदान करता है।
- केंद्रीय योजनाओं का एकीकरण: इसमें 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' और 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड' जैसी योजनाओं की जानकारी शामिल है और भविष्य में सभी प्रमुख केंद्रीय कृषि योजनाओं को इसके अंतर्गत लाने की योजना है।
- प्रत्यक्ष प्रश्न प्रणाली: किसान अपनी स्थानीय भाषा में प्रश्न पूछ सकते हैं और बुवाई, फसल सुरक्षा और बाजार दरों पर तत्काल सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
- बहुभाषी AI प्लेटफॉर्म: यह शुरुआत में हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है, जिसे भविष्य में 11 क्षेत्रीय भाषाओं में विस्तारित करने की योजना है, ताकि इसे पूरे भारत के किसानों के लिए सुलभ बनाया जा सके।
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भारतीय कृषि के लिए महत्व:
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- बेहतर उत्पादकता: एआई-आधारित अंतर्दृष्टि किसानों को सिंचाई, उर्वरक और कीट प्रबंधन को अनुकूलित करने में मदद कर सकती है।
- जोखिम में कमी: भविष्य विश्लेषण से मौसम की घटनाओं, कीटों के प्रकोप और बाजार के उतार-चढ़ाव का पहले से अनुमान लगाने में मदद मिलती है, जिससे फसल के नुकसान को कम किया जा सकता है।
- निर्णय लेने में कुशलता: सीधी सलाह मिलने से कार्यालय जाने या जटिल डिजिटल टूल्स को समझने की जरूरत कम हो जाती है।
- समावेशी पहुँच: बहुभाषी समर्थन छोटे और सीमांत किसानों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करता है, जिससे 'डिजिटल डिवाइड' कम होता है।
- बेहतर उत्पादकता: एआई-आधारित अंतर्दृष्टि किसानों को सिंचाई, उर्वरक और कीट प्रबंधन को अनुकूलित करने में मदद कर सकती है।
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कृषि में AI: अनुप्रयोग और लाभ:
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- सटीक खेती (Precision Farming): AI-संचालित ड्रोन और IoT सेंसर फसल के स्वास्थ्य और मिट्टी की नमी की निगरानी करते हैं।
- खरपतवार और कीट प्रबंधन: रोबोट और कंप्यूटर विजन सिस्टम केवल प्रभावित क्षेत्रों को लक्षित करते हैं, जिससे रसायनों का उपयोग कम होता है।
- पूर्वानुमान विश्लेषण: मशीन लर्निंग बाजार के रुझान, फसल कटाई के सही समय और जलवायु जोखिमों का पूर्वानुमान लगाती है।
- आपूर्ति श्रृंखला का अनुकूलन: रीयल-टाइम ट्रैकिंग परिवहन दक्षता में सुधार करती है और उपज की बर्बादी को कम करती है।
- स्वायत्त मशीनरी: AI-संचालित ट्रैक्टर और उपकरण श्रम की कमी की समस्या को हल करते हैं।
- सटीक खेती (Precision Farming): AI-संचालित ड्रोन और IoT सेंसर फसल के स्वास्थ्य और मिट्टी की नमी की निगरानी करते हैं।
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नीतिगत और रणनीतिक निहितार्थ:
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- डिजिटल सशक्तिकरण: भारत-विस्तार 'डिजिटल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' मिशनों के साथ मेल खाता है।
- सतत कृषि: डेटा-आधारित अभ्यास संसाधनों की बर्बादी को कम करते हैं और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देते हैं।
- नवाचार और अनुसंधान: 'एआई हैकाथॉन' और 'कृषि कोष AI रणनीति रोडमैप' कृषि चुनौतियों के लिए नए समाधानों को प्रोत्साहित करते हैं।
- वैश्विक स्थिति: यह एआई-संचालित कृषि-तकनीक समाधानों में भारत की भूमिका को मजबूत करता है, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक उदाहरण पेश करता हैं |
- डिजिटल सशक्तिकरण: भारत-विस्तार 'डिजिटल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' मिशनों के साथ मेल खाता है।
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निष्कर्ष:
भारत-विस्तार भारतीय कृषि में एक युगांतरकारी बदलाव का प्रतीक है। यह किसानों को सशक्त बनाने, उत्पादकता बढ़ाने और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करता है। यह तकनीक, नीति और ज्ञान प्रणालियों को एकीकृत करके वैज्ञानिक अनुसंधान और जमीनी स्तर के कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाटता है और यह सुनिश्चितकरता है कि भारत की कृषि लचीली , कुशल और भविष्य के लिए तैयार बनी रहे।

