संदर्भ:
हाल ही में, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (IPSrC) के अंतर्गत 755 परियोजनाओं हेतु 77.98 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता जारी की। यह कार्यक्रम अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) का एक घटक है और इसका उद्देश्य सम्मानजनक, सुरक्षित तथा स्वतंत्र वृद्धावस्था को बढ़ावा देना है।
पृष्ठभूमि:
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- भारत वर्तमान में जनसांख्यिकीय परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसकी विशेषताओं में वृद्ध जनसंख्या में वृद्धि, प्रजनन दर में गिरावट और जीवन प्रत्याशा में वृद्धि शामिल हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के 10.38 करोड़ लोग थे, जिनमें 5.11 करोड़ पुरुष और 5.27 करोड़ महिलाएँ शामिल थीं।
- वर्ष 2036 तक इनकी संख्या बढ़कर लगभग 23 करोड़ होने का अनुमान है। शहरीकरण, प्रवासन और एकल परिवारों की बढ़ती संख्या पारंपरिक पारिवारिक सहायता प्रणालियों को भी कमजोर कर रही है, जिससे संस्थागत तथा समुदाय-आधारित वृद्धजन देखभाल की आवश्यकता बढ़ रही है।
- भारत वर्तमान में जनसांख्यिकीय परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसकी विशेषताओं में वृद्ध जनसंख्या में वृद्धि, प्रजनन दर में गिरावट और जीवन प्रत्याशा में वृद्धि शामिल हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के 10.38 करोड़ लोग थे, जिनमें 5.11 करोड़ पुरुष और 5.27 करोड़ महिलाएँ शामिल थीं।
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अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के बारे में:
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- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2021 में शुरू की गई AVYAY एक प्रमुख व्यापक योजना है, जिसका उद्देश्य “सम्मान के साथ वृद्धावस्था” और “अपने परिचित परिवेश में वृद्धावस्था” को बढ़ावा देना है। इस योजना ने पहले की राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक कार्ययोजना (NAPSrC) को अपने अंतर्गत समाहित करते हुए उसका विस्तार किया और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से संबंधित विभिन्न पहलों को एक एकीकृत ढाँचे के अंतर्गत लाया।
- इस योजना का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएँ, मनोरंजन की सुविधाएँ और सामाजिक सहायता प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, यह वृद्धजन देखभाल सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों, स्थानीय निकायों और समुदायों की क्षमता को मजबूत करती है।
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2021 में शुरू की गई AVYAY एक प्रमुख व्यापक योजना है, जिसका उद्देश्य “सम्मान के साथ वृद्धावस्था” और “अपने परिचित परिवेश में वृद्धावस्था” को बढ़ावा देना है। इस योजना ने पहले की राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक कार्ययोजना (NAPSrC) को अपने अंतर्गत समाहित करते हुए उसका विस्तार किया और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से संबंधित विभिन्न पहलों को एक एकीकृत ढाँचे के अंतर्गत लाया।
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प्रमुख घटक:
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- वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (IPSrC): IPSrC के अंतर्गत पात्र कार्यान्वयन एजेंसियों, जिनमें स्वैच्छिक संगठन और अन्य अनुमोदित संस्थान शामिल हैं, को वरिष्ठ नागरिक गृहों तथा निरंतर देखभाल गृहों जैसी सुविधाओं के संचालन और रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। हाल ही में 755 परियोजनाओं के लिए जारी 77.98 करोड़ रुपये का उद्देश्य संस्थागत देखभाल और संबंधित कल्याणकारी सेवाओं को मजबूत करना है।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्ययोजना (SAPSrC): SAPSrC के अंतर्गत राज्य और केंद्रशासित प्रदेश सरकारें अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार कार्ययोजनाएँ तैयार करती हैं और उन्हें लागू करती हैं। केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता राज्यों को वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप पहल विकसित करने में सक्षम बनाती है।
- समुदाय-आधारित देखभाल: यह योजना सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं, घरों में आवश्यक संशोधनों, सामुदायिक भागीदारी और सहायता सेवाओं के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को उनके परिचित परिवेश में रहने के लिए प्रोत्साहित करती है। इससे उन्हें अपनी स्वतंत्रता बनाए रखने में सहायता मिलती है।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (IPSrC): IPSrC के अंतर्गत पात्र कार्यान्वयन एजेंसियों, जिनमें स्वैच्छिक संगठन और अन्य अनुमोदित संस्थान शामिल हैं, को वरिष्ठ नागरिक गृहों तथा निरंतर देखभाल गृहों जैसी सुविधाओं के संचालन और रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। हाल ही में 755 परियोजनाओं के लिए जारी 77.98 करोड़ रुपये का उद्देश्य संस्थागत देखभाल और संबंधित कल्याणकारी सेवाओं को मजबूत करना है।
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संवैधानिक और कानूनी प्रावधान:
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- अनुच्छेद 41, जो राज्य के नीति-निदेशक तत्त्वों का हिस्सा है, राज्य की आर्थिक क्षमता और विकास की सीमाओं के अधीन वृद्धावस्था सहित विभिन्न परिस्थितियों में सार्वजनिक सहायता प्रदान करने का निर्देश देता है। अनुच्छेद 46 समाज के कमजोर वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देता है, जबकि अनुच्छेद 21 की व्याख्या गरिमा के साथ जीवन जीने के अधिकार की रक्षा करने के रूप में की गई है।
- माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण, वृद्धाश्रमों की स्थापना तथा उनके जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए एक कानूनी ढाँचा प्रदान करता है।
- अनुच्छेद 41, जो राज्य के नीति-निदेशक तत्त्वों का हिस्सा है, राज्य की आर्थिक क्षमता और विकास की सीमाओं के अधीन वृद्धावस्था सहित विभिन्न परिस्थितियों में सार्वजनिक सहायता प्रदान करने का निर्देश देता है। अनुच्छेद 46 समाज के कमजोर वर्गों के शैक्षिक और आर्थिक हितों को बढ़ावा देता है, जबकि अनुच्छेद 21 की व्याख्या गरिमा के साथ जीवन जीने के अधिकार की रक्षा करने के रूप में की गई है।
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महत्त्व:
यह पहल सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करती है, अंतरपीढ़ीगत समानता को बढ़ावा देती है और बढ़ती वृद्ध जनसंख्या से जुड़ी स्वास्थ्य देखभाल एवं अन्य सहायता संबंधी आवश्यकताओं का समाधान करने में मदद करती है। इससे कमजोर परिवारों पर देखभाल का बोझ कम हो सकता है, समुदाय-आधारित देखभाल को समर्थन मिल सकता है और वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिल सकता है।

